Friday, July 10, 2026 1:04 am

मध्यप्रदेश के 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना, अब तक सामान्य से 20 फीसदी ज्यादा बरसात

भोपाल मध्य प्रदेश में शनिवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ लाइन की वजह से आज तेज बारिश हो सकती है। हालांकि, 11 अगस्त से बारिश की एक्टिविटी कम हो जाएगी, इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इन जिलों आज होगी तेज बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जिन जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, मऊगंज और सतना शामिल हैं। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून ट्रफ लाइन एक्टिव है। मानसून ट्रफ एमपी के कई जिलों से होकर गुजर रही है। इस वजह से शनिवार को उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसलिए प्रदेश में हो रही बारिश मध्य प्रदेश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि दक्षिणी झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में भी एक प्रभावी चक्रवात मौजूद है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, शिवपुरी, सीधी, डाल्टनगंज, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अतिरिक्त दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर हवा के ऊपरी भाग में तीन चक्रवात बने हुए हैं। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है।  अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। recent visitors 109

सरगुजा संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना

रायपुर सरगुजा संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में भारी बारिश हो रही है। लगातार पानी गिरने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे पानी घरों और स्कूल भवन में भी भर रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक 771.5 मिमी बारिश हुई है, जो औसत से 14% ज्यादा है। दो जिले ऐसे हैं, जहां औसत से ज्यादा काफी ज्यादा बारिश हुई है। बीजापुर में 106% और बलरामपुर में 64% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उफान पर इरिया नदी, स्कूल में भरा पानी बलरामपुर में भारी बारिश का दौर जारी है। इरिया नदी उफान पर है। शुक्रवार को घरों के साथ ही पानी डिंडो हाई स्कूल भवन में भी भर गया। क्लासरूम में घुटनों से नीचे तक पानी भर गया। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा। ग्रामीणों की मदद से पानी बाहर निकाला जा रहा है। बिलासपुर में थमी बारिश, नदी-नाले और डैम लबालब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को यलो अलर्ट जारी करने के बाद बारिश थम गई। हल्की बूंदाबांदी के बीच आसमान पर बादल छाए रहे। इधर, लगातार बारिश के बाद से नदी-नाले और डैम लबालब हो गए हैं, जहां पर्यटक भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में पुलिस लोगों को सावधानी बरतने के लिए मुनादी करा रही है। recent visitors 86

Mp में भोपाल समेत कई जिलों में हुई बारिश, डेमों के गेट खुले, बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर अगले एक सप्ताह थमा रहेगा। मानसून ट्रफ के प्रदेश से ऊपर निकलने और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर होने से ऐसा होगा। एमपी में मानसून की एंट्री से अब तक 45 दिन हो गए, इस दौरान औसत 24.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 65% है। भोपाल, मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम समेत 7 जिले ऐसे हैं, जहां पर 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। मंडला में सबसे ज्यादा 36.67 इंच बारिश हो चुकी है। आईएमडी भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मानसून ट्रफ मध्यप्रदेश के ऊपर है। ईस्ट-वेस्ट ट्रफ भी गुजर रही है। ट्रफ साउथ राजस्थान से नॉर्थ केरल तक जा रही है। इस वजह से भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। एक सप्ताह तक ऐसा ही दौर रहेगा। प्रदेश में औसत से 22 फीसदी हुई बारिश मध्य प्रदेश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मध्य प्रदेश में 1 जून से 05 अगस्त 2024 की लंबी अवधि के औसत से 22 फीसदी अधिक बारिश हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 19 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 26 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में 21 जून को मानसून ने प्रवेश किया था तब से लगातार बारिश हो रही है। शुरुआती दौर में पश्चिम क्षेत्र में कम बारिश डर की गई थी लेकिन पिछले दो सप्ताह से हो रही तेज बारिश ने कोटा पूरा कर लिया और औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मध्य प्रदेश के इन जिलों में बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने प्रदेश के भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जबकि राजगढ़, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा के ओंकारेश्वर, खरगोन के महेश्वर, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ में मध्यम बारिश जबकि भोपाल, सीहोर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास में हल्की बारिश होने की संभावना है। इंदौर, धार के मांडू, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, रीवा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, हरदा, विदिशा, रायसेन के भीमबेटिका और सांची, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, सागर जिलों में भी मौसम के बदलने का अनुमान है। भोपाल में चार दिन में महीने की आधी बारिश हुई राजधानी भोपाल में सोमवार शाम को तेज बारिश हुई। इससे पहले सुबह हल्की फुहारें भी गिरती रही। इधर कलियासोत डैम के 13 में 11 गेट खुले हुए हैं। वहीं, भदभदा डैम के 2 में से एक गेट सुबह 8 बजे बंद कर दिया गया। यानी, एक गेट खुला रखा गया है। कोलार के दोनों गेट सोमवार सुबह बंद कर दिए गए। राजधानी भोपाल में 4 दिन में ही अगस्त के कोटे की आधी बारिश हो गई। इस महीने औसत 13 इंच पानी बरसता है, लेकिन इस बार 1 से 4 अगस्त के बीच 6.9 इंच बारिश हो गई है। इसे मिलाकर सीजन में 31 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है, जो 85% से ज्यादा है। वहीं, पिछले साल पूरे सीजन के मुकाबले इस बार ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछली बार पूरे सीजन 30.9 इंच बारिश ही हुई थी। recent visitors 82

