मंत्री लखन पटेल ने कहा विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान के कार्य में तेजी लाए, जिससे पशुओं की नस्ल में सुधार हो और दुग्ध उत्पादन बढ़े। केंद्र और राज्य सरकार पशुपालन के क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने और छात्राओं की स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की बात कही। मंत्री पटेल ने आज जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप सिंह, कुलसचिव डॉ. श्रीकांत जोशी, वित्त नियंत्रक महेश कोरी, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. एस.एस. तोमर, संचालक अनुसंधान डॉ. जी.पी. लखानी उपस्थित थे। मंत्री पटेल द्वारा विश्वविद्यालय स्थित कुक्कुट विभाग, पंचगव्य उत्पादन इकाई, मिनरल मिक्सचर यूनिट तथा डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने मुर्गी की कड़कनाथ नस्ल को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे इस नस्ल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिले और ग्रामीणों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने पंचगव्य के विपणन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक ऐसा स्थान चयन किया जाए, जहां पर पंचगव्य से निर्मित उत्पादों की बिक्री हो और वे आसानी से जनता को मिल सकें। मंत्री पटेल ने बताया कि हीफर गाय को किसानों को वितरित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। निराश्रित गायों को गौशाला में भेजने का प्रबंध किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की डेयरी में एंब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी के उपयोग से देशी गायों के नस्ल सुधार कार्य पर प्रसन्नता व्यक्ति की तथा आधुनिक तकनीकी से नस्ल सुधार पर जोर दिया। recent visitors 25

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहापीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पीड़ित जनों के लिए आरोग्य भारती का सेवा भाव अनुकरणीय है। फिजियोथैरेपी से जुड़े विद्यार्थी और सेवार्थी आरोग्य भारती के सेवा भावी कार्यों से प्रेरणा ले। गरीब, वंचित और पीड़ितों की सेवा के लिए हमेशा सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल पटेल रवीन्द्र भवन भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने फिजियोथैरेपी से जुड़े विशेषज्ञ और चिकित्सकों से कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उपचार और शोध में फिजियोथैरेपी के उपयोग और संभावना पर मंथन करे। उन्होंने कहा कि शरीर और मन की तंदुरूस्ती के लिए युवा स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। पौष्टिक खान-पान, नियमित योग, व्यायाम, भरपूर पानी और नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सभी खराब खान-पान और अनियमित जीवनशैली से स्वास्थ्य में गिरावट, परेशानी और कष्ट का अनुभव करते हैं। ऐसे समय में फिजियोथैरेपी के माध्यम से बिना किसी दवा, मरहम और सर्जरी के संपूर्ण स्वास्थ्य को समग्र रूप से ठीक किया जाना सम्भव है। उन्होंने कहा कि फिजिकल थैरेपी, व्यक्ति की जीवन चर्या, खान-पान और शरीर की प्रभावी देखभाल से चमत्कारी परिणाम दे सकती है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबके लिए स्वास्थ्य” के लक्ष्य को प्राप्त करने में फिजियोथैरेपी का प्रसार महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि फिजियोथैरेपी पद्धति का प्रभावी अभिलेखन हो। शोध और अनुसंधान के प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि फिजियोथैरेपी चिकित्सा प्रणाली तक वंचित और गरीब जन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों में आरोग्य भारती जैसी संस्थाऐं समाज का नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रचार और सहयोग प्रयासों के लिए संस्था की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ भगवान धनवन्तरी और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पटेल का आरोग्य भारती संस्था भोपाल के कार्यकारी अध्यक्ष ने श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। राष्ट्रीय फिजियोथैरेपी कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अभिजीत देशमुख ने दिया। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने संस्था के कार्यों और प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। राज्य निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह और चिरायु मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. अजय गोयनका ने अपने विचार रखे। आभार डॉ. पी.आर. सुरेश ने माना। कार्यक्रम में फिजियोथैरेपी से जुड़े चिकित्सक, विशेषज्ञ, विद्यार्थी उपस्थित थे।   recent visitors 69

“हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान” अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा “संविधान दिवस”- अनुराग जैन

