राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा – बुधनी रेलवे लाइन के निर्माण को पर कई तरह की चिंता जताई

भोपाल मध्य प्रदेश में 2015 से अब तक 14 तेंदुए, सात बाघ और एक भालू की मौत हो चुकी है। अब राज्य वन्यजीव विभाग ने बरखेड़ा और बुधनी के बीच रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण को लेकर कई तरह की चिंता जताई है। जिससे पता चलता है कि वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किए गए उपायों को ठीक से लागू नहीं किया गया है। 2011-12 में स्वीकृत बरखेड़ा-बुदनी खंड 26.50 किलोमीटर लंबा ट्रैक है जिसे 991.60 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह रातापानी वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में आता है। यह रेलवे लाइन तब जांच के घेरे में आई जब 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर मिडघाट के एक फॉरेस्टेड एरिया में ट्रेन की चपेट में आने से तीन बाघ शावक घायल हो गए। चोट लगने की वजह से आखिरकार उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि वन्यजीव विभाग ने इस साल 6 सितंबर को एक समीक्षा बैठक में रेलवे लाइन के निर्माण के संबंध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लगाई गई कुछ शर्तों के अनुपालन में खामियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा कि 'भारत सरकार से प्राप्त सशर्त अनुमति के तहत लगाई गई शर्तों का एजेंसी (भारतीय रेलवे) द्वारा पूरी तरह से पालन नहीं किया गया।' बैठक के दौरान उठाया गया एक मुख्य मुद्दा अंडरपास का अनुचित निर्माण था, जिसका मकसद वन्यजीवों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। विभाग ने कहा कि यह 'अंडरपास लोकल ड्रेनेज सिसटम्स के ऊपर बना हुआ है जो मॉनसून के दौरान पानी से भर जाते हैं, जिससे जानवरों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं, जो अक्सर उन्हें रेलवे पटरियों पर ले जाते हैं।' रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 'खराब जल निकासी के कारण पटरियों के पास जलभराव वाले क्षेत्र पानी की तलाश में जानवरों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं', जिससे रेल से उनके टकराव का खतरा और बढ़ गया है। बैठक में रेलवे पटरियों से दूर वैकल्पिक जल स्रोतों को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में गति सीमा विवाद भी एक मुद्दा था। विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए स्वीकृत गति सीमा '60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई थी, वहीं रेलवे अधिकारियों द्वारा लगाए गए बोर्ड 75 और 65 किमी प्रति घंटे की गति सीमा दर्शाते हैं', जो निर्धारित सुरक्षा उपायों का स्पष्ट उल्लंघन है। ट्रैक के रखरखाव के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। फील्ड स्टाफ, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों द्वारा संयुक्त निरीक्षण से पता चला कि 'ट्रैक के बीच की घास विजिबिलिटी में बाधा डालती है, जिससे ट्रेन के पायलटों के लिए वन्यजीवों को देखना और जानवरों के लिए आने वाली ट्रेनों से बचना मुश्किल हो जाता है।' recent visitors 100

नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई

अंबाला दिपावली, छठ पूजा और गुरुपर्व के दौरान रेलवे ट्रैक, ट्रेन, स्टेशन, पुल और रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहेगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है। इसी कड़ी में आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त द्वारा अंबाला मंडल के सभी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नवंबर 2024 में आने वाले त्योहारों के लिए रेलवे सीमाओं के भीतर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की काफी भीड़ लगी रहती है। इसलिए त्योहारों के दौरान धार्मिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ट्रेन और संवेदनशील स्थानों पर असामाजिक तत्व शरारत करके तोड़फोड़ कर सकते हैं। त्योहारों के मद्देनजर पूरे मंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार की तरफ जाने वाली ट्रनों में भी अधिक भीड़ बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए अपेक्षित भारी भीड़ को देखते हुए उचित सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए। लगातार जारी रहे पेट्रोलिंग रेलवे ट्रैक की सुरक्षा एवं ट्रेनों के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक ड्यूटी पर तैनात स्टाफ एवं अधिकारी पूरी तरह से आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और लगातार पेट्रोलिंग जारी रखें। रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में अगर कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तो उसकी निगरानी रखें और सूचना उच्चाधिकारियों को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अतिरिक्त कर्मचारी तैनात इसके अलावा ट्रेन में तैनात सुरक्षा स्टाफ को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, कहीं भी कोई शक की वस्तु व्यक्ति नजर आए तो इसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम पर साझा की जाए। वहीं, ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहें। स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग त्योहारों के दिनों में कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी संबधित प्रभारी की होगी। शक होने पर ट्रेन में चढ़ने व उतरने वाले और रेलवे स्टेशन पर आने वाले व्यक्तियों और उनके सामान की जांच गहनता से की जाए। त्योहारों के मद्देनजर जीआरपी, जिला पुलिस और आरपीएफ की ओर से स्टेशन एवं ट्रेनों की संयुक्त चेकिंग की जाए। इस दौरान खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क साधा जाए ताकि यदि कोई विशेष सूचना प्राप्त हो तो तत्काल कार्रवाई करके अप्रिय घटना को रोका जा सके। भीड़भाड़ के दौरान रेलवे स्टेशन पर बने रेलवे पुल यानी फुट ओवरब्रिज खाली होने चाहिएं ताकि यात्री आराम से चढ़-उतर सकें और भगदड़ की नौबत न आए। चप्पे-चप्पे की सीसीटीवी से निगरानी स्टेशन के चप्पे-चप्पे की निगरानी सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जाए और कर्मचारी लगातार इस पर नजर जमाए रहे। इस दौरान यात्रियों को जहरखुरानी व सामान चोरी की घटनाओं से बचाने के लिए लगातार जागरूक करते रहें। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों तथा सफाई करने वाले कर्मचारियों से भी संपर्क में रहें। रेलवे स्टेशन पर लगी स्वचालित सीढि़यों के संचालन में कोई अवरोध उत्पन्न न हो, अनारक्षित डिब्बों में यात्रियों को व्यवस्थित रूप से बैठाना तथा ट्रेन में सीट बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सुरक्षा को लेकर डॉग दस्ते की भी मदद ली जाए। recent visitors 101

400 पुलिसकर्मियों पर रेलवे ने लगाया फाइन, चेतावनी के बावजूद कर रहे थे बिना टिकट यात्रा, लगा मोटा जुर्माना

गाजियाबाद प्रयागराज रेलवे डिवीजन ने पिछले डेढ़ महीने में गाजियाबाद और कानपुर के बीच विभिन्न स्थानों पर कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले 400 से अधिक पुलिसकर्मियों का जुर्माना किया है। विशेष अभियानों का संचालन कर रहे यातायात अधिकारियों ने पाया कि अधिकतर पुलिसकर्मी वातानुकूलित डिब्बों और पेंट्रीकार में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी। त्रिपाठी ने कहा, ‘बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों से न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि रेलवे को भी वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए, हमने अनधिकृत यात्रा की जांच के लिए सख्त कदम उठाए हैं और हम अपने प्रयासों में काफी सफल रहे हैं।’ भारतीय रेलवे टिकट निरीक्षण कर्मचारी संगठन (एनसीआर जोन) के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि कई पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं, वातानुकूलित कोचों में घुस जाते हैं और खाली सीटों पर लेट जाते हैं। कुमार ने कहा, ‘वे अधिकृत यात्रियों के लिए सीट खाली नहीं करते हैं और यहां तक कि उन्हें और रेलवे अधिकारियों को भी धमकाते हैं।’ रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों ने यातायात अधिकारियों और टिकट निरीक्षकों को धमकी दी कि अगर उन पर जुर्माना लगाया गया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने चेतावनी भरे पत्र और परिपत्र जारी किए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों से बिना टिकट के ट्रेनों में यात्रा न करने को कहा गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि इन पत्रों का उन पर कोई खास असर नहीं हुआ है।’ recent visitors 89

फेस्टिवल सीजन में कई ट्रेनें कैंसिल, भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनों को रद्द किया

