‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है, हमारा विजन है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी में स्थित भारत मंडपम में 'ग्रामीण भारत महोत्सव 2025' का उद्घाटन किया. ये कार्यक्रम 9 जनवरी तक चलेगा. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि साल 2014 से ही केंद्र सरकार लगातार, हर पल ग्रामीण भारत की सेवा में लगी हुई है. इसके परिणाम भी नजर आ रहे हैं, क्यों्कि जब इरादे नेक होते हैं तो नतीजे भी संतोष देने वाले होते हैं. पीएम मोदी ने कहा, 'गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है. हमारा विजन है, भारत के गांव के लोग सशक्त बनें, उन्हें गांव में ही आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिले, उन्हें पलायन न करना पड़े, गांव के लोगों का जीवन आसान हो, इसलिए हमने गांव-गांव में मूलभूत सुविधाओं की गारंटी का अभियान चलाया.' पीएम मोदी ने केंद्र की ग्रामीणों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा, 'हमारी सरकार ने गांव के हर वर्ग के लिए विशेष नीतियां बनाई हैं. दो-तीन दिन पहले ही कैबिनेट ने 'पीएम फसल बीमा योजना' को एक वर्ष अधिक तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. दुनिया में डीएपी का दाम बढ़ रहा है, आसमान छू रहा है, लेकिन हमने निर्णय किया कि हम किसान के सिर पर बोझ नहीं आने देंगे और सब्सिडी बढ़ाकर डीएपी का दाम स्थिर रखा है. हमारी सरकार की नीयत, नीति और निर्णय ग्रामीण भारत को नई ऊर्जा से भर रहे हैं.' कृषि के अलावा भी हमारे गांव में अलग अलग तरह के पारंपरिक कला और कौशल से जुड़े हुए कितने ही लोग काम करते हैं. रूरल इकोनॉमी और लोकल इकोनॉमी में इनका बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पहले इनकी भी उपेक्षा हुई. अब हम उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चला रहा हैं. ये योजना देश के लाखों विश्वकर्मा साथियों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है. पहले की सरकारों ने एससी-एसटी और ओबीसी की आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया. गांव से पलायन होता रहा, गरीबी बढ़ती रही, गांव और शहर के बीच की खाई बढ़ती रही, जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूजा है. जो इलाके दशकों से विकास से वंचित थे, अब उन्हें बराबरी का हक मिल रहा है.   recent visitors 95

मैं भी कोई शीशमहल बनवा सकता था, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है, पीएम ने कसा केजरीवाल पर तंज

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी को 4500 करोड़ रुपए का तोहफा दिया है। 1675 गरीबों को फ्लैट, डीयू के दो नए कैंपस, सावरकर कॉलेज समेत कई बड़ी सौगात देते हुए पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा कि वह भी अपने लिए कोई 'शीशमहल' बनवा सकते थे, लेकिन उनका सपना गरीबों को पक्का घर देना है। अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री जिस बंगले में रहते थे, भाजपा उसे शीशमहल कहती है। पीएम मोदी ने अशोक विहार के रामलीला मैदान में परियोजनाओं के उद्घाटन और लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला किया। पीएम ने कहा, ‘देश जानता है कि मोदी ने कभी अपने लिए घर नहीं बनाया। लेकिन बीते 10 सालों में 4 करोड़ से अधिक गरीबों के घर का सपना पूरा किया है। मैं भी कोई शीशमहल बना सकता था। लेकिन मेरे लिए तो मेरे देशवासियों को पक्का घर मिले, यही एक सपना था।’ पीएम मोदी ने यह भी वादा किया कि दिल्ली में सभी झुग्गीवासियों को पक्का मकान दिया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘मैं आप सबको भी कहता हूं आप जब भी लोगों के बीच जाएं। लोगों को मिलें और अभी भी जो लोग झुग्गी झोपड़ी में रहते हैं मेरी तरफ से उनको वादा करके आना, मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। उनको वादा करके आना आज नहीं तो कल उनके लिए पक्का घर बनेगा, उनको पक्का घर मिलेगा।’ पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी को 'आपदा' करार देते हुए कहा कि अन्ना हजारे जी को सामने करके कुछ कट्टर बेईमान लोगों ने दिल्ली को आपदा में धकेल दिया। पीएम ने आप सरकार पर घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि अब दिल्ली के कोने-कोने से आवाज निकल रही है। पीएम ने कहा,'दिल्लीवालों ने आपदा के खिलाफ जंग छेड़ दी है। दिल्ली का वोटर दिल्ली को आप-दा से मुक्त करने की ठान चुका है। दिल्ली का हर नागरिक कह रहा है, दिल्ली का हर बच्चा कह रहा है, दिल्ली के हर गली से आवाज आ रही है आपदा को नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे।' recent visitors 67

