Thursday, July 9, 2026 11:59 pm

दमोह के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी

दमोह दमोह जिले में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव के हालात निर्मित हो गए हैं। शहर की सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार नाव चलाकर 7 लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा है। यहां कमर से ऊपर तक पानी भर चुका था। जिसके बाद रात में ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। बता दें जिले भर में शनिवार शाम से शुरु हुआ बारिश का दौर रातभर  चलता रहा। जिससे नदी नाले पर उफान पर आ गए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जल भराव के हालात निर्मित हो गए। शहर की सुभाष कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, वसुंधरा नगर के अलावा अन्य कॉलोनी में पानी भर गया जो लोगों के घरों के अंदर भी घुस गया। शहर के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी। होमगार्ड जिला कमांडेंट हर्ष कुमार जैन ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे सुभाष कॉलोनी में लोगों के घरों के अंदर पानी भरने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके बाद उन्होंने टीम को मौके पर भेजा और पानी में फंसे लोगों को नाव के सहारे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। हालांकि, इस बार पानी कुछ कम था, लेकिन कमर के ऊपर तक पानी लोगों के घरों के अंदर भरा हुआ था। इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजना आवश्यक था। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है, सभी को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बता दें कि अभी तक दमोह जिले में 631 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, 24 घंटे में दो इंच बारिश हुई है। भीलामपुर गांव में तालाब का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। जिसमें अधिक नुकसान हुआ है और किसानों का रखा अनाज भीग गया है।  गृहस्थी का सामान और खाने पीने की सामग्री भी खराब हो गई। recent visitors 135

मंडला में नर्मदा उफान पर, 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इंदौर भोपाल ग्वालियर जबलपुर समेत इन जिलों में रेड अलर्ट

भोपाल प्रदेश में वर्षा का मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो गया गुरुवार को राजधानी भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मंडला में नर्मदा नदी उफान पर है। रामनगर और छोटा पुल डूब गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भोपाल में गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। इससे पुराने भोपाल में कुछ इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। स्कूल से बच्चों को लेकर लौट रही स्कूल वैन नाले में फंस गई। हालांकि, जेसीबी की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मध्यप्रदेश में एक्टिव दाे बड़े सिस्टम की वजह से आज रविवार को भी बारिश हो रही है। भोपाल में छोला इलाके के मकानों में पानी भर गया है। विदिशा में बेतवा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट शनिवार रात में बंद कर दिए गए थे अतिभारी बारिश की इन जिलों में चेतावनी रविवार को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी जताई है। इन जिलों में बालाघाट, मैहर, शहडोल, कटनी, उमरिया, शामिल हैं।जबकि पन्ना, डिंडौरी, जबलपुर, सतना, सीधी, सिंगरौली, दमोह छतरपुर अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़ शिवपुरी,नरसिंहपुर, विदिशा, रायसेन, खंडव हरदा नीमच, मंदसौर, रतलाम,निवाड़ी, सागर, बैतूल, सिवनी, झाबुआ, अलीराजपुर, शाजापुर, बुरहानपुर, आगर, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, उज्जैन, बड़वानी, खरगोर, देवास, नर्मदापुरम, राजगढ़, दतिया, भोपाल में भी पानी गिर सकता है। शनिवार सुबह 8:30 से शाम के 5:30 तक सागर में 17, सतना में 0.7, शिवानी में पांच, सीधी में 19, टीकमगढ़ में तीन, उमरिया में 6, मलाजखंड में 29, छिंदवाड़ा में चार, दमोह में 18, जबलपुर में 35, मंडला में 20, नरसिंहपुर में 69, रीवा में 37, बैतूल में पांच, भोपाल में 0.4, धार में सात, गुना में 0.2 नर्मदापुरम में सात, इंदौर में पांच, खंडवा में तीन, खरगोन में पचमढ़ी में 6, रतलाम में 6, शिवपुरी में 6 और उज्जैन में 0.6 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई। 14 प्रतिशत से अधिक बारिश वहीं, रविवार को 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 9 गेट खोलने से नदी में बहाव तेज हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 जून से 3 अगस्त तक के मानूसनी सीजन में अब तक प्रदेश में औसत से 14 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 6% अधिक जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 21% अधिक पानी गिर चुका है। भोपाल में शनिवार भदभदा के 2, कलियासोत डैम के 4 गेट खुले भोपाल में शनिवार रात से हो रही बारिश सुबह भी जारी रही। कई इलाकों में एक फीट तक पानी भर गया है। रात में ही शहर में ढाई इंच पानी गिर गया। बड़ा तालाब अपने फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया है। भदभदा डैम के 2 गेट खोल दिए गए। कलियासोत डैम के 4 गेट खोले गए हैं। आज कोलार डैम के गेट भी खुल सकते हैं। भोपाल में अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 80 प्रतिशत तक है। recent visitors 201

