Friday, July 10, 2026 2:13 am

प्रदेश में फिर बादलों ने डाला डेरा, श्योपुर, मुरैना सहित 8 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कही तेज तो कही माध्यम बारिश का दौर जारी है। एक बार फिर बदले मौसम के मिजाज के चलते प्रदेश के 8 जिलों में तेज़ बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। जिसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट! मौसम विभाग ने मंगलवार को 8 जिलों में भारी बारिश के आसार जताए हैं. आईएमडी ने आज श्योपुर, मुरैना, गुना, अशोकनगर, कटनी, उमरिया, जबलपुर और डिंडोरी जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। तो वही अभी तक सीजन की 72 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। हालांकि अभी तक 23.1 इंच बारिश होना चाहिए थी, लेकिन अब तक सिर्फ 27 इंच ही पानी गिरा है। 16 अगस्त के बाद फिर एक्टिव होगा सिस्टम मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 अगस्त के बाद फिर सिस्टम एक्टिव होगा और मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा, हालांकि इस दौरान कुछ जिलों में तेज बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को प्रदेश के नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में तेज बारिश हो सकती है, जबकि इंदौर-भोपाल में हल्की से माध्यम बारिश का अनुमान है। इसी तरह 15 और 16 अगस्त को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. जबकि 16 अगस्त के बाद सिस्टम एक्टिव होगा, जिसके बाद तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के सभी डैम छलके अच्छी बारिश के कारण प्रदेश के सभी डैम भर गए हैं। अधिकांश डैम में 80 प्रतिशत से अधिक पानी आ चुका है, जिससे कई डैम के गेट खोलने पड़े। कोलार (Kolar), बाणसागर (Ban Sagar), कुंडालिया (Kundaliya), बरगी (Bargi), इंदिरा सागर (Indira Sagar), ओंकारेश्वर (Omkareshwar), कलियासोत (Kaliyasot), भदभदा (Bhadbhada), केरवा (Kerwa) डैम के गेट अगस्त में कई बार खोलने पड़े। मंगलवार को भी इन डैम में पानी की आवक जारी रही। जबलपुर, भोपाल-नर्मदापुरम संभाग में सबसे ज्यादा बारिश अब तक हुई बारिश में जबलपुर (Jabalpur), भोपाल (Bhopal) और नर्मदापुरम (Narmadapuram) संभाग सबसे आगे हैं। जबलपुर (Jabalpur) संभाग के मंडला (Mandla) जिले में बारिश का आंकड़ा 40 इंच से अधिक है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में सिवनी (Seoni), नर्मदापुरम (Narmadapuram), रायसेन (Raisen), श्योपुर (Shivpuri), छिंदवाड़ा (Chhindwara), डिंडौरी (Dindori), सागर (Sagar), राजगढ़ (Rajgarh) और बालाघाट (Balaghat) शामिल हैं। भोपाल (Bhopal) में 32 इंच से अधिक पानी गिर चुका है, जो सामान्य बारिश का करीब 88% है। भोपाल समेत 20 जिलों में हुई बारिश मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से सोमवार को प्रदेश में बारिश का दौर बना रहा। भोपाल में पूरे दिन हल्की बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन समेत 20 जिलों में भी पानी गिरा।   recent visitors 75

जयपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, रामगढ़ पचवारा में सर्वाधिक 258 मिलीमीटर वर्षा हुई