एमपी के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, झमाझम बरसात से प्रदेश के 10 डैम लबालब

भोपाल मध्यप्रदेश में बारिश से छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। बरगी, बाणसागर जैसे 10 बड़े बांध छलक उठे हैं। शिवपुरी में सिंध नदी में उफान आने से टापू पर 18 लोग फंस गए हैं। पुलिस के साथ एसडीईआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी है।  मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जबकि शेष जिलों में हल्की से मध्यम बरसात होने का अनुमान जताया है. बता दें मप्र में 21 जून को मानसून की एंट्री हुई थी. मानसून की दस्तक के बाद शुरुआत में भले ही अच्छी बारिश नहीं हुई, लेकिन इसके बाद से प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है. प्रदेश में अब तक 23.3 इंच से ज्यादा बरसात हो चुकी है. झमाझम बारिश की वजह से नदी-तालाब सभी उफान पर है, जबकि 10 बड़े बांध भी लबालब हो गए, जिनके गेट खोलना पड़ रहे हैं. जबलपुर में बरगी बांध 94 प्रतिशत भर चुका है। ऐसे में सोमवार दोपहर तीन गेट और खोले जा सकते हैं। नर्मदापुरम में भी नर्मदा का जलस्तर सामान्य से 20 फीट ऊपर है। फिलहाल, नर्मदा खतरे के निशान से 13 फीट नीचे बह रही है। सोमवार को जलस्तर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी इंदौर, उज्जैन, सागर, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के 13 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में डेढ़ महीने के अंदर 23.3 इंच बारिश हो चुकी है यानी सीजन के कोटे का 62% पानी गिर चुका है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह के मुताबिक, लो प्रेशर एरिया, मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से एमपी में भारी बारिश का दौर चल रहा है। रात में सोए, सुबह उठे, तो चारों ओर पानी दिखा शिवपुरी में कोलारस थाना क्षेत्र के भड़ौता-रन्नौद मार्ग पर रेशम माता मंदिर के पास सिंध नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। काम में जुटे मजदूरों को सिंध नदी किनारे ठाकुर बाबा मंदिर के टापू पर ही शेल्टर बनाकर ठहराया गया है। रविवार रात मजदूर शेल्टर में सोए हुए थे। सुबह जब सभी मजदूर उठे, तो वह चारों तरफ से नदी के पानी से घिर चुके थे। बताया जा रहा है कि रात में ऊपरी हिस्सों में हुई बारिश के चलते नदी में उफान आ गई। रविवार को 25 जिलों में बारिश रविवार को भी प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में बरसात हुई. सबसे ज्यादा बारिश ग्वालियर में 1.8 इंच दर्ज की गई, जबकि पचमढ़ी में 1.7 इंच, शिवपुरी-शाजापुर में डेढ़ इंच, गुना में 1.1 इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच, सीहोर में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई. आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, इन जिलों में नर्मदापुरम, रायसेन, बैतूल, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, दमोह, सागर और छतरपुर जिले शामिल हैं, जबकि सीहोर, विदिशा, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा में हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति रहेगी.   25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश रविवार को 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 1.8 इंच, पचमढ़ी में 1.7 इंच, शिवपुरी-शाजापुर में डेढ़ इंच, गुना में 1.1 इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच पानी गिरा। टीकमगढ़, रतलाम, बैतूल, सतना, छिंदवाड़ा, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, दमोह, खजुराहो, मलाजखंड, धार, सिवनी, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश हुई। एमपी में अब तक 20% बारिश ज्यादा हुई प्रदेश में मानसून की एंट्री 21 जून को हुई थी। एक सप्ताह में ही पूरे प्रदेश में मानसून छा गया था, तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से अब तक 20 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 22% और पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में औसत से 17% अधिक बारिश हो चुकी है। मौजूदा सिस्टम से पहले पूर्वी हिस्से में कम बारिश हुई थी। recent visitors 90

