Monday, July 6, 2026 2:33 pm

PM नेतन्याहू ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी से दूतावास के कर्मचारियों की हत्या पर अमेरिकी प्रशासन के सामने नाराजगी जाहिर

यरूशलेम अमेरिका के वॉशिंगटन में गुरुवार को यहूदी म्यूजियम के पास इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जो कि पकड़े जाने पर फिलिस्तीन की आजादी से जुड़े नारे लगा रहा था. मारे गए लोगों में एक महिला भी शामिल है. अमेरिका ने इसे आतंकी हमला बताया है और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. नेतन्याहू ने मांगी हमले की डिटेल इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी से बात की और इजरायली दूतावास के कर्मचारियों की हत्या पर अमेरिकी प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर से बात कर घटना का पूरा ब्यौरा मांगा है. साथ ही राजदूत और दूतावास के कर्मचारियों को अपना फुल सपोर्ट देने की भी बात कही है. अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हत्यारे और दूतावास के दो कर्मचारियों की पहचान के बारे में फिलहाल जो कुछ भी जानकारी है, उसकी डिटेल दी है. अटॉर्नी जनरल ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें इस घटना का खेद है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस घटना पर चिंतित हैं, साथ ही अमेरिका हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाकर रहेगा. 'खून का बदला खून से…' अटॉर्नी जनरल बॉन्डी ने हमले में मारे गए यंग कपल के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताते हुए बताया कि जल्द ही उनकी सगाई होने वाली थी. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यहूदी-विरोध के खिलाफ साफ रुख के लिए अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हम इस बात के गवाह हैं कि इजरायल के खिलाफ यहूदी विरोधी भावना और उकसावे की कितनी भयानक कीमत चुकानी पड़ी है. इजरायल के खिलाफ खूनी जंग की कीमत खून से चुकानी पड़ती है और इसके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना होगा. नेतन्याहू ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. साथ ही उन्होंने दुनियाभर में स्थित इजरायली दूतावासों और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. फिलिस्तीन समर्थक है आरोपी? वॉशिंगटन में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की हत्या के आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें हमलावर को फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है, जिसको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वीडियो में पुलिस ने आरोपी के दोनों हाथ पीछे से पकड़ रखे हैं और इस दौरान आरोपी 'फ्री फिलिस्तीन' के नारे लगाता दिख रहा है. वॉशिंगटन पुलिस चीफ पामेला स्मिथ ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों पीड़ित म्यूजियम में हो रहे कार्यक्रम में शिरकत करते बाहर निकल रहे थे कि तभी फायरिंग की वारदात हुई. पुलिस के मुताबिक घटना को एक ही शख्स ने अंजाम दिया है और वह पुलिस की हिरासत में है. जैसे ही कुछ लोग म्यूजियम से बाहर निकले, हमलावर ने अपनी बंदूक से उन पर गोलियां चला दीं. शूटिंग के बाद हमलावर म्यूजियम के अंदर चला गया, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया है.   recent visitors 47

