कुवैत की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी कुवैत की दो दिन की यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने और आपसी लाभ की भविष्य की साझीदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी। श्री मोदी ने रवानगी के पूर्व अपने वक्तव्य में कहा, "आज, मैं कुवैत राज्य के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं। हम कुवैत के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध को गहराई से महत्व देते हैं। हम न केवल मजबूत व्यापार और ऊर्जा भागीदार हैं, बल्कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में भी हमारे साझा हित हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा,"मैं कुवैत के अमीर, क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री के साथ अपनी बैठकों के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लोगों और क्षेत्र के लाभ के लिए भविष्य की साझेदारी के लिए एक रोडमैप तैयार करने का अवसर होगा।" उन्होंने कहा,"मैं कुवैत में भारतीय प्रवासियों से मिलने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं, जिन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने में बहुत योगदान दिया है। मैं खाड़ी क्षेत्र के एक प्रमुख खेल आयोजन, अरेबियन गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में मुझे विशेष रूप से आमंत्रित करने के लिए कुवैत के नेतृत्व के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं। मैं एथलेटिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय एकता के इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हूं। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत और कुवैत के लोगों के बीच विशेष संबंधों और दोस्ती के बंधन को और मजबूत करेगी।"   recent visitors 64

PM मोदी अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन के बीच उतरे, गिनाए आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस के 4 ‘पाप’

नई दिल्ली भारत रत्न बाबासाहब भीमराव आंबेडकर मामले में जारी राजनीतिक हलचल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एंट्री हो गई है। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ किए कांग्रेस के '4 पाप' भी गिनाए हैं। साथ ही कहा है कि 'एक पार्टी' ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए भाषण का वीडियो भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, 'संसद में गृहमंत्री अमित शाह जी ने डॉक्टर आंबेडकर को अपमानित करने और एससी एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास का खुलासा किया। यह साफ है कि उनकी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से वो स्तब्ध हो गए हैं। यही वजह है कि वो अब नौटंकी पर उतर आए हैं। दुखद है, लेकिन लोग सच जानते हैं।' उन्होंने कहा, 'हम जो भी हैं उसकी वजह डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर हैं। हमारी सरकार ने बीते एक दशक में डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए बगैर थके मेहनत की है। कोई भी सेक्टर ले लें, फिर चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, एससी एसटी एक्ट को मजबूत करना हो। हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना और कई कार्यक्रम शुरू किए। इन सभी ने गरीब और हाशिए पर मौजूद लोगों के जीवन को छुआ है।' कांग्रेस के 'पाप' पीएम मोदी ने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस को 'पाप' याद दिलाए हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें चुनाव में एक नहीं दो बार हराया गया। पंडित नेहरू उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना रहे थे। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार कर दिया। उनकी तस्वीर को संसद में सम्मानीय जगह लगाने से इनकार कर दिया।' उन्होंने कहा, 'अगर कांग्रेस और उसके सड़े हुए तंत्र को लगता है कि उनका झूठ कई सालों के गलत काम और खासतौर से डॉक्टर आंबेडकर के किए अपमान को छिपा सकता है, तो वो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।' उन्होंने लिखा, 'भारत के लोगों ने कई बार देखा है कि कैसे एक वंशवाद से चलने वाले एक पार्टी ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने और एससी एसटी समुदायों का अपमान करने का हरसंभव प्रयास किया।' विपक्ष का प्रदर्शन संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शाह के भाषण को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार पर आंबेडकर के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी ने गृहमंत्री के भाषण का पूरा वीडियो शेयर किया और कांग्रेस पर एडिटेड क्लिप पोस्ट करने के आरोप लगाए हैं। recent visitors 50

किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं: मोदी

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि किसानों के नाम पर बड़ी बड़ी बातें करने वाले न तो खुद किसानों के लिए कुछ करते हैं न ही दूसरों को कुछ करने देते हैं। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि भाजपा की नीति विवाद की नहीं संवाद की है और वह व्यवधान में नहीं समाधान में विश्वास रखती है। मोदी राजस्थान सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर यहां दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने ऊर्जा, सड़क व रेलवे से जुड़ी 46,300 करोड़ रुपये से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के कार्यान्वयन में गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विलंब की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा,‘‘ईआरसीपी को कांग्रेस ने कितना लटकाया, ये भी कांग्रेस की नीयत का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ये किसानों के नाम पर बातें बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन किसानों के लिए न खुद कुछ करते हैं और न ही दूसरों को करने देते हैं।’’ मोदी ने कहा,‘‘भाजपा की नीति विवाद की नहीं, संवाद की है। हम विरोध में नहीं, सहयोग में विश्वास करते हैं। हम व्यवधान में नहीं, समाधान पर यकीन करते है। इसलिए हमारी सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को स्वीकृत भी किया और इसका विस्तार भी किया है।’’ उन्होंने कहा कि जैसे ही मध्य प्रदेश व राजस्थान में भाजपा की सरकार बनी तो पार्वती कालीसिंध चम्बल परियोजना एमपीकेसी लिंक परियोजना पर समझौता हो गया। मोदी ने कहा कि बीते एक वर्ष में राजस्थान के विकास को नई गति, नई दिशा देने में मुख्यमंत्री भजनलाल जी और उनकी पूरी टीम ने बहुत परिश्रम किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सुशासन का प्रतीक बन रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा जो भी संकल्प लेती हैं वो पूरा करने का ईमानदारी से प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा,‘‘आज देश के लोग कह रहे हैं कि भाजपा सुशासन की गारंटी है। तभी तो एक के बाद एक राज्यों में आज भाजपा को इतना भारी जनसमर्थन मिल रहा है।’’ उन्होंने कहा,‘‘21वीं सदी के भारत के लिए नारी का सशक्त होना बहुत जरूरी है। नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए हम अनेक नई योजनाएं बना रहे हैं।’’ मोदी खुली छत वाले वाहन में सवार होकर सभा स्थल पर पहुंचे। उनके साथ वाहन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने उपस्थित जनसमूह का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।   recent visitors 61

फडणवीस के मंत्रिमंडल में पीएम मोदी के विजन की झलक, 19 नए चेहरों को शामिल कर दिए बड़ा संदेश

मुंबई महाराष्ट्र में आज देवेंद्र फडणवीस की सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया है। बीते दिन ही नागपुर में हुए शपथ ग्रहण समारोह में 39 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। वही जानकारी के अनुसार, गृह विभाग बीजेपी के पास रहेगा, जबकि शिक्षा, सिंचाई और राजस्व विभाग भी बीजेपी को सौंपे गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे की योजनाओं पर चर्चा की और बताया कि मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। मंत्रियों के विभागों पर बनी सहमति शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि छह राज्य मंत्रियों समेत सभी 39 मंत्रियों के विभाग अगले दो दिनों में तय कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभागों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। कुल 39 मंत्रियों को अपनी टीम में शामिल किया है। इसमें 19 बीजेपी, 11 शिवसेना और 9 विधायक मंत्री बने। आशा के अनुरुप फडणवीस अपनी दूसरे कार्यकाल की टीम में तमाद न चेहरों को बाहर करने के कामयाब रहे है, जिनकी छवि ठीक नहीं मानी जा रही थी। फडणवीस द्वारा मंत्रिमंडल में 19 फ्रेश चेहरों को शामिल करने के फैसले को पीएम मोदी के हलिया संबोधन से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान पर बहस के दौरान 11 संकल्प का जिक्र किया था। इसमें करप्शन रोकने का मुद्दा भी शामिल था। महाराष्ट्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार पर नजर दौड़ाएं तो फडणवीस ने शिवसेना और एनसीपी के दागी नेताओं की छुट्टी कर दी। उन्होंने बीजेपी से कई नए चेहरों को मौका दिया है। भारी पड़े भ्रष्टाचार के आरोप! महायुति सरकार में 25 मंत्रियों में 12 को जगह नहीं मिली है। इनमें कई बड़े नाम हैं। सबसे चौंकाने वाला नाम छगन भुजबल का है। इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल है। शिवसेना के खेमे में देखें तो अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत और दीपक केसरकर मंत्री नहीं बन पाए, हालांकि संजय राठोड जगह पानेमें सफल रहे। ऐसा माना जा रहा है फडणवीस इन नेताओं के ऊपर लगे आरोपों के साथ इनके काम से खुश नहीं थे। इससे पहले चुनावों में जब अजित पवार ने जब नवाब मलिक को टिकट दिया था तो उन्होंने दूरी बनाते हुए साफ कर दिया था बीजेपी प्रचार नहीं करेगी। फडणवीस ने कुल 12 मंत्रियों को ड्रॉप किया है। मंत्रियों के काम का होगा ऑडिट फडणवीस ने मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ साफ कर दिया है कि सभी मंत्रियों के प्रदर्शन का ऑडिट किया जाएगा। इसी के बाद वे सभी कन्टीन्यू कर पाएंगे। ऐसे में फडणवीस ने मंत्रियों पर बेहतर परफॉर्म करने का दबाव बढ़ा दिया है। यह ऑडिट 2.5 साल पूरे होने पर होगा। यह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही फॉर्मूला है। जिसे फडणवीस ने लागू किया है। पीएम मोदी गुजरात में बतौर सीएम और अब पीएम के तौर पर अपनी टीम में परफॉरमेंस पर फोकस किए हुए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में जिस तरह से कई बड़े नेताओं की छुट्‌टी हुई है उसके बाद चर्चा है कि फडणवीस ने सफाई शुरू कर दी है। कैसी है फडणवीस की नई टीम? महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री फडणवीस की टीम में दो डिप्टी सीएम के अलावा 36 मंत्री हैं। इनमें 19 नए चेहरे हैं। जो पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें सात विधायक बीजेपी, छह शिवसेना और पांच एनसीपी से हैं। फडणवीस ने साफ किया है कि ढाई साल के काम के आंकलन के बाद आगे मंत्री रहने पर फैसला होगा। ऐसे में फडणवीस की टीम में अब 2027 से पहले बदलाव की उम्मीद नहीं है। राजनीतिक हलकों में प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार जिस तरीके से फडणवीस ने अपनी टीम में बड़बोले और दागी नेताओं से दूरी बनाई है। उससे उन्होंने संदेश दिए हैं कि साफ टीम लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। विधानसभा सत्र की तैयारियां विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले हुए इस विस्तार में फडणवीस, अजित पवार, और एकनाथ शिंदे ने साझा रूप से प्रेस से बातचीत की। फडणवीस ने बताया कि सत्र में 20 बिल पेश किए जाएंगे, जो राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण होंगे। विपक्ष का बहिष्कार और EVM पर विवाद विपक्षी दलों ने सत्र के पहले दिन की हाई टी पार्टी का बहिष्कार किया। विपक्ष ने EVM के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस पर फडणवीस ने जवाब दिया कि EVM का मतलब है "हर वोट महाराष्ट्र के लिए"। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता के हित में काम कर रही है और अगले चुनावों में बड़ी जीत हासिल करेगी। डिप्टी सीएम शिंदे का बयान डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों के लिए रोटेशनल फॉर्मूला पर कहा कि हर मंत्री को ढाई साल का कार्यकाल मिलेगा। उन्होंने साफ किया, "या तो अच्छा काम करें, या फिर पद छोड़ दें।" इस नियम के तहत अधिक विधायकों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा और पार्टी में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। recent visitors 51

कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में संविधान पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि हमारा संविधान भारत की एकता का आधार है। इसको बनाने में समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व था। उन्होंने कांग्रेस के नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक परिवार ने संविधान को चोट पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बात का इसलिए जिक्र कर रहा, क्योंकि इस परिवार ने 55 साल तक देश पर राज किया। इसी वजह से जानने का अधिकार है कि क्या-क्या हुआ। पीएम मोदी ने कहा, ‘’इस परिवार के कुविचार, कुनीति आदि की परंपरा लगातार चल रही है। हर स्तर पर इस परिवार ने संविधान को चुनौती दी है। 1947 से 1952 तक देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी। अस्थायी व्यवस्था थी और चुनाव नहीं हुए थे। 1952 से पहले राज्यसभा का भी कोई गठन नहीं हुआ था और जनता का भी कोई आदेश नहीं था, लेकिन इसके बाद भी 1951 अध्यादेश लाकर संविधान को बदल दिया और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर दिया।'' पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहुत ही जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूत कदम रख रहा है। 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प है कि जब आजादी की शताब्दी मनाएंगे तो देश को विकसित भारत बनाकर रहेंगे। इस संकल्प से सिद्धि के लिए सबसे बड़ी जरूरत है, वह है भारत की एकता। संविधान के निर्माण कार्य में देश के बड़े बड़े दिग्गज, साहित्यकार, स्वंत्रतासेनानी थे। कई फील्ड के प्रोफेशल्स थे। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''जब हम संविधान लागू होने के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं तो अच्छा संयोग है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला आसीन हैं जो संविधान की भावना के अनुरूप भी है। भारत का गणतांत्रिक अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है और इसलिए देश को लोकतंत्र की जननी के रूप में जाना जाता है। हमारी सरकार के निर्णयों में लगातार भारत की एकता को मजबूती देने का प्रयास किया जाता रहा है, अनुच्छेद 370 एकता में रुकावट बना हुआ था और इसलिए हमने जमीन में गाड़ दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि संविधान निर्माताओं के दिमाग में एकता की भावना थी, लेकिन आजादी के बाद देश की एकता के मूल भाव पर प्रहार हुआ और गुलामी की मानसिकता में पले-बढ़े लोग विविधता में एकता की जगह विरोधाभास खोजते रहे। पीएम मोदी ने कहा कि हमने संविधान की एकता की भावना के अनुरूप नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को बहुत बल दिया है और अब गरीब परिवार के बच्चे मातृभाषा में पढ़ाई करके डॉक्टर-इंजीनियर बन सकते हैं। recent visitors 77

पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की, फिर किया गंगा पूजन, देंगे 5500 करोड़ की सौगात

