घंटों परेशान हुए अभ्यर्थी, राजस्थान-अजमेर में कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा देने उमड़ी भीड़

अजमेर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से एलडीसी के करीब 4200 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन जिला स्तर पर किया गया था। इसमें करीब 12 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए अलग-अलग जगह से अजमेर आए थे। बोर्ड की ओर से दो पारी में आयोजित इस परीक्षा की समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों को घर लौटने में रोडवेज बसों की कमी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा और वह बस में जगह पाने के लिए मशक्कत करते नजर आए। सरकार ने भले ही प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन उसके बावजूद बसों की कमी के चलते अभ्यर्थियों को अजमेर के केंद्रीय बस स्टैंड पर घंटों बस का इंतजार करना पड़ा। नहीं चलाईं अतिरिक्त बसें रोडवेज प्रशासन ने परीक्षा को देखते हुए अतिरिक्त बसें नहीं चलाई, जिसका खामियाजा दूर दराज से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों को उठाना पड़ा। अभ्यर्थी बसों में घुसने के लिए धक्का मुक्की करते नजर आए। वहीं कई अभ्यर्थी अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से बस में घुसते दिखाई दिए। केंद्रीय बस स्टैंड अभ्यर्थियों की भीड़ से भरा बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा भीलवाड़ा और नागौर जाने वाली बसों के लिए भीड़ देखी गई। प्रतियोगी परीक्षा के कारण अजमेर का केंद्रीय बस स्टैंड अभ्यर्थियों की भीड़ से भरा हुआ नजर आया। रोडवेज बसों की कमी के चलते अभ्यर्थियों के साथ आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और वह बसों के इंतजार में घंटों बस स्टैंड पर बैठे रहे। बस में चढ़ना मुश्किल अजमेर में परीक्षा देने अभ्यर्थियों ने बताया कि अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज को अतिरिक्त बसें लगानी चाहिए, जिससे कि परीक्षार्थी समय रहते अपने घर पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि वह सुबह से परेशान होकर परीक्षा देने पहुंचे हैं और जब शाम को बस स्टैंड पर पहुंचे तो उनको बसों में भीड़ दिखाई दी। अभ्यर्थियों ने बताया कि वह पिछले दो घंटें से बस स्टैंड पर बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जो बसें आ रही हैं, उसमें अभ्यर्थियों की भीड़ है। इस कारण बस में चढ़ना मुश्किल हो रहा है। recent visitors 95

बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों से सतर्क रहने की जरूरत, राजस्थान-अजमेर में विभाजन विभीषिका पर संगोष्ठी

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, उससे सतर्क रहने की जरूरत है। सिंधी समाज एक पुरूषार्थी कौम है जो विभाजन विभीषिका में सब कुछ खोकर फिर से उठ खड़ा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को सूचना केन्द्र में विभाजन विभीषिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली तथा सिंधु साहित्य एवं कल्चरल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान मेें यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। देवनानी ने कहा कि देश के विभाजन के समय सिन्धी समाज ने बहुत बड़ा नुकसान सहा। पाकिस्तान के सिंध में सिंधियों ने अपना सब कुछ खो दिया। सिंधी खाली हाथ भारत आए लेकिन उन्होंने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। वे पुरूषार्थी बने और काम किया। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से समाज और देश की तरक्की में सहयोग किया। देवनानी ने कहा कि सिंधी समाज ने कभी परिस्थितियों से हार नहीं मानी। विपरीत हालातों में भी सिंधी दृढ़ प्रतिज्ञ होकर पुरूषार्थी बने रहे। आज देश में सिंधी जहां भी है वे एक सच्चे राष्ट्रभक्त के रूप में भारत की तरक्की में हाथ बंटा रहे हैं। उन्होंने सिंधी समाज के युवाओं से आग्रह किया कि अपने विपुल और समृद्ध इतिहास को सदैव याद रखें और अगली पीढ़ी को बताएं तभी हमारा इतिहास जिंदा रहेगा। बांग्लादेश के हालात बेहद चिंताजनक उन्होंने कहा कि आज पड़ोसी राष्ट्र बांग्लादेश में जिस तरह के हालात है, वे बेहद चिंताजनक है। वहां भी विभाजनकारी शक्तियां सिर उठा रही है। हमें इससे सतर्क रहने की जरूरत है। बंगाल एवं अन्य राज्यों में धुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। इसका असर दूसरे राज्यों पर पड़ सकता है। हमने अजमेर में भी पुलिस को निर्देश दिए है कि रोहिंग्या व अन्य घुसपैठियों पर नजर रखें और उन्हें बाहर भेंजे। विभाजन के समय सिंधी समाज ने झेली तकलीफें सिंधी समाज के युवा व समाज संगठित एवं संस्कारवान बनें। सिंधु साहित्य एवं कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष सुन्दर मटाई ने कहा कि सिंधी समाज पुरूषार्थी समाज है। विभाजन में समाज ने बहुत तकलीफें झेली हैं। इसके बावजूद सिंधी समाज ने देश में अपनी पहचान बनाई है। युवा पीढ़ी को आगे आकर समाज निर्माण को अपने हाथों में लेना होगा। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. हासो दादलानी एवं डॉ. परमेश्वरी पमनाणी ने अपना उद्बोधन किया। संस्था सचिव श्री लक्ष्मण चैनानी, सदस्य मन्जू चैनानी, ऋतु मोतिरमानी, पूनम लालवानी, श्वेता शर्मा, दयाल प्रियानी, महेश लौगानी, किशन बदलानी आदि ने विरह के गीतों एवं नृत्य से समां बांध दिया। सर्वानन्द माध्यमिक विद्यालय, हरी सुन्दर बालिका विद्यालय, संत कंवरराम विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने गीत एवं नृत्य प्रस्तुत करके श्रोताओंं में जोश जगा दिया। संस्था सचिव लक्ष्मण चैनानी ने धन्यवाद प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक सचिव श्वेता शर्मा एवं संगठन सचिव दयाल प्रियानी ने मंच संचालन किया। recent visitors 88

