पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगाया

भोपाल पुलिस मुख्यालय में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर 76 लाख रुपए के फर्जी मेडिकल बिल भुगतान का आरोप लगा है। ये तीनों में एक सूबेदार, एक सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर है। सभी लेखा शाखा में काम करते थे। इन्होंने वित्तीय वर्ष 2022, 2023 और 2024 में खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को बीमार बताकर यह धोखाधड़ी की। संचालक ट्रेजरी की ओर से भेजे गए एक पत्र के बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ, जिसमें इनके खातों में असामान्य रूप से उच्च भुगतान की ओर इशारा किया गया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। ऐसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब संचालक ट्रेजरी ने पुलिस मुख्यालय को एक पत्र भेजा। इस पत्र में बताया गया कि तीन पुलिसकर्मियों के खातों में मेडिकल बिल के मद में काफी ज्यादा रकम ट्रांसफर हुई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की लेखा शाखा ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि सूबेदार नीरज कुमार, सब-इंस्पेक्टर हरिहर सोनी और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हर्ष वानखेड़े ने फर्जी मेडिकल बिल बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है। अलग-अलग बीमारियों के नाम पर मेडिकल बिल लगाए तीनों आरोपियों ने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग बीमारियां बताकर मेडिकल बिल जमा किए थे। यह बिल असामान्य रूप से ज्यादा थे, जिससे शक पैदा हुआ। जांच में पता चला कि इन्होंने 'प्रो-लॉन्ग सर्टिफिकेट' का भी गलत इस्तेमाल किया। यह सर्टिफिकेट गंभीर बीमारियों के लिए सिविल सर्जन द्वारा जारी किया जाता है। लेकिन जांच दल ने जब सिविल सर्जन से पुष्टि की, तो पता चला कि उन्होंने इन तीनों को केवल दो ही सर्टिफिकेट जारी किए थे। इससे यह संदेह और गहरा हो गया कि बाकी सभी सर्टिफिकेट फर्जी हैं। एडीजी अनिल कुमार ने बताया कि संचालक ट्रेजरी से पत्र मिलने के बाद गोपनीय जांच शुरू की गई थी। जांच शुरू होने से पहले ही तीनों आरोपियों को लेखा शाखा से हटा दिया गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने पर 8 जनवरी को तीनों को निलंबित कर दिया गया। तीनों के खिलाफ जहांगीराबाद थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 318, 319, 336, 338 और 340 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में 14 साल तक की सजा का प्रावधान है। वानखेड़े ने किए 35 लाख गबन जांच में यह भी पता चला है कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग रकम का गबन किया है। हर्ष वानखेड़े के खाते में लगभग 35 लाख रुपए, हरिहर सोनी के खाते में लगभग 24 लाख रुपए और नीरज कुमार के खाते में लगभग 17 लाख रुपए का भुगतान हुआ है। यह कुल मिलाकर लगभग 76 लाख रुपए होता है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। एसीपी जहांगीराबाद सुरभि मीणा ने बताया कि लेखा शाखा की रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल हैं। इस मामले में सिविल सर्जन से भी पूछताछ की जा सकती है। recent visitors 36

पुलिस ने कर्नाटक के कॉफी बागान में बंधक बनाए गए 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया

