मण्डल के स्टेशनों पर लगाई गई विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की चित्र/डिजिटल प्रदर्शनी

भोपाल    आज 14 अगस्त को सम्पूर्ण देश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर याद किया जा रहा है।  इस अवसर पर रानी कमलापति स्टेशन पर आज प्रातः 11.00  बजे से आयोजित कार्यक्रम में आमन्त्रित स्वतंत्रता सेनानी  मोहम्मद ज़मीर खान  के कर कमलों द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की प्रदर्शनी का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मण्डल रेल प्रबंधक भोपाल देवाशीष त्रिपाठी द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद ज़मीर खान को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चन्न्ह भेंटकर उनका स्वागत किया गया।       इस अवसर पर मोहम्मद ज़मीर खान नें कहा कि हम लोगों नें बहुत परिश्रम किया है। देश की आजादी के लिए हमने जेल की हवा खाई , पुलिस की लाठियां भी खाई थी, पर हार नहीं मानी। तब जाकर देश आजाद हुआ।   इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस की परिकल्पना देश की पीड़ा को प्रकाश में लाने के लिए की गई है। देश विभाजन के समय लाखों लोग, जो विभाजन के शिकार हुए थे, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसी दर्द को याद करने का दिन है.   डीआरएम नें कहा कि वर्तमान पीढ़ी को विभाजन के समय लोगों के पलायन और लोगों द्वारा झेली गयीं कठिनाइयों को स्मरण कराने हेतु  प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसके माध्यम से भारत का विभाजन किसी भी विभीषिका से कम नहीं है, से जुड़े यथासंभव प्रकरणों का प्रदर्शन किया गया है।   वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक सौरभ कटारिया नें कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, सामाजिक विभाजन, वैमनस्यता के जहर को दूर करने और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की भावना को और मजबूत करने की जरूरत की याद दिलाता है। यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए प्रेरित करता है।      कार्यक्रम में अपर मण्डल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं योगेश सक्सेना, वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी  सहित सभी शाखा अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।   इसके अतिरिक्त भोपाल मण्डल के भोपाल स्टेशन पर फिजिकल एवं डिजिटल प्रदर्शनी तथा बीना, इटारसी स्टेशन पर, रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू यार्ड इटारसी में  विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से सम्बंधित डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय लोगों के पलायन एवं विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गयीं कठिनाइयों को दर्शाया गया है। recent visitors 77