जयपुर  राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और स्कूलों में आज छुट्टी की घोषणा की गई है। राजधानी जयपुर में बीते चौबीस घंटे में रिकॉर्ड 118 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। जयपुर में कल दोपहर बाद से ही रुक रुक कर बारिश हो रही है। कई इलाकों में सोमवार को सुबह लगभग पांच बजे शुरू हुई तेज बारिश रुक रुक कर नौ बजे तक जारी थी। इससे अनेक निचले इलाकों में पानी भर गया। भारी बारिश को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में स्कूलों में सोमवार को अवकाश की घोषणा की गई है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक, बीते चौबीस घंटे के दौरान जयपुर हवाई अड्डे पर 118 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। राज्य के अनेक जिलों में कई दिन से हो रही बारिश व आगामी कई दिन मानसून सक्रिय रहने की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उच्चाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव और त्वरित राहत पहुंचाने तथा बचाव-राहत कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन गतिविधियों को अधिक सक्रिय बनाने के लिए निर्देश दिए। राज्य में बारिश जनित हादसों के कारण बीते चौबीस घंटे में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा राहत प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार करौली और हिंडौन में भारी बारिश के कारण अनेक जगह जलभराव की स्थिति है। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा संभाग के कई भागों में आगामी 4-5 दिन मानसून सक्रिय रहने तथा कहीं-कहीं भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग के कई इलाकों में अगले 3-4 दिन मध्यम व कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। जयपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, रामगढ़ पचवारा में सर्वाधिक 258 मिलीमीटर वर्षा हुई  राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और बीते 24 घंटे में दौसा के रामगढ़ पचवारा में सर्वाधिक 258 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि के दौरान जयपुर में रिकॉर्ड 118 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है और यह दौर अभी जारी है। जयपुर सहित कई जिलों में स्कूलों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। राजधानी जयपुर में कल दोपहर बाद से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। कई इलाकों में सोमवार सुबह लगभग पांच बजे शुरू हुआ तेज बारिश का दौर रुक-रुक कर नौ बजे तक जारी रहा जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। भारी बारिश को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से जयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, करौली और दौसा सहित कई जिलों में सोमवार को स्कूलों की छुट्टी की घोषणा कर दी गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के जयपुर केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक चौबीस घंटे में जयपुर हवाई अड्डे पर 118 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में दौसा के रामगढ़ पचवारा में 258 मिलीमीटर व करौली के सापोटरा में 207 मिलीमीटर बारिश हुई जो ‘अत्यधिक भारी बारिश’ की श्रेणी में आती है। इसने बताया कि दौसा जिले में लालसोट व राउवास सहित अनेक जगह 132 से 178 मिलीमीटर, जयपुर में 126 मिलीमीटर, सवाई माधोपुर के खंडार व बोनली में कई जगह 117 से 168 मिलीमीटर बारिश हुई जो ‘बहुत भारी बारिश’ की श्रेणी मे आती है। राज्य के अनेक जिलों में कई दिन से हो रही बारिश व आगामी कई दिन मानसून सक्रिय रहने की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उच्चाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव और त्वरित राहत पहुंचाने तथा बचाव-राहत कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन गतिविधियों को अधिक सक्रिय बनाने के लिए निर्देश दिए। राज्य में बारिश जनित हादसों के कारण बीते चौबीस घंटे में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा राहत प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार करौली और हिंडौन में भारी बारिश के कारण अनेक जगह जलभराव की स्थिति है। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा संभाग के कई भागों में आगामी 4-5 दिन मानसून सक्रिय रहने तथा कहीं-कहीं भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग के कई इलाकों में अगले 3-4 दिन मध्यम व कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।   recent visitors 106

मप्र में आफत की बरसात पार्वती नदी में उफान एक बार फ‍िर श्योपुर- काेटा मार्ग बंद हो गया