भारी बारिश को लेकर यादव ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य के बड़े हिस्से में भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। डॉ यादव ने देर रात कहा कि राज्य में इन दिनों बारिश ज्यादा हो रही है। सरकार ने प्रशासन को अलर्ट किया है और जनता से भी आग्रह है कि वे सावधानी रखें। वर्षा की अधिकता है, पेड़ आदि के नीचे लोग खड़े होने से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां पानी ज्यादा है, वहां आवश्यक सावधानी रखें। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वर्षा का दौर सुरक्षित निकलेगा। राज्य में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है। स्थानीय मौसम केंद्र ने आज भी राज्य के भोपाल, दमोह, आगर-मालवा, डिंडोरी, इंदौर, खरगोन, मैहर, पांढुर्ना, राजगढ़, रतलाम, सतना, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा जिले में कई स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने आज भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।   recent visitors 95

मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव, 12 जिलों में रेड अलर्ट, इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में शनिवार को भी बारिश का दौर जारी है। भोपाल में सुबह से रिमझिम पानी गिर रहा है। कलियासोत नदी किनारे से 20 परिवारों का रेस्क्यू किया गया। सुखी सेवनिया के नाले में 14 साल का लड़का बह गया। मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार प्रदेश भर में बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को भी कई जिलों में भारी का बारिश रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश से प्रदेश भर के नदी नाले उफान पर हैं। प्रदेश 12 जिले- सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं, भोपाल, जबलपुर समेत 23 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। विदिशा और अशोकनगर को जोड़ने वाले बाह्य नदी के पुल पर दो फीट ऊपर से पानी बह रहा है। रायसेन में प्राकृतिक झरने फूट पड़े हैं। आज शनिवार को 12 जिले- सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं, भोपाल, जबलपुर समेत 23 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां मध्यम बारिश की संभावना मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगले कुछ घंटे में सागर, दमोह, सीहोर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला कान्हा, डिंडौरी, अनुपपुर अमरकंटक, टीकमगढ़, बड़वानी में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। साथ ही सिंगरौली, शहडोल बाणसागर बांध पर मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। यहां बारिश की संभावना कटनी, जबलपुर भेड़ाघाट, विदिशा उदयगिरि, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, देवास, धारमांडू, खरगोन महेश्वर, हरदा, नर्मदापुरम पचमढ़ी, रायसेन सांची भीमबेटका, पांढुर्ना, सिवनी, छतरपुर खजुराहो के साथ-साथ शिवपुरी, श्योपुर कलां, भिंड, दतिया रतनगढ़, निवाड़ी ओरछा, गुना, अशोकनगर, पन्ना, रीवा, मऊगंज, उमरिया बांधवगढ़, सीधी में हल्की बारिश नरसिंहपुर, बुरहानपुर, खंडवा ओंकारेश्वर, इंदौर आंध्र प्रदेश, उज्जैन महाकालेश्वर, रतलाम धोलावाड, मंदसौर गांधीसागर बांध, अलीराजपुर पूर्वाह्न में बारिश होने की संभावना है। अगले दो दिन तक जारी रहेगा तेज बारिश का दौर मौसम विभाग भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन लो प्रेशर एरिया बन गया है। मानसून ट्रफ इस लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए सीधी, ग्वालियर यानी मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। एक अन्य ट्रफ पूर्व-पश्चिम से होकर इन्हीं क्षेत्रों में एक्टिव है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की बात करें तो इससे बराबर नमी आ रही है, जो प्रदेश को प्रभावित कर रही है। बारिश जारी है, जो अगले 2 दिन तक होती रहेगी। इसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। शनिवार को सिस्टम आगे बढ़ेगा। इससे दक्षिण और मध्य हिस्से को प्रभावित करेगा। इसलिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है। लगभग पूरा प्रदेश तरबतर होगा। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और बाढ़ आने की आशंका भी है। एमपी में इसलिए स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना आईएमडी भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन लो प्रेशर एरिया बन गया है। मानसून ट्रफ इस लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए सीधी, ग्वालियर यानी मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। एक अन्य ट्रफ पूर्व-पश्चिम से होकर इन्हीं क्षेत्रों में एक्टिव है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की बात करें तो इससे बराबर नमी आ रही है, जो प्रदेश को प्रभावित कर रही है। इस वजह से गुरुवार देर रात से ही तेज बारिश जारी है, जो अगले 2 दिन तक होती रहेगी। इसके लिए मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। शनिवार को सिस्टम आगे बढ़ेगा। इससे दक्षिण और मध्य हिस्से को प्रभावित करेगा। इसलिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है। लगभग पूरा प्रदेश तरबतर होगा। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और बाढ़ आने की आशंका भी है। recent visitors 197