 अशोकनगर कर्नाटक के कॉफी बागान में बंधक बनाकर रखे गए मध्यप्रदेश के 12 मजदूरों को पुलिस ने मुक्त करवा लिया है. सभी मजदूर मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से कॉफी बागान में काम करने गए थे. दरअसल, अशोकनगर एसपी विनीत जैन को 30 जनवरी को मिली शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस की एक टीम कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में गई थी. टीम के सदस्यों ने सबसे पहले कॉफी बागान में बंधक बनाए गए मजदूरों को ढूंढा. अशोकनगर थाने के प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि मजदूरों के स्थान का पता लगाने के बाद पुलिस ने चिकमंगलूर जिले के जयापुरा थाने से संपर्क किया और स्थानीय पुलिस की मदद से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया और मध्यप्रदेश वापस लाया गया. वहीं, ठेकेदार अफसर अली को बाद में पकड़ लिया गया और अशोकनगर लाया गया. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कॉफी बागान मैनेजमेंट से 90 हजार रुपये का एडवांस लेकर ठेकेदार अली अशोकनगर से मजदूरों को कर्नाटक ले गया था. लेकिन वह वहां से भाग निकला था. एसपी ने बताया कि ये लोग कुछ हद तक बंधुआ मजदूरों की तरह काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कुछ और लोग भी इसी तरह से वहां काम कर रहे हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है. मजदूरों को कर्नाटक लेकर गया ठेकेदार फरार जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्र टकनेरी से कई मजदूरों को ठेकेदार अफसर अली मजदूरी के लिए कर्नाटक लेकर गया। वह उनको कर्नाटक के घने जंगलों में कॉफी के फल को तोड़ने के काम के लिए लेकर गया था। ठेकेदार करीब 2 महीने पहले उनको लेकर गया था। उनको वहां छोड़कर ठेकेदार फरार हो गया। वहां काम करने गए मजदूरों ने अपने घर पर ऐसी बात बताई की परिजन हैरान परेशान हो गए। साथ ही पुलिस में शिकायत करने पहुंच गए। पुलिस के पास पहुंचे परिजन मजदूरों के परिजन में से एक मनकुंवर बाई ने पुलिस में शिकायत की गई। उसने बताया कि उनके परिवार और आसपास के रहने वाले कई मजदूर कर्नाटक में फंसे हुए हैं। उन्हें घर नहीं आने दिया जा रहा। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत सुन मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन एसपी विनीत कुमार जैन ने तुरंत एक्शन लेते हुए निर्देश दिए। जिस पर थाना कोतवाली प्रभारी मनीष शर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाकर जांच शुरू की गई। उनकी तरफ से कॉफी कंपनी के लोगों से मामले को लेकर चर्चा की गई। साथ ही वहां के मैनेजर को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद कंपनी ने मजदूरों को वहां से छोड़ा। वहां से छूटते ही बुधवार की सुबह मजदूर शहर लौटे और एसपी से मुलाकात की। मजदूरों के छूटने में महाराज सिंधिया ने की मदद बंधक से आजाद होकर आई मजदूर इंदर बाई ने बताया कि उन्होंने वहां फंसे होने की सूचना बीजेपी नेता उपेंद्र पाराशर को बताई थी। जिसके बाद उन्होंने मामले को क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संज्ञान में लाया। इसके बाद एसपी को शिकायत की गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां फंसे मजदूरों को यहां लाने की कार्रवाई शुरू की थी। बाउंड्री वॉल के अंदर बने थे मजदूरों के मकान कर्नाटक से लौटे मजदूर मोतीलाल ने बताया कि उन्हें वहां पर घने जंगल के बीच एक बाउंड्री वॉल के अंदर रखा जाता था। साथ ही मजदूरी के लिए पहाड़ी इलाके में ले जाया जाता था। बाहर जाने के लिए भी अनुमति लेना पड़ता था। राशन लेने के लिए भी एक ही व्यक्ति जंगल से कुछ ही दूरी पर स्थित बाजार से आता था। उसके लिए भी एक ही मजदूर को भेजा जाता था जो सभी मजदूरों का राशन लेकर आता था। छोड़ने आए व्यक्ति ने जो बताया कर देगा हैरान कर्नाटक से मजदूरों को लेकर आए राम सिंह ने बताया कि वह भी यहां से मजदूरों को 380 रुपए रोज में लेकर जाते हैं। हालांकि फंसे हुए मजदूरों का ठेकेदार अफसर अली वहां से एडवांस पैसा लेकर भाग आया। मजदूरों लेकर आए व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने मेरी पत्नी और बच्चे को भी वही रोका है और कंपनी के लोगों ने मुझे इन मजदूरों को यहां छोड़ने के लिए कहा है। अब इन्हें छोड़ कर वापस भी जाना है। वहीं मजदूरों ने अभी भी वहां अन्य 70 मजदूरो के फंसे होने की बात भी बताई। एसपी ने बताया कि जिले के टकनेरी ग्राम के कुछ मजदूर पिछले दो माह पहले कर्नाटक के चिकमगलूर जिले के अन्नापुरई में काम करने के लिए गए थे। जहां उन्हें पैसे के लेनदेन के कारण रोक लिया गया। इसके बाद उनके परिजनों ने शिकायत की तो लगभग एक दर्जन मजदूर घर लौट आए। जिनमें इंदर बाई आदिवासी, मोटीलाल आदिवासी, जानकी बाई, सिमरन आदिवासी, गीता आदिवासी, कृष्ण, मोतीलाल, कल्लू, रामसिंह सहित अन्य मजदूर शामिल हैं।   recent visitors 36

