कश्मीर से लेकर दिल्ली तक IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

नईदिल्ली हिमालय पर स्थित पश्चिमी विक्षोभ का असर आज यानी 28 फरवरी को सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. पहाड़ी इलाकों पर पहले ही भारी बारिश और बर्फबारी से हाल बेहाल है. आज भी हाल ऐसी ही रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. मौसम विभाग ने आज पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. वहीं मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने ताजा सेटेलाइट इमेज भी जारी की है, जिसमें देखा जा सकता है कि उत्तर भारत पर किस तरह घने बादलों की चादर छाए हुई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी हो रही है और कल सुबह तक और बर्फबारी होने की संभावना है. उत्तरी पंजाब के कुछ हिस्सों में आज भारी बारिश होगी. हरियाणा, दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान जैसे अन्य हिस्सों में मध्यम से हल्की बारिश होगी. इन इलाकों में अगले कुछ घंटों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज सुबह के वक्त हरियाणा के करनाल, सफीदों, पानीपत, गोहाना, गन्नौर, सोनीपत, रोहतक, खरखौदा, लोहारू में हल्की से मध्यम बारिश और (30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा राजस्थान के पिलानी और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, नजीबाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, कांधला, खतौली, बड़ौत में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है. दिल्ली का मौसम राजधानी दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है. इसके साथ ही बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है. तापमान की बात करें तो आज न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बता दें कि कल दिल्ली में फरवरी के न्यूनतम तापमान में रिकॉर्डतोड़ बढ़त देखने को मिली थी, जो 19 डिग्री सेल्सियस था. हालांकि सूरज पूरे दिन मद्धम रहा था. दिल्ली के इन इलाकों में बरसेंगे बादल सुबह के वक्त दिल्ली के कुछ स्थानों (नरेला, बवाना, अलीपुर, बुराड़ी, कंझावला, रोहिणी, बादिली, मॉडल टाउन, करावल नगर, आजादपुर, पीतमपुरा, दिल्ली यूनिवर्सिटी, मुंडाका, पश्चिम विहार, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, पटेल नगर, बुद्ध जयंती पार्क, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, दिल्ली कैंट, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट, वसंत विहार, वसंत कुंज, महरौली, छत्तरपुर, आयानगर, डेरामंडी में हल्की बारिश/बूंदाबांदी (30-50 किमी/घंटा तेज हवाएं) होने की संभावना है. NCR में भी बारिश का अलर्ट एनसीआर की बात करें तो लोनी देहात, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, मानेसर और हरियाणा के यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, राजौंद, असंध, जिंद, हिसार, हांसी, सिवानी, महम, तोशाम, भिवानी, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना व यूपी के बिजनौर, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, दौराला, बागपत, खेकड़ा व राजस्थान के सिधमुख, सादुलपुर और झुंझुनू में भी जल्द ही बारिश के आसार हैं. दिल्ली में बारिश का अलर्ट IMD से मिली जानकारी के मुताबिक़ राजधानी दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो आज न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। NCR के इन इलाकों में बारिश का अलर्ट एनसीआर में IMD ने अनुसार लोनी देहात, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, मानेसर और हरियाणा के यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, राजौंद, असंध, जिंद, हिसार, हांसी, सिवानी, महम, तोशाम, भिवानी, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना व यूपी के बिजनौर, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, दौराला, बागपत, खेकड़ा में बारिश के आसार हैं। पहाड़ों में भारी बारिश की चेतावनी आपको बता दें की हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, पंजाब, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।   recent visitors 63

मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। recent visitors 55

भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए, बारिश की संभावना

भोपाल  मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। दिन के समय जहां गर्मी का अहसास शुरू हो गया है वहीं सुबह और रात के समय अभी भी ठंड का असर कायम है। आज 5 फरवरी की सुबह से ही मध्‍य प्रदेश के कई शहरों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसके चलते लोगों ने फिर से ठिठुरन महसूस की। कहा जा सकता है कि बसंत पंचमी के बाद भी अभी सर्दी का मौसम पूरी तरह से बीता नहीं है। इस बीच मौसम के जानकारों का ताजा अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम बदल सकता है। कुछ शहरों में गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। प्रदेश का मौसम मंगलवार को मिलाजुला रहा। तीखी धूप की वजह से पूर्वी इलाकों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़े हैं, लेकिन पश्चिमी इलाकों में धूप-छांव की वजह से तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि भोपाल और इंदौर में रात के तापमान में जरूर मामूली गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विभोक्ष है, जो द्रोणिका के रूप में पाकिस्तान पर है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा। वहीं, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। बाकी जिलों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, नीमच, भिंड, दतिया, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रही। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, मंडला में तापमान 34.7 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, जबलपुर में 33.3 डिग्री, दमोह में 33 डिग्री रहा। भोपाल में 31.7 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 26.1 डिग्री और उज्जैन में पारा 30 डिग्री पर आ गया। सुबह और रात में ही ठंड का असर रहेगा मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी में सुबह और रात में ही ठंड का असर देखने को मिलेगा। दिन में तेज धूप खिली रहेगी, जिससे दिन गर्म ही रहेंगे। 20 फरवरी से यह असर और कम हो जाएगा। 12-13 फरवरी को बारिश के असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 8 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश के कुछ हिस्से में पहले सप्ताह में बादल छाए रहेंगे। 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान है। 20 फरवरी के बाद ठंड का असर और कम होगा। जिससे दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अभी दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड, तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। recent visitors 40