मोदी का दावा- भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी करेगा

नई दिल्ली भारत अगले साल फरवरी में पहली बार ‘वैश्विक ऑडियो विजुअल मनोरंजन शिखर सम्मेलन' (वेव्स) की मेजबानी करेगा, जो देश की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच होगा, सहयोग को बढ़ावा देगा और विश्व स्तरीय मनोरंजन सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' में ‘वेव्स' के बारे में विस्तार से बात की। ‘वेव्स' की तुलना दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच जैसे वैश्विक आयोजनों से करते हुए मोदी ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों के साथ-साथ दुनिया भर से रचनात्मक लोग 5 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में एकत्र होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक मनोरंजन सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' प्रधानमंत्री ने ‘वेव्स' की तैयारियों में युवा रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जो भारत के रचनात्मक समुदाय की गतिशील भावना को दर्शाता है। उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और रचना क्षेत्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया। मोदी ने कहा, ‘‘चाहे आप एक युवा रचनाकार हों या एक स्थापित कलाकार, बॉलीवुड या क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े हों, टीवी उद्योग के पेशेवर हों, एनीमेशन, गेमिंग के विशेषज्ञ हों या मनोरंजन प्रौद्योगिकी के प्रर्वतक हों, मैं आपको वेव्स शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।'' प्रधानमंत्री ने मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के सभी हितधारकों से ‘वेव्स' में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। recent visitors 82

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”   recent visitors 137

साल के आखिरी ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- महाकुंभ में AI करेगा कमाल, डिजिटल व्यवस्था का होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस नक्सली क्षेत्र में डर का माहौल रहता था वहां अब ''बस्तर ओलंपिक'' जैसे खेल कुंभ का आयोजन हो रहा है जो खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर देश मे बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 117वीं कड़ी में रविवार को कहा कि देश में ऐसे अनोखे खेल कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं जो हमारे देश में बदलाव और युवा साथियों के जोश एवं जज्बे के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज कुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर 'महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा' का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा 'हमारे बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है। जी हाँ, पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी ये जानकार अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है – ''वन भैंसा'' और ''पहाड़ी मैना''। इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूल मंत्र है–''करसाय ता बस्तर बरसाए ता बस्तर'' यानि ''खेलेगा बस्तर–जीतेगा बस्तर''। पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं– हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है। एथलेटिक, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वालीबाल –हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।'' PM मोदी ने प्रतिभाओं की कहानी सुनाई और कहा 'कारी कश्यप जी की कहानी मुझे बहुत प्रेरित करती है। एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है। वे कहती हैं–बस्तर ओलंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नहीं है। भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं–अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना जी की कहानी तो नए भारत की प्रेरक कथा है। एक समय नक्सली प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को ''बस्तर यूथ आईकॉन'' चुना गया है। उनका मानना है–बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।' उन्होंने कहा ''बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है। यह एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है। जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। खेलेगा भारत–जीतेगा भारत के साथ अपने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की कहानियां साझा करें। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। याद रखिए, खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि ये खिलाड़ी की स्प्रिट से समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है। तो खूब खेलिए-खूब खिलिए।'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर 'महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा' का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा 'अगले महीने 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। इस समय वहां संगम तट पर जबरदस्त तैयारियाँ चल रही हैं। मुझे याद है अभी कुछ दिन पहले जब मैं प्रयागराज गया था तो हेलिकॉप्टर से पूरा कुंभ क्षेत्र देखकर दिल प्रसन्न हो गया था। इतना विशाल, इतना सुंदर, इतनी भव्यता। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है, कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएँ, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं भेदभाव नहीं दिखता, कोई बड़ा नहीं होता, कोई छोटा नहीं होता। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है। इस बार का महाकुंभ भी एकता के महाकुंभ के मंत्र को सशक्त करेगा। मैं आप सबसे कहूँगा जब हम कुंभ में शामिल हों तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। हम समाज में विभाजन और विद्वेष के भाव को नष्ट करने का संकल्प भी लें। कम शब्दों में कहूँ-महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश। और अगर दूसरे तरीके से कहना है तो मैं कहूँगा…गंगा की अविरल धारा, न बँटे समाज हमारा।''   recent visitors 82