जोरदार बारिश से मध्य प्रदेश में लबालब हुए बांध, तवा, भदभदा और कलियासोत डैम के खुले गेट, बारिश का अलर्ट

भोपाल  बड़ा तालाब का लेवल 1666 फीट पहुंचा बड़ा तालाब अब सिर्फ 0.80 फीट खाली सीहोर और भोपाल जिले में तेज बारिश का अलर्ट थोड़ी देर में खोले जाएंगे भदभदा डैम के गेट तेज बारिश होते ही खोल दिए जाएंगे भदभदा डैम के गेट निगम ने गेट खोलने की तैयारियां की पूरी राजधानी में सीजन की 71% हुई बारिश भोपाल में 106 फीसदी बारिश का अनुमान. नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ते ही तवा डैम के 9 गेट खोले जा चुके हैं. राजधानी और इसके आसपास जिलों में भी गुरुवार शाम से तेज बारिश हो रही है. जिससे बड़ा तालाब भी फुल हो चुका है. जिसके बाद कलियासोत के 10 और भदभदा डैम के 5 गेट, कोलार डैम के 4 गेट खोल दिए गए हैं. यदि इसी तरह से बारिश का सिलसिला जारी रहा तो अन्य डैमों के गेट भी खोलने पड़ेंगे. एमपी में 5 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि 'प्रदेश में अब तक सीजन की 55 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 19.7 इंच अधिक है. जून और जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश के बाद जुलाई महीने में भी यह सिलसिला जारी रहेगा. एक अगस्त को भी प्रदेश के 23 जिलों में तेज बारिश हुई है. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि एमपी में मॉनसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से सिस्टम स्ट्रांग बना हुआ है. जिससे 5 अगस्त तक पूरे प्रदेश में इसी तरह तेज बारिश का दौर जारी रहेगा.' एमपी के 9 जिलों में रेड अलर्ट, 23 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में करीब 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है. शुक्रवार को नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, रायसेन, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है. वहीं जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, मंडला, गुना, विदिशा, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मउगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, भोपाल, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, राजगढ़, आगर-मालवा, हरदा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, खंडवा समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की संभावना है. ये है प्रदेश में बारिश का हाल बैतूल जिले में बीते 24 घंटे से तेज बारिश हो रही है. इससे तवा नदी का जलस्तर बढ़ते ही सुबह सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए. वहीं रायसेन में 36 घंटों से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. यहां मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी किया है. भोपाल में गुरुवार शाम से तेज बारिश हो रही है. जिससे नदी-नाले भर चुके हैं. निचली बस्तियों में बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है. उधर मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान के उपर बह रही है. यह है मौसम का मौजूदा सिस्टम मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र व उससे लगे बांग्लादेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात अब कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है. मॉनसून द्रोणिका गंगानगर, रोहतक, हरदोई, बनारस, देहरी, कैनिंग से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है. सौराष्ट्र और उससे लगे अरब सागर पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है. उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है. इसके साथ ही दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है.   recent visitors 96

