इस साल 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक : रेल मंत्री

● 31 मार्च तक भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो कैरिज के साथ दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा। ● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। ● भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे हादसे को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ● हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है: रेल मंत्री   भोपाल केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल यात्रियों को किफायती किराए पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल कर रही है। जहां हमारे देश में रेलवे का किराया आस-पास के देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के रेल किराए से भी कम है तो वहीं पश्चिमी देशों में रेल किराया तो भारत की अपेक्षा 10-20 गुना अधिक है। रेल यात्रियों दी जा रही सब्सिडी पर रेल मंत्री ने कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, यानी 47% सब्सिडी दी जाती है। वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 (प्रोविजनल फिगर) में बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ हो गई। हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है। रेल विद्युतीकरण के फायदों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि यात्रियों और कार्गो की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा खर्च स्थिर है। भारतीय रेल 2025 में ‘Scope 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘Scope 2 नेट जीरो’ हासिल करेगी। रेल मंत्री ने बताया कि बिहार के मढौरा कारखाने में बने लोकोमोटिव का निर्यात जल्द शुरू होगा। भारतीय रेल के पैसेंजर कोच मोज़ाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, साथ ही लोकोमोटिव भी मोज़ाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश को निर्यात हो रहे हैं। बोगी के अंडर-फ्रेम यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को और प्रपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को निर्यात किए जा रहे हैं।   इस साल भारत में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है। साथ ही, 2 लाख नए वैगन बेड़े में जोड़े गए हैं। रेल मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढोकर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा, जिसमें चीन, अमेरिका और भारत होंगे। यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ऐलान किया कि रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, 41,000 LHB कोच तैयार किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा। लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, फॉग सेफ्टी डिवाइस और 'कवच' सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले रेलवे को ₹25,000 करोड़ का समर्थन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इससे बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है। वहीं 50 नमो भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जो कम दूरी की यात्रा के लिए AC और नॉन-AC विकल्पों के साथ है। हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे लेकर रेल मंत्री ने सदन को बताया कि इस दुखद हादसे की जांच हाई-लेवल कमेटी कर रही है। CCTV फुटेज समेत सभी डेटा सुरक्षित रखा गया है, करीब 300 लोगों से बातचीत कर फैक्ट्स की जांच हो रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। रेल मंत्री ने कहा कि हमारा कमिटमेंट गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए है। यही वजह है कि जनरल कोचों की संख्या एसी कोचों की तुलना में ढ़ाई गुना अधिक बढ़ाई जा रही है। वर्तमान प्रोडक्शन प्लान के अनुसार 17 हजार नॉन-एसी कोचों के मैन्युफैक्चरिंग का प्रोग्राम है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं। रेलवे ने कोविड महामारी से जुड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और माल ढुलाई में वृद्धि देखी जा रही है। अब रेलवे का राजस्व करीब 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये है और 2 लाख 75 हजार करोड़ के खर्चे हैं। भारतीय रेल सभी बड़े खर्चे खुद के इनकम से कर रही है, जो कि रेलवे के बेहतर प्रदर्शन से संभव हुआ है राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा दिलाया कि रेलवे भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में उभरेगा। recent visitors 40

रेलवे बोर्ड ने रेल भवन में उत्साह के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

 भोपाल  भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन के विचार (सम्मेलन हॉल) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (आईडब्ल्यूडी) समारोह मनाया। इस कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया गया तथा लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई, जिसमें लगभग 300 महिला अधिकारियों ने भाग लिया। रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) सुश्री रूपा श्रीनिवासन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की अध्यक्षता की, जबकि रेलवे बोर्ड के सचिव ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। समारोह के दौरान विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें एक नाटक, स्वास्थ्य चर्चा, योग प्रदर्शन, नृत्य और गीत प्रदर्शन, प्रश्नोत्तरी और अंताक्षरी शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए निबंध और कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकारों को मेरिट सर्टिफिकेट और नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। ये प्रतियोगिताएँ 3 मार्च 2025 को आयोजित की गईं। पुरस्कार विजेता इस प्रकार हैं:  निबंध प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री एलिस आर. टिर्की, संयुक्त निदेशक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री लावण्या सिंह, अनुभाग अधिकारी  कला प्रतियोगिता के विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री हर्षिता सिंह, निजी सहायक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री कंचन कश्यप, निजी सचिव तृतीय पुरस्कार: सुश्री पूनम गिरीश शाक्य, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ खेल महिला पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री बिधिशा भट्टाचार्य, सांख्यिकी निरीक्षक द्वितीय पुरस्कार: सुश्री प्रियंका, एमटीएस तृतीय पुरस्कार: सुश्री ईशा, निजी सचिव  सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक कलाकार पुरस्कार विजेता प्रथम पुरस्कार: सुश्री जे. निरुपमा, प्रधान स्टाफ अधिकारी द्वितीय पुरस्कार: सुश्री बी. मोहनन, प्रधान स्टाफ अधिकारी तृतीय पुरस्कार: सुश्री निधि चौहान, निजी सहायक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के एक भाग के रूप में, 7 मार्च 2025 को उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल के सहयोग से रेलवे बोर्ड कार्यालय की महिला कर्मचारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कुल 167 महिला कर्मचारियों ने स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया। recent visitors 43

