आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का गहरा प्रेम देखने को मिलता है। हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक खास घटना घटी, जिसने पीएम मोदी को इमोशनल कर दिया। इस घटना को देखकर खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि कैसे लोग उनके कार्यों और प्रयासों को सराहते हैं। वहीं पीएम मोदी का भी यह इमोशनल रिस्पांस उनकी जनता के प्रति लगाव और कृतज्ञता को दर्शाता है। आदिवासी महिला का प्यार भरा उपहार भाजपा के सांसद बैजयंत जय पांडा ने इस घटना को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक आदिवासी महिला ने पीएम मोदी के कामों के लिए अपनी खुशी और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 100 रुपये देने की इच्छा जताई। यह महिला इतनी भावुक थी कि उसने यह भेंट देने में कोई झिझक नहीं दिखाई। बैजयंत जय पांडा का ट्वीट बैजयंत जय पांडा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह घटना उस समय हुई जब वे पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल थे। उन्होंने लिखा, “जब मैंने महिला को बताया कि यह आवश्यक नहीं है, तब भी वह अपनी बात पर अड़ी रही। अंत में, मैंने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए 100 रुपये स्वीकार कर लिए। यह उस परिवर्तन का प्रतीक है, जो ओडिशा और पूरे भारत में हो रहा है।” पीएम मोदी की भावनाएं बैजयंत जय पांडा के ट्वीट और महिला की भावनाओं को देखकर पीएम मोदी भी इमोशनल हो गए। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “इस स्नेह से मैं बहुत अभिभूत हूं। मैं हमारी नारी शक्ति को नमन करता हूं। उनका आशीर्वाद मुझे विकसित भारत के निर्माण के लिए काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।” यह घटना सिर्फ एक महिला के प्यार का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि पीएम मोदी के कार्यों से लोग कितने प्रभावित हैं। यह ओडिशा और पूरे देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों की एक झलक है।   recent visitors 87

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसीवाशियों को दी कई सौगात, 6,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 6,100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें 90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आरजे शंकर नेत्र अस्पताल का उद्घाटन भी शामिल है। पीएम ने वाराणसी में आरजे शंकर नेत्र अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "इस पावन महीने में काशी आना एक पुण्य अनुभूति का अवसर होता है। यहां अपने काशीवासी तो हैं ही, संतजनों और परोपकारियों का भी संग है। इससे सुखद संयोग और क्या हो सकता है। अभी मुझे परम पूज्य शंकराचार्य जी के दर्शन का, प्रसाद पाने का और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।" पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए आगे कहा, "आरजे शंकर नेत्र अस्पताल वाराणसी और इस क्षेत्र के अनेकों लोगों के जीवन से अंधकार दूर करेगा, उन्हें प्रकाश की ओर ले जाएगा। ये अस्पताल बुजुर्गों की भी सेवा करेगा और बच्चों को भी रोशनी देगा। यहां बहुत बड़ी संख्या में गरीबों को मुफ्त इलाज मिलने वाला है। ये अस्पताल, यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लेकर आया है।" उन्होंने कहा, "काशी की पहचान अनंतकाल से धर्म और संस्कृति की राजधानी के रूप में रही है। अब काशी, यूपी के पूर्वांचल के बड़े आरोग्य केंद्र और हेल्थकेयर हब के रूप में भी विख्यात हो रहा है। काशी को प्राचीन काल से ही धर्म और संस्कृति की राजधानी के रूप में जाना जाता रहा है। अब काशी यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र और चिकित्सा केंद्र भी बन रहा है। बीएचयू में ट्रॉमा सेंटर हो, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल हो या मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हो, पिछले 10 वर्षों में काशी में स्वास्थ्य सेवा में बड़े सुधार हुए हैं।" पीएम ने अस्पताल के उद्घाटन से पहले कांची मठ के शंकराचार्य से भी मुलाकात की। उन्होंने एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान 2,870 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और अन्य कार्यों की आधारशिला भी रखने जा रहे हैं। recent visitors 77

विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा रीवा एयरपोर्ट, मोदी आज करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के साथ मध्यप्रदेश को भी अनेक अनूठी सौगातें दी है, जिससे मध्यप्रदेश तेजी से विकसित राज्य की ओर अग्रसर हो रहा है। विकास की इसी कड़ी प्रधानमंत्री श्री मोदी विंध्य क्षेत्र को एयरपोर्ट की सौगात देने जा रहे हैं। रविवार 20 अक्टूबर विंध्य क्षेत्र के लिये ऐतिहासिक होगा। इस दिन प्रधानमंत्री श्री मोदी रीवा एयरपोर्ट का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। रीवा एयरपोर्ट पूरे विंध्य क्षेत्र के लिये गेम चेंजर साबित होगा, इससे रीवा अंचल में पर्यटन के साथ निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट, जिसे डीजीसीए ने दिया लायसेंस मध्यप्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए यह अच्छी खबर है कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने रीवा एयरपोर्ट को लाइसेंस दे दिया है। इसके अंतर्गत अब यहां से एयरक्राफ्ट आसानी से उड़ान भर सकेंगे। भोपाल, जबलपुर, खजराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा प्रदेश का 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डीजीसीए ने लाइसेंस दिया है। इस एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू होने से प्रदेश के 65 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। साथ ही रीवा की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को भी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे क्षेत्र भी होंगे लाभान्वित उल्लेखनीय है कि रीवा से मऊगंज, सीधी, सतना, मैहर जिले सीधे जुड़े हुए हैं। इन जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे लोग भी काम के सिलसिले में रीवा आते हैं। रीवा की आबादी करीब 15 लाख, मऊगंज की 8 लाख, सीधी की 12 लाख, सिंगरौली की 12 लाख और सतना जिले की आबादी 18 लाख है। इन जिलों की जनता को रीवा एयरपोर्ट बनने से सीधा फायदा होगा। एयर कनेक्टिविटी होने से यहां विकास को भी रफ्तार मिलेगी। रीवा एयरपोर्ट सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक- UDAN) योजना के तहत बनाया गया है। इसका उद्देश्य विमान यात्रा को आम जनता के लिए आसान बनाना है। इससे छोटे शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके अलावा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। निवेश-टूरिज्म को मिलेगा फायदा लाइसेंस मिलने के बाद अब रीवा एयरपोर्ट पर फ्लाइट का आना-जाना, यात्रियों और कार्गो सुविधा का विस्तार होगा. इस एयरपोर्ट को नए ढंग से बनाया गया है। यह अच्छा-खासा टर्मिनल भी बनाया गया है। इस एयरपोर्ट पर एटीआर-72 विमान संचालित किया जा सकता है। ये सभी सुविधाएं एयरलाइंस को अपनी ओर आकर्षित कर सकता है। इस एयरपोर्ट के संचालन से एक ओर पर्यटन को फायदा होगा वहीं दूसरी ओर निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।  अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया प्लान रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रीवा से हवाई यात्रा करने वाले यात्री बिना किसी असुविधा के रीवा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। रीवा में पहले से बनाए गए रिंग रोड के चलते सीधी और सतना जिले से यात्रियों का आना-जाना काफी बढ़ गया है। सिंगरौली का पॉवर प्लांट, विंध्य की 29 बड़ी इकाइयां, बेहतरीन हाई-वे, मुकुंदपुर व्हाइट सफारी, बंधावगढ़ नेशनल पार्क, संजय नेशनल पार्क, एशिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट, खूबसूरत जलप्रपात, भगवान श्रीराम की तपोवन भूमि चित्रकूट, मैहर की शारदा मां और सीमेंट के बड़े उद्योग होने से रीवा एयरपोर्ट की महत्वता और भी बढ़ जायेगी। रीवा एयरपोर्ट – एक नजर में 450 करोड़ रूपये की लागत। 102 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित। 30 मीटर चौड़ा और 800 मीटर लंबा रन-वे। रन-वे के दोनों तरफ़ 3.5 मीटर के दो शेल्टर। टर्मिनल में बैठने की अच्छी व्यवस्थाएँ। साफ़-सुथरे शौचालय। यात्री सहायता के लिए सूचना डेस्क। स्क्रीनिंग उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों से लैस सुरक्षा उपाय। यात्री और कार्गो विमान भर सकेंगे उड़ान। भोपाल के लिए 72 सीटर विमान सेवाएं शुरू होंगी। भविष्य में अन्य बड़े शहरों तक होगा इसका विस्तार। जनरेटिव एआई की सुविधा एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध।   recent visitors 67

रूस में आयोजित हो रहा 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पीएम मोदी 22 अक्टूबर जायेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस की अध्यक्षता में कज़ान में आयोजित हो रहे 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 22-23 अक्टूबर तक रूस की यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर रूस की यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी रूस की अपनी यात्रा के दौरान ब्रिक्स के सदस्य देशों के अपने समकक्षों और कजान में आमंत्रित नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्रिक्स के इस साल के शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना'' है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सम्मेलन नेताओं को दुनिया के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा यह भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने के वास्ते एक मूल्यवान अवसर भी प्रदान करेगा।''  recent visitors 81

पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूरे विश्व को महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं ग्रहण कर शांति की राह पर चलना चाहिए, क्योंकि दुनिया को युद्ध में नहीं, बल्कि बुद्ध में समाधान मिल सकता है। श्री मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया अस्थिरता से ग्रस्त है, बुद्ध न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि एक जरूरत भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज अभिधम्म पर्व पर पूरे विश्व का आवाहन करता हूं- बुद्ध से सीखिए…युद्ध को दूर करिए…शांति का पथ प्रशस्त करिए…क्योंकि, बुद्ध कहते हैं- “नत्थि-संति-परम-सुखं” अर्थात्, शांति से बड़ा कोई सुख नहीं है।”उन्होंने कहा, “नही वेरेन वैरानि सम्मन्तीध कुदाचनम्, अवेरेन च सम्मन्ति एस धम्मो सनन्ततो” अर्थात वैर से वैर, दुश्मनी से दुश्मनी शांत नहीं होती। वैर अवैर से, मानवीय उदारता से खत्म होता है। बुद्ध कहते हैं- “भवतु-सब्ब-मंगलम्”।। यानी, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो- यही बुद्ध का संदेश है, यही मानवता का पथ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि हर देश अपनी विरासत को अपनी पहचान से जोड़ता है, लेकिन भारत इस मामले में बहुत पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले आक्रमणकारियों ने भारत की पहचान को मिटाने की कोशिश की। बाद में गुलाम मानसिकता से ग्रसित लोगों ने ऐसा किया। आजादी के बाद एक ऐसे समूह ने देश पर कब्जा कर लिया, जो इसे अपनी विरासत की विपरीत दिशा में ले गया। उन्होंने कहा कि पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देना भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। पाली भाषा को जिंदा रखना, भगवान बुद्ध के शब्दों को जिंदा रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “अभिधम्म दिवस हमें याद दिलाता है कि करुणा और सद्भावना से ही हम दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं। इससे पहले 2021 में कुशीनगर में ऐसा ही आयोजन हुआ था। वहां उस आयोजन में भी मुझे शामिल होने का सौभाग्य मिला था और ये मेरा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध के साथ जुड़ाव की जो यात्रा मेरे जन्म के साथ ही शुरू हुई है, वो अनवरत जारी है। मेरा जन्म गुजरात के उस वडनगर में हुआ, जो एक समय बौद्ध धर्म का महान केंद्र हुआ करता था। उन्हीं प्रेरणाओं को जीते-जीते मुझे बुद्ध के धम्म और शिक्षाओं के प्रसार के इतने सारे अनुभव मिल रहे हैं।” श्री मोदी ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में भारत के ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ-स्थानों से लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक नेपाल में भगवान बुद्ध की जन्मस्थली के दर्शन, मंगोलिया में उनकी प्रतिमा के अनावरण से लेकर श्रीलंका में वैशाख समारोह तक….मुझे कितने ही पवित्र आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिला है। मैं मानता हूँ, संघ और साधकों का ये संग, ये भगवान बुद्ध की कृपा का ही परिणाम है। मैं आज अभिधम्म दिवस के इस अवसर पर भी आप सभी को और भगवान बुद्ध के सभी अनुयायियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूँ। आज शरद पूर्णिमा का पवित्र पर्व भी है। आज ही, भारतीय चेतना के महान ऋषि वाल्मीकि जी की जन्म जयंती भी है। मैं समस्त देशवासियों को शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती की भी बधाई देता हूं” उन्होंने कहा कि इस वर्ष अभिधम्म दिवस के आयोजन के एक साथ, एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी जुड़ी है। भगवान बुद्ध के अभिधम्म, उनकी वाणी, उनकी शिक्षाएँ, जिस पाली भाषा में ये विरासत विश्व को मिली हैं, इसी महीने भारत सरकार ने उसे क्लासिकल लैंग्वेज (शास्त्रीय भाषा) का दर्जा दिया है। इसलिए, आज ये अवसर और भी खास हो जाता है। पाली शास्त्रीय भाषा का ये दर्जा, पाली भाषा का ये सम्मान भगवान बुद्ध की महान विरासत का सम्मान है। श्री मोदी ने कहा, “आप सभी जानते हैं, अभिधम्म धम्म के निहित है। धम्म को, उसके मूल भाव को समझने के लिए पाली भाषा का ज्ञान आवश्यक है। धम्म यानी, बुद्ध के संदेश, बुद्ध के सिद्धान्त…धम्म यानी, मानव के अस्तित्व से जुड़े सवालों का समाधान…धम्म यानी, मानव मात्र के लिए शांति का मार्ग…धम्म यानी, बुद्ध की सर्वकालिक शिक्षाएँ…..और, धम्म यानी, समूची मानवता के कल्याण का अटल आश्वासन! पूरा विश्व भगवान बुद्ध के धम्म से प्रकाश लेता रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से पाली जैसी प्राचीन भाषा, जिसमें भगवान बुद्ध की मूल वाणी है, आज सामान्य प्रयोग में नहीं है। भाषा केवल संवाद का माध्यम भर नहीं होती। भाषा सभ्यता और संस्कृति की आत्मा होती है। हर भाषा से उसके मूल भाव जुड़े होते हैं। इसलिए, भगवान बुद्ध की वाणी को उसके मूल भाव के साथ जीवंत रखने के लिए पाली को जीवंत रखना, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी सरकार ने बड़ी नम्रता पूर्वक ये ज़िम्मेदारी निभाई है। भगवान बुद्ध के करोड़ों अनुयायियों को, उनकी लाखों भिक्षुकों की अपेक्षा को पूरा करने का हमारा नम्र प्रयास है। मैं इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भी आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। भाषा, साहित्य, कला, आध्यात्म…,किसी भी राष्ट्र की ये धरोहरें उसके अस्तित्व को परिभाषित करती हैं। इसीलिए, आप देखिए, दुनिया के किसी भी देश में कहीं कुछ सौ साल पुरानी चीज भी मिल जाती है, तो उसे पूरी दुनिया के सामने गर्व से प्रस्तुत करता है।” recent visitors 71