श्योपुर  जिले में पिछले 20 घंटे से झमाझम बारिश की वजह से चोरों तरफ पानी-पानी हाे गया । अब बारिश किसानों व आम लोगों के लिए आफत की बारिश बनती जा रही है। बारिश की वजह से सीप नदी उफान पर आ गई है। बंजारा डैम आवरफ्लो हो चल रहा है। पुराना गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पानी में डूब गया। पार्वती नदी उफान पर आने से फिर से श्योपुर- काेटा मार्ग बंद हो गया है। उधर राजस्थान के छाण गांव के पास श्योपुर-माधोपुर हाइवे पर पानी आने की वजह से श्योपुर का सवाई माधोपुर से भी संर्पक कट गया है। विजयपुर के बिचपुरी गांव के घरों में पानी भर गया जिस वजह से ग्रामीणों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा।     बता दें कि सावन के महीने की शुरूआत से ही अच्छी बारिश हो रही है।     शनिवार की शाम से बारिश शुरू हुई जो रातभर रुक-रुककर होती रही।     रविवार की सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक झमाझम बारिश हुई।     इसके बाद भी श्‍योपुर जिले में थम-थम कर बारिश दौर चलता ही रहा।     बारिश की वजह से अनेक किसानों के खेत तालाब की तरह भर गए।     किसानों के अनुसार धान की फसल को गलने का खतरा पैदा हो गया है।     बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया है। भीषण गर्मी से राहत मिली है।     बारिश से श्‍योपुर शहर की सीप और अमराल नदी उफान पर चल रही है।     सीप नदी में उफान से बंजारा डैम ओवर फ्लो है। पुल के आधे पिलर डूब गए। बिचपुरी गांव में घरों में पानी, लोगों को स्कूल-छात्रावास में किया शिफ्ट झमाझम बारिश के कारण विजयपुर नगर के वार्ड क्रं. 6 डबीपुरा में पानी निकासी नहीं होने से घरों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने पूर्व भी पानी निकासी इंतजाम कराने के लिए अधिकारियों को अवगत कराया था लेकन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उधर विजयपुर क्षेत्र के ही बिचपुरी गांव के घरों में पानी घुस गया है। इस वजह से घर मकान में रखा अनाज और घर गृहस्थी का सामान भीग गया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम वीएस श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और पानी में डूबे घरों से ग्रामीणों को निकलवा कर उन्हें स्कूल और छात्रावास में शिफ्ट कराया। जेसीबी मंगवार पानी निकासी कराई। श्योपुर- कोटा और श्योपुर- सवाईमाधोपुर मार्ग बंद पार्वती नदी में जलस्तर बढ गया है। दोपहर के 12:15 बजे खातौली पुल पर करीब दो फीट पानी आ गया। जिसके चलते कोटा-खातौली मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। पार्वती नदी का डेंजर लेबल 199 मीटर है तथा वर्तमान में 193.50 मीटर पानी का लेबल है। उधर श्योपुर- सवाईमाधोपुर हाइवे पर छाण गांव के पास पानी आ जाने से श्योपुर- कोटा मार्ग बंद हो गया। जिस वजह से दोपहर बाद सवाई माधोपुर से भी काई भी वाहन 53.44 मिली मीटर बारिश दर्ज जिले में 11 अगस्त को 53.44 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 11 अगस्त को श्योपुर में 12.2, बडौदा में 43, कराहल में 9, विजयपुर में 138, वीरपुर में 65 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस वर्ष 01 जून से अभी तक जिले में कुल 807.24 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इस अवधि तक 486.6 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। recent visitors 79

कोटेश्वर तीर्थ पांचवीं बार जलमग्न हुआ, नर्मदा जल ने घाटों की सीमाओं को तोड़कर नौ मंदिरों में विराजित जगत के तारण हार का अभिषेक किया

