प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा

महाकुंभ में भक्तों को ट्रेन बिलासपुर से मिले,पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से मिलकर रखी माँग बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी प्रयागराज महाकुंभ में बिलासपुर जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाएगा रेल महाप्रबंधक ने शीघ्र करेंगे दिया आश्वासन कुलियों की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक ने रेल महाप्रबंधक से की चर्चा,कुलियों की स्वास्थ्य सेवा,रोजी और बच्चों की पढ़ाई और यूनिफार्म की समस्या प्रमुख थी बिलासपुर बिलासपुर रेलवे जोन के मुख्य स्टेशनों से महाकुंभ के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेन चलेगी । आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे की मांग पर रेलवे जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने कहां है कि प्रयागराज में जो महाकुंभ होने वाला है उसमें बिलासपुर रेलवे जोन से यात्री सुविधा के लिए बिलासपुर रायपुर तथा दुर्गा प्रमुख स्टेशनों से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, इसके लिए जल्द ही रेलवे बोर्ड से नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। जनवरी माह से प्रयागराज में महाकुंभ शुरू होने जा रहा है उसके पहले ही छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए महाकुंभ में स्नान करने तथा यात्री सुविधा को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे जोन महा प्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की और महाकुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग रखी । अब बिलासपुर जून के अंतर्गत बिलासपुर मुख्य स्टेशन,  सहित रायपुर, दुर्ग ,छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख स्टेशनों से महाकुंभ स्पेशल ट्रेन की सुविधा लोगों कोमिलेगी। इससे कटनी मार्ग में गौरेला पेंड्रा मरवाही के भी श्रद्धालुओं को महाकुंभ जाने के लिए सीधे यात्री सुविधा मिलेगी।  पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक के प्रति आभार जताया और कहा है कि  प्रयागराज में महाकुंभ जो जनवरी माह में शुरू होने जा रहा है यहां के लोगों की आस्था है और यात्री सुविधा का लाभ यहां के लोगों को मिले इसके लिए ज़ोन महाप्रबंधक के द्वारा रेलवे बोर्ड के माध्यम से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर अच्छी पहल की जा रही है। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल में बिलासपुर जोन में यात्री सुविधा का विस्तार हो रहा है और आने वाले समय में यात्री सुविधा का लाभ बिलासपुर के लोगों को मिलेगा ।पूर्व विधायक ने भरोसा दिलाया है कि नए साल में बिलासपुर के लोग जो महाकुंभ में स्नान करने जाएंगे स्पेशल ट्रेन चलने से उन्हें लाभ मिलेगा। वे खुद महाकुंभ में जाने की तैयारी कर रहे हैं। आज जोन महाप्रबंधक से पूर्व विधायक ने यात्री सुविधा विस्तार को लेकर,कई मुद्दों पर चर्चा की। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने आज कुलियों की समस्याओं को लेकर ज़ोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात की। शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक को बताया कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर रेलवे स्टेशन में काम करने वाली कुलियों को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। रेलवे स्कूल में उनके बच्चों को  प्रवेश नहीं मिल रहा है ‌ । यहां के लगभग 200  कुलियों को वर्दी भी प्राप्त नहीं हो रही है। कुलियो के लिए कॉमन रूम भी उपलब्ध कराया जाए। बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर में 200 कुली  काम कर रहे हैं यह सभी गरीब परिवार से हैं।  रेलवे महाप्रबंधक मीनू इटियारा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे के द्वारा कुलियों के संदर्भ में लाई गई समस्याओं को गंभीरता से लिया है। और जल्द ही कुलियों की समस्याओं का समाधान जो महाप्रबंधक के द्वारा किया जाएगा। । पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने जोन महाप्रबंधक को बताया किबिलासपुर रेलवे जोन मुख्यालय के स्टेशन का सौंदरीकरण किया जा रहा है जिसमें कुलियों के लिए एक रूम की सुविधा दी जाये। कुलियों को साल में तीन बार वर्दी उपलब्ध कराई जाए। उनके परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा तथा रेलवे स्कूल में बच्चों की पढ़ाई का प्रबंध रेलवे के द्वारा किए जाने की मांग पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने महाप्रबंधक के समक्ष रखी है। जोन महाप्रबंधक नीनु इटियेरा ने पूर्व विधायक शैलेश पांडे से कहा है कि   कुलियों की समस्याओं को लेकर जल्द में वे निर्णयक लेगी ‌ कुलियों को समय पर वर्दी मिलनी चाहिए और कुलियों के बच्चों के लिए रेलवे स्कूल तथा स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश के लिए हुए पहल करेंगे।  साथ ही कुलियों के परिवार को रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहल करेंगे। रेलवे कुली कल्याण समिति के सदस्यों से जल्द ही बातचीत होगी। महाप्रबंधक नहीं अभी कहां है कि कुली हमारे रेलवे परिवार के सदस्यहैं। उनके बच्चों को चिकित्सा सुविधा एवं शिक्षा का लाभ मिलना चाहिए।  दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे कुली कल्याण समिति के  अध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ,अनिल कश्यप, अनुपा यादव,  जितेंद्र भारद्वाज, राजकुमार मनहर, नवरंगी जयकुमार, मुकेश कुमार बंजारे,विक्रम ध्रुव,रामचरण वस्त्रकर,  रामा राव, पूर्व विधायक शैलेश पांडे से मिलकर समस्या रखी थी और आज पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक नीनु इटियेरा से मुलाकात कर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तथा उसलापुर के 200 से अधिक कार्यरतकुलियों की समस्या रखी। recent visitors 51