राज्यपाल पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगा राज्य-स्तरीय "संविधान दिवस" कार्यक्रम समस्त शासकीय, सार्वजनिक, स्वशासी उपक्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में भी होंगे "संविधान दिवस" कार्यक्रम- राज्यपाल पटेल "हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान" अभियान के अन्तर्गत, उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा "संविधान दिवस"- राज्यपाल पटेल मुख्य सचिव जैन की अध्यक्षता में हुई "संविधान दिवस" आयोजन सम्बंधी बैठक भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में "संविधान दिवस" आयोजन सम्बंधी बैठक हुई। बैठक में अवगत कराया गया कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में 26 नवम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागृह में प्रात: 11 बजे राज्य-स्तरीय "संविधान दिवस" कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रदेश की विविध विभूतियों का स्मरण किया जाएगा। इसमें संविधान निर्माण सम्बंधी प्रदर्शनी लगाई जाएगी और संविधान संबंधी लघु फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी। मुख्य सचिव जैन ने संबंधित विभागों के साथ कार्यक्रम तैयारियों को लेकर समीक्षा की। भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, संविधान को अंगीकृत करने के 75 वर्ष पूर्ण होने के महत्व को देखते हुए वर्ष भर चलने वाले उत्सव को "हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान" अभियान के अन्तर्गत चलाया जाएगा। "संविधान दिवस" को सम्पूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सवपूर्वक मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थाओं, स्वशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों में 26 नवम्बर को "संविधान दिवस" के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी होगा, इसमें अधिकाधिक संख्या में शासकीय सेवकों के साथ आम नागरिकों की भी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सहभागी, सामूहिक वाचन की तस्वीर (सेल्फी अथवा अन्य फोटो) पोर्टल www.constitution75.com पर अपलोड कर सकते हैं। तस्वीर अपलोड करने के उपरांत वेबसाइट पर एक प्रमाण-पत्र तैयार हो जाएगा, इसे डाउनलोड कर सोशल मीडिया में साझा किया जा सकता है। ज्ञातव्य है कि भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था और संविधान को अपनाने के इस दिन को 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव संसदीय कार्य के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, सचिव सामान्य प्रशासन अनिल सुचारी, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े, कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 57

डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

भोपाल डॉ. हरिसिंह गौर की 155वी. जन्म जयंती पर सागर जिला "गौर उत्सव" मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि आप पीढ़ियों तक अपना यश चाहते हैं तो शिक्षा का मंदिर तैयार करें और इसे एक संकल्प के रूप में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि एक बार किए गए संकल्प में फिर विकल्प का स्थान नहीं रहता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संकल्प की ताकत को समझे, विचार के प्रति समर्पण की ताकत को समझे। हम जो संकल्प जीवन में लें उसके प्रति विकल्प कभी स्वीकार न करें। डॉक्टर सर हरि सिंह गौर का जीवन भी की बड़े संकल्पों की प्रतिमूर्ति है। हम सभी को उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। डॉ. हरिसिंह गौर जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व हमारे जीवन में न केवल प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करते हैं बल्कि सामाजिक सरोकार और समाज के प्रति अपने दायित्व, अपनी जिम्मेदारी की ओर भी इंगित करते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. गौर साहब अधिवक्ता, लेखक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, दानी और ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो आगे आने वाली परिस्थितियों को देख सकते थे। आजादी के 75 साल बाद भी हम महसूस कर सकते हैं कि जो पाठ्यक्रम, सुविधाएं सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय में है, वह देश के अन्य बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में भी नहीं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा प्राप्त होने की बात को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में इस बात को समझ नहीं पाए कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने पर डॉ. हरिसिंह गौर की मूल मंशा प्रभावित होगी। डॉ. गौर की मंशा थी कि बुंदेलखंड के गरीब, अनपढ़ व्यक्ति को संसाधन प्राप्त हों। परंतु जब मध्यप्रदेश के सागर में राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के फैसले ने डॉ. गौर की मूल भावना को पुनः जीवित कर दिया। रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय सागर सहित संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने गुरु की सीख याद करते हुए कहा कि युग परिवर्तन का अकाट्य सिद्धांत है, मूल सुधार तथा भूल सुधार। जिसे उन्होंने अपने जीवन में अपनाया और कई कठिन परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं मौजूद थे।   recent visitors 97

राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष योजनाओं की समीक्षा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि व्यक्तिगत और सामुदायिक योजना के परिणामों का मूल्यांकन मैदानी स्तर पर किया जाए। वंचित और छूट रहें व्यक्तियों और क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं की पहुँच को सफलता का पैमाना माना जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना को पहुँचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। मॉनिटरिंग का भी यही लक्ष्य होना चाहिए। राज्यपाल पटेल आज जनजातीय प्रकोष्ठ के द्वारा संयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन दो सत्रों में किया गया था। प्रथम सत्र में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आयुष विभाग की समीक्षा की गई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार मौजूद थे। द्वितीय सत्र में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं पर चर्चा की गई। जेनेटिक कार्ड वितरण में युवाओं को दें प्राथमिकता- राज्यपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग के दौरान सिकल सेल प्रभावितों की अधिक संख्या वाले चिन्हित क्षेत्रों और 20 से 30 वर्ष की आयु समूह की स्क्रीनिंग के कार्य को व्यापकता प्रदान की जाए। जांच का कार्य तेज गति से किया जाए। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व और प्रसव के 72 घन्टों के भीतर जांच हो। इस संबंध में विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की जाना चाहिए। चिन्हित वाहक और रोगियों को प्राथमिकता के साथ जेनेटिक कार्ड उपलब्ध हो। रोगी और वाहक को तत्काल उचित औषधि उपलब्ध हो। वाहक और रोगी नियमित रूप से औषधि लें। इसकी मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। मॉनिटरिंग के लिए सामुदायिक जन जागृति के प्रयास आवश्यक हैं। जरूरी है कि घर-घर जाकर इस संबंध में सीधा संपर्क और संवाद कायम किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले का संवेदीकरण कर, उनके माध्यम से जन जागरण के प्रयासों के लिए निर्देश दिए है। सिकल सेल उन्मूलन में आयुष की विभिन्न पद्धतियों का तुलनात्मक परीक्षण हो राज्यपाल पटेल ने आयुष विभाग की चर्चा के दौरान कहा कि सिकल सेल रोग प्रबंधन और उपचार में होम्योपैथी, आयुर्वेद और योग की भूमिका के संबंध में विभाग द्वारा किए जा रहे अनुसंधान का तुलनात्मक परीक्षण भी कराया जाए। पॉयलट जिलों की सभी तहसील के वाहक और रोगी अध्ययन में सम्मलित हो। इसकी सुनिश्चितता की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को व्यापकता प्रदान करने में आयुर्वेद की संभावनाएं बहुत प्रबल हैं। इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।  प्रसव पूर्व जाँच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाए- उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज इंदौर के ट्रांसफ्यूज़न विभाग को केन्द्र सरकार द्वारा सेंटर ऑफ कॉम्पीटेंस घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल प्रभावितों को जेनेटिक कार्ड प्रदान करने के साथ ही प्रसव पूर्व जांच के प्रयासों को भी व्यापकता दी जाएगी। सिकल सेल के संबंध में महाविद्यालयों में चिकित्सक देगें जानकारी- आयुष मंत्री आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर सिकल सेल जन जागृति के प्रयासों को विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि समस्त महाविद्यालयों में सिकल सेल के संबंध में चिकित्सकों के द्वारा जानकारी दिए जाने के लिए पीरियड निर्धारित कर विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता प्रसार के प्रयास किए जाएंगे। विकास का मूलाधार सबका साथ और विकास- राज्यपाल बैठक के दूसरे सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित भारत का मूलाधार सबका साथ और सबका विकास है। इसी के लिए सरकार की योजनाओं का निर्माण किया गया है। योजना की मंशा की सफलता क्रियान्वयन की दृष्टि और दिशा पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी अमला सरकार के चालक है। अमला जितना सजग और सक्रिय होगा। सरकार भी उतनी ही गतिशील होगी। इसलिए आवश्यक है कि शीर्ष से लेकर जमीनी स्तर तक का अमला योजना की मंशा के प्रति संवेदनशील हो। मॉनीटरिंग की प्रणाली धरातल पर छूट गए व्यक्तियों, क्षेत्रों को चिह्नित करने पर फोकस हो। प्रयास, ऐसे क्षेत्रों, समुदाय और व्यक्तियों को लाभान्वित करने के लिए आवश्यक प्रावधान, संशोधन और नवाचार पर केन्द्रित होने चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) और विभागीय योजनाओं पर चर्चा में कहा कि विभाग द्वारा पी.वी.टी.जी जिलों में नए जिले शामिल किये जाने चाहिए। पेसा ग्राम सभाओं के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र राज्य के प्रावधानों का अध्ययन कर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। जनजातीय हितग्राहियों के लिए पीएचडी छात्रवृत्ति और विषय के कोटे को भी समाप्त किया जाना चाहिए। बैठकों में अध्यक्ष जनजातीय प्रकोष्ठ दीपक खाण्डेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव मुकेश चन्द गुप्ता, प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रथम सत्र में प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, आयुष आयुक्त श्रीमती उमा महेश्वरी, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। द्वितीय सत्र में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय श्रीमन शुक्ला एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 66

राज्यपाल पटेल ने प्रो. त्रिपाठी को राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा का कुलगुरू नियुक्त किया

भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने राजा शंकर शाह  विश्वविद्यालय,  छिन्दवाड़ा   के  कुलगुरू के पद पर प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी को नियुक्त किया है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट, जिला सतना (म.प्र.) के विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता प्रो. त्रिपाठी है। प्रो. त्रिपाठी का कार्यकाल, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 4 वर्ष की कालावधि  अथवा  70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए रहेगा।   recent visitors 147

मंत्री पटेल ग्राम पंचायत उमरिया, तिंदनी एवं नयाखेड़ा में कार्यक्रमों में हुए शामिल