बाराबंकी में पुलिस पर बदमाश ने चला दी गोली, मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में लगी गोली, 5 गिरफ्तार

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी जिले में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं. इस दौरान पुलिस की गोली से तीन बदमाश घायल हो गए. वहीं, दो को दौड़ाकर पकड़ लिया गया. इस तरह कुल 5 बदमाश पकड़े गए हैं. घटना जिले के अलग-अलग थानों की है. फिलहाल, घायल बदमाशों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.    आपको बता दें कि पहली पुलिस मुठभेड़ में कैब ड्राइवर को बंधक बनाकर कार लूट की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. इन पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था. मामले में पीड़ित उमाशंकर यादव ने बताया कि वो थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में रैपिडो टैक्सी में अपनी स्विफ्ट डिजायर कार चलाते हैं.  5 फरवरी की दोपहर को अहिमामऊ चौराहा के पास खड़ा था, तभी एक राइड मिली जिसमें दो व्यक्तियों द्वारा गाड़ी में बैठकर रेलवे स्टेशन बाराबंकी चलने की बात कही गई. लेकिन रास्ते में उन्होंने कार व अन्य समान लूट लिया. जिसके बाद उमाशंकर ने फौरन पुलिस को इनफॉर्म किया तो पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी. बुधवार रात थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के सूत मिल रोड के पास 3 बदमाश मोटरसाइकिल से आते हुए दिखाई दिए. पुलिस टीम द्वारा बदमाशों को रोकने का प्रयास किया गया तो पुलिस टीम को देखकर गिरफ्तारी से बचने हेतु बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई. पुलिस ने भी जवाबी कार्यवाही करते हुए फायरिंग की जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. घायल/गिरफ्तार अभियुक्त का नाम विजय कुमार रावत को गिरफ्तार कर लिया गया है. वह लखनऊ का रहने वाला है. वहीं, दूसरी घटना थाना बड्डूपुर क्षेत्रान्तर्गत बुजुर्ग दंपति से हुई लूट की घटना से संबंधित है. इस मामले में फरार अभियुक्त को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा थाना सतरिख, जैदपुर, सफदरगंज, फतेहपुर क्षेत्रान्तर्गत अनाज के गोदामों से चोरी की घटना करने वाले 3 अभियुक्तों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है. इस बाबत पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस और बदमाशों से मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है. उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है. वहीं, 2 गिरफ्तार हुए हैं. तीनों घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.   recent visitors 35

विवाह के 30 साल बाद पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना का केस, चार दिन के सदमे के बाद उठाया ये कदम