भोपाल त्योहारों के समय ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को ये खबर निराश कर सकती है। रेल प्रशासन ने भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस(Bhopal-Singrauli Express) समेत कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। इसके साथ ही कई ट्रेनों की रूट भी डायवर्ट किए गए हैं। ऐसे में त्योहारों पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले ये खबर जरूर पढ़ लें, कहीं आपकी ट्रेन भी तो नहीं हुई कैंसिल….  दरअसल जबलपुर मण्डल के कटनी-सिंगरौली रेलखंड पर यार्ड रिमॉडलिंग और 4 रेललाइन में सुधार का काम किया जा रहा है। इसके चलते वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे से शुरू होने और गुजरने वाली कई ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है। इसके आलावा कई ट्रेनों के रुट डाइवर्ट कर दिए गए है। ये ट्रेन हुए निरस्त 1 – जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 11651) – 18 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। 2 – सिंगरौली-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 11652) – 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक रद्द रहेगी। 3 – भोपाल-सिंगरौली एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22165 ) – 19, 22, 23 और 26 अक्टूबर को निरस्त रहेगी। 4 – सिंगरौली-भोपाल एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22166 ) – 22, 24, 25 और 29 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। 5 – सिंगरौली-निजामुद्दीन एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22167) – 20, 23 और 27 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। 6 – निजामुद्दीन-सिंगरौली एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 22168) – 21, 24 और 28 अक्टूबर 2024 को निरस्त रहेगी। इन ट्रेनों के हुए रुट डाइवर्ट मदार जंक्शन-कोलकाता एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 19608) – 21 और 28 अक्टूबर 2024 को मदार जंक्शन से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। कोलकाता-मदार जंक्शन एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 19607) – 17 और 24 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। संतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 18009 ) – 18 और 25 अक्टूबर 2024 को संतरागाछी से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। अजमेर-संतरागाछी एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 18010 ) – 20 और 27 अक्टूबर 2024 को अजमेर से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 13025 ) – 21 और 28 अक्टूबर 2024 को हावड़ा से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया गढ़वा रोड जंक्शन-सोन नगर जंक्शन-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी-सतना-कटनी मुड़वारा होते हुए गंतव्य को जाएगी। भोपाल-हावड़ा एक्सप्रेस ( गाड़ी संख्या 13026 ) – 23 अक्टूबर 2024 को भोपाल से रवाना होने वाली ये ट्रेन अपने परिवर्तित मार्ग वाया कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी-पंडित दीनदयाल उपाध्याय-सोन नगर जंक्शन-गढ़वा रोड जंक्शन होते हुए अपने गंतव्य को जाएगी। recent visitors 58

तीन दिन के अंदर बहाल होगा डीआरएम तिराहे का रास्ता, रेलवे का काम बाकी

भोपाल भोपाल के डीआरएम तिराहे का रास्ता मंगलवार को खुलने से रह गया। यहां मेट्रो ने तो अपनी बैरिकेडिंग और सामान हटा दिया, लेकिन रेलवे का ट्रैक की साइड में गड्‌ढे को भरने का काम बाकी है। ऐसे में रास्ते को खोलने का निर्णय अगले 2 से 3 दिन के लिए टाल दिया गया है तिराहे पर मेट्रो ने 200 टन वजनी कंपोजिट स्टील ब्रिज की लॉन्चिंग की है। इसी के नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो गुजरेगी। चूंकि, डायवर्सन 15 अक्टूबर तक ही था, इसलिए मेट्रो ने सड़क बनाने के बाद अपना सामान भी हटा दिया था। पुलिस ने भी दो दिन तक निरीक्षण किया। इसी बीच रेलवे के एक निर्माण के चलते रास्ते को खोलने का निर्णय टाल दिया गया। नाले का निर्माण हो रहा तिराहे पर ट्रैक के साइड में नाले का निर्माण हो रहा है। इसके चलते रास्ता नहीं खोला गया है। हालांकि, रेलवे निर्माण के आसपास शेड लगा रहा है। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि बुधवार या गुरुवार को ही रास्ता खोल दिया जाए। 5 लाख आबादी को राहत मिलेगी रास्ता खुलने से करीब 5 लाख आबादी को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। यहां से होशंगाबाद रोड की कॉलोनी, अवधपुरी, बीडीए, एम्स, अलकापुरी, साकेतनगर, अमरावतखुर्द समेत सैकड़ों कॉलोनी जुड़ी हैं। यहां के लोग इसी सड़क का उपयोग करते थे, लेकिन मार्च में मेट्रो स्टील ब्रिज के निर्माण के चलते यह बंद कर दी गई थी। तभी से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। 8 महीने से 7Km तक का ज्यादा फेरा डीआरएम तिराहे की सड़क आईएसबीटी से वीर सावरकर ब्रिज के नीचे से होते हुए होशंगाबाद रोड को जोड़ती है। यही रास्ता मार्च यानी 8 महीने से बंद है। इससे ट्रैफिक का पूरा दबाव सावरकर सेतु से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक बढ़ गया।     बेतरतीब ट्रैफिक प्लान के कारण साकेत नगर और शक्ति नगर की अंदरुनी सड़कों पर भी ट्रैफिक का भार है, क्योंकि आरआरएल तिराहे और आईएसबीटी की तरफ से आने-जाने वाला 30% ट्रैफिक इन्हीं अंदरुनी सड़कों से होकर आता-जाता है। इससे ISBT से होशंगाबाद रोड की ओर जाने वाले लोगों को 5 से 7 किलो मीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।     डायवर्सन की वजह से एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। विश्वकर्मा नगर में एक 10 साल के दीपक सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।     हबीबगंज नाके के पास किराना, एव्हरफ्रेश समेत अन्य दुकानें भी आठ महीने से बंद है। इससे कारोबार चौपट हो गया है। ऊपर से मेट्रो, नीचे से गुजरेंगी गाड़ियां RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके से डीआरएम स्टेशन के बीच 2 स्टील ब्रिज से मेट्रो गुजरेगी। इसके लिए पिछले 8 महीने से काम चल रहा है। 4 सितंबर को 3 घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक पर पिलर के ऊपर 65 मीटर लंबा और 400 टन वजनी ब्रिज का स्ट्रक्चर रख दिया गया था। वहीं, तिराहे के 200 टन वजनी और 48 मीटर लंबे कंपोजिट ब्रिज को भी रख दिया है। इसके नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी।   recent visitors 100

