महू में देर रात को उपद्रव के बादआज शांति कायम, बाजार में अधिकतर दुकानें बंद

 महू दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारत की जीत के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में बड़ा बवाल हो गया। महू में निकाले जा रहे विजयी जुलूस पर रविवार देर रात पथराव और आगजनी की गई। स्थिति को संभालने के बाद पुलिस ने जीत के जश्न में नफरत घोलने वालों पर ऐक्शन तेज कर दिया है। पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। महू में देर रात को उपद्रव के बाद सोमवार को शांति कायम है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीमें लगातार स्थित पर नजर बनाए हुए है। हिंदू संगठनों के लोग बाजार भी बंद कराने निकले। हालांकि, सोमवार को महू में बाजार में अधिकतर दुकानें बंद रहती हैं। लेकिन कुछ दुकानें जो खुली थीं उन्हें हिंदूवादी कार्यकर्ता बंद कराते दिखे। घटना वाले इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान में जुटी है। डीएम आशीष सिंह ने अब तक की स्थिति पर मीडिया से बाचती की और स्थिति को नियंत्रण में बताया। डीएम ने कहा, 'कल की जो घटना हुई थी जैसी ही इसकी सूचना मिली पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला। पहले चरण में हमारा प्रयास था कि शांति पूरी तरह से स्थापित हो उसमें हम लोग सफल रहे। हम लोगों ने तुरंत पुलिस को मूव कराके यह सुनिश्चत किया कि जो घटनाएं हो रही थीं, आगजनी पथराव की, उनको तत्काल रोक लिया जाए। इसके बाद जांच शुरू की कि कौन लोग इसमें शामिल थे, किस तरह से घटना की शुरुआत हुई। एफआईआर के आधार पर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ लोगों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। कुछ और एफआईआर दर्ज किया जा सकता है। अभी पूरी तरह से शांति स्थापित है। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हो। एक भी जिम्मेदार व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। जहां तक बंद आदि की बात है, इसकी आवश्यकता नहीं है। शांति स्थापित हो चुका है।' चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद देशभर की तरह महू में भी लोग सड़कों पर निकलकर जश्न मनाने लगे। लोग नारेबाजी करते हुए जश्न मना रहे थे। महू की जामा मस्जिद के पास जश्न के बीच अचानक एक पक्ष ने पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में टकराव हो गया। पथराव के बीच कुछ वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं। उपद्रवियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। देर रात स्थिति को काबू कर लिया गया। घटना में घायल हुए कुछ लोगों को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। recent visitors 52

मुरैना में हरेंद्र मौर्यकी मौत के मामले में आया नया मोड़, मारपीट के एक वीडियो वायरल

मुरैना मुरैना में रहने वाले हरेंद्र मौर्य ने बीते शनिवार की रात अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. रविवार सुबह परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. लेकिन घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. दरअसल, वायरल वीडियो में शहर की गांधी कॉलोनी में रहने वाले हरेंद्र मौर्य को उनकी पत्नी और बेटियां बेरहमी से डंडे से पीटती दिख रही हैं. हरेंद्र मौर्य पलंग पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जहां उनकी पत्नी रचना मौर्य उनके पैर पकड़े हुए हैं. उनकी एक बेटी हाथ पकड़े हुए है, जबकि दूसरी बेटी डंडे से बेरहमी से पिटाई कर रही है. पास बैठे हरेंद्र के छोटे बेटे ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बड़ी बहन ने उसे भी डंडे का डर दिखाकर चुप करा दिया. इस चौंकाने वाले वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का रुख बदल दिया है. मृतक का पोस्टमॉर्टम अब ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के बोर्ड से कराया जाएगा. CSP मुरैना दीपाली चंदोलिया ने बताया, "गांधी कॉलोनी निवासी हरेंद्र मौर्य की आत्महत्या की सूचना मिली थी. मौके पर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. लेकिन वायरल वीडियो ने मामले को उलट दिया. इसमें मृतक के परिजन (पत्नी, दो बेटियां और मां) उसकी मारपीट करते दिख रहे हैं. वीडियो के आधार पर सभी से पूछताछ की जा रही है और शव का पोस्टमॉर्टम ग्वालियर मेडिकल बोर्ड से कराया जा रहा है." पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या मारपीट के कारण ही हरेंद्र ने यह कदम उठाया? इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और सोशल मीडिया पर वीडियो की चर्चा हो रही है. recent visitors 43

