Tuesday, July 7, 2026 5:45 pm

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने कहा- 1971 में भी हिंदू मारे गए थे, इतिहास को दोहराने नहीं दे सकते, बांग्लादेश पर ऐक्शन की मांग

वाशिंगटन भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद (प्रतिनिधि सभा) में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त 2024 में पद छोड़ने के बाद अल्पसंख्यकों पर हिंसा के मामले तेजी से बढ़े हैं। कृष्णमूर्ति ने अपने संबोधन में कहा, "मैं बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए खड़ा हूं। बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1971 में अनुमानित 3,00,000 से 30 लाख लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश हिंदू थे। आज भी बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है—उनके घर और व्यवसाय नष्ट किए जा रहे हैं और उनके मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।" हिंसा में तेजी का दावा उन्होंने यह भी बताया कि शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद से इन हमलों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, "पिछले अगस्त में हसीना के पद छोड़ने के बाद, इन हमलों में एक बार फिर तेजी आई है। केवल अगस्त महीने में 2,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। मैंने इस मामले में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के साथ बातचीत की है और सीनेट की सुनवाई में कार्रवाई की मांग की है, लेकिन हमें और अधिक करना होगा। दुनिया देख रही है, और हम इतिहास को दोहराने नहीं दे सकते।" घटनाओं ने बढ़ाई चिंता बांग्लादेश में अशांति तब और बढ़ गई जब 25 अक्टूबर को चटगांव में चिन्मय कृष्ण दास पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भगवा झंडा फहराने का आरोप लगाते हुए राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया। उनकी गिरफ्तारी 25 नवंबर को हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं। 27 नवंबर को चटग्राम कोर्ट बिल्डिंग के बाहर हुई झड़प में एक वकील की मौत हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अधिकारियों ने अधिक गिरफ्तारियां शुरू कीं। इस्कॉन कोलकाता के अनुसार, 29 नवंबर को चिन्मय कृष्ण दास से मिलने गए दो भिक्षुओं, आदिपुरुष श्याम दास और रंगनाथ दास ब्रह्मचारी, को भी हिरासत में ले लिया गया। इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधा रमण ने बताया कि इन झड़पों के दौरान बांग्लादेश में इस्कॉन के एक केंद्र को भी उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया। अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने अपने अमेरिकी सहयोगियों से बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा की ये घटनाएं वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी हैं। अब यह देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और बांग्लादेश की सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं। recent visitors 102

भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति अमेरिकी चुनाव में जीते, लगातार दूसरी बार विजयी बने

वाशिंगटन अमेरिका में चुनाव जारी हैं। इसी बीच खबर है कि भारतीय मूल के डेमोक्रेट उम्मीदवार राजा कृष्णमूर्ति ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर ली है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया। ताजा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस 205 पर आगे चल रही हैं। वहीं, रिपल्बिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप ने 270 के जादुई आंकड़े से कुछ दूरी पर ही हैं। कृष्णमूल्ति ने इलिनॉय के 8वें कांग्रेश्नल डिस्ट्रिक्ट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है। वह अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने 57.1 फीसदी वोट हासिल कर चुनाव जीता है। जबकि, रिपब्लिकन पार्टी के मार्क राइस को 42.9 फीसदी वोट मिले थे। कृष्णमूर्ति ने पहली बार साल 2016 में चुानव जीता था। कौन हैं राजा कृष्णमूर्ति राजा कृष्णमूर्ति का जन्म भारत में हुआ, लेकिन वह अमेरिका के बफेलो में पले-बढ़े। कांग्रेस में शामिल होने से पहले इलिनॉय के डिप्टी स्टेट ट्रेजर का पद संभाल चुके हैं। वह इलिनॉय के स्पेशल असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के पॉलिसी डायरेक्टर भी रह चुके हैं। कृष्णमूर्ति मध्यवर्गीय परिवारों के लिए नीतियों की वकालत करते हैं, जिनमें शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा शामिल है। फिलहाल वह इंटेलीजेंस एंड ओवरसाइट समितियों के वरिष्ठ सदस्य हैं। शुरुआती मतगणना में कमला हैरिस से आगे हैं ट्रंप एसोसिएटेड प्रेस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने 230 निर्वाचक मंडल वोट जबकि हैरिस ने 205 निर्वाचक मंडल वोट हासिल कर लिए हैं। 270 या उससे अधिक निर्वाचक मंडल वोट जीतने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति चुना जाता है। व्हाइट हाउस की दौड़ में कौन जीतेगा यह तस्वीर एरिजोना, जॉर्जिया, मिशिगन, नेवादा, उत्तरी कैरोलाइना, पेन्सिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन सात ‘स्विंग राज्यों’ के नतीजों पर निर्भर करेगा। recent visitors 63