‘संविधान निर्माताओं ने जो संविधान सौंपा, वह समय की हर कसौटी पर खरा उतरा’, पीएम मोदी ने की ‘मन की बात’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा पीएम मोदी ने संविधान पर भी बात की। 'मन की बात' के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है, वो समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए दिशा दिखाने वाली रोशनी है, हमारा मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में संविधान पढ़ सकते हैं, संविधान के बारे में प्रश्न भी पूछ सकते हैं। 'मन की बात' के श्रोताओं से, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से, कॉलेज में जाने वाले युवाओं से, मेरा आग्रह है, इस वेबसाइट पर जरूर जाकर देखें, इसका हिस्सा बनें। महाकुंभ की विशेषताएं बताईं पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है। कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार कुंभ आयोजन में एआई चैटबॉट का प्रयोग होगा। इसके माध्यम से 11 भारतीय भाषाओं में कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस चैटबॉट से कोई भी टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी तरह की मदद मांग सकता है। बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज का जिक्र किया प्रधानमंत्री ने कहा कि  KTB यानि कृष, तृष और बाल्टीबॉय। आपको शायद पता होगा बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज और उसका नाम है KTB- भारत हैं हम और अब इसका दूसरा सीजन भी आ गया है। ये तीन एनिमेशन कैरेक्टर हमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन नायक-नायिकाओं के बारे में बताते हैं जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती। हाल ही में इसका सीजन-2 बड़े ही खास अंदाज में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिव ऑफ इंडिया, गोवा में लॉन्च हुआ। राज कपूर और रफी साहब को किया याद पीएम मोदी ने कहा कि 2024 में हम फिल्म जगत की कई महान हस्तियों की 100वीं जयंती मना रहे हैं। इन विभूतियों ने भारतीय सिनेमा को विश्व-स्तर पर पहचान दिलाई। राज कपूर ने फिल्मों के माध्यम से दुनिया को भारत की सॉफ्ट पावर से परिचित कराया। रफी साहब की आवाज में वो जादू था, जो हर दिल को छू लेता था। उनकी आवाज अद्भुत थी। भक्ति गीत हों या रोमाटिंग गानें, दर्द भरे गाने हों, हर भाव को उन्होंने अपनी आवाज से जीवंत कर दिया। एक कलाकार के रूप में उनकी महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज भी युवा-पीढ़ी उनके गानों को उतनी ही शिद्दत से सुनती है। यही तो है टाइमलेस आर्ट की पहचान। अक्किनेनी नागेश्वर राव और तपन सिन्हा को सराहा उन्होंने कहा कि अक्किनेनी नागेश्वर राव गारू ने तेलुगु सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी फिल्मों ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बखूबी प्रस्तुत किया। तपन सिन्हा की फिल्मों ने समाज को एक नई दृष्टि दी। उनकी फिल्मों में सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश रहता था। हमारी पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए इन हस्तियों का जीवन प्रेरणा जैसा है। वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट अगले साल पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल हमारे देश में पहली बार वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट यानि WAVES summit का आयोजन होने वाला है। आप सभी ने दावोस के बारे में सुना होगा, जहां दुनिया के अर्थजगत के महारथी जुटते हैं। उसी तरह वेव्स समिट में दुनिया भर के मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गज, क्रिएटिव वर्ल्ड के लोग भारत आएंगे। यह समिट भारत को ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन का हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय संस्कृति की वैश्विक धाक के तीन उदाहरण बताए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्ते पहले मिस्र के करीब 23 हजार छात्रों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहां उन्हें भारत की संस्कृति और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को बताने वाली पेंटिंग्स तैयार करनी थी। मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी युवाओं की सराहना करता हूं। उनकी क्रिएटिविटी की जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका का एक देश है पराग्वे। वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या एक हजार से ज्यादा नहीं होगी। पराग्वे में एक अद्भुत प्रयास हो रहा है। वहां भारतीय दूतावास में एरीका ह्युबर फ्री आयुर्वेद परामर्श देती हैं। आयुर्वेद की सलाह लेने के लिए आज उनके पास स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है और हर हिन्दुस्तानी को इसका गर्व है। दुनियाभर के देशों में इसे सीखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने के आखिर में फिजी में भारत सरकार के सहयोग से तमिल टीचिंग प्रोगाम शुरू हुआ। बीते 80 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब फिजी में तमिल के ट्रेंड टीचर्स इस भाषा को सिखा रहे हैं। recent visitors 68

मोदी ने आज रोजगार मेले में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रोजगार मेले में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों तथा संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को आभासी माध्यम से 71,000 से अधिक नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। वह इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। यह युवाओं को राष्ट्र निर्माण और आत्म-सशक्तिकरण में उनकी भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा। रोजगार मेला देश भर में 45 स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के लिए समय समय पर भर्तियां की जा रही हैं। देश भर से चयनित नए कर्मचारी गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में तैनात किये जायेंगे।   recent visitors 54