Friday, July 10, 2026 3:20 am

13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील, कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी

नई दिल्ली पूर्व मध्य अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र के पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और आज 13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील हो जाएगा। इसकी वजह से कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी। दक्षिणी इंटीरियर कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु में अगले पांच से छह दिनों तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 14-16 अक्टूबर के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघलय, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में मॉनसून की वापसी के आसार बन रहे हैं। कैसा रहेगा दक्षिण भारत का मौसम? मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 12, 13 और 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 14-17 अक्टूबर, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 12-16 अक्टूबर के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान और निकोबार द्वीप में 12 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है। पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट है। इसमें से मध्य महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर, गुजरात में 12, 13, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 12 अक्टूबर को तेज बारिश होने वाली है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में इस हफ्ते तक बारिश नहीं होने की संभावना है। recent visitors 138

सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे

सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी अपने राज्यों में चलाएंगे 'कैच दी रेन' का  जन आंदोलन : सीआर पाटिल 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे सूरत  सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे। सूरत में बसे बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान मूल के व्यापारी इन राज्यों में सैकड़ों रिवर्स बोरिंग बनवाने में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने शुक्रवार को सूरत के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2021 में 'कैच दी रेन' की योजना बनाई थी। इसके तहत बरसाती पानी को बेकार बहने के बजाय उसे जमीन में नीचे उताकर भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाएगा। इसके तहत खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में ही जमीन के नीचे के जल को रिचार्ज करेगा, जिसका बाद में कई तरह से उपयोग हो सकेगा। पाटिल ने कहा कि गुजरात में इस अभियान का अच्छा रेस्पांस देखने को मिला है। गुजरात में जन भागीदारी के तहत वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अभी तक 24 हजार 800 रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट आया था। सरकार ने इसके बाद राज्य में कार्यरत एनजीओ, संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों को साथ लेकर करीब 80 हजार रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट प्राप्त करने में सफलता पाई है। राज्य में कुल 2 लाख से ऊपर रिवर्स बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है। सूरत में बसे मूल बिहार के व्यापारियों-उद्यमियों ने भी वहां के 5 राज्यों के सभी गांवों में बोर करने का निश्चय किया है। पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के जल संचय जल भागीदारी को जन आंदोलन में परिवर्तित करने के तहत सूरत को अपना कर्मभूमि बनाने वाले मूल राजस्थान के व्यापारियों-उद्यमियों ने राजस्थान के सभी गांवों में 4-4 रिवर्स बोर के जरिये बरसाती पानी को जमीन में उतारने का निश्चय किया है। इसके अलावा जन भागीदारी के तहत ही मध्य प्रदेश में भी 3500 बोर बनाना तय किया है। इसी के तहत आगामी 13 अक्टूबर को शाम चार बजे सूरत के इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें राजस्थान के मुख्मंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में सूरत के व्यापारी-उद्यमी रिवर्स बोर बनाने के लिए अपने-अपने मूल राज्य के गांवों के नामों की सूची सौंपेंगे। इन राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के लिए सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी के जरिए स्वागत कार्यक्रम भी किया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में गुजरात सरकार के मंत्री कनुभाई देसाई, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, सूरत के महापौर दक्षेश मावाणी, विधायक संगीता पाटिल, शहर भाजपा प्रमुख निरंजन झांझमेरा और उद्यमी सांवर प्रसाद बुधिया, प्रमोद चौधरी, कैलाश हाकिम तथा कई अन्य लोग मौजूद रहे।   recent visitors 89

अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना, अधिकतर जिलों में अब बादल छाए रहेंगे

भोपाल अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। गहरे कम दबाव के क्षेत्र से केरल, तमिलनाडु होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अरब सागर में बनी मौसम प्रणाली के 48 घंटे में अवदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल बने रहेंगे। साथ ही जबलपुरर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शेष क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर के रीगल क्षेत्र में 35 मिनट में बरसा 15 मिमी पानी गुरुवार को इंदौर शहर में दिनभर बादल छाए रहे और शाम चार बजे बाद धूल भरी तेज आंधी 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। इसके बाद रीगल, पलासिया व विजयनगर क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रीगल स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्टेशन पर शाम 5.20 तक 35 मिनट में 15 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रात 8.30 बजे तक 2 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को शहर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शाम के समय हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में दृश्यता 2500 मीटर तक पहुंच गई। धूल भरी आंधी के कारण दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। दिन में छाए बादलों के कारण और दो दिन से शहर में हो रही बारिश के कारण शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिखाई दिया धुंध का असर इंदौर में बादलों के कारण रात में गर्मी व उमस का असर भी बढ़ा। इस वजह से गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को हुई बारिश के कारण रात में भी शहर में धुंध का असर दिखाई दिखाई दिया। इन जिलों में होगी बारिश इंदौर, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, आलीराजपुर, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिले में रुक-रुककर बारिश के आसार हैं। recent visitors 109

दो दिनों बाद उत्तर और मध्य भागों में बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में फिर से होगी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर यूटर्न ले लिया है। आगामी दो दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। इस बीच गर्मी, उमस और तेज धूप से लोगों को राहत मिलेगी। इस बार मानसून उत्तरी और मध्य भागों में मेहरबान रहेगा। इन भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। आज शुक्रवार को एक दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसकी वजह से प्रदेश के कई जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मानसून सक्रिय होने से बारिश की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इससे गर्मी और उम्र से लोगों को राहत मिलेगी। आज भी प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में मानसून ने यूटर्न ले लिया है। इसके वजह से छह अक्टूबर से उत्तर और मध्य भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इस बीच प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। वहीं दूसरी ओर मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बता दें कि इन दोनों मानसून की सक्रियता कम होने की वजह से प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। recent visitors 58

