पीएम आवासों का लाभ देने में नंबर वन मध्यप्रदेश के लोगों को चार साल में 24.89 लाख पीएम आवास मिलेंगे

भोपाल  विधानसभा का बजट सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण में कहा की  सरकार एक लाख किमी सड़क निर्माण की योजना, 30 लाख किसानों को सोलर पंप, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना व ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज जैसी मेगा परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा एक करोड़ हेक्टेयर करने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।  पीएम आवासों(PM Awas Yojana) का लाभ देने में नंबर वन मध्यप्रदेश के लोगों को चार साल में 24.89 लाख पीएम आवास मिलेंगे। इनमें से 13 लाख आवास निर्माणाधीन है। निर्माण 6-8 महीने में पूरा हो जाएगा। एक साल के भीतर 13 लाख परिवार निवास करने लगेंगे। गंगा जल लेकर पहुंचे: जबलपुर उत्तर मध्य से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे गंगाजल का कलश लेकर सदन पहुंचे। कहा कि महाकुंभ से 15000 लीटर गंगा जल लाया था। अपनी विधानसभा के 50 हजार घरों में बंटवाया है। कांग्रेस विधायकों को गंगाजल देने के सवाल पर कहा कि गंगा का जल उसी के पास जाता है जिसकी आस्था होती है। 36 लाख का निर्माण पूरा: अब तक 11.89 लाख आवास आवंटित करने का ही आंकड़ा सामने आ रहा था, लेकिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण में पीएम आवास का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में अब तक 36 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार ने सदन को बताया     पीएम स्वनिधि योजना केतहत 13 लाख कमजोर लोगों को कर्ज दिलाया।     मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना में 1640 करोड़ के748 विकास कार्य जारी।     कायाकल्प योजना में 1363 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण जारी     413 शहरों में गीता भवनबनाए जा रहे हैं।     एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने 105 करोड़ रुपए दिए।     30 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों में संत रविदास सह सामुदायिक भवनों कानिर्माण करवा रहे।     राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन के तहत 97 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की।     19 धार्मिक स्थलों में पूरीतरह शराबबंदी करेंगे।     दो महानगर बनाएंगे। पहला भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ को मिलाकर बनाएंगे। दूसरा इंदौर, उज्जैन, देवास व धार को मिलाकर।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व जबलपुर में 2,500 करोड़ से ऐलिवेटेड कॉरिडोर बना रहे।     नवीकरणीय ऊर्जा में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की,इसे और बढ़ाएंगे। recent visitors 41

धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिली, बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर

 धार मध्य प्रदेश के धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिल गई है। धार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इस साल 60 हजार नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य मध्य प्रदेश के किसी भी जिले से सबसे अधिक है, जिससे हजारों गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। बता दें कि, धार में अबतक एक लाख 16 हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन क्षेत्रों में बनेंगे मकान धार के 13 ब्लॉकों में नए आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदनावर (6039 आवास) और सरदारपुर (5550 आवास) को सबसे अधिक मकान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, धार शहर में 2860, धरमपुरी में 3376, मनावर में 3667, उमरबन में 3610 और अन्य जनपदों को भी अलग-अलग लक्ष्य मिले हैं। जिला पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की तैयारी चल रही है। बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ लाख और शहरी क्षेत्रों में ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है, जो किश्तों में जारी होती है। गौरतलब है कि, आवास प्लस के दूसरे चरण के लिए साल 2024-25 के लिए धार को पहले 18 हजार का लक्ष्य मिला था। वहीं इसमें इजाफा करते हुए 42 हजार अतिरिक्त आवास का टारगेट दिया है।  5 साल में 10 लाख लोगों को मिलेगी पक्की छत प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0) के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई. इस योजना के अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा. इसमें 50 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे. बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा.     प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 10 लाख आवास मध्यप्रदेश में बनाने का निर्णय लिया गया है। इनका रखा जाएगा विशेष ध्यान इस योजना के अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा. इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा कितनी सब्सिडी मिलेगी? बीएलसी घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा एएचपी घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई. 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है. इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है. शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई. ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई. एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके. recent visitors 62

सीएम विष्णु ने कहा- पक्के मकान देना हमारा लक्ष्य, वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशि

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने 18 लाख आवासहीन नागरिकों को घर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने पीएम आवास योजना के लिए 2560 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। बता दें कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान देने का वादा किया था। राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास योजनाओं को मंजूरी दी गई थी। अब छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के खाते में ट्रांसफर कर दी है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है। अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्र ने 1,550.30 करोड़ रुपये, वहीं, राज्य ने 1,033.70 करोड़ रुपये जारी किए। दूसरी किश्त में केंद्र ने 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्य ने 1,024.60 करोड़ रुपये मिलाकर कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। जल्द जारी होगी योजना की तीसरी किस्त वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीसरी किस्त को लेकर भी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके। recent visitors 46