Saturday, July 11, 2026 3:51 am

Malegaon Blast Case: NIA ने की प्रज्ञा ठाकुर को फांसी देने की मांग, 8 मई को आएगा फैसला

Malegaon Blast Case: NIA demands death penalty for Pragya Thakur, decision will come on May 8 Malegaon Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट से साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट के आरोपों से घिरी भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सात आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग की है। दरअसल, NIA ने मुंबई के स्पेशल कोर्ट से साल 2008 के मालेगां बम ब्लास्ट मामले में सभी सात आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि UAPA की धारा 16 के तहत मौत की सजा देने का अनुरोध किया है। एनआईए की ओर से आखिरी दलील की गई है।जिसमें उल्लेख किया गया है कि साल 2008 में हुए बम ब्लास्ट में छह मुस्लिम मारे गए और 100 से अधिक लोग घायल हुए। एनआईए के द्वारा दायर की गई दलील में डेढ़ हजार से ज्यादा पन्ने हैं। कोर्ट ने अपने फैसला सुरक्षित रखा लिया है। 8 मई को मालेगांव ब्लास्ट पर फैसला आएगा।पहले NIA के द्वारा साध्वी प्रज्ञा को बरी करने की कोशिश की थी, लेकिन तब एजेंसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं था। अब एनआईए ने अपना रूख बदल लिया है। एजेंसी के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि साध्वी प्रज्ञा के साथ किसी भी प्रकार की नरमी न बरती जाए।इस केस में साध्वी प्रज्ञा, कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, स्वामी दयानंद पांडे, अजय राहिरकर, समीर कुलकर्णी और सुधाकर चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने हिंदुत्व विचारधारा से जुड़ी एक बड़ी साजिश के तहत बम ब्लास्ट की योजना बनाकर अंजाम दिया था।जमीयत उलेमा ने भी की फांसी की मांग जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के लीगल सेल के वकील शाहिद नदीम ने बताया कि एजेंसी के द्वारा UAPA कानून की धारा 16 का हवाला दिया है। इसके मुताबिक, किसी आतंकी हमले में किसी की मौत होती हैं, तो दोषियों को फांसी तक की सजा दी जा सकती है।बता दें कि, सितंबर 2008 में मालेगांव ब्लास्ट ऐसा हमला था। जिसमें हिंदूत्व संगठनों को संदिग्ध के तौर पर चिन्हित किया गया था। मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव की एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल में बम ब्लास्ट हुआ था। जिसमें 6 की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। recent visitors 71

साध्वी Pragya Thakur की बढ़ी मुश्किलें, जारी हो गया वारंट, कहा कि जिंदा रहूंगी तो कोर्ट जरूर आऊंगी

भोपाल  मालेगांव ब्लास्ट मामले में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को वारंट मिला है। एनआईए कोर्ट ने उन्हें 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। पूर्व में भी साध्वी प्रज्ञा कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुई हैं। कोर्ट से वारंट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर साध्वी प्रज्ञा ने अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इसमें दिख रही है कि साध्वी प्रज्ञा बीमार हैं। कोर्ट में रहना जरूरी कोर्ट ने कहा है कि उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। इसके साथ ही एनआईए कोर्ट ने कहा कि इस केस में आखिरी बहस चल रही है। ऐसे में प्रज्ञा ठाकुर का कोर्ट में मौजूद रहना ज़रूरी है। हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि अगर वो जिंदा रहीं तो कोर्ट जरूर जाएंगी। वारंट जारी किया मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आखिरी बहस कर रही है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का मौजूद रहना बेहद जरूरी है। लेकिन प्रज्ञा ठाकुर कोर्ट नहीं पहुंच रही थीं, जिसके चलते स्पेशल जज एके लाहौती ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर को 13 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। अपनी हाल बताया इस बीच साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी खराब तबीयत का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस_का_टॉर्चर सिर्फ ATS कस्टडी तक ही नहीं, मेरे जीवन भर के लिए मृत्यु दाई कष्ट का कारण हो गया। ब्रेन में सूजन, आंखों से कम दिखना, कानों से कम सुनना, बोलने में असंतुलन, स्टेरॉयड और न्यूरो की दवाओं से पूरे शरीर में सूजन. एक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है, जिंदा रही तो कोर्ट अवश्य जाऊंगी। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें साफ सूजन दिख रहा है। साध्वी प्रज्ञा भोपाल से सांसद रही हैं। अपने बयानों से वह कई बार पार्टी को मुश्किल में डालती रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी वह दूर रहती हैं। मालेगांव विस्फोट में साध्वी को बनाया गया था आरोपी 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर के नासिक शहर में एक मोटरसाइकिल पर रखे विस्फोटक उपकरण के फटने से 6 लोग मारे गए और 100 से अधिक अन्य घायल हो गए थे। मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल था। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बार-बार दावा करती रही हैं कि कस्टडी के दौरान उन पर काफी अत्याचार हुआ। तभी से वो फिजिकली ठीक नहीं रही हैं। इसके लिए वो कांग्रेस की सरकार और एटीएस की प्रताड़ना को जिम्मेदार मानती रही हैं। NIA कोर्ट ने प्रज्ञा के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया साध्वी प्रज्ञा ने कुछ समय पहले अपनी खराब हेल्थ के चलते 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत में उनकी उपस्थिति से छूट के लिए आवेदन दायर किया था। अदालत ने सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छूट भी दी थी। हालांकि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने साध्वी प्रज्ञा को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के सिलसिले में जमानती वारंट जारी किया है। मामले में आरोपी ठाकुर अदालत की कार्यवाही के लिए उपस्थित नहीं हुईं, जिसके बाद अदालत ने उनकी उपस्थिति की मांग की। वारंट 13 नवंबर तक 'वापस करने योग्य' है, जिसका अर्थ है कि वारंट रद्द करने के लिए ठाकुर को उस तिथि तक अदालत में उपस्थित होना चाहिए।   recent visitors 202