इंदौर के रेल प्रोजेक्ट के लिए निश्चित राशि रखने के बजाय जैसे-जैसे काम होते जाएगा, भुगतान भी लगातार किया जाएगा

इंदौर  इंदौर रेलवे स्टेशन के दिन फिरेंगे। केन्द्रीय बजट में 480 करोड रुपए रेलवे स्टेशन के री-डेवलेपमेंट के लिए मिलेंगे। पिछले साल के मुकाबले ज्यादा राशि इस बार मिली है। बीते साल इंदौर के खाते में 2990 करोड की राशि थी।  सांसद शंकर लालवानी ने दिल्ली में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की, जिसमें बताया गया कि इंदौर के लिए अभी तक का सर्वाधिक 5200 करोड़(Rail Budget in MP) की राशि का प्रावधान किया गया है। इस बार प्रोजेक्ट के लिए निश्चित राशि रखने के बजाय जैसे-जैसे काम होते जाएगा, भुगतान भी लगातार किया जाएगा। इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्शन, इंदौर-दाहोद, इंदौर-बुधनी के साथ-साथ इंदौर-मनमाड़ नई लाइन में बजट की कमी नहीं आएगी। इंदौर-बुधनी-जबलपुर प्रोजेक्ट: इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट 2018 में स्वीकृत हुआ था। इस लाइन के लिए 1600 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। जल्द शुरू होगा काम मुख्य स्टेशन के री-डेवलेपमेंट की डेढ़ साल पहले योजना बनी थी। इसके लिए बजट(Rail Budget in MP) में 480 करोड़ रुपए शामिल किए गए हैं। निर्माण के लिए टेंडर भी फाइनल भी हो गए है। एक माह में काम शुरू हो जाएगा। मुख्य बिल्डिंग सात मंजिला बनाई जाएगी। स्टेशन पर आने वाले 50 साल के अनुरूप व्यवस्था जुटाई जाएगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन का निर्माण होगा। इन पर नजर इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट : इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट वर्ष 2017 में स्वीकृत हुआ। हाल ही में इस केंद्रीय केबिनेट से प्रोजेक्ट के लिए अनुमति मिली है। मप्र के हिस्से में डीपीआर का काम हो चुका है। दाहोद-इंदौर रेल प्रोजेक्ट : वर्ष-2007 में दाहोद-इंदौर रेल प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। इंदौर-दाहोद रेल लाइन में सबसे महत्वपूर्ण टीही टनल में इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। रतलाम-महू-खंडवा-अकोला प्रोजेक्ट रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट को 2008 में विशेष दर्जा मिला। लागत करीब 2 हजार करोड़ के आसपास है। पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए हैं। मध्यप्रदेश को रेल बजट में 14,745 करोड़ रुपए आवंटित मध्यप्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां रेल बजट 2025-26 घोषित कर दिया गया है। इस बजट में राज्य को 14,745 करोड़ रुपए मिले हैं। जिससे रेल नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण होगा। इसमें 31 नई रेल परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। जिससे रेल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इन स्टेशनों का हो रहा रीडेवलपमेंट रीडेवलपमेंट परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति स्टेशन, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे मुख्य स्टेशनों के रीडेवलपमेंट यानी पुनर्विकास में 1950 करोड़ रुपए की लागत से काम जारी है। 80 स्टेशनों पर खर्च किए जाएंगे 2708 करोड़ रुपए प्रदेश के आमला, अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, सतना, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुरवारा, कटनी साउथ, ब्यावरा राजगढ़, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी शामिल हैं। जिसमें 2708 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा, विक्रमगढ़, आलोट, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्णा, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची और संत हिरदाराम नगर जैसे स्टेशन शामिल हैं। recent visitors 31