दक्षिण रेलवे ने कावराईपेट्टई ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया

चेन्नई  दक्षिण रेलवे ने कहा है कि तमिनाडु में कावराईपेट्टई में हुयी ट्रेन दुर्घटना वाले स्थल पर मरम्मत कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है और आज से चरणबद्ध तरीके से सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। रेलवे की ओर से देर रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि शुक्रवार रात कावराईपेट्टई में मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस और एक खड़ी मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर के कारण चेन्नई-गुम्मिडीपुंडी खंड में मेल/एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। बागमती एक्सप्रेस के दस डिब्बे और मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। सात घायल यात्रियों को नियमानुसार अनुग्रह राशि दी गई। इस हादसे के कारम चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में रेल यातायात बाधित रहा। सेक्शन से गुजरने वाली करीब 20 मेल/एक्सप्रेस सेवाएं रद्द कर दी गईं, कुल 60 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित/विनियमित/पुनर्निर्धारित किया गया। चेन्नई उपनगरीय सेवाएं चेन्नई-गुम्मिडिपंडी सेक्शन में निलंबित कर दी गईं और मिंजुर तक ईएमयू स्पेशल और दूसरे छोर पर सुलुरुपेटा से गुम्मिडिपंडी तक चलाई गईं। दक्षिणी रेलवे ने राज्य और जिला प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से बचाव कार्य शुरू किया। विज्ञप्ति के अनुसार यात्रियों की सहायता और बचाव अभियान चलाने के लिए 500 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया था। आधुनिक उपकरणों और चिकित्सा सुविधाओं से लैस दक्षिणी रेलवे की दुर्घटना राहत ट्रेनें पास के टोंडियारपेट यार्ड से लाई गईं। बागमती एक्सप्रेस के फंसे हुए यात्रियों को बसों के जरिए पोन्नेरी जैसे नजदीकी स्टेशनों पर ले जाया गया, जहां तत्काल ध्यान देने के लिए पांच मेडिकल टीमें मौजूद थीं। फंसे हुए यात्रियों को डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल पहुंचाने के लिए विशेष ईएमयू सेवाओं की व्यवस्था की गई। डॉ. एमजीआर सेंट्रल पहुंचने वाले यात्रियों को विशेष सहायता डेस्क ने सहायता प्रदान की। दुर्घटना के आठ घंटे के भीतर फंसे यात्रियों के लिए दरभंगा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। वैकल्पिक ट्रेन सेवा, बागमती एक्सप्रेस के समान संरचना वाली एक विशेष ट्रेन, फंसे हुए यात्रियों को डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से दरभंगा ले जाने के लिए व्यवस्थित की गई थी। विज्ञप्ति में कहा गया कि रेलवे के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल जांच और भोजन और पानी के प्रावधान के बाद कल तड़के 04.45 बजे डॉ एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से रवाना हुई।इस विशेष ट्रेन में 1,800 से अधिक यात्रियों को ठहराया गया। इस बीच, पटरी से उतरे डिब्बों को फिर से पटरी पर लाने के लिए पांच भारी अर्थ मूवर्स, तीन जेसीबी और दो 140 टन के क्रेन की तैनाती के साथ बहाली का काम तुरंत शुरू हो गया। टीमों ने चौबीसों घंटे काम किया और साइट पर निर्बाध काम की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई। दक्षिणी रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह, अतिरिक्त महाप्रबंधक, डीआरएम/चेन्नई, एडीआरएम/चेन्नई और जोन के वरिष्ठ अधिकारी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों और बहाली कार्यों की बारीकी से निगरानी की। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिणी सर्कल), बेंगलुरु ने 12 अक्टूबर को दुर्घटना स्थल का वैधानिक निरीक्षण किया। विज्ञप्ति के अनुसार सीआरएस ने पटरियों, सिग्नलों, इंटरलॉकिंग पैनलों, ब्लॉकों और प्वाइंटों, कोचों और लोको की गहन जांच की और अधिकारियों तथा घायल यात्रियों से भी बातचीत की। सीआरएस 16 और 17 अक्टूबर को वैधानिक जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि कावराईपेट्टई में बहाली का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, यूपी मेनलाइन से पटरी से उतरे कोचों और वैगनों को साफ कर दिया गया है। दुर्भाग्यपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन के ०9 एसी कोच और एक पावर कार सहित कुल 10 कोचों और मालगाड़ी के दो वैगनों को क्रेन का उपयोग करके हटा दिया गया है।   recent visitors 84