गाड़ी चलाते समय बजाया हूटर तो चलेगा डंडा! पुलिस मुख्यालय ने विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर लाल, पीली, नीली फ्लैश लाइट, हूटर और VIP स्टीकर लगाकर रौब झाड़ने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस अब सख्त कार्रवाई करने जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलों के SP को निर्देश जारी किए हैं. 1 मार्च से 15 मार्च तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कदम अनधिकृत वाहनों की बढ़ती संख्या और अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है. पुलिस मुख्यालय का निर्देश पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में कहा, "प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर और गलत नंबर प्लेट के मामले बढ़ रहे हैं. कार्यवाही न होने से ऐसे चालकों को प्रोत्साहन मिल रहा है." पत्र में एक हालिया घटना का जिक्र है, जहां एक जिले में VIP भ्रमण के दौरान ऐसा वाहन पकड़ा गया और उसके खिलाफ BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया. सभी जिलों से इसी तरह की कार्रवाई की अपेक्षा की गई है. रिपोर्ट 18 मार्च तक ईमेल  cell02_ptri@mppolice.gov.in या aig_ptri@mppolice.gov.in  पर मांगी गई है. अभियान का दायरा1 से 15 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में चार मुख्य बिंदुओं पर फोकस होगा:   – हूटर का दुरुपयोग   – फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती) का अनधिकृत इस्तेमाल   – VIP स्टीकर का गलत प्रयोग   – गलत नंबर प्लेट वाले वाहन दिग्विजय की मांग से शुरुआत इस अभियान की पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हालिया पत्र भी है. कुछ समय पहले उन्होंने DGP को पत्र लिखकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना था कि यह चलन न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों में भय और भ्रम भी पैदा करता है. अब पुलिस मुख्यालय के निर्देश से यह मांग कार्रवाई में बदल रही है. सड़क पर बढ़ेगा शिकंजा यह अभियान निजी वाहनों के जरिए रौब दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पुलिस का कहना है कि यह कदम अवैध गतिविधियों को हतोत्साहित करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा हूटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय ने जताई नाराजगी पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया कि कुछ दिन पहले VIP विजिट के दौरान एक ऐसा अनाधिकृत वाहन भी पकड़ा गया था, लेकिन उसके बाद भी मध्य प्रदेश के सड़कों पर अनवरत रूप से हूटर समेत प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग निजी वाहन चालकों द्वारा धडल्ले से किया जा रहा है. मध्य प्रदेश में निजी वाहनों पर अनाधिकृत सामग्री के उपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं गौरतलब है. प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ निजी वाहनों पर हूटर, वाहन पर फ्लैश लाइट (लाल, पीली, नीली बत्ती), VIP स्टीकर व गलत नम्बर प्लेट के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उन्हें प्रोत्साहन मिल रहा है. जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसे अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है recent visitors 55

उप्र पुलिस जवानों ने पेश की कर्तव्यनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल, बिछड़ों को अपनों से मिलाया; खोने वालों को कीमती सामान लौटाए

