Tuesday, July 7, 2026 6:57 am

चैंपियंस ट्रॉफी में फिर बड़ी चूक, सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान में बवाल, आईसीसी से हो गई बड़ी गलती

कराची पाकिस्तान की पंजाब पुलिस के 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान सौंपी गई सुरक्षा ड्यूटी को निभाने से इनकार करने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बर्खास्त किए गए कर्मी पुलिस बल की अलग-अलग शाखाओं से जुड़े थे। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कई मौकों पर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है जबकि कई अन्य ने अपने सौंपे गए कार्यों को निभाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'पुलिस अधिकारियों को लाहौर में गद्दाफी स्टेडियम से निर्दिष्ट होटलों के बीच यात्रा करने वाली टीमों के लिए सुरक्षा प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन वे या तो अनुपस्थित रहे या उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को लेने से साफ इनकार कर दिया।' अधिकारी ने बताया कि आईजीपी पंजाब उस्मान अनवर ने मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, 'जब अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की सुरक्षा की बात आती है तो लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती।' हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने अपनी आधिकारिक ड्यूटी को निभाने से इनकार क्यों किया लेकिन कई स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि बर्खास्त पुलिसकर्मी लंबे समय तक ड्यूटी करने के कारण अत्यधिक बोझ महसूस कर रहे थे। recent visitors 32

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में श्रमिकों को ले जा रहे वाहन में जोरदार धमाका, 11 की मौत और कई जख्मी

 बलूचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर धमाका हुआ है. कोयला खनिकों को ले जा रहे वाहन को निशाना बनाकर बम विस्फोट किया गया जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए हैं. इससे पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. यह धमाका बलूचिस्तान प्रांत के हरनई में हुआ. कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक पिकअप वाहन पर विस्फोटक उपकरण से हमला किया गया. हमले में तुरंत ही 11 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए हैं जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. रिमोट से किया था ब्लास्ट एक अधिकारी बताया कि यह ब्लास्ट रिमोट से संचालित डिवाइस से किया गया था.किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली आगा ने कहा कि जब बम धमाका हुआ, तब ट्रक में 17 खनन श्रमिक सवार थे. स्थानीय अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है. खनिज समृद्ध बलूचिस्तान ईरान और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित है. यहां अलगाववादी जातीय बलूच समूहों द्वारा दशकों से विद्रोह किया जा रहा है. इस क्षेत्र में इस्लामी आतंकवादी भी सक्रिय हैं.   recent visitors 42

पाकिस्तान : चीनियों की एक बार फिर से टारगेट किलिंग, 3 की मौत

 कराची पाकिस्तान में कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाका हुआ है। इसकी चपेट में आने से 3 विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हैं। मृतकों में चीन के 2 श्रमिक भी शामिल हैं। चीनी दूतावास ने बयान जारी कर बताया कि पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रहे काफिले पर देर रात करीब 11 बजे हमला हुआ, जिसमें 2 चीनी नागरिक मारे गए और एक अन्य घायल हो गया। उसने बताया कि इस हमले में पाकिस्तानी नागरिक भी घायल हुए हैं। घायलों में पुलिस अधिकारी भी शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। हमले के वीडियो में कारों से आग की लपटें और घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है। घटनास्थल पर भारी संख्या में सैन्यकर्मी तैनात थे और इस इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया है। नागरिक उड्डयन विभाग के एक कर्मचारी राहत हुसैन ने बताया कि विस्फोट इतना भीषण था कि इससे हवाई अड्डे की इमारतें हिल गईं। डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अजफर महेसर ने बताया, 'शुरुआती जानकारी मिली है कि एक तेल टैंकर में आग लग गई जो कई दूसरे वाहनों में फैल गई। इससे बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। हम यह निर्धारित कर रहे हैं कि क्या इसमें आतंकवाद का कोई तत्व शामिल था। फिलहाल ऐसी आशंका को हम खारिज नहीं कर सकते हैं।' 'विदेशियों को निशाना बनाकर किया गया विस्फोट' प्रांतीय गृह मंत्री जिया उल हसन ने स्थानीय टीवी चैनल जियो को बताया कि विस्फोट विदेशियों को निशाना बनाकर किया गया था। मालूम हो कि पाकिस्तान में हजारों चीनी कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकतर कर्मचारी चीन की अरबों डॉलर की उस ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के लिए काम कर रहे हैं, जो दक्षिण और मध्य एशिया को चीनी राजधानी से जोड़ने के लिए शुरू की गई है। चीन के बयान में विस्फोट को आतंकवादी हमला बताया गया है। साथ ही, कहा गया कि चीन इसके बाद की स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम कर रहा है। चीन ने इस हमले की गहन जांच किए जाने की मांग की है, ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके और पाकिस्तान में चीनी नागरिकों से सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने को कहा है। पाकिस्तानी में चीनियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘पाकिस्तान में चीनी दूतावास और महावाणिज्य दूतावास इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। दोनों देशों के निर्दोष पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’ कराची में यह टारगेट किलिंग ऐसे समय हुई है, जब पाकिस्तान सरकार ने चीनियों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बलों के लिए 45 अरब रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का फैसला किया। नकदी की कमी से जूझ रहे देश में चीन के वाणिज्यिक हितों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बाड़ लगाने का प्रबंधन करने की उसकी क्षमता को मजबूत करना इसक मकसद है। 45 अरब रुपये में से 35.4 अरब रुपये सेना को और 9.5 अरब रुपये नौसेना को विभिन्न उद्देश्यों के लिए दिए जाएंगे। चीन ने पाकिस्तान में पहले से काम कर रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त कंपनी की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा है। recent visitors 58