प्रदेश में तीन जिलों की फोरलेन सड़क को क्रॉस करेगी नई रेल लाइन, साल 2025 पूरा हो जाएगा काम

भोपाल  ब्यावरा जिले के महत्वपूर्ण भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन का काम अलग-अलग हिस्सों में भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिले में चल रहा है।ब्यावरा में देवास-ब्यावरा फोरलेन के ऊपर से होकर नई रेल लाइन गुजरेगी तो जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे राजगढ़ रोड पर सड़क के नीचे से ट्रेन गुजरेगी। दरअसल, दोनों ही जगह काम चालू है। यहां ट्रैक को तैयार करने आसपास पटरियां बिछाई जा रही हैं और ओवरब्रिज के लिए सड़क के दोनों और पिलर खड़े कर दिए हैं।  वहीं, राजगढ़ रोड का उक्त हिस्से का ट्रैफिक डायवर्ट कर रोड को खोदना शुरू कर दिया है, जिसके बाद बड़ा ब्रिज बनेगा और नीचे से ट्रेन गुजरेगी। इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों में रेलवे का काम चल रहा है। हालांकि जमीन से जुड़े मामलों को लेकर नरसिंहगढ़ ब्लॉक में कुछ अड़चने हैं, जिन्हें प्रशासन दूर नहीं कर पा रहा है। जमीनी स्तर पर उनका काम जारी है लेकिन निराकरण नहीं हो पाने से रेलवे काम नहीं कर पा रही। पूरे प्रोजेक्ट को यूं समझें एक नजर में भोपाल मंडल निशातपुरा डी-संत हिरदाराम नगर: करीब 10 माह पूर्व यह 10 किमी का ट्रैक तैयार हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण हो चुका है। अब यहां से ट्रेन चालू होगी। संत हिरदाराम नगर- झरखेड़ा: यह ट्रैक भी लगभग तैयार है। खिलचीपुर में होने वाले सीआरएस निरीक्षण के साथ ही यहां भी फरवरी के आखिर में निरीक्षण का अनुमान है। राजगढ़ जिला कुरावर-नरसिंहगढ़: जमीन के मामले अटके होने से यहां काम सुस्त है। तुर्कीपुरा और बड़ोदिया तालाब के ग्रामीणों का प्रकरण कोर्ट में है। प्रशासन हल नहीं निकाल पा रहा। ब्यावरा-राजगढ़: स्टेशन बनने के साथ ही नेवच नदी पर ब्रिज बन रहा है। रास्ते में हाइवे को खोदकर नीचे से ट्रैक निकालने का काम किया जा रहा है। खिलचीपुर-नयागांव: पटरियां लगभग बिछाई जा चुकी हैं, फरवरी के आखिर तक इस वाले ट्रैक पर सीआरएस निरीक्षण की उम्मीद जताई जा रही है। कोटा मंडल झालावाड जिला घाटोली-झालावाड़: यह ट्रैक पूरी तरह से तैयार है। यहां ट्रेन चालू है। पैसेंजर गाडिय़ां आने लगी हैं। अब मप्र के नयापुरा तक का ट्रैक तैयार किया जा रहा है। जिले में यहां-यहां रोड क्रॉस करेगी रेल लाइन खिलचीपुर से चलकर जीरापुर रोड को क्रॉस कर राजगढ़ पहुंचेगी। यहां जयपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे को क्रॉस कर ब्यावरा पहुंचेंगे। यहां से पड़ोनिया बायपास होकर देवास-गुना फोरलेन को क्रॉस करते हुए भोपाल की और जाएगी। नरसिंहगढ़ में फिर भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर कुरावर पहुंचेगी। यहां से श्यामपुर जाएगी और फिर वहां दोबारा भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को क्रॉस कर झरखेड़ा स्टेशन के लिए निकलेगी। तेजी से चल रहा है काम निशातपुरा से संत हिरदाराम नगर का ट्रैक तैयार है। अब झरखेड़ा वाला तैयार होगा। मप्र की सीमा में विभिन्न जगह काम चल रहे हैं। जमीनों के कुछ मामले शेष हैं। फिलहाल दिसंबर 2025 की डेडलाइन तय है। -हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल, जबलपुर काम में तेजी आई है, ज्यादा अड़चनें नहीं हैं। बजट को लेकर भी समस्या नहीं है। डेड लाइन की जहां तक बात है तो जल्द से जल्द ट्रैक तैयार करने पर फोकस है। जमीन के प्रकरणों के लिए प्रशासन से बात की है। -रोडमल नागर, सांसद, राजगढ़ recent visitors 60