बूंदी में रात मूसलाधार बारिश, कलेक्टर ने स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया, नागदी बाजार में कार और बाइक तेज बहाव में बही

बूंदी राजस्थान की छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध शहर बूंदी में रविवार रात मूसलाधार बारिश हुई। बूंदी शहर में बाढ़ के हालात बन गए। शहर में स्थित नवल सागर झील रात की बारिश से ओवर फ्लो हो गई। बूंदी शहर की सड़कों पर पानी का सैलाब आ गया। दरिया की तरह पानी बहता नजर आया। लोग सोमवार सुबह सो कर उठे नहीं थे कि उसके पहले ही शहर बाढ़ से घिर गया और गलियों में खड़ी कारें और बैंड-बाजे खिलौनों की तरह बहते हुए नजर आए। लोगों की बाढ़ की आहट से नींद खुली। कई घरों के बाहर खड़ी कारें-बाइक बहने से हड़कंप मचा गया तो कई लोग इस नजारें को मोबाइल में कैद करने लगे। उधर, कलेक्टर अक्षय कुमार ने बाढ़ के हालात और जिले भर में बारिश की और संभावना को देखते हुए सरकारी प्राइवेट स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि सरकारी स्कूलों में टीचर को बुलाया गया है। नवल सागर झील के आउटलेट के सामने बसा हुआ है शहर पहाड़ियों से घिरे शहर बूंदी में नवल सागर झील ओवरफ्लो हो गई। और उसका आउटलेट का पानी सीधा शहर में आ गया। क्योंकि जिस जमाने में झील निर्मित की गई होगी वहां कुछ नहीं, बल्कि जंगल था लेकिन आज सामने शहर बसा हुआ है। बालचंद पाड़ा की स्थिति गंभीर हो गई। नाग पांस के गणेश जी, ब्रह्मांडेश्वर गौशाला बोहरा कुंड, अभयनाथ महादेव, मंशापूर्ण गणेश मंदिर डूब गए। नागदी बाजार में कार और बाइक पानी के तेज बहाव में बह गए। पानी में एक युवक भी बहने लगा। लेकिन, पोल पकड़ने से बच गया। प्रशासन ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर बाढ़ के हालात को देख तो नवल सागर झील का पानी शहर के नागदी बाजार से लेकर चौमुखा बाजार, सदर बाजार, मीरा क्षेत्र तक पहुंच गया है। सड़कों पर पानी तेज धार के साथ बह रहा है। कहीं स्थानों पर नदी नाले आने से शहर से संपर्क टूट गया। बारिश की वजह से जिले भर में पुलिस- प्रशासन अलर्ट है। बारिश में फंसे लोगों के लिए प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 07472444177 जारी किया है। जैतसागर झील भी उफान पर नवल सागर झील ओवरफ्लो होने से नागदी बाजार के कई दुकानों में पानी भर गया। बूंदी जिले की आधा दर्जन नदियां उफान पर हैं। कई जगह पुलिया के ऊपर से पानी है। जिसकी वजह से आवागमन बाधित हो गया। जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बूंदी शहर में स्थित जैतसागर झील भी उफान पर है। यह शहर पहाड़ियों से घिरा हुआ है। ऐसे में बारिश होने पर पहाड़ियों से तेज गति से पानी झीलों में अंदर आता है। कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कहा जिला प्रशासन अलर्ट पर है तमाम व्यवस्थाओं में लगा हुआ है। recent visitors 166