प्रदेश में आज 11 जिलों में बारिश का रेड अलर्, भोपाल में तेज बारिश, कलियासोत डैम के खुले 3 गेट

भोपाल मध्यप्रदेश में लगातार बारिश होने से शुक्रवार सुबह 7 डैम के गेट खोल दिए गए हैं। भोपाल में कोलार डैम के 4, कलियासोत के 3, भदभदा के 5, नर्मदापुरम में तवा डैम के 5, अशोकनगर में राजघाट के 8, जबलपुर में बरगी के 7 और छिंदवाड़ा में माचागोरा डैम के 4 गेट खोले। प्रदेश के 6 जिलों भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट है। मौसम विभाग ने 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। भोपाल और रायसेन के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है। तेज बारिश के चलते सीहोर कलेक्टर ने सभी स्कूल और आंगनवाड़ियों की छुट्टी घोषित कर दी है। मध्यप्रदेश में सीजन की 55% यानी एवरेज 19.7 इंच बारिश हो चुकी है। जून और जुलाई में कोटे से ज्यादा पानी गिरा। अगस्त के पहले ही दिन प्रदेश के 23 जिलों में बारिश हुई। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। यह सिस्टम 5 अगस्त तक पूरे प्रदेश को तरबतर करेगा। इसलिए ऐसा मौसम आईएमडी, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को मानसून ट्रफ एमपी के ऊपर रही। वेस्ट बंगाल में एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एमपी की ओर आने लगा। एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर है। दो अन्य सिस्टम भी एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहा। 2 अगस्त से सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इसलिए बारिश का दौर चलेगा। कहीं भारी से भारी और कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जून-जुलाई में कोटे से ज्यादा पानी गिरा इस बार प्रदेश में मानसून 21 जून को एक्टिव हुआ। इसे 40 दिन से ज्यादा हो गए। जून – जुलाई में मानसून की आधी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। अब तक की बारिश का कोटा भी पूरा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, अब तक औसत 18.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 19.7 इंच पानी गिर गया। इस तरह 1.6 इंच बारिश ज्यादा हुई है। यह 9% अधिक है। बारिश में सिवनी अव्वल, 10.80 इंच पानी ज्यादा गिरा प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सिवनी जिले में 32 इंच हो गई। यह कोटे की बारिश की 10.80 इंच ज्यादा है। मंडला, नर्मदापुरम, भोपाल, रायसेन और छिंदवाड़ा ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का आंकड़ा 25 इंच या इससे ज्यादा है। रीवा सबसे पिछड़ा जिला है। यहां 8 इंच बारिश ही हुई है। अब तक प्रदेश में ओवरऑल 9% बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में 15% ज्यादा पानी गिरा है। मंडला में नर्मदा खतरे के निशान के करीब उधर, मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। रामनगर और छोटा पुल डूब गया है। नदी का जलस्तर 437.30 मीटर पर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 437.80 मीटर है। वहीं जिले की बुढ़नेर नदी में आई बाढ़ में एक महिला फंस गई थी। एसडीईआरएफ ने उसका रेस्क्यू किया। एमपी में स्ट्रॉन्ग सिस्टम, अगले 4 दिन चलेगा बारिश दौर अगस्त के पहले ही दिन से मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है, जो अगले 4 दिन तक बना रहेगा। मध्यप्रदेश में सीजन की 51% यानी 18.9 इंच बारिश हो चुकी  है। जुलाई में कोटे से ज्यादा पानी पड़ चुका है। अगस्त में भी ऐसे ही आसार बन रहे हैं। केदारनाथ में फंसे एमपी के 51 लोग एयरलिफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि चारधाम की यात्रा के दौरान केदारनाथ में फंसे मध्यप्रदेश के 61 यात्रियों में से 51 को गुरुवार को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया  है। शेष 10 यात्री केदारनाथ में ही सुरक्षित स्थान पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, शिवपुरी के बदरवास क्षेत्र के कुल 61 लोग एक बस और चार पहिया वाहन लेकर केदारनाथ दर्शन के लिए गए थे, जो भूस्खलन के कारण वहां फंस गए। राज्य सरकार ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर उन्हें एयरलिफ्ट कराया। राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के सतत संपर्क में  है। रायसेन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच वर्षा एक दिन पहले रायसेन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सीधी में 1.9 इंच, भोपाल में 1.6 इंच, नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में 1.4 इंच, सतना में 1.7 इंच, टीकमगढ़ में 1 इंच बारिश हुई। धार, उमरिया, मलाजखंड, रतलाम, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की (MP Weather Update) गई। बारिश कराने वाले सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग अनुसार अभी मानसून ट्रफ प्रदेश से थोड़ी ऊपर है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन अरब सागर की ओर है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। अब इनकी स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी से झमाझम बारिश हो रही है। इसलिए अगले 4 दिन के लिए प्रदेश में कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान  है। ये भी पढ़ें: पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत खारिज: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा- फर्जीवाड़ा करने वाले बाकी कैंडिडेट्स की भी जांच की जाए अब तक प्रदेश में सबसे ज्यादा सिवनी में बारिश प्रदेश में 21 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसे 40 दिन बीत चुके हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश सिवनी में 31.74 इंच हुई। रीवा में आंकड़ा 8 इंच तक भी नहीं पहुंचा है। अब जो सिस्टम एक्टिव हो रहा है, उसका असर पूर्वी हिस्से- जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में ज्यादा देखने को मिलेगा। इसलिए जहां कम बारिश हुई है वहां आंकड़ा बढ़ेगा। अब तक प्रदेश में ओवरऑल 7% बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें पूर्वी हिस्से में 1% और पश्चिमी हिस्से में 14% ज्यादा पानी गिरा है। recent visitors 102