यात्रीगण कृपया ध्यान दें, ये गाड़िया मार्च तक रहेंगी रद्द, रेलवे ने जारी की लिस्ट

नई दिल्ली भारत में रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री ट्रेन से सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से हजारों ट्रेन चलाई जाती है. भारत में अगर किसी को दूरी के सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर यात्री ट्रेन के जरिए ही जाना पसंद करते हैं. ट्रेन का सफर काफी सुविधा युक्त और सहूलियत भरा होता है. इसीलिए ज्यादातर यात्रियों की पहली पसंद ट्रेन होती है. लेकिन अब सर्दियों के मौसम में भारतीय रेलवे का संचालन काफी मुश्किल हो रहा है. रेलवे को कोहरे के चलते कई ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ रहा है. तो वहीं कई ट्रेनों को कैंसिल करन पड़ा है. इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल भारत में सर्दियों ने दस्तक दे दी है. खासतौर पर बात की जाए तो उत्तर भारत में लोगों ने गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिए हैं. सुबह अब कोहरे की चादर भी बिछने लगी है. और इसी वजह से भारतीय रेलवे का संचालन भी प्रभावित हो रहा है. खराब मौसम और घने कोहरे के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों को कैंसिल किया है. अगर आप भी अगले कुछ समय में ट्रेन से सफर पर जाने की सोच रहे हैं. तो पहले कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट चेक कर लें. ट्रेन नंबर 14617-18 बनमंखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस 1दिसंबर 2024 से 2 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14606-05 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी एक्सप्रेस 1दिसंबर 2024 से 24 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14616-15 अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस 7 दिसंबर 2024 से 22 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14524-23 अंबाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 27 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 18103-04 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 12210-09 काठगोदाम-कानपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से 25 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14003-04 मालदा टाउन-दिल्ली एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से एक मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14617-18 बनमंखी-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से दो मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14606-05 योगनगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से 24 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14616-15 अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 22 मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14524-23 अंबाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 27 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 18103-04 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 12210-09 काठगोदाम-कानपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 2 दिसंबर 2024 से 25 फरवरी 2025 तक कैंसिल रहेगी. ट्रेन नंबर 14003-04 मालदा टाउन-दिल्ली एक्सप्रेस 1 दिसंबर 2024 से एक मार्च 2025 तक कैंसिल रहेगी. recent visitors 59

भारतीय रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास, 37 किमी में सफल रहा कवच ट्रायल

 रतलाम  दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए ‘मिशन रफ्तार’ में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। रतलाम रेल मंडल के रतलाम-दाहोद रेलखंड में बजरंगगढ़-बोरडी के बीच 37 रेल किमी के बीच कवच 4.0 का ट्रायल किया गया। लोको (इंजन) में कवच सिस्टम लगाने के बाद सभी इंतजाम परखे गए। सुबह रेलवे स्टेशन पर डीआरएम रजनीश कुमार ने लोको का निरीक्षण करने के बाद ट्रायल शुरू करवाया। इसके बाद दोपहर तक अप व डाउन दोनों लाइन पर ट्रायल पूरा किया गया। 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर काम जारी     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। इससे पहले वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन (गैर ऑटोमेटिक सिगनलिंग सेक्शन) के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका था। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है।     रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर भी कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेलमंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। आरडीएसओ ने तैयार किया स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक ''कवच'' ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रेक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। किसी भी सिग्नल का उल्लंघन करने पर डेटा रिकार्ड में आ जाएगा। रेलवे की पेंशन अदालत दिसंबर में रतलाम रेल मंडल पर पेंशन मिलने में किसी भी प्रकार की विसंगति को दूर करने के लिए 16 दिसंबर को पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें पेंशन से संबंधित शिकायतें जैसे-पेंशन समय पर नहीं मिलना, पेंशन की राशि घटा/बढ़ा कर दिया जाना, पेंशन किसी कारणवश बंद हो जाना, पेंशन में किसी प्रकार की कटौती किया जाना आदि का निराकरण किया जाएगा। recent visitors 64