बूंदाबांदी के आसार मध्यप्रदेश में अगले 5 दिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं, प्रदेश में अब तक 44.1 इंच बारिश हो चुकी

भोपाल मध्यप्रदेश में अभी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। इस वजह से अगले 5 दिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। मंगलवार को इंदौर, उज्जैन समेत 17 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी होने के आसार हैं। एमपी में 21 जून को मानसून एंटर हुआ था और अगले एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में एक्टिव हो गया था। ग्वालियर-चंबल में यह सबसे लेट पहुंचा था, लेकिन विदाई इन्हीं जिलों में सबसे पहले होगी। प्रदेश में अब तक 44.1 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसून के सामान्य कोटे 37.3 इंच के मुकाबले 18% अधिक है। धार जिले के मनावर में आज सुबह मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह 5 बजे घना कोहरा छाया। इसकी वजह से सड़कों पर जीरो विजिबिलिटी रही। कृषि विभाग के एसडीओ (उप विभागीय अधिकारी)) महेश बर्मन ने बताया कि बारिश के चलते मौसम में मॉस्चर ज्यादा होने के कारण ऐसा हुआ। अगले 24 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार- अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, देवास, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी। इस साल जबलपुर संभाग अव्वल इस साल मानसूनी बारिश के मामले में जबलपुर संभाग सबसे आगे है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 60.6 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। सिवनी में 56.8 इंच पानी गिरा है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में 52 इंच से अधिक बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी शामिल हैं। recent visitors 61

गुना-शिवपुरी में बारिश कहर बनकर बरस रही, बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं और हाहाकार मच गया

गुना / शिवपुरी मध्यप्रदेश में एक बार फिर भीषण बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. बारिश कहर बनकर बरस रही है. गुना-शिवपुरी में भारी बरसात के चलते बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं और हाहाकार मच गया है. जल सैलाब के कारण निचली बस्तियों में पानी भर गया. आलम ये है कि शहर की गलियों और सड़कों के साथ-साथ रेल की पटरियां भी जलमग्न हो गईं.     गुना जिले में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है. गुरुवार को लगातार हुई बारिश की वजह से नदी नाले उफान पर आ गए. गुना शहर की निचली बस्तियों में जल सैलाब के अधिकतर इलाकों में पानी भर गया है, जिसकी वजह से लोगों को बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रेलवे पटरियां जलमग्न, अंडर पास ब्रिज में कमर तक पानी गुना में भारी बारिश के चलते म्याना के विद्युत सब स्टेशन से लेकर , रेलवे पटरियां भी जलमग्न हो गईं. म्याना के रेलवे अंडर पास ब्रिज में भी 8–10 फुट तक पानी भर गया. अंडर पास ब्रिज में से गुजर रहा एक लोडिंग वाहन फंस गया, लोडिंग वाहन में सवार एक परिवार ने बमुश्किल जान बचाई. वाहन चालक ने अपने पत्नी और बच्चों को कंधे पर बैठाकर अंडर पास ब्रिज से बाहर निकाला. इसके कुछ ही देर बाद ही गैस सिलेंडर से भरा हुआ दूसरा लोडिंग वाहन अंडर पास ब्रिज में फंस गया. गुना में आज के मौसम का हाल भारी बारिश के चलते पार्वती नदी, सिंध नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. शुक्रवार सुबह से भी रुक-रुककर बारिश हो रही है. वहीं काले बादलों ने डेरा डाला हुआ है. मौसम विभाग ने आज गुना में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के भड़ौता-रन्नौद मार्ग पर सिंध में आये उफान के चलते टापू पर आठ लोग गुरुवार की शाम फंस गए थे. इसकी सूचना तत्काल कलेक्टर को दी गई. इसके बाद पुलिस, प्रशासन सहित एसडीआरएफ़ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रात में मोर्चा संभाल लिया था. टापू पर फंसे सभी आठ लोगों को आज शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने आज श्योपुर में अत्याधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी है और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं गुना, सागर, विदिशा, पश्चिम अशोक नगर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, सीधी, कटनी और मंडला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.   recent visitors 167

प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू, आज 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

भोपाल  मध्य प्रदेश में बारिश पर लगा ब्रेक एक बार फिर खत्म हो गया है. 16 अगस्त से प्रदेश में एक बार फिर नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है, जिसकी वजह से प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है. बीते दिन गुना, श्योपुर में भारी बारिश देखने को मिली. हालात ये थे कि यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए. कई  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई जिलों में भारी बारिश के बीच ही ध्वजारोहण हुआ. मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग ने श्योपुर में अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं आज प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना है.   गुना, सागर, विदिशा, पश्चिम अशोक नगर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रायसेन, शहडोल, उमरिया, सीधी, कटनी और मंडला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग की तरफ से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने कई जिलों में हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई है. बारिश का कहर जारी बीते दिन प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कहर देखने को मिला है. गुना में अंडर पास में पानी भरने से लोडिंग वाहन फंस गया. जिसमें से दो बच्चों को सुरक्षित निकाला गया. हालात ये रहे कि भारी बारिश के चलते स्कूलों में पानी भर गया है. वहीं छिंदवाड़ा में भारी बारिश के चलते पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के सिंध नदी के तेज बहाव में पुलिया से बाइक निकल रहे तीन लोग बह गए. इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश मौसम विभाग के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के मंडला, सिवनी, नर्मदापुरम, श्योपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, सागर, राजगढ़, बालाघाट, जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. अगर पूरे मध्य प्रदेश की बात की जाए तो अब तक प्रदेश में 3.5 इंच ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. recent visitors 84