चेन पुलिंग समस्या को समाप्त करने RPF ने विशेष अभियान शुरू किया, रेलवे लेगा मोटा जुर्माना

 भोपाल बिना किसी वैध कारण के ट्रेन की चेन खींचना अब आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला है. पश्चिम मध्य रेलवे ने चेन पुलिंग करने पर जुर्माने के साथ अब ट्रेन जितनी देर रुकेगी उसका खर्चा भी अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे में भोपाल मंडल के रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया, अक्सर देखा गया है कि कुछ यात्रियों द्वारा बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने से न केवल गाड़ियां देरी से चलती हैं, बल्कि रेलवे को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता है. इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए 06 दिसंबर 2024 से रेल सुरक्षा बल (RPF) द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. इसमें अवैध अलार्म चेन पुलिंग पर जुर्माने के साथ ट्रेन रोकने का खर्च वसूला जाएगा. अब अगर किसी यात्री ने बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचीं तो उसे ₹1000 का जुर्माना ही नहीं बल्कि ट्रेन को रोकने (डिटेंशन) का खर्च भी चुकाना होगा. रेलवे ने यह लागत ₹8,000 प्रति मिनट निर्धारित की है. उदाहरण के तौर पर अगर ट्रेन 5 मिनट के लिए रुकी तो जुर्माना ₹8,000x 5=₹40,000 और इसमें चेन पुलिंग का ₹1000 जोड़ने पर कुल जुर्माना ₹41000 होगा. अगर ट्रेन 10 मिनट के लिए रुकी तो कुल जुर्माना ₹1000+₹8,000×10=₹81000. यह लागत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि चेन पुलिंग से प्रभावित अन्य गाड़ियों का भी डिटेंशन चार्ज चेन पुलिंग करने वाले से वसूला जाएगा जो ₹1 लाख तक पहुंच सकता है. इन दो कारणों पर मान्य होगी अलार्म चेन पुलिंग भोपाल मंडल के मुताबिक, केवल दो विशेष परिस्थितियों में अलार्म चेन पुलिंग मान्य मानी जाएगी. पहला, अगर यात्री की जान को खतरा हो जैसे गिरने की स्थिति में दुर्घटना टालने के लिए. दूसरा मान्य कारण होगा, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों या 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति का छूट जाना जैसे अगर वह चढ़ नहीं पाए और ट्रेन चल पड़ी. इनके अलावा हर अन्य कारण को अवैध माना जाएगा.   recent visitors 82

भोपाल मंडल वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे

भोपाल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल (Railway Bedroll) देने के मामले में इन दिनों चर्चा में है. वहीं भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) की ओर से बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों (AC Train) में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं. सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री (प्रेस) की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारियों का क्या कहना है? भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, "हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है." भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है. जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं. लिनन धुलाई की प्रक्रिया ऐसी है :     छंटाई और निरीक्षण: उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है.     प्री-ट्रीटमेंट: दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो.     स्वचालित धुलाई: लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है. पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके.     सुखाने की प्रक्रिया: धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है.     प्रेसिंग और फोल्डिंग: सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है.     गुणवत्ता नियंत्रण: हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है. यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है. इन ट्रेनों में की जाती है भोपाल मंडल से आपूर्ति वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है. इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर आर पी खरे ने बताया, "हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं." यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है. इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके. recent visitors 82

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है। recent visitors 79

Railway का बड़ा ऐलान, 650 ट्रेनों में जोड़े जाएंगे 1000 डिब्बे, 1 लाख यात्रियों को होगा फायदा