कश्मीर के चेरवान कंगन इलाके में फटा बादल, श्रीनगर-कारगिल सड़क बंद

श्रीनगर  देश के पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण लगातार भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही है। जम्मू कश्मीर के चेरवान कंगन इलाके में भी बादल फटने के बाद श्रीनगर-कारगिल मार्ग बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार, जम्मू कश्मीर के चेरवान कंगन क्षेत्र में रविवार सुबह बादल फटा। बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई। जिसके चलते श्रीनगर-कारगिल मार्ग बंद हो गया। यही नहीं, बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस आया है और मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन मलबे में फंस गए हैं। इस बीच प्रशासन ने बादल फटने के बाद इस रूट में यात्रा करने वालों के लिए निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे श्रीनगर-कारगिल मार्ग के खुलने तक वहां से यात्रा करने से बचें। ज्ञात हो कि 1 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएं हुई थीं। हिमाचल के मंडी, रामपुर, कुल्लू समेत कई क्षेत्रों में बादल फटा था। इसके कारण कई घर तबाह हो गए थे और कई लोगों की मौत भी हो गई थी। इसके अलावा उत्तराखंड में भी भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के कारण काफी नुकसान हुआ है। recent visitors 150

इंदौर में आज दिन भर बरसेंगे बादल, सोमवार को भी अच्छी बारिश होने का अनुमान

इंदौर इंदौर शहरवासियों को पिछले कुछ दिनों से हल्की बारिश से ही संतोष करना पड़ रहा है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अगले सप्ताहभर शहर में बादल छाने के साथ बारिश की निरंतरता देखने को मिलेगी। आज और सोमवार को इंदौर में अच्छी बारिश की संभावना है उसके बाद धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। सप्ताह के अंत तक शहर में हल्की बारिश ही होगी। ऐसे में मौसम खुशनुमा बना रहेगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक, वर्तमान में एक अति तीव्र कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण पश्चिमी बिहार व झारखंड पर बना हुआ है। मानसून द्रोणिका का असर वो अब धीरे-धीरे उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। वहीं एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण पश्चिमी राजस्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा एक मानसून द्रोणिका राजस्थान पर बने कम दबाव क्षेत्र से अजमेर, ग्वालियर, सीधी व बिहार व झारखंड पर बने कम दबाव के क्षेत्र के बाद उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक जा रही। सप्ताह के आंकड़े तारीख अधिकतम तापमान मौसम 4 अगस्त 27 डिग्री अच्छी बारिश 5 अगस्त 26 डिग्री मध्यम बारिश 6 अगस्त 24 डिग्री हल्की बारिश 7 अगस्त 25 डिग्री हल्की बारिश 8 अगस्त 28 डिग्री हल्की बारिश 9 अगस्त 28 डिग्री हल्की बारिश 10 अगस्त 27 डिग्री हल्की बारिश नमी के कारण इंदौर में होगी बारिश अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण इंदौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों पर बारिश का दौर दिखाई देगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आगामी सप्ताह में शहर में बादल तो छाए रहेंगे लेकिन हल्की बारिश ही होगी। अभी तेज बारिश के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा।   recent visitors 126