धार  कोटेश्वर तीर्थ रविवार को पांचवीं बार जलमग्न हो गया। नर्मदा जल ने घाटों की सीमाओं को तोड़कर यहां के नौ मंदिरों में विराजित जगत के तारण हार का अभिषेक किया। दोपहर करीब 12 बजे तीर्थ पर नर्मदा का जलस्तर 134.50 मीटर पहुंच गया था। इसके साथ ही तीर्थ साल 2017 से सरदार सरोवर बांध के गेट लगने के बाद पांचवीं बार नर्मदा में जलमग्न हो गया। दूसरी ओर गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध के रविवार सुबह इस सीजन में पहली बार नौ गेट खोलकर पानी निकासी की गई। आधे डूब गए मंदिर रविवार को कोटेश्वर तीर्थ के नर्मदा मंदिर, कोटेश्वर महादेव, श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान, राधाकृष्ण, कोटनाथ महादेव आदि मंदिर नर्मदा के जल में आधे डूब चुके थे। साल 2017 में बांध के गेट लगने के बाद गत आठ साल में पांचवीं बार तीर्थ के मंदिर जलमग्न हुए हैं। हर साल की तरह इस साल भी तीर्थ के विस्थापन और संरक्षण को लेकर सिर्फ कागजी कवायद ही की गई। अब आगामी वर्षा के मौसम तक यह मामला ठंडा रहेगा। नौ गेट डेढ़ मीटर खोलकर की पानी निकासी     गुजरात में नर्मदा नदी पर बने अंतिम बांध सरदार सरोवर के नौ गेट सुबह डेढ़ मीटर खोलकर और नहर में पानी का संचालन कर चार हजार 634 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड़ की जा रही थी।     सरदार सरोवर बांध में प्रति सेकंड सात हजार 325 क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है।     बांध का जलस्तर रविवार दोपहर 12 बजे 134.93 मीटर पर पहुंच गया था, जो पूर्ण जलस्तर से 138.68 महज साढ़े तीन मीटर कम है।     साल 2017 में बांध के गेट लगने के बाद गत आठ साल में पहली बार अगस्त माह के पहले पखवाड़े में महज चार दिन में डूब क्षेत्र में बांध के बैक वाटर में नौ मीटर की वृद्धि हुई है।     सात अगस्त को डूब क्षेत्र में नर्मदा का जलस्तर 125.60 मीटर था, जो 11 अगस्त दोपहर 12 बजे 134.60 पर पहुंच गया था।     गौरतलब है कि जलस्तर में इस तरह की वृद्धि तब हो रही है, जब बांध के कैचमेंट क्षेत्र में न तेज वर्षा है और न ही यहां की नदियों में पानी भर रहा है।     रविवार सुबह सरदार सरोवर बांध प्रबंधन ने बांध के नौ गेट खोलकर पानी निकासी की है। प्रदेश के दोनों ऊपरी बांध से भी लगातार जल निकासी किए जाने से बैक वाटर बढ़ रहा है।- आरवी सिंह, एसडीओ, लोनिवि एनवीडीए कुक्षी ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर से लगातार पानी निकासी रविवार दोपहर में ओंकारेश्वर बांध के 15 गेट और आठ विद्युत टरबाइन चलाकर 8103 क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी निकासी की जा रही थी। यह पानी प्रदेश में सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर प्रभावित चार जिलों से बहता हुआ सरदार सरोवर में जाकर मिलता है। वहीं गत साल डूब क्षेत्र में 134.50 मीटर जलस्तर 16 सितंबर को था, लेकिन इस साल 35 दिन पूर्व नर्मदा का यह जलस्तर 11 अगस्त को डूब क्षेत्र में पहुंच गया है। recent visitors 78