ट्रंप को PM नेतन्याहू ने क्यों गिफ्ट किया गोल्डन पेजर? जानें क्या है बड़ा कारण

न्यूयॉर्क  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप को एक बेहद खास गिफ्ट दिया. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ‘गोल्डन पेजर’ गिफ्ट किया है. इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से भी इस बात की पुष्टि की गई कि नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप को गोल्डन पेजर गिफ्ट के रूप में दिया है. दरअसल, यह तोहफा लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के ऑपरेशन का प्रतीक है, जिसमें पेजर ब्लास्ट के जरिए हिजबुल्लाह के कई आतंकवादियों को मार गिराया गया था. लेबनान में कैसे हुए थे पेजर ब्लास्ट? लेबनान और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में पिछले साल सितंबर में कई पेजरों में ब्लास्ट हुए थे. लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में खासकर पूर्वी बेका घाटी में पेजर में एक के बाद एक सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इसके बाद लेबनान में वॉकी-टॉकी के अलावा सोलर पैनल और हैंड हेल्ड रेडियो में भी ब्लास्ट हुए थे. इतना ही नहीं लेबनान के बेरूत समेत कई प्रमुख शहरों में घरों के सोलर सिस्टम और सोलर पैनलों में भी कई धमाके हुए थे. हिजबुल्लाह की ओर से संवाद करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेजरों में हुए हमलों के कारण करीब  3000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और लगभग 40 आतंकवादियों की मौत हुई थी. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने ही सितंबर में लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के खुफिया ठिकानों पर पेजर हमले को मंजूरी दी थी. पेजर का ही इस्तेमाल क्यों करते थे हिजबुल्लाह के लड़ाके दरअसल, हमास के ऊपर इजरायल के हमले के बाद हिजबुल्लाह के टॉप कमांडरों ने अपने लड़ाकों को एक-दूसरे से बात करने के लिए मोबाइल या इंटरनेट की जगह पेजर का इस्तेमाल करने का आदेश दिए थे.  पेजर की लोकेशन ट्रैक नहीं हो सकती है. कैसे काम करता है पेजर? पेजर रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता है। जब किसी को मैसेज भेजना होता है तो पेजर नेटवर्क उस मैसेज को सेंड करता है, जिसे पेजर डिवाइस रिसीव करता है। जब कोई संदेश आता है तो यह बीप या बाइब्रेट करता है। इसीलिए इसे बीपर और ब्लीपर भी कहा जाता है। इसमें किसी भी तरह के इंटरनेट और कॉलिंग की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह पहाड़ी इलाकों या दूर दराज के क्षेत्रों में ज्यादा फायदेमंद होते हैं। तीन तरीके के होते हैं पेजर मोबाइल फोन के नेटवर्क वीक होने वाली जगहों पर भी पेजर काफी भरोसेमंद डिवाइस था। पेजर भी कोई एक तरह का नहीं होता है बल्कि यह भी तीन तरह का होता है। इसमें पहले आता है वन वे पेजर। वनवे पेजर में केवल मैसेज को रिसीव किया जा सकता है। दूसरे नंबर पर टू वे पेजर आता है। इसमें मैसेज रिसीव करने के साथ-साथ सेंड भी कर सकते हैं। फिर आखिरी वॉयस पेजर का नाम शामिल है। इसमें वॉयस मैसेज को रिकॉर्ड किए जाते हैं। recent visitors 52

अटॉर्नी जनरल ने पीएम नेतन्याहू की पत्नी के खिलाफ जांच के दिए आदेश, गवाह को धमकाने का आरोप