पत्नी, सास और भाई ने गला घोटकर की थी हत्या, राजस्थान-अजमेर के कैलाश बावरिया हत्याकांड का खुलासा

अजमेर. अजमेर जिले की पुलिस थाना पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई के निर्देश पर डाबला मोतीसर के कैलाश बावरिया हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कैलाश बावरिया की हत्या उसकी पत्नी नाथी देवी, सास मीरा और भाई ने मिलकर की थी। मृतक कैलाश की पत्नी के और उसके भाई के नाजायज संबंध थे। इसको लेकर अक्सर इनके बीच झगड़ा होता था। मृतक की पत्नी, सास और कैलाश ने शराब का सेवन किया इसी दौरान मृतक की पत्नी और सास ने कैलाश का गला घोटकर हत्या कर दी। शव को नागोर जिले में दफना दिया। मृतक की पत्नी ने 26 जुलाई को थाने में सुल्तान ओम रावत और उसके बहनोई के खिलाफ कैलाश की हत्या करने और उसको धमकाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जांच अधिकारी सीओ ग्रामीण रामचंद्र चौधरी और सीआई राकेश यादव ने मामले की बारीकी से जांच की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की, जिसके बाद सामने आया कि मृतक कैलाश की पत्नी और उसके भाई के बीच नाजायज संबंध होने के कारण अक्सर इनके बीच झगड़ा था इसी के चलते मृतक की पत्नी, सास और भाई ने मिलकर कैलाश की हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम अनुसंधान में जुटी है। recent visitors 146