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जहां एक ओर आस्था का महासमुद्र उमड़ा, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग के जवानों ने सेवा, सुरक्षा और ईमानदारी की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 15 देशों और 20 से अधिक राज्यों के श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया। जवानों ने न केवल लाखों रुपए की नकदी, आईफोन, गहने और अन्य कीमती सामान खोने वालों को वापस लौटाया, बल्कि बीमारों को तत्काल चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई। इसके अलावा, पुलिस ने बुजुर्गों और दिव्यांगों को संगम स्नान में मदद की। इस सेवा भाव की चर्चा रूस, अमेरिका और जर्मनी समेत तमाम देशों तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे मेले में खोया-पाया केंद्र बनाए और विशेष खोज अभियान चलाया। इस अभियान के प्रभारी आईजी पीएसी पूर्वी जोन डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने कहा “हमारे जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की। इस अभियान से यूपी पुलिस की ईमानदारी और सेवाभाव की गूंज सात समंदर पार तक पहुंच गई है।” केस 1: 17 फरवरी को जयपुर के पुष्पेंद्र सिंह शेखावत अपने परिवार के साथ महाकुंभ में आए थे। उनका पर्स, जिसमें 69,000 रुपए नकद, दो आईफोन, सोने की चेन, दो अंगूठियां और एटीएम कार्ड थे, खो गया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी प्रयागराज के अरविंद कुमार सिंह ने अरैल घाट पर यह पर्स खोजा और श्रद्धालु से संपर्क कर वापस सौंप दिया। केस 2: छत्तीसगढ़ की राजकुमारी यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के आरक्षी प्रशांत कुमार और रवींद्र सिंह ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें समय पर इलाज मिला। केस 3:29 जनवरी को रूस की रीता अपने साथियों के साथ संगम स्नान के लिए जा रही थी। रात में वह अपने समूह से बिछड़कर पाल बस्ती मवैया पहुंच गई।33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी अमरदीप ने उन्हें खोजकर उनके साथियों से मिलाया। केस 4: 15 जनवरी को जर्मनी से आए श्रद्धालु नवाबगंज जाना चाहते थे, लेकिन रास्ता भटक गए।28वीं वाहिनी पीएसी इटावा के आरक्षी राजू सिंह ने उन्हें सुरक्षित नवाबगंज तक पहुंचाया। केस 5: बंगलुरु की शोभा संगम स्नान के दौरान घायल हो गईं। 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के आरक्षी सुरजीत यादव ने उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और प्राथमिक चिकित्सा दिलवाई। केस 6: 24 जनवरी को संगम मार्ग पर विवेक भारती को कार चलाते समय मिर्गी का दौरा पड़ा। 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद के आरक्षी गुरदीप और कपिल कुमार ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, परिवार को सूचित किया और ठीक होने पर घर भेजा। recent visitors 44

पत्थरबाजों को ट्रैक करने रतलाम पुलिस का हाईटेक प्लान, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ड्रोन से निगरानी

रतलाम  एमपी के रतलाम-झाबुआ क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए अब रतलाम पुलिस नाइट विजन ड्रोन का सहारा ले रही है. 8 लेन पर पत्थरबाजी कर भाग जाने वाले बदमाशों को अब नाइट विजन ड्रोन की मदद से ट्रैक किया जा सकेगा और धरपकड़ भी की जाएगी. इससे पूर्व पुलिस ने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर और रेंडम पेट्रोलिंग कर स्थानीय ग्रामीणों से पत्थरबाजी रुकवाने में मदद करने की अपील भी की थी. जिसका कुछ असर भी देखने को मिला था. लेकिन बीते दिनों फिर से पत्थर बाजी की घटनाएं हुई हैं. एसपी ने ड्रोन उड़ाकर की टेस्टिंग वहीं, अब पुलिस पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों को टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. रतलाम एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ पत्थरबाजी वाले क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर इसका परीक्षण भी किया है. वहीं, हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ 90 किलोमीटर के इस हिस्से में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी. बीते कुछ महीनों में पत्थर बाजी की करीब दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग भी इस क्षेत्र में बढ़ाई गई है. एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भेजा दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब से आवागमन शुरू हुआ है, तब से ही झाबुआ के थांदला, रतलाम के शिवगढ़, रावटी और औद्योगिक थाना क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं की कई शिकायत दर्ज हुई हैं. कई मामलों में तो राहगीर शिकायत किए बिना ही आगे रवाना हो जाते हैं. जिसकी वजह से पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बदनाम होने लगा है. रतलाम पुलिस प्रशासन ने करीब 90 किलोमीटर के इस हिस्से पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है. ड्रोन से ट्रैक होंगे पत्थरबाज वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही नाइट विजन कैमरों से निगरानी भी करेगी. एनएचएआई के साथ मिलकर पुलिस ड्रोन उड़ाकर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को ट्रैक करेगी. पूर्व में अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वाले बदमाश भाग जाया करते थे, जिन्हें ढूंढना और पकड़ना मुश्किल होता था. लेकिन अब हाई क्वालिटी के नाइट विजन ड्रोन के फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले और 8 लेन पर चोरी, तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर पकड़ा जा सकेगा. सामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि, ''एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ऐसा करने वाले और सामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा.'' बहरहाल रतलाम पुलिस अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. जिससे यहां से रात में गुजरने वाले यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे. recent visitors 58