भोपाल  शादी के 30 साल बाद एक पत्नी अपने पति के खिलाफ थाने पहुंची तो दुखी पति ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। अवधपुरी में रहने वाली पत्नी ने 26 जनवरी को महिला थाने में पति के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवाया था। चार दिन तक सदमे में रहने के बाद पति ने शुक्रवार को जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने के बाद उसका बेटा अस्पताल लेकर पहुंचा। कुछ देर इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। अवधपुरी पुलिस ने मर्ग कायम कर खुदकुशी के कारणों की जांच शुरू की है। दंपती की बेटी की शादी हो चुकी है अवधपुरी थाना प्रभारी के अनुसार 52 वर्षीय राजीव गिरी मूलत: रायसेन जिले के बरेली के रहने वाले थे। वर्तमान में वह सौम्य स्टेट कॉलोनी में रहते थे। वह पूर्व में राजीव सिविल ठेकेदार थे, फिलहाल खेती करते थे। करीब 30 साल पहले राजीव की जानकी गिरी से शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अविवाहित है और प्राइवेट नौकरी करता है। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसके बाद जानकी ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से की थी, जिस पर प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया था। पत्नी ने पुलिस से कहा केस खत्म करने का दबाव बना रहा है पति शुक्रवार को राजीव गिरी के जहर खाने के बाद उनका बेटा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा। जबकि उनकी पत्नी जानकी पति की खैर मनाने की बजाए थाने पहुंच गई। पति वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा था, जबकि पत्नी पुलिस से कह रही थी कि उसका पति केस वापस लेने का दबाव बना रहा है, उस पर कार्रवाई की जाए। हालांकि पुलिस ने वह कार्रवाई नहीं की और फिर कुछ देर बाद राजीव गिरी ने दम तोड़ दिया। recent visitors 41

मध्यप्रदेश में 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी मिली, 8 साल बाद एसआई की भर्ती होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार खत्म हुआ। सरकार ने 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 7500 सिपाही (Constable), 500 सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) और 500 ऑफिस स्टाफ (Office Staff) शामिल हैं। मध्यप्रदेश में 8 साल बाद एसआई पदों पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने गृह विभाग (Home Department) को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। सिपाही के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू प्रदेश में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं। इनमें से 7500 पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑफिस स्टाफ के 500 पद पिछले 8 वर्षों से रिक्त थे। इनमें स्टेनो (Steno) और एएसआई (ASI) पद शामिल हैं। 30 जनवरी को शासन ने इन पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। राज्य शासन ने 30 जनवरी को ऑफिस स्टाफ की भर्ती की अनुमति भी जारी कर दी। 7500 सिपाहियों की भर्ती को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पद संभालने के बाद समीक्षा में पाया कि मप्र पुलिस के पास वर्तमान बल सिर्फ एक लाख है, जबकि 25 हजार पद रिक्त हैं। हर साल 500-700 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे यह संख्या बढ़ती जा रही है। गृह विभाग ने एसआई पदों की भर्ती लिए नियमों में संशोधन किया है। इनमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 वर्ष की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। 7500 पद पर सिपाही भर्ती होंगे: मप्र के सभी जिलों में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं, जिनमें से 7,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में एक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लिखित परीक्षा के परिणाम लंबित हैं। एसआई-सूबेदार के 500 पद: मप्र में आठ साल पहले एसआई-सूबेदार पदों पर भर्ती हुई थी। वर्तमान में 1200 से ज्यादा पद रिक्त हैं। भर्ती नियमों में संशोधन लंबित था, लेकिन अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऑफिस स्टाफ के 500 पद: स्टेनो और एएसआई (एम) पदों पर पिछले आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस मुख्यालय ने 1 जनवरी को प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद 30 जनवरी को शासन ने मंजूरी दी। अब 100 स्टेनो और 400 एएसआई (एम) पदों पर भर्ती होगी। रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती मप्र पुलिस में रिक्त पदों की संख्या काफी ज्यादा है। शासन इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दे रहा है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कैलाश मकवाणा, डीजीपी recent visitors 39

पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर सलमान लाला 25.83 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार

उज्जैन मोस्ट वांटेड मादक पदार्थ का तस्कर सलमान पिता शैरूलाला को पुलिस ने चंबल नदी के पुलिया ग्राम बनावाड़ा से गिरफ्तार किया। वह उज्जैन पुलिस का मोस्ट वांटेड आरोपी था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 15 से अधिक अपराध पंजीबद्ध हैं। सलमान फर्जी पासपोर्ट के माध्यम से पत्नी बच्चों को लेकर दुबई फरार हो गया था। वीजा की अवधि खत्म होने पर वह नेपाल के रास्ते इंडिया और फिर नागदा पहुंचा था। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया सलमान पिता शैरूलाल निवासी राजीव नगर नागदा कुख्यात अपराधी है। वह 25.83 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स के साथ पकड़ाया है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 25 लाख रुपए है। सलमान 2 साल से फरार था। फरारी के दौरान वह दुबई में रहा। पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि सलमान एमडीएमए ड्रग्स लेकर खाचरौद, चांपाखेड़ा, होते हुए ताल-आलोट की ओर क्रय विक्रय के लिए जाने की फिराक में खड़ा है। सूचना पर तत्काल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम को रवाना किया। पुलिस ने उसे ग्राम बनवाड़ा में सफेद रंग की स्कोडा कार के साथ देखा तो वह पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। सलमान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। सलमान के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न थानों में फिरौती मांगने, प्राणघातक हमले, अवैध हथियार रखने जैसे दर्जनों अपराध पंजीबद्ध हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक जोन उज्जैन द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर थाना नागदा के अपराध पर 20 हजार इनाम व राजस्थान पुलिस द्वारा 40 हजार रुपए इनाम की घोषणा की गई थी। सलमान की गिरफ्तारी पर कुल 60 हजार रुपए इनाम था। फर्जी पासपोर्ट पर दुबई की यात्रा आरोपी ने स्वयं को थांदला के वार्ड क्रमांक 13 का निवासी बताकर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करते हुए थांदला जिला झाबुआ से अपना अपनी पत्नी का व बच्चों का फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी बनवाया। इन फर्जी पासपोर्ट का उपचयोग कर उसने कई बार दुबई की यात्रा की और वहां शिफ्ट होने की योहना बना रहा था। पुलिस उसके दस्तावेजों की जांच कर रही है। उज्जैन व राजस्थान पुलिस सलमान की लंबे समय से तलाश कर रही थी। पुलिस को संदेह है कि वह अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में था। आरोपी नेपाल के मार्ग से फरार होकर किसी अन्य देश में शरण लेने की फिराक में था। recent visitors 33

नववर्ष मनाने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने जारी की एडवाइजरी

नववर्ष मनाने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने जारी की एडवाइजरी शरारती तत्वों एवं हुड़दंग बाजियों पर पुलिस की रहेगी नजर अनूपपुर  जिले भर में नववर्ष 2025 हर्ष्षोल्लास के साथ शांति पूर्ण तरीके से मनाए जाने के लिए पुलिस अधीक्षक मोतीउर्र रहमान एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मन्सूरी ने आमजनों के लिए निर्देश जारी किए है।  जश्न मनाने के लिए आमजनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसके लिए एसपी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मन्सूरी द्वारा जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चौकस बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। पुलिस अधीक्षक मोतीउर्र रहमान ने कई बिन्दुओं पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस दौरान नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए है, जिनमें सभी आयोजकों के निर्धारित समय तक आयोजित कार्यक्रम स्वयं बंद करने, सभी आयोजक डीजे एवं लाउडस्पीकर का उपयोग सुप्रीम कोट एवं शासन द्वारा जारी गाइडलाईन के अनुसार सुनिश्चित करने, नववर्ष की पूर्व संध्या पर पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर चेकिंग एवं पेट्रोलिंग कर नशे में वाहन चलाने वाले, तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले चालको के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही किए जाने, शरारती तत्वों द्वारा शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गो पर की जाने वाली हुड़दंग बाजी और गतिविधियों को नियंत्रित करे के उद्देश्य से भीड़भाड़ इलाके में चौकस बढ़ाए जाने, नववर्ष के उपलक्ष्य पर जिला अंतर्गत संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढ़ाबों पर निगरानी रखने के साथ असामाजिक तत्वों की प्रत्येक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने, किसी भी आयोजन के संबंध में पूर्व से संबंधित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त कर निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही नववर्ष के उपलक्ष्य में अफवाहों पर ध्यान न देने और यदि कोई अफवाह फैलती है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देने संबंधी निर्देश जारी किए है। उन्होने बताया है कि पुलिस सोशल मीडिया पर पैन नजर बनी हुई है। नववर्ष की आड़ में असामजिक गतिविधियों को अंजाम देने वालो के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। एसपी मोतीउर्र रहमान ने अपील की है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आयोजनकर्ता कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का सहयोग करे अगर किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 56