रेलवे ने NTPC की 11000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई

रेलवे में सरकारी नौकरी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रेजुएट्स और अंडरग्रेजुएट लेवल की 11 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया था, वे अब बढ़ी हुई तारीख तक आवेदन कर सकते हैं. ताजा अपडेट के अनुसार, रेलवे में नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) अंडरग्रेजुएट लेवल के लिए 27 अक्टूबर और ग्रेजुएट लेवल के लिए 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. ग्रेजुएट लेवल के आवेदन 14 सितंबर से शुरू हुई थे और अंडरग्रेजुएट लेवल के आवेदन 21 सितंबर से शुरू हुए थे. RRB NTPC Vacancy Details: यहां देखें वैकेंसी डिटेल्स ग्रेजुएट लेवल चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर: 1736 पद स्टेशन मास्टर: 994 पद गुड्स ट्रेन मैनेजर: 3144 पद जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट: 1507 पद सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 732 पद कुल खाली पद: 8113   अंडरग्रेजुएट लेवल कमर्शियल कम टिकट क्लर्क: 2022 पद अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट: 361 पद जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट: 990 पद ट्रेन्स क्लर्क: 72 पद कुल खाली पद: 3445 अंडरग्रेजुएट लेवल: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) परीक्षा या समकक्ष परीक्षा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. ध्यान रहे जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए, जबकि एसएसी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों का केवल पास होना काफी है. अगर आयु सीमा की बात करें तो योग्य आवेदकों की उम्र 1 जनवरी 2025 को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष तक ही होनी चाहिए. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मानदंड के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. उम्मीदवारों को सलाह है कि वे आवेदन से पहले नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें. अभी अप्लाई करने के लिए यहां क्लिक करें- ग्रेजुएट लेवल: शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से बैचलर डिग्री प्राप्त कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. अगर आयु सीमा की बात करें तो योग्य आवेदकों की कम से कम उम्र 01 जनवरी 2025 को 18 वर्ष और अधिकतम 36 वर्ष (कोविड-19 की वजह से एक बार तीन वर्ष की छूट दी गई है) तक ही होनी चाहिए. हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को रेलवे भर्ती नियम के आधार पर अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. अधिक जानकारी नोटिफिकेशन में चेक कर सकते हैं. आवेदन शुल्क जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपये, एससी/एसटी/ दिव्यांग उम्मीदवारों को 250 रुपये और सभी महिला उम्मीदवारों को 250 रुपये फीस जमा करने होगी.   recent visitors 85