अब रेलवे कराएगा पिंडदान प्रदेश से चलेगी स्पेशल ट्रेन, पुरोहित भी होंगे साथ

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्रियों की धार्मिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्राद्ध पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिहार के गयाजी पिंडदान के लिए जाते हैं। ऐसे में रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब इच्छुक यात्रियों को रेलवे टिकट के साथ पुरोहित की सुविधा भी रेलवे ही उपलब्ध कराएगा। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन का कहना है कि टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। एक ट्रेन 20 सितंबर को रवाना होगी। जो सनातन संवेदनाओं को देखते हुए गंगा सागर और गयाजी भी जाएगी।   इसे देखते हुए रेलवे ने एक अनोखी सुविधा शुरू की है। अब गयाजी जाने वाले यात्रियों को न केवल यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे टिकट के साथ पुरोहित (पंडित) की सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस सुविधा की जानकारी भोपाल में हुई एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और IRCTC के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन ने बताया कि इस पहल के तहत रेलवे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। सनातन परंपराओं का सम्मान 20 सितंबर को एक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जो गंगा सागर और गयाजी जैसे धार्मिक स्थलों का दौरा करेगी। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गया पहुंचेगी, जहां यात्री अपने पितरों का पिंडदान कर सकेंगे। इस पूरे आयोजन के लिए IRCTC ने पंडितों की व्यवस्था कर रखी है। दान-दक्षिणा भी होगी तय रेलवे ने यात्रियों को पिंडदान के दौरान अनावश्यक धन खर्च से बचाने के लिए पंडितों को दी जाने वाली दक्षिणा भी पहले से निर्धारित कर दी है। हर पिंडदान के लिए यात्रियों को 501 रुपये दक्षिणा देनी होगी, जिसे IRCTC ने तय किया है। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन: नई शुरुआत आईआरसीटीसी, जो रेलवे की टिकटिंग और यात्रियों की सुविधा का काम देखता है, भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन शुरू कर रहा है। सितंबर से शुरू हो रहे दूसरे चरण में देशभर से 11 ट्रेनें रवाना होंगी। इसी कड़ी में, भोपाल रेल मंडल ने भी दो स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर ली है, और यात्रियों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। किस दिन कौन सी ट्रेन चलेगी? पहली ट्रेन 4 सितंबर को दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए निकलेगी । यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन, इटारसी और नागपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। 9 रात और 10 दिन की इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी और त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खर्च और श्रेणियां इस यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में प्रति व्यक्ति 18,200 रुपये खर्च करने होंगे। थर्ड एसी में 30,250 रुपये और सेकंड एसी में 40,000 रुपये प्रति व्यक्ति का खर्च आएगा। दूसरी ट्रेन: पितृपक्ष में गयाजी का दौरा दूसरी ट्रेन 20 सितंबर को पुरी गंगासागर भव्य काशी यात्रा के नाम से निकलेगी। यह ट्रेन भी मध्य प्रदेश के कई स्टेशनों से गुजरेगी। इस यात्रा में पुरी, गंगा सागर, गया, वाराणसी और अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खास बात यह है कि यह ट्रेन पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गयाजी पहुंचेगी, जहां यात्री पिंडदान कर सकेंगे। भारतीय रेलवे की यह पहल उन यात्रियों के लिए बहुत सुविधाजनक साबित होगी, जो श्राद्धपक्ष में अपने पितरों का पिंडदान करना चाहते हैं। टिकट के साथ पुरोहित की सेवा, तय दक्षिणा और धार्मिक स्थलों की यात्रा, यह सब कुछ यात्रियों के लिए एक शानदार अनुभव बनने वाला है। recent visitors 76

एक और ट्रेन हादसे की शिकार,कोरबा एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगियों में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे यात्री

विशाखापट्टनम छत्तीसगढ़ के कोरबा से विशाखापट्टनम पहुंची कोरबा एक्सप्रेस (18517) ट्रेन की बोगियों में रविवार को अचानक से भीषण आग लग गई. यह ट्रेन कोरबा से तिरुमाला जा रही थी. जब ट्रेन स्टेशन पर रूकी तो इसी दौरान इसमें अचानक से आग लग गई. आग लगने की यह घटना स्टेशन के चौथे नंबर के प्लेटफॉर्म पर हुई. इस दौरान तीन एसी बोगियां पूरी तरह जल गई हैं. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 10 बजे हुई. रेलवे अधिकारियों ने शुरू में पाया कि यह दुर्घटना B7 बोगी के शौचालय में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई. नतीजतन, B7 बोगी पूरी तरह जल गई, जबकि B6 और M1 बोगियां आंशिक रूप से जल गईं हैं,. गनीमत यह रही कि घटना के समय ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई. रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. सवारियां उतरकर जा चुकी थीं। इस वजह से जानी नुकसान होने से बच गया, लेकिन ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा। ट्रेन में अग्निकांड की जानकारी मिलते ही GRP, शहरी पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने के कारण तलाशने और जांच करने के आदेश जारी हो गए हैं। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कोरबा एक्सप्रेस के B-7 कोच में आग लगी और यह आसपास की B5, M7 समेत चार बोगियों में भी फैल गई। बताया जाता है कि शॉर्ट सर्किट के कारण B-7 कोच के शौचालय में आग लगी और यह अन्य बोगियों तक जा फैली। आग लगते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। यात्री ट्रेन से नीचे उतर गये। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम कोरबा एक्सप्रेस में लगी आग पर काबू पाने में जुट गई। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। recent visitors 127