Friday, July 10, 2026 2:13 am

कई वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया

भोपाल ध्य प्रदेश में भीषण गर्मी से आज राहत मिलने के आसार हैं. कई वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में आने वाले कुछ घंटों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के मुताबिक मौसम के इस बदलते मिजाज का असर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में असर रहने की संभावना है. आज यहां तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, उज्जैन, देवास, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. अचानक मध्य प्रदेश में बारिश क्यों? आईएमडी के मौसम वैज्ञानिक अमित कुमार के मुताबिक, ''वर्तमान में राजस्थान के ऊपरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही एक द्रोणिका राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा से कर्नाटक तक बनी है.'' इस मौसमी सिस्टम की वजह से गुरुवार से रविवार तक प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. इस दौरान तेज रफ्तार से हवाओं के साथ आंधी चलने की भी संभावना है.'' इन जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी और डिंडौरी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है. इन जिलों में अनेकों स्थान पर ओलावृष्टि होने की संभावना. 4 मई तक प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट     शुक्रवार 2 मई को मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर,शहडोल, उमरिया, डिंडौरी में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना.     शनिवार 3 मई को छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना ग्वालियर. अन्य जिलों में तेज आंधी     रविवार 4 मई को सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. recent visitors 35

आगर मालवा में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया. जिले की मुख्य अनाज मंडी में खुले में रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश में पूरी तरह भीग गया. अचानक बदले मौसम के कारण हुई तेज बारिश से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. बुधवार को तेज धूप और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की बेमौसम बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को नुकसान पहुंचाया था. व्यापारियों ने उम्मीद की थी कि मंगलवार के बाद मौसम साफ रहेगा और वे गेहूं को समेट सकेंगे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने उनकी बाकी उम्मीदें भी तोड़ दीं. मंडी के व्यापारी संजय बंसल, विजय कोठारी और बंटी ने कहा कि लगातार दो दिनों से हुई बारिश ने अनाज को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खुले में रखा गया गेहूं पूरी तरह पानी में भीग चुका है और आशंका है कि इतनी नमी के बाद गेहूं सड़ सकता है, जिससे यह किसी काम का नहीं रहेगा. व्यापारियों ने प्रशासन से इस नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि अनाज मंडी में पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें गेहूं खुले में रखना पड़ा था. अब जब मौसम ने इस तरह धोखा दिया है, तो लाखों रुपये का माल खराब हो गया है. फिलहाल व्यापारी नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं. बेमौसम बारिश ने जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है, वहीं मंडी में खुले में रखा गया अनाज भी इसकी चपेट में आ गया है.   recent visitors 37

मध्य प्रदेश में कहीं भीषण गर्मी का कहर जारी, 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती

भोपाल मध्यप्रदेश के लगभग 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी शामिल हैं। इसका कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का एक्टिव होना है। हालांकि, इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई को प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। खासकर उज्जैन संभाग में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इधर, नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच-मंदसौर में लू का अलर्ट है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पिछले दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। पूर्वी हिस्से में मंगलवार को भी बारिश हुई। बुधवार से कुछ जिलों में ही असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान और गुजरात से जुड़े जिलों में हीट वेव यानी, लू चल सकती है। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 3 दिन तक रह सकता है। पिछले 24 घंटे कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं बाकी हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में भी तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। धूप ने तोड़े 5 साल के रिकॉर्ड, गर्मी से सड़कों पर पसरा सन्नाटा  इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। यह दिन न केवल अप्रैल का, बल्कि पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज धूप है। गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं और 11 बजे बाद सड़कें सूनी हो गई हैं। पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा   पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जिलों में मौसम बदला, बारिश भी हुई इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। सिवनी, दमोह, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली। वहीं, रीवा, कटनी, शहडोल, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, मंडला, रायसेन, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में भी मौसम बदला रहा। मंडला में ओले भी गिरे। दूसरी ओर, 8 शहर ऐसे हैं, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से ऐसा मौसम है। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। हालांकि, गर्मी का असर बरकरार रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री, इंदौर में 42.6 डिग्री, ग्वालियर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 43 डिग्री और जबलपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया। कहीं लू तो कहीं बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, सीधी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर रहेगा. मंगलवार को दमोह, सिवनी, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली, जबकि मंडला में ओले गिरे. वहीं भोपाल, सीहोर, रीवा, सतना, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में मौसम का मिजाज बदला रहा. मौसम विभाग के अनुसार,  2 और 3 मई को मध्य प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने के आसार हैं. बीते दिन  शाजापुर में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में  तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस, धार-रायसेन-नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा सागर और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा और दमोह में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस, खरगोन में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 42.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में 40 … Read more

मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक बारिश का अलर्ट, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से कहीं पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई तो कहीं पर धूप-छांव का सिलसिला चल रहा है। हालांकि मंगलवार के बाद इन गतिविधियां में कमी आएगी और फिर से तीखी धूप सताने लगेगी। सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, उमरिया, जबलपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। कहीं-कहीं तेज आंधी-तूफान के साथ ओले भी गिरे। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से धूप-छांव का खेल शाम तक चलता रहा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया इन गतिविधियों का असर प्रदेश के तापमान पर साफ नजर आ रहा है। इससे रात के तापमान में जहां कमी आई है, वहीं सोमवार को दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों के कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पूर्वी क्षेत्रों के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे हैं। इधर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में गर्मी का असर तेज रह सकता है। भोपाल, इंदौर संभाग के शहरों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास ही रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, दो टर्फ एक्टिव है। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में बारिश का दौर रहा। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी बना रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ तेज आंधी भी चल सकती है। 1-2 मई को भी नए सिस्टम की वजह से बारिश होने के आसार है। भोपाल-इंदौर समेत 17 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार आंधी और बारिश के बीच सोमवार को मध्यप्रदेश में गर्मी का असर भी तेज रहा। ग्वालियर में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया। एक ही दिन में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन के साथ प्रदेश के 17 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, धार में 42.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, खरगोन-गुना में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.4 डिग्री, सागर-नौगांव में 41.1 डिग्री, दमोह, रायसेन-खजुराहो में 41 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 42 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवा चलने के आसार मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान में हवा के ऊपरी हवा में चक्रवात बना हुआ है। दूसरा सिस्टम राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका के रूप में है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने के आसार हैं। मंगलवार से प्रदेश में दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।   ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। recent visitors 33

भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के 10 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी स्थिर हो गई है। एमपी में पिछले 24 घंटे के दौरान सभी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। छिंदवाड़ा के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में गर्मी का अधिक प्रभाव नहीं देखा गया। अधिकतम तापमान स्थिर बना हुआ है। हालांकि अधिकतम तापमान वाले जिलों को देखें तो यहां अधिकांश जिलों का तामपान 42 डिग्री सेल्सियस पार जा चुका है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान देखें तो भोपाल में 41.02, ग्वालियर में 43, नर्मदापुरम में 42.02, इंदौर में 40, पचमढ़ी में 36.2, रतलाम में 43, शिवपुरी में 44, उज्जैन में 41.4, जबलपुर में 41.5, खजुराहो में 44.6, मंडला में 43, सतना में 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के तापमान में बदलाव तापमान का विश्लेषण करें तो यह अंदाजा लगता है कि प्रदेश की अधिकांश जिलों का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में जिलों में तेज गर्मी महसूस की जाने लगी है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी काफी बदलाव दर्ज हुआ है। जबलपुर में 22.6, नरसिंहपुर में 24.2, छिंदवाड़ा में 26, सिवनी में 25.2, उज्जैन में 21.1, रतलाम में 25.6, इंदौर में 24, ग्वालियर में 21.3, भोपाल में 25.02 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। 10 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि शुक्रवार को प्रदेश के करीब 10 जिलों में लू चल सकती है। इन जिलों में बुरहानपुर, खंडवा, रतलाम, शिवपुरी, दतिया, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिले शामिल हैं। राजधानी भोपाल के मौसम के बारे में वैज्ञानिकों ने बताया है कि यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। यहां गर्मी से राहत की उम्मीद वहीं मौसम विभाग ने अपने दृष्टिकोण में बताया है कि पश्चिम मध्य प्रदेश की न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि दो दिन बाद फिर तापमान में मामूली वृद्धि आ सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों के तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन दो दिन बाद अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है यानी पूर्व मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हो सकती है। इन संभागों में होगी बारिश     मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर पर द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका मराठवाड़ा के उत्तरी भाग से मन्नार की खाड़ी तक आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए जा रही है।     हवा के साथ कुछ नमी आने के कारण शनिवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन्हीं क्षेत्रों में कहीं-कहीं लू का प्रभाव भी रह सकता है। शनिवार को भोपाल व इंदौर में संभाग छाए रहेंगे बादल     मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि हवा का रुख पश्चिमी बने रहने के कारण अरब सागर से कुछ नमी आ रही है। इस वजह से भोपाल, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं बादल भी छाए हुए हैं।     शनिवार को भी प्रदेश के दक्षिणी भाग में बादल छाए रह सकते हैं, जबकि उत्तरी भाग में कुछ तपिश भी बढ़ सकती है। हालांकि नमी रहने के कारण कई शहरों में गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम का इस तरह का मिजाज तीन दिनों तक बना रह सकता है।   recent visitors 23

प्रदेश में इस साल जमकर होगी बारिश, मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल मौसम विभाग(Meteorological Department) ने 2025 के दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में बादल खूब बरसेंगे। इस बार औसत बारिश 106 से 110 फीसदी तक हो सकती है। ये शहर और जिले का औसत है, उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई व अगस्त में बारिश की गति तेज होगी। मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के आखिरी सप्ताह में आएगा। यदि प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो हर हिस्से में औसत से ज्यादा बारिश होगी। इस पूर्वानुमान के बाद मानसून की सही स्थिति सामने आएगी। क्योंकि केरल में 31 मई को मानसून पहुंचता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 25 से 26 जून के बीच आता है।  गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। 2024 में ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून(Monsoon Forecast 2025) खूब बरसे थे। अगस्त व सितंबर में जो सिस्टम आए थे, उनकी वजह से औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। जिला सहित अंचल में बाढ़ भी आ गई थी, जो जल संरचनाएं वर्षों से नहीं भरी थी। वह जल संरचनाएं ओवर फ्लो हो गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है। यदि अंचल के हिसाब से पिछले तीन साल की स्थिति देखी जाए तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। इस बार भविष्यवाणी साबित होती है तो अंचल में कृषि व पेयजल के लिए पानी का संकट नहीं होगा। इन कारणों से प्रभावित होता है मानसून     भारत के मानसून(Monsoon Forecast 2025) को अल नीनो व ला नीना प्रभावित करता है।     अल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून कमजोर हो जाता है, जिससे सूखे और कृषि नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।     ला नीना के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून(Monsoon 2025) मजबूत होता है, जिससे सामान्य से अधिक वर्षा होती है।     इस वर्ष प्रशांत महासागर में ईएनएसओ की स्थितियां व्याप्त हैं, जो ला नीना की स्थितियों के समान होती है। इस कारण अच्छी बारिश की संभावना है।     हिंद महासागर में आईओडी की स्थितियां मजबूत हैं। आईओडी स्थिति मजबूत होने से मानसून पर विभिन्न प्रभाव पड़ सकते हैं। सकारात्मक का मतलब है कि पूर्वी हिंद महासागर ठंडा और पश्चिमी भाग गर्म होता है, जिससे मानसून मजबूत होता है और भारत में अधिक वर्षा होती है। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा। recent visitors 31

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। recent visitors 32