राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के स्टॉल्स का अवलोकन और कारीगरों से किया संवाद

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्रामीण विकास उत्सव, देश भर के कारीगरों और प्रसिद्ध उत्पादों के प्रोत्साहन का प्रभावी मंच है। ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। राज्यपाल पटेल नाबार्ड द्वारा भोपाल हॉट बाजार में आयोजित ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 19 से 27 नवम्बर तक आयोजित हो रहे ग्रामीण विकास उत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल ने विगत 6 वर्षों से देशभर के कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए उत्सव का आयोजन करने पर नाबार्ड को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ऐसे आयोजनों का व्यापक और सघन स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। राज्यपाल पटेल ने स्थानीय मीडिया से भी अपील की कि देश के कारीगरों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भरपूर सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नाबार्ड, सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम, आजीविका एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम और गैर कृषि उत्पादक संगठन बनवाने जैसे विकास के महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। कृषि, कुटीर, ग्रामीण एवं लघु उद्योगों हस्तशिल्प के विकास परक कार्यों के द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और समृद्धि में प्रभावी योगदान दे रहा है। नाबार्ड द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं, हस्तशिल्पियों और कृषक उत्पादक संघों के सदस्यों के लिए कौशल विकास की कई योजनाएं भी चलाई जा रही है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है। जब आत्मा मजबूत होगी तभी पूरा शरीर यानि हमारा देश मजबूत, सक्षम और आत्म-निर्भर होगा। उन्होंने नाबार्ड के ग्रामीण युवाओं के कौशल उन्नयन के द्वारा सम्मानजनक आजीविका पाने के प्रयास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में सार्थक कदम बताया। राज्यपाल पटेल ने योजनाओं में प्रशिक्षित ग्रामीण किसानों, महिलाओं के समूहों और कृषक उत्पादक संघो के उत्पादों की बिक्री के लिए रूरल मार्ट, रूरल हाट और रूरल मार्ट ऑन व्हील्स जैसी पहल के लिए नाबार्ड की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के दौर में ग्रामीण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्व-सहायता समूहों की भूमिका को विस्तारित किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीण विकास उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर देश के प्रसिद्ध उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के कारीगरों से संवाद करते हुए उनके उत्पादों के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल पटेल ने कारीगरों का उत्साह वर्धन कर शुभकामनाएं और बधाई भी दी। राज्यपाल पटेल का नाबार्ड के महाप्रबंधक कमर जावेद ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। स्वागत उद्बोधन नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार ने दिया। कार्यक्रम को आर.बी.आई. की क्षेत्रीय निदेशक सुरेखा चंदना बेदी, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक सीएस शर्मा और एसएलबीसी के संयोजक नरसीम सिंह जीरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आर.सी. बेहरा और मध्यान्चल ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष प्रवीण अवस्थी उपस्थित थे।       recent visitors 77

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अधिकारी की संवेदनशीलता, प्रशासन की सफलता का आधार होती है। संवेदनशील अधिकारी, समाज और राष्ट्र के सच्चें सेवक होते है। वे अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को बहुत कुछ दे सकते है। इसीलिए अपने कार्य व्यवहार में अधिकारियों को संवेदनशीलता के भाव को सदैव सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल पटेल भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक, मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी श्रीमती सोनाली मिश्रा मौजूद थी। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि इस पद तक पहुँचाने में आपके माता-पिता और गुरुजनों की विशेष भूमिका है। समाज के हर व्यक्ति का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान है। उन सबके प्रति कृतज्ञता के भाव को जीवन में हमेशा याद रखे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सभी युवा अधिकारी, विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। विकसित भारत के लिए ऐसी कार्य संस्कृति बनाने की पहल करे, जिसमें जनता कानून लागू करने वालों से नहीं डरे, बल्कि कानून का सम्मान करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आम आदमी आई.पी.एस. अधिकारियों को कानून व्यवस्था के संरक्षक और न्याय दिलाने में मदद करने वाले अधिकारी मानते है। उनके विश्वास पर खरा उतरना ही आपके कार्य की सफलता की कसौटी होगी। अपनी शक्तियों का उपयोग, समाज के अंतिम पंक्ति और कमजोर व्यक्ति को सशक्त बनाने में करे। साइबर क्राइम के बदलते स्वरूपों के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल पटेल ने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशील और पेशेवर पहचान बनाने में आपकी मेधा और ज्ञान महत्वपूर्ण है। बिना भय, विलम्ब और पक्षपात के कार्य कर स्वयं के उदाहरण से पुलिस बल को प्रेरित करे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान समय की बड़ी चुनौती, साइबर क्राईम और इसके बदलते स्वरूपों के प्रति जागरूकता और नवाचार बहुत जरुरी है। आमजनों और विशेष कर वंचित वर्गों को नवीनतम साईबर खतरों जैसे- डिजिटल अरेस्ट आदि विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाचारों के साथ प्रयास करे। राज्यपाल पटेल का स्वागत, प्रशिक्षु अधिकारी सुउर्वशी ने किया। राज्यपाल पटेल का मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी की निदेशक, श्रीमती मिश्रा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2022 और 2023 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के कुल 11 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल है। आभार प्रदर्शन अकादमी के उपनिदेशक मलय जैन ने माना। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, राजभवन के अन्य अधिकारी और संबंधित उपस्थित थे।   recent visitors 80