भोपाल  रेलवे ने बीते तीन माह में ही विभिन्न ट्रेनों में सामान्य श्रेणी (जीएस) के लगभग छह सौ नए अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। ये सभी कोच नियमित ट्रेनों में जोड़े गए हैं। नवंबर माह में जीएस श्रेणी के एक हजार से ज्यादा कोच लगभग साढ़े छह सौ नियमित ट्रेनों में जोड़े जाएंगे। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना व प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इस श्रेणी के यात्रियों को अधिकतम सुविधा मुहैया कराने की दिशा में रेलवे विभिन्न दिशाओं में कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर के तीन माह के दौरान जीएस श्रेणी के कुल 583 नए कोचों का निर्माण किया गया। साथ ही इन नवनिर्मित कोचों को 229 नियमित ट्रेनों में जोड़ा गया है। इससे रोजाना हजारों अतिरिक्त यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस नवंबर माह तक जीएस श्रेणी के कुल एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होकर रेलवे के बेड़े में जुड़ जाएंगे। इन्हें 647 नियमित ट्रेनों में जोड़ा जाएगा। इन डिब्बों के शामिल होने से रोजाना करीब एक लाख अतिरिक्त सवारी रेल यात्रा के सफर का लाभ उठा पाएंगे। नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा कार्यकारी निदेशक ने बताया कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर नए जीएस कोचों का निर्माण तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में रेलवे के बेड़े में ऐसे गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के दस हजार से ज्यादा जीएस कोचों को शामिल कर लिया जाएगा। इनमें छह हजार से ज्यादा जीएस कोच होंगे, जबकि बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नान एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। जीएस श्रेणी के ये नवनिर्मित तमाम कोच एलएचबी के होंगे। हादसे की स्थिति में इन कोचों में नुकसान भी कम से कम होगा। यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों की नई सुविधाओं को लेकर जानकारी दी है। कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि सामान्य कोच में यात्रा करने वाले यात्री रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत जुलाई से अक्टूबर तीन महीने में 583 नए जनरल कोच का निर्माण किया गया। इन कोचों को नियमित 229 ट्रेनों में जोड़ा गया है। ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या बढ़ने से यात्रियों का सफर आसान हुआ है। साथ ही हर दिन अतिरिक्त यात्रियों की यात्रा सुखद हो रही है। एक हजार से ज्यादा नए सामान्य कोच होंगे तैयार     रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने आगे योजनाओं को लेकर बताया कि बताया कि नवंबर तक सामान्य श्रेणी के एक हजार से ज्यादा नए कोच तैयार होंगे। ये नए कोट जल्द रेलवे के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। इन कोचों को नियमित 647 ट्रेनों में लगाया जाएगा। इन कोच के ट्रेनों में लगने से रोजाना करीब 1 लाख अतिरिक्त यात्री सफर का लाभ उठा पाएंगे। सामान्य कोच के यात्रियों का सफर होगा आसान कार्यकारी निदेशक ने आगे बताया कि सामान्य कोच से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नए जनरल कोच का निर्माण तेजी से किया रहा है। अगले दो साल में रेलवे के बेड़े में गैर-वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के 10 हजार से ज्यादा जनरल कोच शामिल होंगे। इनमें छह हजार से ज्यादा सामान्य कोच और बाकी डिब्बे स्लीपर श्रेणी के होंगे। इतनी बड़ी संख्या में नॉन एसी कोचों के शामिल होने से सामान्य श्रेणी के करीब आठ लाख अतिरिक्त यात्री रोजाना रेल यात्रा का सफर कर पाएंगे। LHB डिजाइन के नए जनरल कोच रेलवे के बेड़े में शामिल नए जनरल कोच LHB डिजाइन के होंगे। इन डिब्बों से सफर आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ सुरक्षित बनाने में भी मदद करेगी। पारंपरिक आईसीएफ रेल बोगी के मुकाबले ये नए LHB कोच हल्के और बेहद मजबूत हैं। हादसे की स्थिति में इन बोगियों को नुकसान कम होगा। recent visitors 82

अब रतलाम-चंदेरिया, नागदा-भोपाल सेक्शन में कवच लगने से नीमच, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ जाएगी

