Sunday, July 5, 2026 2:08 pm

नितेश राणे ने दिया बड़ा बयान, ‘दुकानदार से धर्म पूछें और हनुमान चालीसा पढ़ने को कहें, फिर खरीदें सामान’

मुंबई महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार (25 अप्रैल) को कहा कि हिंदुओं को दुकानदारों से कुछ भी खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. नितेश राणे की यह विवादास्पद टिप्पणी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आई है. रत्नागिरि जिले के दापोली शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए राणे ने कहा, ‘‘उन्होंने मारने से पहले हमारा धर्म पूछा. इसलिए हिंदुओं को भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए." इतना ही नहीं, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने आगे कहा, "अगर वे आपका धर्म पूछ रहे हैं और आपको मार रहे हैं, तो आपको भी कुछ खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए. हिंदू संगठनों को ऐसी मांग उठानी चाहिए." बीजेपी नेता ने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दुकानदार अपना धर्म नहीं बताएं या अपनी आस्था के बारे में झूठ बोलें. 'हनुमान चालीसा न पढ़ पाएं तो उनसे कुछ मत खरीदें'- नितेश राणे नितेश राणे ने विवादास्पद टिप्पणी को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘‘ जब भी आप खरीदारी के लिए जाएं, तो उनका धर्म पूछें. अगर वे कहते हैं कि वे हिंदू हैं तो उन्हें हनुमान चालीसा सुनाने के लिए कहें. अगर उन्हें हनुमान चालीसा नहीं आती तो उनसे कुछ भी न खरीदें.’’ पहलगाम में धर्म पूछ-पूछ कर मारी गोली मालूम हो, दक्षिण कश्मीर के पहगाम में बैसरन घाटी में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 26 पर्टकों को मार दिया. ये वो निर्दोष लोग थे जो अपने परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताने के लिए कश्मीर घूमने आए थे. आतंकियों ने पहले टूरिस्ट स्पॉट पर मौजूद आदमियों से धर्म के आधार पर अलग-अलग हो जाने को कहा. फिर धर्म पूछा, कलमा पढ़ाया और जो कलमा नहीं पढ़ पाया, उसे गोली मार दी. दुकान में आप भी पूछो-आपका धर्म क्या है अगर वो धर्म पूछ कर गोलियां चला रहें है तो कम से कम आप धर्म पूछकर सामान खरीदें और ये मांग हिंदू समाज को करनी चाहिए। दुकान में जाने के बाद आप भी पूछो कि आपका धर्म क्या है, वो झूठ भी बोल सकतें है क्योंकि वो नालायक हैं। इसलिए खरीदारी करने के पहले आप धर्म पूछिए। अगर वो खुद को हिंदू कहता है तो उसे बोलो कि हनुमान चालीसा बोलकर कर दिखाए, फिर उसकी हवा निकाल जाएगी। इसके बाद उसे बोले कि मैं तेरे पास से सामान नहीं खरीदूंगा और फिर किसी हिंदू के दुकान में चले जाओ.. ये फैसला आपको करना चाहिए। जिन्हें हम दूध पिलाएंगे, वो हमें ही काटेंगे अगर वो अपने धर्म को लेकर इतने कट्टर हैं तो हम क्यों उन्हे अमीर बना रहें है। अगर वो धर्म के लिए जिहाद कर रहें है तो हम क्यों उन्हे भाई चारा की बात करतें है। इस धर्म सभा से एक शपथ लेकर आप निकलिए इसके आगे हम सिर्फ हिंदूओं से ही सामान खरीदेंगे, फिर देखिए वो कैसे थर थर कांपने लगेंगे..दूध हम पिलाएंगे और फिर हमें ही काटेंगे। उस औरंगजेब ने अपने बाप को मारा, परिवार को खत्म किया , सगे भाई और बाप को मारा। जो अपने सगों के नहीं हुए वो आपके क्या होंगे, इसका विचार आप करिए। recent visitors 37

नितेश राणे ने कहा- मैं बिगड़ा नहीं हूं कि मुझे सुधारा जाए, धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं

नागपुर महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता नितेश राणे ने रविवार को कहा कि धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं हैं। नितेश राणे ने नागपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विपक्षी नेताओं के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने राणे को मंत्री बनने के बाद धार्मिक मामलों में टिप्पणी नहीं करने और सुधरने की नसीहत दी थी। नितेश राणे ने कहा, "मैं बिगड़ा नहीं हूं कि मुझे सुधारा जाए। धर्म की बात करने वाले कभी बिगड़ते नहीं हैं। हम लोग सुधरे हुए हैं।" उन्होंने कहा, "उल्टे जो बिगड़े हैं, जिनको इस्लाम अभी तक समझ नहीं आया। उनको यह समझ में नहीं आया कि कुरान में क्या लिखा है? उन लोगों को सुधारने का वक्त आ गया है।" शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट की शिवसेना के दोनों गुटों – उद्धव और शिंदे गुट – को एक होने की सलाह पर नितेश राणे ने कहा, यह उनका व्यक्तिगत मत है। उनको इस मत के बारे में कभी जाकर एकनाथ शिंदे से पूछना चाहिए कि शिंदे साहब क्या चाहते हैं? उल्लेखनीय है कि शिवसेना के विभाजन पर संजय शिरसाट ने कहा था कि उन्हें शिवसेना के टूटने का आज भी दुख है और वह चाहते हैं कि दोनों शिवसेना एक साथ आ जाए। शिरसाट ने कहा था, "अगर दोनों शिवसेना एक साथ आ जाती है तो यह बहुत खुशी की बात होगी। शिवसेना के दो टुकड़े मंजूर नहीं है। विभाजन क्यों हुआ इसका कारण सबको पता है।" उन्होंने कहा था, "अगर साथ आते हैं तो खुशी की बात है, लेकिन मैं इसके लिए अलग से प्रयास करूंगा ऐसा नहीं है। उनको एक साथ आना है या नहीं, शिंदे साहब क्या निर्णय लेंगे और उद्धव साहब क्या निर्णय लेंगे, मैं कोई विद्वान नहीं हूं जो कहूंगा।"   recent visitors 54