जयपुर में बारिश से स्कूलों की छुट्टी, एयरपोर्ट पर 5.2 इंच बारिश दर्ज की गई

जयपुर  राजस्थान में मॉनसून फिर से सक्रिय है। जयपुर में भारी बारिश ने बुधवार रात से ही तबाही मचा रखी है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं, घरों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस भारी वर्षा के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर जयपुर के 22 गोदाम और सिविल लाइंस इलाके में जलभराव ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। राजधानी के अधिकांश स्कूलों ने गुरुवार को भारी बारिश के चलते छुट्‌टी घोषित कर दी है। कई बड़े आयोजनों को भी स्थगित करना पड़ा है। जयपुर एयरपोर्ट पर 5.2 इंच बारिश मौसम केंद्र जयपुर की ओर से बताया गया है कि 1 अगस्त सुबह 5:30 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर 133 मिमी यानी 5.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का दौर आगामी दो घंटे और जारी रहने की संभावना है। बता दें कि राजस्थान में मानसून की वापसी के साथ ही जयपुर और सीकर समेत कई जिलों में मूसातदार बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। जयपुर के पॉश इलाकों में भी एक-दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में एक घर के बेसमेंट में पानी भर जाने से एक परिवार फंस गया है। सिविल डिफेंस की टीम पिछले तीन घंटे से परिवार को बचाने की कोशिश कर रही है। अजमेर रोड और सीकर रोड पर भी पानी भरा शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। कूड़े के ढेरों के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। करतारपुरा नाला उफान पर है, जबकि अजमेर रोड और सीकर रोड पर भी पानी भर गया है, जिससे खतरा पैदा हो गया है। जयपुर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी पानी भर गया है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल एक के बाहर गुरुवार सुबह भारी बारिश के कारण पानी भर गया। स्कूल बस और वैन सड़क धंसने से फंसी बारिश के कारण एक और घटना में जयपुर के जामडोली इलाके में स्कूली बच्चों को ले जा रही एक स्कूल बस और वैन सड़क धंसने से फंस गई। गनीमत रही कि हादसे में सभी बच्चे सुरक्षित बच गए। फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए मौके पर जेसीबी बुलानी पड़ी, लेकिन जेसीबी भी सड़क पर धंस गई। इससे अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। recent visitors 159