तेलअवीव  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. इजरायल की अटॉर्नी जनरल गली बहारव-मियारा ने इजरायली पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं. दरअसल, सारा नेतन्याहू के खिलाफ एक रिपोर्ट में विरोधियों और एक गवाह को परेशान करने और धमकाने का आरोप लगाया गया है. इजरायल की अटॉर्नी जनरल ने कहा, “उवडा शो के सबंस में गवाहों को परेशान करने और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने के संदेह की जांच की जानी चाहिए.” बता दें कि यह शो पिछले सप्ताह इजरायल के चैनल 12 टीवी पर प्रसारित हुआ था.  इजरायल की अटॉर्नी जनरल ने पुलिस को दिए जांच के आदेश इजरायल की अटॉर्नी जनरल ने पुलिस को पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू के खिलाफ जांच शुरू करने का आदेश दिया है. नेतन्याहू की पत्नी पर राजनीतिक विरोधियों और इजरायल नेता के भ्रष्टाचार के मामले में एक गवाह को परेशान करने का आरोप है. अटॉर्नी जनरल के मुताबिक, सारा नेतन्याहू के खिलाफ यह जांच ‘उवडा’ नामक खोजी कार्यक्रम के रिपोर्ट पर केंद्रित होगी. क्या-क्या हुआ था टीवी चैनल के कार्यक्रम में? इजरायल के चैनल 12 टीवी कार्यक्रम के दौरान व्हाट्सएप मैसेजों से खुलासा किया गया था. इसमें इजरायली पीएम की पत्नी सारा नेतन्याहू अपने एक पूर्व सहयोगी को राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने और मामले के एक प्रमुख गवाह हदास क्लेन को डराने के निर्देश देती नजर आई है. हालांकि, घोषणा में कहीं भी सारा का नाम नहीं लिया गया है और न्याय मंत्रालय ने इस मामले में आगे कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. चैनल की रिपोर्ट में सारा पर लगे गंभीर आरोप इजरायल के चैनल 12 ने गुरुवार (26 दिसंबर) को एक रिपोर्ट जारी की. जिसमें दावा किया गया कि सारा नेतन्याहू ने अपने पति के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले में एक गवाह को धमकी दी है. वहीं, परोक्ष रूप से अटॉर्नी जनरल और डिप्टी अटॉर्नी को भी परेशान किया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्नी का किया बचाव वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू का बचाव करते हुए एक वीडियो भाषण जारी किया था. इसमें उन्होंने चैनल 12 की रिपोर्ट को ‘पक्षपाती’ और झूठा प्रचार बताया. उन्होंने आगे कहा कि, “मैं चाहता हूं कि चैनल 12 या दूसरे भड़काऊ चैनल वामपंथी खेमे की भी जांच करें. लेकिन ऐसा होने की उम्मीद मत करो. ऐसा कभी नहीं होगा.” वहीं, इजरायल के न्याय मंत्री यारिव लेविन ने अटॉर्नी जनरल के इस आदेश की आलोचना की है. recent visitors 74

इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेला, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम

तेल अवीव अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम हो गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल ने लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को कमजोर कर उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीजफायर को ग्रीन सिग्नल दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान और हमास समर्थित हिजबुल्लाह मौजूदा समय में बहुत कमजोर हो चुका है. नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह ने आठ अक्तूबर को लेबनान से हम पर हमला करने का सोचा. एक साल बाद हिज्बुल्लाह अब वह पुराना हिजबुल्लाह नहीं रह गया है. हमने उसे दशकों पीछे धकेल दिया है. हमने हसन नसरल्लाह सहित उसके कई बड़े लीडर्स को मार गिराया है. हमने उनके हजारों आतंकियों को मार गिराया है और उनकी सुरंगों को तबाह कर दिया है, जिन्हें दोबारा तैयार करने में उन्हें सालों लगेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में हमने शतरंज की चाल पलट दी है. हम पर सात मोर्चों से हमला किया गया लेकिन हम डटकर लड़े. हम मिडिल ईस्ट का चेहरा बदल रहे हैं. बता दें कि इस सीजफायर के तहत इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से अपने सैनिकों को वापस बुलाएगी और लेबनान की सेना इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती करेगी. इसके साथ ही हिजबुल्लाह लिटानी नदी से सटे इलाकों से अपने लड़ाकों को हटाएगी. क्या हैं सीजफायर की शर्तें सीजफायर समझौते के तहत इजरायली सैनिकों को दक्षिण लेबनान से वापस जाना होगा और लेबनान की सेना को इस क्षेत्र में तैनात करना होगा. इसके साथ ही हिज्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी भी खत्म कर देगा. लेबनान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि लेबनान की सेना इजरायली सैनिकों के वापस जाने पर दक्षिणी लेबनान में कम से कम 5000 सैनिकों को तैनात करने के लिए तैयार है. नेतन्याहू का कहना है कि युद्धविराम की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि लेबनान में क्या होता है. अगर हिज्बुल्लाह समझौते का उल्लंघन करता है और खुद को हथियारबंद करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे, अगर वह सीमा के पास आतंकवादी बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करने की कोशिश करता है, तो हम हमला करेंगे. अगर वह रॉकेट लॉन्च करता है, अगर वह सुरंग खोदता है, अगर वह रॉकेट ले जाने वाला ट्रक लाता है, तो हम हमला करेंगे.   recent visitors 58

इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इजरायल के PM नेतन्याहू के खिलाफ जारी किया अरेस्ट वारंट

इजरायल अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के न्यायाधीशों ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के साथ-साथ हमास के सैन्य कमांडर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं. एक बयान में कहा गया है कि एक प्री-ट्रायल चैंबर ने अदालत के अधिकार क्षेत्र में इजरायल की चुनौतियों को खारिज कर दिया था और बेंजामिन नेतन्याहू और योआव गैलेंट के लिए वारंट जारी किए थे. मोहम्मद देइफ के लिए एक वारंट भी जारी किया गया था, हालांकि इजरायली सेना ने कहा है कि वह जुलाई में गाजा में एक हवाई हमले में मारा गया था. इसमें पाया गया कि इस बात के 'उचित आधार' हैं कि तीनों लोग इजराइल और हमास के बीच युद्ध के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए 'आपराधिक जिम्मेदारी' लेते हैं. इजरायल और हमास दोनों ने आरोपों को खारिज कर दिया है.   recent visitors 67

दक्षिणी हाइफ़ा में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के निवास के पास ड्रोन में धमाका

तेल अवीव हिज्बुल्ला ने लेबनान से इजरायल की इमारत पर ड्रोन अटैक किया है. इस हमले के जरिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू के घर को निशाना बनाने की कोशिश की है. इजरायल में हाइफा कैसरिया इलाके में यह हमला किया गया. इजरायली सुरक्षा बलों ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि ड्रोन एक खुले इलाके में गिरा जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ है. आईडीएफ का कहना है कि आज सुबह हाइफा क्षेत्र में बजने वाले वॉर्निंग सायरन लेबनान से दागे गए रॉकेट से बज उठे थे. इज़रायली मीडिया के अनुसार, दक्षिणी हाइफ़ा के कैसरिया में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निवास स्थान के पास एक ड्रोन में धमाका हुआ है. लक्ष्य को भेदने में सक्षम था ड्रोन जो जानकारी सामने निकलकर सामने आ रही है उससे पता चला है कि ड्रोन सीधे अपने लक्ष्य को हिट करने में सक्षम था. इजरायली सुरक्षा बलों ने स्वीकार किया कि ड्रोन ने उसका एयर डिफेंस सिस्टम हमले को रोकने में विफल रहा जिसकी वजह से यह हमला हुआ.  को भेद दिया और उसके इलाके में घुस गया. सुरक्षाबलों ने ने इसे बड़ी सुरक्षा चूक माना है क्योंकि एक ड्रोन  हाइफ़ा के बाहरी इलाके में इसकी तलाश कर रहे सैन्य हेलीकॉप्टर के ठीक बगल से उड़ा था. तेल अवीव में बजने लगे सायरन इज़रायली सेना के अनुसार, लेबनान से हाइफ़ा की तरफ तीन ड्रोन आए, जिनमें से केवल दो का पता चल सका और उन्हें रोक दिया गया. तीसरे ड्रोन ने कैसरिया में एक इमारत पर सटीक हमला किया. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुष्टि की कि धमाका बहुत तेज था. ड्रोन लेबनान से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी से उड़ा और सीधे कैसरिया में एक इमारत से टकराया, जिसके छर्रे एक पड़ोसी इमारत तक पहुंच गए. ड्रोन के इजरायली हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद उत्तरी तेल अवीव में ग्लिलोट बस्ती में सैन्य ठिकानों पर सायरन बजने लगे. इजरायली सेना भी मान रही है कि कि इमारत पर हमला करने से पहले ड्रोन एक घंटे तक ऊपर मंडराता रहा.   recent visitors 69