नरसिंहपुर पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत उमरिया, तिंदनी एवं नयाखेड़ा में विभिन्न लोकार्पण एवं भूमि-पूजन के कार्यक्रमों में शामिल हुए। जनपद पंचायत करेली की ग्राम पंचायत उमरिया में आवास पखवाड़ा कार्यक्रम में मंत्री पटेल ने हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया। उन्होंने यहां 65 लाख रुपये की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र और 3 लाख 30 हजार रुपये लागत की सीसी रोड का भूमिपूजन किया। इसके अलावा मंत्री पटेल ने नाली निर्माण कार्य का उदघाटन भी किया। मंत्री पटेल ने कार्यक्रम में ग्रामीणों से कहा कि उप स्वास्थ्य केन्द्र का भूमिपूजन आज किया जा रहा है। शीघ्र ही यह निर्मित होकर संचालित होने लगेगा। इसके लिए आप सभी को बधाई। निर्माण बाद इस स्वास्थ्य केन्द्र के संचालन की जिम्मेदारी आपकी है। यहां बच्चों एवं महिलाओं की विभिन्न जांचे, टीकाकरण, नि:शुल्क दवाईयों की उपलब्धता होगी, जिससे आपको अन्यत्र इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। भवन की सार्थकता तभी होती है, जब उसका ठीक से सदुपयोग किया जाये। उन्होंने कहा कि सीसी रोड का भी भूमिपूजन हुआ है। इसके बन जाने से लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। मंत्री पटेल ने कहा कि आवास पखवाड़ा एवं स्वच्छता संवाद के कार्यक्रम आज आयोजित हुए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है। हमारी यह जिम्मेदारी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए कचरा प्रबंधन भली-भांति हो। जल संरक्षण, वॉटर हार्वेस्टिंग, पौध-रोपण एवं कचरे के प्रबंधन को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्ति मिली है। गांव में केवल शौचालयों का बन जाना ही काफी नहीं होता है, हमें यह भी देखना जरूरी होता है कि इसका गंदा पानी कहां मिल रहा है। गंदे पानी के प्रबंधन के लिए समाज को एकजुट होना होगा। गांव सुंदर और स्वच्छ तभी बनते हैं, जब वहां जल एवं मल की निकासी की बेहतर व्यवस्था हो। मां नर्मदा के तट पर बसे गांवों से गंदा जल नदी में न मिले, इसके लिए हमें विचार करना होगा। गंदे पानी का भी उपयोग हो सकता है, यह बात हमें लोगों के सामने रखनी होगी। ग्रामीण इलाकों में घरों से निकले गंदे पानी को रिसाईकिल कर उसका उपयोग किया जा सकता है, जिससे गांव में जल जनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सकेगा। गांव के विकास की संकल्पना गांव का व्यक्ति ही कर सकता है। इसके लिए वर्ष भर में किये जाने वाले कार्यों का वार्षिक एक्शन प्लान गांव के लोगों द्वारा तैयार किया जाये। मंत्री पटेल ने कहा कि मुझे यह कहने में खुशी है कि हमारे पूर्वज स्वच्छता के प्रति ज्यादा गंभीर थे। हमारे घरों के शौचालयों एवं रसोई घर का पानी कभी एक साथ- एक स्थान पर नहीं मिला है और ना ही रसोई घर के पानी को हमने सड़कों पर फेंका है। कुछ दशकों पूर्व गांवों में घूरे (कूड़ेदान) हुआ करते थे, जहां हम अपने घरों से निकलने वाले कचरे को संग्रहीत करते थे। इसका उपयोग बाद में खाद के रूप में किया जाता था। यहां ग्रामीणों ने गौ-अभयारण्य बनाने की बात मंत्री पटेल से की, जिस पर उन्होंने कहा कि गौ अभ्यारण के लिए जगह चिन्हित की जाये। गौ-अभयारण्य बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि वहां गौ-वंशों को रखना, उनकी सुरक्षा एवं उनके चारे- पानी की व्यवस्था भी करनी होती है। उन्होंने बताया कि दमोह जिले में जरारु गौ-अभयारण्य का संचालन बेहतर तरीके से किया जा रहा है, जो सबके लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। ग्राम पंचायत नयाखेड़ा में मंत्री पटेल ने 21 लाख रुपये की लागत से बनाये गये नयाखेड़ा से टपरिया टोला पहुंच मार्ग का भी लोकार्पण किया। इसके अलावा तिंदनी में शेढ़ नदी पर निर्मित नरसिंहपुर- सिमरिया-तिंदनी मार्ग उच्च स्तरीय पुल का भी लोकार्पण किया। इसकी लम्बाई 150 मीटर है। साथ ही नयाखेड़ा- इमलिया- गरगटा- गरारू मार्ग पर उच्चस्तरीय पुल का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि पुल बन जाने से लोगों को अब काफी राहत मिलेगी। नरसिंहपुर जिला मुख्यालय का फासला कम हुआ है। अब बगैर किसी परेशानी के लोग आसानी से आवागमन कर सकते हैं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 112