भीड़ देख अधिकारी भी सहमे, राजस्थान-अजमेर में स्पीकर को महिलाओं ने सुनाई खरी-खोटी

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष व अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी शहर में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लेने आलाधिकारियों के साथ निकले थे। जहां उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी दौरान बोराज गांव के ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली और पुलिया निर्माण सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर घेराव कर दिया और देवनानी को अपनी समस्या बताते हुए उनको खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। एकदम से बड़ी संख्या में ग्रामीण देवनानी की ओर बढ़े तो प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए। स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने बताया कि शहर में पिछले कई साल से पुलिया टूटी हुई है, जिसको लेकर स्थानीय सरपंच लाल सिंह रावत और विधायक वासुदेव देवनानी को कहा गया। मगर आज तक टूटी हुई पुलिया का निर्माण नहीं हुआ, जिससे कि आने जाने वाले लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले सरपंच लाल सिंह रावत और वासुदेव देवनानी ने बोराज और हाथी खेड़ा गांव में  टूटी पुलिया और सड़क निर्माण के लिए कई वादे किए थे। मगर चुनाव जीतने के बाद भी आज तक वह वादे पूरे नहीं हुए, जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया। दरअसल, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने विधानसभा क्षेत्र में बारिश के दौरान टूटी हुई सड़कें और पानी के भराव क्षेत्र का निरीक्षण करने प्रशासनिक अमले के साथ निकले थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उनके अमले को रोक लिया और विभिन्न मांगों को लेकर अपनी मांग रखते हुए विरोध करने लगे। इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन शक्ति में आ गए और ग्रामीणों को समझाइश करने लगे। मगर स्थानीय लोग अपनी मांग को लेकर काफी उग्र नजर आए। वहीं, हंगामा बढ़ता देख वासुदेव देवनानी ग्रामीणों से बात करने के दौरान अचानक अपने कार्यकर्ता के साथ अपनी कार की तरफ लौटे और उसमें बैठकर घर के लिए रवाना हो गए। इससे पूर्व देवनानी ने आक्रोशित ग्रामीणों को उनकी समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। देवनानी के निरीक्षण के साथ जिला कलेक्टर डॉ. भारती दीक्षित, अजमेर नगर निगम की महापौर बृजलता हाड़ा, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 83

ढही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा टला, राजस्थान-अजमेर में बरसों पुरानी हवेली ढही

अजमेर/ब्यावर. ब्यावर जिले के मसूदा विधानसभा क्षेत्र में एक वर्षों पुरानी हवेली के गिरने का लाइव वीडियो सामने आया है। अजमेर संभाग में पिछले पांच दिनों से भारी बारिश के चलते अजमेर सहित आसपास के जिलों की कई कॉलोनियों मे जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो वहीं कई इलाकों माँ पुरानी इमारतें धराशायी हो चुकी हैं। ऐसे ही मसूदा विधानसभा के गांव किराप में एक पुरानी हवेली बारिश की वजह से गिर गई, जिसका लाइव वीडियो सामने आया है। वीडियो में हवेली गिरते हुए दिखाई दे रही है। हवेली में दरार आने के बाद से हवेली में रहने वाले लोगों ने हवेली को छोड़ दिया था लेकिन भारी बारिश के चलते हवेली धराशायी हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही अजमेर सहित आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। recent visitors 114

मोदी सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश, राजस्थान-अजमेर में फ्लाइट स्कूल का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

अजमेर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज अजमेर जिले के किशनगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने अव्यान्ना एविएशन अकादमी के नवस्थापित फ्लाइट स्कूल के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। किशनगढ़ में फ्लाइट स्कूल की शुरुआत होना प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत की योजनाओं के तहत स्किल इंडिया एवं व्यावसायिक शिक्षा में देश के युवाओं को निपुण करने का ही उदाहरण है। समारोह में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि हमारे युवा प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन के तहत हुनर की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। नए-नए स्टार्ट अप चालू करके आत्मनिर्भर बन रहे हैं और देश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने किशनगढ़ एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में वृक्षारोपण भी किया। प्रधानमंत्री का यह अभियान 140 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। recent visitors 98

महाराणा प्रताप सेना अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र, राजस्थान-अजमेर दरगाह में रुद्राभिषेक की दें अनुमति

अजमेर. अब अजमेर में गरीब नवाज की दरगाह में रुद्राभिषेक करने की अनुमति देने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा गया है। महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने ताजमहल की घटना के बाद कल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखते हुए अजमेर दरगाह में रुद्राभिषेक करने की अनुमति मांगी है। पत्र में राजवर्धन सिंह परमार ने लिखा है कि महाराणा प्रताप सेना ने राजस्थान प्रदेश में दो बार जन जागरण यात्रा कर लोगों की अजमेर दरगाह पर राय जानी है। उनके अनुसार भी अजमेर में स्थित दरगाह, दरगाह भी हमारा पवित्र हिंदू मंदिर है। परमार ने पत्र में लिखा कि इस सावन के पवित्र महीने में महाराणा प्रताप सेना अजमेर में स्थित दरगाह जहां हमारा पवित्र शिव मंदिर है, वहां रुद्राभिषेक करना चाहती है। उन्होंने पत्र के माध्यम से आवश्यक अनुमति देने व समय तथा दिनांक बताने का अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार अजमेर में स्थित दरगाह में हिंदू शिव मंदिर होने का दावा कर चुके हैं और इसकी एएसआई सर्वेक्षण करने की मांग मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से पत्र के माध्यम से कर चुके हैं। recent visitors 96