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) 2024 का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के मानकीकरण कार्य के लिए शासी सम्मेलन है, जो संयुक्त राष्ट्र की डिजिटल प्रौद्योगिकी एजेंसी है। यह सम्मेलन हर चार साल में आयोजित किया जाता है। पहली बार इसका आयोजन भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन है। इसमें 190 से ज्यादा देशों के तीन हजार से अधिक उद्यमी, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो दूरसंचार, डिजिटल और आईसीटी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। डब्ल्यूटीएसए 2024 एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां देश को अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि के मानकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी करने से देश को वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक आवश्यक पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, जिसमें प्रमुख दूरसंचार कंपनियां और नवप्रवर्तनकर्ता क्वांटम तकनीक, सर्कुलर इकोनॉमी, 6जी, 5जी, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और प्रगति का प्रदर्शन करेंगे। इंडिया मोबाइल कांग्रेस, एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल तकनीकी मंच, दुनिया भर में उद्योग, सरकार, अकादमिक, स्टार्टअप और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए नवीनतम समाधान, सेवाएं और आधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने का एक जाना-माना प्लेटफॉर्म बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे। recent visitors 84

जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री

वियनतियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे समय में भारत-आसियान की दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं। हम राष्ट्रों की एकता और अखंडता को महत्व देते हैं। हम अपने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आसियान देशों के साथ ऐतिहासिक संबंध 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले एक्ट ईस्ट पॉलिसी की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा, दिशा और गति दी है। पीएम मोदी ने कहा, 'पिछले दशक में भारत-आसियान व्यापार दोगुना हो गया है और अब यह 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, वह भारत और आसियान देशों की सदी है।' छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ पीएम मोदी ने कहा कि जन-केंद्रित दृष्टिकोण हमारी डेवेलपमेंट पार्टनरशिप का आधार है। 300 से अधिक ASEAN छात्रों को नालंदा यूनिवसिर्टी में स्कॉलरशिप का लाभ मिला है। नेटवर्क ऑफ यूनिवर्सिटी लॉन्च की गई है। लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, इंडोनेशिया में साझी विरासत और संरक्षण के लिए काम किया गया है। भारत और लाओस के संबंध     पीएम मोदी ने विएंतियाने पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों से बातचीत की। उन्होंने लाओस में होटल के बाहर भारतीय समुदाय के सदस्यों का अभिवादन किया।     लाओस के गृह मंत्री, शिक्षा और खेल मंत्री, बैंक ऑफ लाओस के गवर्नर और विएंतियाने के मेयर समेत कई कई राजनेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया।     भारत और लाओस के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जो बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत में परिलक्षित होते हैं। लाओस के साथ द्विपक्षीय संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और 1956 में स्थापित हुए थे। पीएम मोदी का भव्य स्वागत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले विशेष स्वागत के महत्व पर प्रकाश डाला और लाओस के साथ भारत के सदियों पुराने संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव पर जोर दिया। पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर पीएम मोदी की लाओस यात्रा का विवरण साझा करते हुए जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी के आगमन पर लाओस के गृह मंत्री विलायवोंग बौडाखम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गायत्री मंत्र का पाठ जायसवाल ने बताया कि लाओस समुदाय के सदस्यों और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया और उनका स्वागत किया। उन्होंने पीएम के लिए बिहू नृत्य भी किया। इसके बाद पीएम ने आशीर्वाद समारोह में भाग लिया, जिसमें वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया। recent visitors 78