रतलाम  ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के साथ ही सुरक्षा को लेकर रेलवे संसाधन मजबूत कर रहा है। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के साथ ही रतलाम रेल मंडल में रतलाम से चंदेरिया और नागदा से भोपाल तक का सेक्शन भी कवच युक्त होगा। इसके लिए रेल मंडल से टेंडर जारी हो गए हैं। काम पूरा करने के लिए दो साल की समय सीमा रखी गई है। इससे नीमच, मंदसौर के साथ ही उज्जैन, भोपाल तक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा सकेगी। रतलाम-चंदेरिया और नागदा-भोपाल सेक्शन पर कवच संस्करण 4.0 का प्रावधान किया जाएगा। इसमें 120.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रतलाम रेल मंडल के 427.83 किलोमीटर के पूर्ण ब्लाक सेक्शन में यह प्रणाली लगाई जाएगी। चार दिसंबर तक टेंडर भरे जा सकेंगे। मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के 789 किमी में से 503 में ट्रायल पूरा     इधर मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों के मरम्मत, ओएचई का रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व का री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाए गए हैं।     वर्तमान में वडोदरा-अहमदाबाद खंड सहित मुंबई सेंट्रल-नागदा खंड पर 90 लोको के साथ 789 किलोमीटर पर कवच का काम चल रहा है। इसमें से 503 किलोमीटर तक लोको परीक्षण हो चुका है।     90 में से 73 लोकोमोटिव पहले ही कवच प्रणाली से लैस किया जा चुका है। वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन के 303 किलोमीटर में 173 पर लोको ट्रायल पूरा हो चुका है। मार्च 2025 तक काम पूरा होने की संभावना है। क्या है कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा तकनीक 'कवच' ट्रेन सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाती है। इसमें इंजन पर लगे सेंसर, जीपीएस सिस्टम से एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने पर स्वचालित ब्रेक लग जाते हैं। आरडीएसओ द्वारा विकसित कवच को ट्रेन टकरावों को रोकने, खतरे में सिगनल पासिंग से बचने में लोको पायलटों को सहायता मिलती है। इससे 200 किमी प्रति घंटे तक की गति को समायोजित किया जा सकता है। ट्रेनें तय गति सीमा के भीतर चले और इसकी रियल टाइम निगरानी भी होगी। यह काम भी किए ट्रैक पर पशु आदि न आए, इसके लिए नागदा-गोधरा खंड में लगभग 56 करोड़ की लागत से रेलवे ट्रैक के दोनों ओर कुल 160 किलोमीटर बाउंड्रीवाल का निर्माण होना है। करीब 100 किमी की बाउंड्रीवाल बनाई जा चुकी है। recent visitors 128

5647 अप्रेंटिस पदों पर रेलवे में भर्ती, जानें योग्यता, आवेदन की पूरी प्रक्रिया

मुंबई पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने अप्रेंटिस पदों पर बंपर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सुनहरा मौका उन युवाओं के लिए है जो रेलवे में करियर बनाना चाहते हैं और तकनीकी क्षेत्र में कौशल सीखना चाहते हैं। NFR की इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 5647 पद भरे जाएंगे, जो देशभर के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। योग्य उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट nfr.indianrailways.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 4 नवंबर, 2024 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जाती है, ताकि वे इस बड़े अवसर का लाभ उठा सकें और रेलवे में अपने करियर की शुरुआत कर सकें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आवेदन की शुरुआत 4 नवंबर, 2024 से हो चुकी है और अंतिम तिथि 3 दिसंबर, 2024 है। वैकेंसी डिटेल्स     कटिहार (KIR) और टिंधारिया (TDH) कार्यशाला: 812 पद     अलीपुरद्वार (APDJ): 413 पद     रंगिया (RNY): 435 पद     लुमडिंग (LMG): 950 पद     तिनसुकिया (TSK): 580 पद     न्यू बोंगाईगांव कार्यशाला (NBQS) और इंजीनियरिंग कार्यशाला (EWS/BNGN): 982 पद     डिब्रूगढ़ कार्यशाला (DBWS): 814 पद     NFR मुख्यालय (HQ)/मालिगांव: 661 पद आयु सीमा आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 15 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नोटिफिकेशन में दी गई अंतिम तिथि के अनुसार)। सेलेक्शन प्रोसेस सेलेक्शन यूनिट, ट्रेड और कम्युनिटी-वाइज मेरिट पोजीशन के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट मैट्रिक में प्राप्त अंकों (कम से कम 50% अंक) और संबंधित ट्रेड में ITI के अंकों के औसत पर आधारित होगी। आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क ₹100/- है। SC, ST, PwBD, EBC और महिला उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। एप्लीकेशन में सुधार यदि आवेदन जमा करने के बाद किसी जानकारी में बदलाव या सुधार करना चाहते हैं, तो ₹50/- का शुल्क प्रति अवसर देना होगा। हालांकि, रजिस्ट्रेशन की जानकारी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार NFR की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। recent visitors 97