हिमाचल में बारिश का दौर जारी, प्रदेश की सड़कें बंद हो गई , 5 एनएच भी बंद

शिमला  हिमाचल प्रदेश में बारिश ने एक बार फिर से कहर बरपाया है। बारिश के चलते कई स्थानों भूस्खलन हुआ है। लगातार बारिश से प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में 288 सड़कें और 5 नेशनल हाइवे बंद हो गए। 458 विद्युत ट्रांसफार्मर और 48 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप हो गई है। वहीं नाहन के नजदीक नाहन-पोंटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मारकंडा नदी उफान पर है। उफनती नारकंडा नदी तबाही मचा रही है। रविवार की सुबह बनकलां में नदी किनारे बना मंदिर को सैलाब बहा ले गया। पलक झपकते ही नदी किनारे बना यह हनुमाल मंदिर पानी में समा गया। दी के समीप टापू में फंसे 7 लोग नाहन विधानसभा क्षेत्र के कोलर के समीप 7 लोगों के नदी के समीप टापू में फंसे हुए है। प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए टीम को रवाना कर दिया है। बारिश का क्रम लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश से राहत और बचाव कार्यो में दिक्कतें हो रही है। वहीं लम्बे समय के बाद किन्नौर जिले में बारिश होने से जगह जगह भूस्खलन होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ीं है। बारिश होने से लियो और हांगो सम्पर्क मार्ग पर भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह से अवरूद्ध हुआ है। वही सतलुज और स्पीति नदी के संगम खाब में भी कल शाम बादल फटने से सड़क मार्ग को नुकसान हुआ है। किन्नौर में भारी बारिश का दौर जारी बता दें कि किन्नौर जिले के कई क्षेत्रों में भयंकर बारिश जारी है। वहीं सांगला वैली में भी जमकर बारिश होने से नदी नाले उफान पर है। सांगला वैली के बास्पा नदी पर बनी जल विधुत परियोजना डैम से 200 क्यूमेक्स पानी छोडा़ गया। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की कि नदी नाले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाएं। recent visitors 83

मौसम विभाग ने पांच दिन की दी चेतावनी, छत्तीसगढ़ के रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग और बस्तर संभाग में होगी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। कई जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हो रही है। वहीं राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाएं चल रही है। साथ ही बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। इसके साथ ही सरगुजा संभाग में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर बिलासपुर दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। वही सरगुजा संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले 5 दिनों तक सरगुजा संभाग के अधिकांश जगहों पर बारिश की गतिविधि जारी रहेगी इसके साथ ही एक दो जगह पर गलत चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। बीते दिनों लगातार बारिश से मौसम ठंडा हो चुका है। ठंडी हवाएं चल रही है और रायपुर में बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसूनी तंत्र कमजोर हो गया है, जिसके वजह से प्रदेश में बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है। हालांकि इस बीच अधिकांश जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। शनिवार को राजधानी रायपुर सुमित प्रदेश के कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे। इसके बाद दोपहर में धूप निकली। वही शाम तक एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश भी हुई। recent visitors 143

भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत इन 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें अब तक कहां कितनी हुई बारिश?

भोपाल  7 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट, ग्वालियर, पन्ना, सतना, रीवा में तेज बारिश का अलर्ट. मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी होगी तेज बारिश, भोपाल, इंदौर, उज्जैन में हल्की बारिश के आसार, भोपाल समेत 11 जिलों में सीजन की 80% बारिश, मंडला में सबसे ज्यादा 40 इंच हो चुकी है बारिश, प्रदेश में 3 दिन गरज-चमक और बूंदाबांदी का अनुमान, 14 अगस्त के बाद सिस्टम हो सकता है स्ट्रॉन्ग.  मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से मानसून की एक्टिविटी घटी है और बारिश की रफ्तार में कमी आई है. मौसम विभाग ने आज 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है.     मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग की मानें तो कल से बारिश की एक्टिविटी घट जाएगी, जिसकी वजह से भारी बारिश देखने को नहीं मिलेगी. हालांकि कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. इन 7 जिलों में होगी जमकर बारिश मौसम विभाग ने आज पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और ग्वालियर जिलों में तेज बारिश के आसार जताए हैं. इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, चंबल, उज्जैन समेत अन्य संभागों के सभी जिलों में हल्की-फुल्की बारिश के आसार हैं और येलो अलर्ट जारी किया गया है. फिर बदलेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 14 अगस्त के बाद सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिल सकती है. मौसम में बदलाव आते ही एक बार फिर प्रदेश में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा. एमपी में औसत से ज्यादा बारिश एमपी में औसत से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बाद सीजन की 70 प्रतिशत बारिश हो चुकी है. कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच थीं. वहीं ज्यादातर बड़े डैम भी 80 प्रतिशत से ज्यादा भर चुके हैं. फिलहाल अगले 3 दिनों तक तेज बारिश से राहत है. recent visitors 116