IMD के अनुसार जनवरी से मार्च में मावठा होने की संभावना, रबी की फसल को फायदा

भोपाल  मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में दिसंबर माह में मावठा की अच्छी वर्षा से किसानों को काफी लाभ हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी)के अनुसार जनवरी-फरवरी के अलावा मार्च माह में भी मावठा यानी सर्दियों में बरसात होने की संभावना है। इससे रबी की फसल को फायदा हो सकता है। रबी की फसल के लिए अमृततुल्य है यह बारिश मौसम विज्ञान केंद्र पुणे के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. अनुपम काश्यपि ने बताया कि दिसंबर माह में एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जहां उत्तर भारत के पहाड़ों में जबरदस्त बर्फबारी हुई थी। साथ ही मैदानी इलाकों में अच्छी वर्षा भी हुई थी। इस समय रबी की फसल को भी पानी की दरकार रहती है। इसलिए वर्षा किसानों के लिए अमृततुल्य साबित हुई। मार्च में भी वर्षा होने के आसार डा. काश्यपि ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के लगातार उत्तर भारत पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है। इसके आधार पर आइएमडी ने भी जनवरी से मार्च तक के लिए अपने विस्तारित रेंज पूर्वानुमान में भी मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में जनवरी, फरवरी के अलावा मार्च में भी वर्षा होने के आसार जताए हैं। मावठा की वर्षा किसानों के लिए लाभप्रद होने की संभावना है। क्यों होती है ऐसी वर्षा मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत में तीव्र आवृत्ति के पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने पर राजस्थान के आसपास एक प्रेरित चक्रवात बन जाता है। इससे हवाओं की दिशा भी बदल जाती है। हवाओं के साथ बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आने लगती है। इससे बादल छाने के साथ ही रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जिस तरह से वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं, उसे देखकर इस वर्ष जनवरी-फरवरी में वर्षा होने का अनुमान है। recent visitors 140

दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी

नई दिल्ली दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.  यह दिल्ली के इतिहास में दिसंबर महीने में एक ही दिन में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है. इससे पहले  3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी है. तो आज की दर्ज की गई बारिश 101 साल बाद एक रिकॉर्ड है. इससे पहले शुक्रवार तक पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी. इससे कल अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट आई और तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस लिहाज से ये पिछले 5 सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. दिल्ली में कल से रुक रुक कर बारिश हो रही है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. केंद्रीय प्रदूषण सूचकांक बोर्ड के मुताबिक, आज दिल्ली का एक्यूआई घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, जो पिछले कई दिनों से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था. सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 164 मापा गया. जो कल तक 300 के पार बना हुआ था. NCR में प्रदूषण का हाल     ग्रेटर नोएडा- 87     गाजियाबाद- 87     नोएडा- 116     गुरुग्राम- 108     फरीदाबाद-108 दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 15 सालों में दिसंबर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान यानी अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस हो गया. दिल्ली में कल, 27 दिसंबर की रात 2.30 बजे से बारिश हो रही थी, दिन के तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जो दिसंबर में पिछले पांच सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान था. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में पिछले पांच सालों में दिसंबर का सबसे कम तापमान था. 15.9 डिग्री सेल्सियस (2023) 15.6 डिग्री सेल्सियस (2022) 17.8 डिग्री सेल्सियस (2021) 15.2 डिग्री सेल्सियस (2020) 14.3 डिग्री सेल्सियस (2019) कल से शुरू होगा ठंड और कोहरे का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा सुबह से लेकर दोपहर तक एक या दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है, इसके बाद बाकी दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. मुख्य सतही हवा सुबह के समय 4 किमी प्रति घंटे से कम गति के साथ दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में धुंध या हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है और सुबह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा. बारिश का दौर खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी और कोहरे का कहर शुरू होगा. कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के सुधार को देखते हुए  ग्रैप के स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. फिलहाल ग्रैप के स्टेज 1 और 2 की पाबंदियां लागू हैं. ग्रैप के स्टेज-3 के तहत हटीं ये पाबंदियां ग्रैप-III के प्रावधानों के तहत आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बीएस-IV सर्टिफिकेशन से नीचे के इंजन वाले माल वाहन नहीं चल सकते हैं. और राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत माल वाहन अगली सूचना तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, यदि उनका इंजन बीएस-IV सर्टिफिकेशन वाला नहीं है. दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे अलग-अलग होते हैं. recent visitors 67