बंधुआ मजदूर: बुरहानपुर के 17 मजदूरों को महाराष्ट्र में बनाया बंधक, पुलिस ने मुक्त कराया

 बुरहानपुर रहानपुर के बंभाड़ा गांव से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए 17 लोगों को बंधक बना लिया गया था। एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर शाहपुर थाना पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन सभी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने उस्मानाबाद के कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन की मदद से सभी को मुक्त कराया। बचाव अभियान में एएसआई महेंद्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक शहाबुद्दीन के अलावा जन साहब संस्था के लीगल को-ऑर्डिनेटर सीएस परमार, राज्य समन्वयक यास्मीन खान और एफओ देव भोरे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीआई ने बताया कि हर साल बुरहानपुर जिले से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्य राज्यों में जाते हैं, जहां कई बार उन्हें बंधक बना लिया जाता है। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर मजदूरों की मदद करता है। इस मामले में भी सभी मुक्त कराए गए लोगों को सुरक्षित उनके गांव बंभाड़ा पहुंचा दिया गया है। recent visitors 40

दलित दूल्हे की घुड़चढी को रस्म पूरा करने एसपी ने पुलिसकर्मियों की फौज उतारी

अहमदाबाद  गुजरात के बनासकांठा जिले में दलित वकील मुकेश परेचा ने घोड़ी पर बैठकर अपनी शादी की बारात निकाली। इलाके में किसी दलित परिवार में घुड़चढ़ी का यह पहला मौका था। इस बारात की सुरक्षा के लिए 145 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बाद में वडगाम के विधायक जिग्नेश मेवाणी के साथ पुलिस अफसरों ने दूल्हे की गाड़ी ड्राइव की। हालांकि घोड़ी के उतरकर कार पर चढ़ने के दौरान किसी ने उनकी कार पर पत्थर फेंका। दूल्हे परेचा ने कहा कि वह एक-दो दिन में इसकी शिकायत देंगे। शादी में घुड़चढ़ी के लिए मांगी थी सुरक्षा बनासकांठा ज़िले के पालनपुर तहसील के गडलवाड़ा गांव में गुरुवार को एक अनोखी शादी देखने को मिली। यह शादी आम शादियों से बिल्कुल अलग थी। दूल्हे मुकेश परेचा अपनी शादी में घुड़चढ़ी की रस्म करना चाहते थे। इलाके के दबंगों ने दलितों की घुड़चढ़ी पर रोक लगा रखी थी। परेचा ने इस रस्म के लिए स्थानीय विधायक जिग्नेश मेवाणी और पुलिस से सुरक्षा मांगी। उन्होंने 22 जनवरी को बनासकांठा ज़िले के पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन दिया। आवेदन में परेचा ने बताया कि उनके गांव में दलित कभी घुड़चढ़ी या वरघोड़ा नहीं निकालते हैं। मैं पहला व्यक्ति हूं जो वरघोड़ा निकालूंगा, जिसमें किसी अनहोनी की पूरी संभावना है। आपसे निवेदन है कि हमें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। इंस्पेक्टर ने खुद चलाई दूल्हे की कार पुलिस ने उनकी बरात की सुरक्षा के लिए 145 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई। खुद जिग्नेश मेवाणी भी पुलिस अफसरों के साथ बारात में शामिल हुए। बनासकांठा ज़िला अदालत में वकालत करने वाले परेचा ने कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच उनकी बारात निकली। जब वह घोड़े पर सवार थे, तब कुछ नहीं हुआ। लेकिन जब वह घोड़े से उतरे और अपनी कार में बैठे तो किसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक दिया। फिर पुलिस इंस्पेक्टर के. एम. वसावा ने खुद स्टेयरिंग थाम लिया। उनके साथ कार में वडगाम के विधायक जिग्नेश मेवाणी भी मौजूद थे। recent visitors 34