पिपरईगांव से चंदेरी-ललितपुर रेल लाईन की सर्वे स्वीकृत, 12 साल पहले केंद्र सरकार ने की थी ललितपुर-चंदेरी रेल लाइन की घोषणा

 अशोकनगर रेल मंत्रालय ने अशोकनगरवासियों की बड़ी  सौगात दी है. दरअसल, ललितपुर से चंदेरी होते हुए पिपरई ब्रॉड गेज रेल लाइन के अंतिम स्थल सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है. 2 करोड़ की लागत से होने वाले इस अंतिम स्थल सर्वे कार्य के लिए बीते दिनों चंदेरी के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को पत्र लिखा था. 12 साल पहले केंद्र सरकार ने की थी ललितपुर-चंदेरी रेल लाइन की घोषणा बता दें कि अशोकनगर जिले की पर्यटक नगरी चंदेरी में पिछले 15 वर्षों से रेल लाइन की मांग उठ रही थी. इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र चंदेरी को सीधे ट्रेन रूट से जोड़ना है. वहीं करीब 12 साल पहले केंद्र सरकार ने इस रेल लाइन की घोषणा की थी, जिसके बाद रेलवे स्टेशन बनाने की भी चर्चा हुई थी, लेकिन इसके बाद रेल लाइन के निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली. इसमें उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और उक्त ब्रॉड गेज रेल लाइन के डलने से रेलवे को होने वाले आर्थिक फायदे सहित यातायात की दृष्टि से क्षेत्र को मिलने वाली सुविधा से अवगत कराया गया‌ था। साथ ही क्षेत्र के नागरिकों को रेल विभाग की मिलने वाली अतिरिक्त सुविधा की भी जानकारी दी थी। सिंधिया ने पत्र के साथ अपनी ओर से अनुशंसा पत्र रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंपा था। रेल मंत्रालय ने सिंधिया के पत्र पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रेल अधिकारियों को पत्र लिखकर उक्त 80 किलोमीटर ब्रॉड गेज रेल लाइन के लिए अंतिम स्थल सर्वे की स्वीकृति प्रदान करते हुए 2 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है। उल्लेखनीय है कि, उक्त रेलवे लाइन की लंबे समय से क्षेत्र की जनता द्वारा मांग की जाती रही, जिसे अब जाकर श्री सिंधिया के प्रयासों से पूर्ण होने की उम्मीद जगी है। उक्त लाइन का शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा। पूर्व में भी हुए प्रयास बता दें कि, पूर्व में भी इस लाइन का सर्वे निरस्त कर दिया गया था। लेकिन, केंद्रीय मंत्री सिंधिया लगातार इसे स्वीकृत कराने के लिए प्रयास कर रहे थे। इस लाइन के निर्माण से चंदेरी के पर्यटन और कपड़ा उद्योग से साथ आस-पास के क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को लाभ प्राप्त होगा। स्वीकृति मिलने पर अशोकनगर चंदेरी के जनप्रतिनिधि और नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया का आभार माना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंपा था पत्र सामाजिक कार्यकर्ता योगेश मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और उक्त ब्रॉड गेज रेल लाइन के निर्माण से रेलवे को होने वाले आर्थिक फायदे सहित क्षेत्र को मिलने वाली सुविधा से अवगत कराया था. साथ ही क्षेत्र के नागरिकों को रेल विभाग की मिलने वाली अतिरिक्त सुविधा की भी जानकारी दी थी, जिसके बाद सिंधिया ने उक्त पत्र के साथ अपनी ओर से अनुशंसा पत्र रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंपा था. वहीं रेल मंत्रालय ने रेल अधिकारियों को पत्र लिखकर उक्त 80 किलोमीटर ब्रॉड गेज रेल लाइन के लिए अंतिम स्थल सर्वे की स्वीकृति प्रदान कर दी है. वहीं इसके लिए 2 करोड़ रुपये की राशि का भी प्रावधान किया है.   recent visitors 33