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार को प्रयागराज दौरे पर हैं। पीएम मोदी यहां विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी संगम नगरी को 5500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी ने यहां महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया। पीएम मोदी ने रिवर क्रूज से संगम पर पहुंचकर साधु संतों से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। पीएम ने मां गंगा का किया दर्शन पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे की शुरुआत मां गंगा के दर्शन पूजन के साथ की। पीएम मोदी ने मां गंगा का विधिविधान से पूजन अर्चन किया। उन्हें दूध और चुनरी अर्पित की और आरती उतार कर देश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां गंगा का पूजन किया। पीएम मोदी ने संगम तट पर स्थित अक्षय वट वृक्ष स्थल की भी पूजा अर्चना की और बाद में उन्होंने लेटे हुए हनुमान हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन पूजन किया। प्रधानमंत्री अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब सवा 12 बजे प्रयागराज पहुंचे। जहां उनका स्वागत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया। संगम नगरी को 5500 करोड़ की सौगात प्रधानमंत्री मोदी अब से कुछ देर तक महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेंगे और संगम नगरी में 5500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण करेंगे।  प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी। पीएम इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन स्वच्छ और निर्मल गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गंगा नदी की ओर जाने वाले छोटे नालों को रोकने, टैप करने, मोड़ने और उपचारित करने की परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इससे नदी में बिना उपचार वाले जल का गंगा नदी में पहुंचना पूरी तरह से रोक पाना सुनिश्चित होगा। वे पेयजल और बिजली से संबंधित विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मंदिर के प्रमुख गलियारों और चैटबॉट का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे। इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक' चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे। यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा। सुरक्षा के हैं चाक चौबंद इंतजाम प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी के आगमन को लेकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एयरपोटर् से लेकर संगम तक का बड़ा क्षेत्रफल नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। सेना के जल, थल और नभ तीनों कोर सुरक्षा की कमान संभालेंगे। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के साथ ही नौ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा आरएएफ और पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद नजर आ रहे हैं। जरूरी स्थानों अचूक निशानेबाज (स्नाइपर) तैनात किए गये हैं। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एंटी सबोटाज की टीम भी कार्यक्रम स्थल पर मुस्तैद है। recent visitors 133

तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी रचनाओं का संग्रह जारी किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिल कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रह्मण्य भारती की 143वीं जयंती पर उनकी संपूर्ण रचनाओं का संग्रह जारी किया। इस संग्रह का शीर्षक ‘कालवरिसैयिल् भरतियार् पडैप्पुगळ्' है और यह कालानुक्रमिक क्रम में 21 खंडों में महाकवि भरतियार की संपूर्ण संग्रहित रचनाएं हैं। इसे सीनी विश्वनाथन ने संकलित किया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कवि सुब्रह्मण्य भारती को मां भारती की सेवा के लिए समर्पित एक गहन विचारक के रूप में याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के भविष्य के लिए उनके दूरदर्शी विचारों की सराहना की। साथ ही युवा और महिला सशक्तिकरण, विज्ञान एवं नवाचार में विश्वास और संचार के माध्यम से राष्ट्र के एकीकरण पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा, "…मैं इस महान कवि को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी विरासत को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज का दिन भारत की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक विरासत और उसके स्वतंत्रता संग्राम की यादों के साथ-साथ तमिलनाडु के गौरव का भी महत्वपूर्ण अवसर है। महाकवि सुब्रह्मण्य भारती की रचनाओं का प्रकाशन उनके प्रति एक उल्लेखनीय श्रद्धांजलि है।" उन्होंने कहा कि महाकवि सुब्रह्मण्य भारती के कार्यों का, उनकी रचनाओं का प्रकाशन एक बहुत बड़ा सेवायज्ञ और बहुत बड़ी साधना है। और आज उसकी पूर्णाहुति हो रही है। हमारे देश में शब्दों को केवल अभिव्यक्ति ही नहीं माना गया है। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं, जो "शब्द ब्रह्म" की बात करती है, शब्द के असीम सामर्थ्य की बात करती है। हमारे ऋषि-मुनियों की वाणी सिर्फ उनके विचार नहीं बल्कि उनके चिंतन, अनुभव और साधना का निचोड़ हैं। सुब्रह्मण्य भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, मेधा और बहु-आयामी व्यक्तित्व हर किसी को हैरान करता है। पीएम मोदी ने कहा, "वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो समझते थे कि भविष्य में क्या छिपा है। उस समय भी जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा था, उन्होंने युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण की वकालत की। उन्हें विज्ञान और नवाचार में भी विश्वास था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई उपकरण होना चाहिए जिससे हम कांची में बैठकर काशी में क्या हो रहा है, यह देख सकें और हम आज इसे जी रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती ऐसे महान मनीषी थे, जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे। उनका विजन बहुत व्यापक था। उन्होंने हर उस दिशा में काम किया, जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी। भरतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं हैं, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी। recent visitors 172