प्याज के भाव औंधे मुंह गिर जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा

गुना सब्जी में जायका बढ़ाने वाली प्याज की अकड़ निकल गई है। 15 दिन पहले तक यह 15 रुपए किलों में थोक में बिक रही थी, अब स्थिति यह है कि पांच रुपए किलों में भी इसे कोई नहीं खरीद रहा है। प्याज के भाव औंधे मुंह गिर(Onion Rate Decreases) जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। स्थानीय स्तर पर ही प्याज की अच्छी पैदावार होने की वजह से इसके भाव नरम थे। लेकिन पिछले कई दिनों से मौसम में आए परिवर्तन और बारिश से इसके खराब होने का अंदेशा पैदा हो गया है। इस वजह से किसान मंडी में प्याज बेचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।  मंगलवार को नानाखेड़ी स्थित थोक सब्जी मंडी में प्याज की बंपर आवक रही, लेकिन इस हिसाब से खरीददार नहीं पहुंचे। इस कारण से इसके दाम 10 रुपए किलो घट गए। 15 रुपए किलों में बिकने वाली प्याज को पांच रुपए में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं था। इस वजह से किसान परेशान होते रहें, उनका कहना था कि ऐसी स्थिति रहीं तो गुना तक आने का भाड़ा तक निकलना मुश्किल हो जाएगा। गुना में ही इस बार अच्छी पैदावार पिछली बार प्याज की कम पैदावार होने की वजह से इसके दाम आसमान पर पहुंच गए थे। थोक में ही 25 से 30 रुपए किलों में बिकी थी। यही वजह रही कि किसानों इस बार भी अच्छा लाभ कमाने के चक्कर में बड़े रकबे में प्याज की खेती की है। पिपरौदा निवासी किसान कमलेश सिंह ने बताया कि पिछली बार प्याज महंगी बिकी थी, इसी को देखते हुए इस बार ज्यादातर किसानों ने प्याज की बोवनी की तरफ रुझान किया। इसकी अधिक पैदावार होने से इसके दाम गिर गए हैं। क्योंकि प्याज एक ऐसी उपज है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए किसान इसे जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है। इधर बारिश और तेज गर्मी की वजह से भी इसके खराब होने की आशंका है। महाराष्ट्र की थोक मंडियों में भी स्थिति बुरी प्याज कारोबारी(Onion Rate Decreases) इमरान राईन ने बताया कि महाराष्ट्र की थोक मंडियों में प्याज एक रुपए से लेकर 7 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। इसमें ज्यादातर ऐसी प्याज है, जो लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है। हालांकि पिछली बार महाराष्ट्र की मंडी में ही प्याज 15 से 20 रुपए किलों बिकी थी। इसी तरह एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में प्याज के भाव में गिरावट है। राज्य की दूसरी मंडियों में हालात और भी खराब हैं। इस बार स्थानीय स्तर पर अच्छी पैदावार की वजह से बाहर से भी प्याज नहीं मंगाई जा रही है। इसका असर हर मंडी पर पड़ा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई : रिपोर्ट

मुंबई आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों में उछाल से सितंबर में घर का बना खाना एक साल पहले की तुलना में महंगा हो गया। जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई। यह अगस्त में 31.2 रुपये से थोड़ी ही अधिक हुई। ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें कहा गया, ‘‘सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं। इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित रहना रही।’’ रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन की कीमतों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई। मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई जिसका इस थाली में 50 प्रतिशत योगदान है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही। क्‍या है रिपोर्ट की खास बात ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं. इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित होना रहा है. दाल महंगे और ईंधन सस्‍ता रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन के दाम 11 प्रतिशत नीचे आए हैं. यही वजह है कि शाकाहारी थाली ज्‍यादा महंगी हुई है. रिपोर्ट में अन्‍य रही सब्जियों के भाव भी बढ़ने की बात कही जा रही. ऊपर से त्‍योहारी सीजन होने की वजह से आगे भी जल्‍द राहत मिलने की उम्‍मीद नहीं है. नॉनवेज थाली हो गई सस्‍ती एक तरफ सब्जियों और दालों ने शाकाहारी थाली का बोझ बढ़ा दिया है तो दूसरी ओर नॉनवेज थाली सस्‍ती हो गई है. रिपोर्ट की मानें तो मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई. नॉनवेज थाली में इसका 50 प्रतिशत योगदान होता है. रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही है.       Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 104