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया

राजभवन में विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया भोपाल प्रदेश स्थापना दिवस सहित 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस 1 नवंबर पर आज राजभवन में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पंजाब, दिल्ली और तमिलनाडु राज्यों और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और पुडुचेरी केंद्र शासित क्षेत्रों का स्थापना दिवस, समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक वैभव को दिखाने वाली लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर राजभवन मध्यप्रदेश में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस समारोह "अखंडता का उत्सव" का आयोजन किया जाता है। इसी श्रृंखला में राज भवन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के रहवासी छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा,दिल्ली कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मूल निवासी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उनके राज्यों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक वैभव का विवरण दिया। राज्यपाल के प्रति राज्यों के स्थापना दिवस आयोजन के लिए आभार ज्ञापित किया। पारस्परिक रूप से राज्यों के स्थापना दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने विभिन्न राज्यों के मूल निवासियों का स्वागत करते हुए सभी को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्नताओं में एकता भारतीय संस्कृति की विशिष्टता है। प्रत्येक देशवासी की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए हम सब देशवासी एकमत और एकजुट होकर कार्य करें। यही आयोजन की मंशा है। उन्होंने राज्यपाल की ओर से अन्य राज्यों के कार्यक्रम में सम्मिलित मूल निवासियों को मध्यप्रदेश की जनजातीय कला के चित्र स्मृति प्रतीक के रूप में भेंट किये। कार्यक्रम के अंत में  सहभोज का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया। आभार प्रदर्शन लाइब्रेरियन अमित दीक्षित ने किया।   recent visitors 77

राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएँ दी

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी है। प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की है। नागरिकों से कहा है कि दीपावली खुशियाँ बाँटने का पर्व है। वंचितों, जरूरतमंदो के जीवन में खुशियों की ज्योत जलाकर पर्व को मनाया जाना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीपावली धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह लोगों को एक साथ लाने का उत्सव है। दीपावली का पर्व बताता है कि छोटे-छोटे दीप भी एकजुट होकर अंधकार को पराजित कर सकते हैं। उसी तरह हम सब भी मिलकर राष्ट्र और समाज की समस्याओं और चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं। इसी भाव और भावना के साथ दीपावली का पर्व नवनिर्माण के संकल्प का अवसर है। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि दीपावली का उत्सव अनुशासित, शुद्ध, स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में मनाएं। उत्साह, उमंग के साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव की गौरवशाली परंपराओं को मजबूत बनाने में योगदान दें।   recent visitors 78

राज्यपाल पटेल को रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में किया आमंत्रित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल इस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज जो मध्यप्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है, इस वर्ष अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती समारोह मना रहा है। 1964 में स्थापित, रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज ने विंध्य क्षेत्र के तकनीकी शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कॉलेज के पूर्व छात्र आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें रक्षा क्षेत्र (सेना, वायुसेना, नौसेना और डीआरडीओ), तेल और गैस क्षेत्र (ओएनजीसी, आईओसी आदि), परमाणु ऊर्जा (बार्क, एनपीसीआईएल), विद्युत क्षेत्र (एनटीपीसी, एनएचपीसी), निर्माण क्षेत्र (भेल, सेल), और शासकीय सेवाओं (आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईईएस) सहित निजी क्षेत्रों के प्रतिष्ठान शामिल हैं। हीरक जयंती समारोह का मुख्य कार्यक्रम 8 से 10 नवंबर 2024 तक आयोजित होगा। यह समारोह कॉलेज के 60 वर्षों की समृद्ध यात्रा और उपलब्धियों का उत्सव होगा, जिसमें अनेक पूर्व छात्र और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।   recent visitors 106

राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत

आयुर्वेद को आगे बढ़ाना, भारतीय संस्कृति का प्रचार : राज्यपाल पटेल  हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का आयोजन भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। । प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।   recent visitors 99

मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया

श्रमिकों के सम्पूर्ण कल्याण के लिये सरकार प्रतिबद्ध- श्रम मंत्री पटेल प्रदेश में श्रम विभाग ने प्राप्त की विशेष उपलब्धियाँ – श्रम मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने बताया मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया भोपाल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने श्रम विभाग की उलब्धियों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मण्डल द्वारा प्रदेश में उज्जैन, पीथमपुर, भोपाल, जबलपुर एवं सतना में 05 आदर्श श्रम केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया गया है। श्रमोदय आदर्श आई टी आई-मुगालिया छाप में संचालित ट्रेड सिविल इंजीनियरिंग असिस्टेंट, टैकनीशियन मैकाट्रोनिक्स, एडवांस सीएनसी मशीनिंग टेक्नीशियन केवल प्रदेश में श्रमोदय आईटीआई में ही संचालित है, यह विशेष उपलब्धि है। मंत्री पटेल ने कहा कि श्रम मण्डल की "अंतिम संस्कार सहायता योजना" का लाभ केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही मण्डल की "अनुग्रह सहायता योजना" (अध्यक्ष का विवेकाधीन कोटा) का लाभ पहले केवल श्रमिक को मिलता था, जिसका विस्तार करते हुये पात्र श्रमिक के परिवार में पत्नि, पुत्र-पुत्री एवं माता-पिता को भी उक्त योजना में शामिल किया गया है। पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया है, इस वर्ष 50 श्रमिकों को इलेट्रिक वाहन प्रदाय किये जायेगें। मंत्री पटेल ने बताया कि मण्डल के प्रचलित अभिदाय दरों में 11 वर्ष पश्चात् वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें नियोजक का अभिदाय 30 रु. के स्थान पर 50 रु. प्रति छः माह एवं नियोजक का न्यनतम् अभिदाय 1500 के स्थान पर 2500 रु. प्रति छः माह वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। मण्डल दुद्वारा वर्तमान में संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इन्दौर की प्रतियोगिता 08 अक्टूबर को संपन्न हो चुकी है एवं 18 अक्टूबर को उज्जैन में प्रतियोगिता संपन्न हो रही है। शेष संभागों में भी निर्धारित तिथि पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायेंगी। मंत्री पटेल ने कहा कि मण्डल की योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से करना होते है। अब लोक सेवा केन्द्र के साथ मण्डल द्वारा संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों पर भी श्रमिक अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकेगें। मण्डल को 95% अभिदाय ऑनलाईन प्राप्त हो रहा है। मण्डल में भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन अभिदाय का भुगतान प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियोजकों को अभियोजन की कार्यवाही से निजात दिलाने हेतु प्रशमन का प्रावधान किया गया है, जिससे नियोजकों को अभियोजन प्रक्रिया से राहत मिली है। हितग्राहियों को हितलाभ का भुगतान उनके आधार बेस, बैंक अकाउंट में ही किया जाना सुनिश्चित किया गया है। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की उपलब्धियों के बारे में मंत्री पटेल ने जानकारी देते हुए बताया किमध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों की संतानों हेतु स्कूल छात्रवृत्ति योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत कक्षा 01 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को 2300 रूपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति का लाभ प्रदाय किया जायेगा।उन्होंने कहाई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा इलेक्ट्रिक स्कूटर क्रय करने पर 40,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। "दिव्यांग सहायता अनुदान योजना" 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा दिव्यांगजन हेतु उपकरण क्रय करने पर 35,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। मंत्री पटेल ने बताया कि श्रमिक ग्रामीण आवास हेतु अनुदान योजना 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिन्हें "प्रधानमंत्री आवास योजना" (ग्रामीण) अंतर्गत आवास आवंटित होगा, उन्हें मंडल की ओर से 50,000 रूपये की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जावेगा। "औजार/उपकरण खरीदी हेतु अनुदान योजना" 2024 शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा औजार/उपकरण की खरीदी करने पर मंडल की ओर से 10,000 रूपये तक की अनुदान राशि का लाभ प्रदाय किया जायेगा। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के समस्त 16 नगर निगमों में पी.आई.यू. के माध्यम से 100 बिस्तर के श्रमिक विश्राम गृह का निर्माण किया जा रहा है। प्रति श्रमिक विश्राम गृह की लागत 6.10 करोड़ रूपये होगी। इनमें निःशुल्क ठहरने एवं रियायती दरों पर भोजन की व्यवस्था होगी। इनका संचालन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति द्वारा किया जायेगा। प्रदेश में 05 नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय सागर, रीवा, उज्जैन, शहडोल एवं बालाघाट में शुरू किये जावेगें। इन 05 नवीन श्रमोदय विद्यालयों की कुल निर्माण लागत 310 करोड़ रूपये एवं प्रति वर्ष कुल संचालन व्यय 50 करोड़ रूपये होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में अनुग्रह सहायता योजना एवं आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित किये गये हितग्राहियों का सोशल ऑडिट करवाया जा रहा है। मंडल की सभी योजनाओं में आधार आधारित भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें हितग्राही को उसके आधार से लिंक बैंक खातें में राशि डी.बी.टी. के माध्यम से प्राप्त होती है।   recent visitors 77