Friday, July 10, 2026 1:04 am

दिल्ली HC से पूजा खेडकर को राहत, अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक

नई दिल्ली पूजा खेडकर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने पूजा खेडकर की गिरफ्तारी पर 21 अगस्त तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 21 अगस्त पूजा खेडकर को गिरफ्तार ना करे। बता दें, दिल्ली पुलिस ने पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी से सिविल सेवा परीक्षा पास करने के आरोप में केस दर्ज किया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, इस कोर्ट की राय है कि मामले की अगली तारीख की सुनवाई तक यानी 21 अगस्त तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं है। इसी के साथ कोर्ट ने यूपीएससी और दिल्ली पुलिस को भी मामले में नोटिस जारी किया है।   हाई कोर्ट ने इस दौरान ट्रायल कोर्ट के उस आदेश की भी आलोचना की जिसमें उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने कहा, हाई कोर्ट ने कहा कि पूजा खेडकर को राहत देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ ओरोपों में इस कदर उलझ गई कि उनकी जमानत याचिका पर ठीक से विचार नहीं किया। हाई कोर्ट ने कहा, ट्रायल कोर्ट का फैसला अपराध पर आधारित है और यह मानता है कि अपराध किया गया है, लेकिन इस बात पर शायद ही कोई चर्चा हुई कि मांगी गई जमानत क्यों नहीं दी जा सकती। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि बड़े मामलों में, अदालतें कई बार आरोपों में उलझ जाती हैं  और मांगी जा रही राहत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हाई कोर्ट ने कहा, इन बड़े मामलों में होता यह है कि हम बहस में इतना उलझ जाते हैं कि हम मांगी गई राहत को भूल जाते हैं। हम उस उद्देश्य को भूल जाते हैं जिसके लिए जमानत दायर की गई थी। यूपीएससी और दिल्ली पुलिस को नोटिस क्यो? यूपीएससी और दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि यह मामला एक सुनियोजित साजिश से जुड़ा है और जांच अभी भी जारी है। यूपीएससी के वरिष्ठ वकील नरेश कौशिक ने कहा, "यह एक ऐसा मामला है जहां मानसिक क्षमताओं का क्लासिक तरीके से दुरुपयोग किया गया। यह सुनियोजित अपराध है। ऐसे में पीठ ने पुलिस और यूपीएससी से कहा है कि वे अपने जवाब में कथित साजिश के बारे में बताएं और खेडकर की हिरासत की जरूरत क्यों है, इसका भी जवाब दें।   recent visitors 101

पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया

नई दिल्ली आईएएस की नौकरी गंवा चुकी पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके फर्जीवाड़ों की पूरी फेहरिस्त सामने आ गई थी। सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी आलोचना होती रहती है। उनके फर्जी दस्तावेजों के बारे में जब लोगों को पता चला, तब तो लोग और भी ज्यादा भड़क गए। अब सोशल मीडिया पर उनके द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने किस-किस साल में यूपीएससी एग्जाम अटेम्प्ट किए थे, और उसमें क्या घपलेबाजी की थी। यूजर प्रशांत सिंह ने हाल ही में एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें पूजा खेडकर के काले कारनामों की लिस्ट है। कभी वो दृष्टिबाधित बनीं, तो कभी उन्होंने मानसिक रोगी का सर्टिफिकेट लगाया। फिर माता-पिता के नामों में भी फेरबदल किया। अपने नाम में भी कई तरह के बदलाव किए। ये फोटो शेयर करते हुए प्रशांत ने लिखा- ‘एक ओलंपिक्स गोल्ड तो पूजा खेडकर को भी मिलना चाहिए। क्या गजब और कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस है!’ दरअसल, पूजा ने जितनी बार भी यूपीएससी की परीक्षा दी, उसमें उन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाए, जिससे उन्हें कुछ रियायत मिल जाए। इस लिस्ट को देखकर आपको समझ आएगा कि यूपीएसी ने उन्हें क्यों घेरे में लिया। इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने कमेंट किया है। एक ने सवाल किया कि आखिर अब जाकर यूपीएससी को कैसे पता चला कि उसने घपलेबाजी की है? वहीं एक ने कहा- ‘इसे ITUS अवॉर्ड देना चाहिए!’ अगर आप इस कमेंट का अर्थ नहीं समझ पाए, तो बता दें कि अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी की फिल्म फिर हेरा फेरी में अक्षय कुमार एक सीन में बोलते हैं कि उनके पास एक डिग्री है, जिसका नाम है आईटस। जब बिपाशा बासु उस डिग्री का फुल फॉर्म पूछती हैं, तो सुनील शेट्टी तपाक से बोलते हैं- ‘इसकी टोपी उसके सर दरअसल, सुनील, अक्षय के घपलेबाजी करने के स्वभाव पर व्यंग्य करने के लिए ऐसा बोलते हैं। इसी से जोड़ते हुए ट्विटर पर भी यूजर ने पूजा खेडकर को ये अवॉर्ड देने की बात कही।     recent visitors 111

UPSC को एक बड़ा आदेश- कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार, पूजा खेडकर अब होगी गिरफ्तार!

नई दिल्ली पूर्व प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर को दिल्ली की अदालत से एक और झटका लगा है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी कर यूपीएससी की परीक्षा पास करने का आरोप है। खेडकर को अग्रिम जमानत से इनकार के बाद कोर्ट ने यूपीएससी और दिल्ली पुलिस को जांच करने का आदेश दिया है। पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगाला ने आदेश देते हुए कहा कि जांच की जाए कहीं अन्य लोगों ने भी बिना पात्र हुए ओबीसी और दिव्यांग कोटे का लाभ तो नहीं उठाया है। बता दें कि पूजा खेडकर पर यूपीएससी परीक्षा में फर्जी तरह से सर्टिफिकेट बनवाने और इस आधार पर परीक्षा में ज्यादा अवसर पाने का आरोप लगा है। इस मामले में पूजा खेडकर ने गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस को जांच का आदेश दिया है। कोर्ट को शक है कि कहीं यूपीएससी के अंदर से किसी ने पूजा की मदद तो नहीं की है। कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच करेगी। बीते बुधवार को पूजा खेडकर मामले पर यूपीएससी ने बड़ा ऐक्शन लिया था। आयोग ने पूजा की आईएएस उम्मीदवारी पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही आयोग ने पूजा को यूपीएससी द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए हुए यूपीएससी ने कि आयोग ने उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरी जांच की है। इस जांच में पूजा को आयोग के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है।   recent visitors 109