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की दी चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में इस हफ्ते बड़ा उलटफेर नजर आ सकता है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो एक मजबूत वेदर सिस्टम के कारण मध्य भारत में मौसम बदल जाएगा। इस वेदर सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 28 दिसंबर को बारिश और ओलवृष्टि देखी जा सकती है। इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी। बंगाल की खाड़ी की हवाओं से बदलेगा मौसम मौसम विभाग की मानें तो दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इसके साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के क्षेत्रों में देखा जा रहा है। आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार की मानें तो 27 और 28 दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश कराएंगी। कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं। इन जिलों में होगी बारिश वहीं मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बौछारें या बारिश देखी जा सकती है। इन इलाकों में छाएगा कोहरा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। इसको लेकर विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। 27 दिसंबर को बारिश का अलर्ट एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेश कुमार ने कहा- 27 और 28 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आएंगी जिसके कारण उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। 27 दिसंबर को इन जिलों में झंझावात मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, अलिराजपुर, बड़वानी, खरगौन और खंडवा जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ झंझावात की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ जगहों पर बौछारें भी पड़ सकती है। वहीं सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनुपपुर में कोहरा छाने का अनुमान है। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 28 दिसंबर को ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सूबे के श्योपुरकला, भिंड, मुरैना, विदिशा, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिहोर, छिंदवाड़ा, बैतूल, होशंगाबाद, देवास, हरदा, खंडवा, इंदौर, खरगौन जिलों में अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुरहानपुर में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। recent visitors 53

प्रदेश में आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड के बीच आने वाले कुछ दिनों में मौसम और बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, देश के उत्तरी अंचल में बर्फबारी के चलते राजधानी भोपाल समेत संपूर्ण अंचल में एक बार न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में गिरावट से पिछले तीन चार दिनों से मामूली राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन अब आने वाले दिनों में यह गिरकर फिर से 5 से 6 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों एक डिग्री से लेकर 5 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा था, लेकिन इसमें वृद्धि हुई और यह 7 से लेकर 13 डिग्री तक पहुंच गया। तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी लेकर भी आएंगी। इस वजह से अगले दो तीन दिनों में अनेक हिस्सों में बारिश होगी और कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। इसके साथ ही सुबह कोहरा छाया रहेगा। तापमान में भी गिरावट आएगी। आज राजधानी भोपाल और आसपास के हिस्सों में सुबह कोहरा दिखाई दिया और सर्द हवाओं का असर भी महसूस किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 10़ 2 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 9.3 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान नौगांव में 6.2 डिग्री रहा। इसके अलावा पर्वतीय स्थल पचमढ़ी में यह 7.9 डिग्री रहा। फिलहाल, मध्य प्रदेश में तापमान गिरता चला जा रहा है, जिसके चलते इंदौर में ठंड बढ़ रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा हो चुका है, जहां लोग इस ठंड के मौसम से निजात पाने के लिए तरह-तरह की कवायद करते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से जताई गई संभावना पर यदि नजर डालें तो प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, जिसमें मुख्य तौर पर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर खंडवा और धार जैसे जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं एक बार फिर हल्की बारिश होती है तो ठंड बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी। फिलहाल, तापमान काफी कम होता चला जा रहा है, जिसके चलते ठंड बढ़ रही है, वहीं अब यदि एक बार फिर मावठा गिरता है तो तापमान में कमी दर्ज की जाएगी, और सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। मालवा-निमाड़ में ठंड की दस्तक ठंड के लिए अलग पहचान रखने वाले मालवा निमाड़ अंचल में भी अब गुलाबी ठंड की दस्तक हो चुकी है, जहां ठंड की दस्तक होने के बाद अब तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में इसी तरह से तापमान में गिरावट दर्ज होने का सिलसिला जारी रहेगा, जहां इसी तरह से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। उधर, प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में भी इसी तरह की स्थिति नजर आ रही है, जहां ठंड की दस्तक के साथ ही ठंड लगातार बढ़ रही है। क्या होता है मावठा? मध्य प्रदेश में ठंड के बीच जब बारिश होती है तो उसे मावठा या मावठे की बारिश कहा जाता है। सामान्य तौर पर मावठा ठंड के समय गिरता है, जहां दिसंबर और जनवरी में मावठे की बारिश होती है। मावठे की बारिश के बाद मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ जाती है, जहां तापमान लगातार कम होता चला जाता है। मध्य प्रदेश के मालवांचल में मावठा शब्द बेहद लोकप्रिय है, जहां इसे ठंड में हो रही बारिश के लिए उपयोग किया जाता है। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है, जहां मध्यप्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो ठंड के मौसम में एक बार फिर मावठा गिरेगा, जिसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है,   recent visitors 82