बाइक सवार को गिराकर ले भागा था मोबाइल, राजस्थान-सिरोही में चोरी का एक आरोपी गिरफ्तार

सिरोही. सिरोही की सरूपगंज पुलिस टीम ने पेशुआ नदी के पास अंधेरे में मोबाइल चोरी करने की वारदात का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चुराया गया मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने थाना सरूपगंज जिला सिरोही निवासी हरीश पुत्र हीराराम गरासिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके पास से चुराया गया मोबाइल भी जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित के भाई की ओर से 26 जुलाई को सरूपगंज थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। जिसमें बताया गया था कि उसका भाई रात करीब 8:30 बजे मोटरसाइकिल लेकर बनास से अपने घर पेशुआ जा रहा था। जैसे ही वह पेशुआ नदी से आगे पीपल के पेड़ के पास एनीकट तक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद दो अज्ञात व्यक्तियों ने अपनी मोटरसाइकिल से उसके भाई की मोटरसाइकिल के आगे आकर जानबूझकर उसे रोकने की कोशिश की। इस वजह से उसका भाई मोटरसाइकिल समेत नीचे गिर गया, जिससे उसके हाथ, पैर और कमर में चोटें आईं। उसके गिरते ही मोबाइल और पर्स भी रोड पर गिर गए, जिन्हें अज्ञात व्यक्ति लेकर भाग गए। इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। recent visitors 120

ऑपरेशनल और तकनीकी मुद्दों पर की चर्चा, राजस्थान-सिरोही में दो दिन चला फॉर्मेशन कमांडर सम्मेलन

सिरोही/जयपुर. सप्त शक्ति कमांड जयपुर में दो दिवसीय फॉर्मेशन कमांडर सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने की। जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) जयपुर, राजस्थान के कर्नल अमिताभ शर्मा के अनुसार, इस दो दिवसीय सम्मेलन में फोर्स मल्टीप्लायर्स, साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देना, सैनिकों को सशक्त बनाना, उभरते खतरों से निपटना और संगठनात्मक लक्ष्यों के समन्वय में कमांड के विकास के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती है, इससे निपटना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं।  साइबर सुरक्षा के लिए अपनाई जा रही तकनीक और प्रक्रियाओं को तैयार करने के बारे में भी जानकारी दी गई। सम्मेलन में आर्मी कमांडर ने कहा कि वर्तमान दौर में सेना को ऑपरेशनल और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रौद्योगिकी के विकास और निरंतर आत्म-मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया गया है। recent visitors 89

मध्यप्रदेश से लाए थे 4 पिस्टल-3 मैग्जीन एवं 12 जिंदा कारतूस, राजस्थान-सिरोही में दो हथियार तस्कर गिरफ्तार

सिरोही. माउंटआबू पुलिस ने शहर के देलवाड़ा क्षेत्र स्थित एक मकान पर दबिश देकर अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन में माउंट आबू थानाधिकारी सुरेश चौधरी की अगुवाई में पुलिस टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। देलवाड़ा के बापू बस्ती स्थित किराए के एक मकान पर दबिश के दौरान पुलिस ने  4 पिस्टल, 3 मैग्जीन एवं 12 जिंदा कारतूस जब्त कर माउंटआबू निवासी राहुल एवं दिपेश बैरवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से अब तक की गई पूछताछ में ये हथियार मध्यप्रदेश से लाए जाने की जानकारी सामने आई है। ये हथियार यहां क्यों लाए गए थे और आरोपी यहां किस वारदात को अंजाम देने वाले थे, इस संबंध में पूछताछ करके पुलिस इन हथियारों को लाने के पीछे का उद्देश्य पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। recent visitors 98

बहन को गलत नजर से देखने पर दोस्त ने मारे थे चाकू, राजस्थान-सिरोही में हत्या का खुलासा

सिरोही. मंडार पुलिस ने पांच दिन पूर्व हुई युवक की हत्या का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मृतक का दोस्त है। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि आरोपी को अपने दोस्त पर अपनी बहन को गलत नजर से देखने का शक था। इसी के चलते अपने दोस्त को सबक सिखाने की मंशा से उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। रेवदर उपअधीक्षक रूपसिह इंदा की अगुवाई में टीम द्वारा यह कारवाई की गई। इस मामले में भांडोत्रा, पुलिस थाना पांथावाडा, जिला बनासकांठा, गुजरात निवासी करसनभाई पुत्र नोनजीभाई प्रजापत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में गत 9 अक्टूबर 2024 को सूचना के आधार पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो गांव सोरडा से भांडोत्रा जाने वाले कच्चे रास्ते के पास बंद पड़े स्कूल में एक शव मिला था। मृतक की पहचान रानीवाडा निवासी कृष्ण उर्फ करसन पुत्र पुराराम सुथार के रूप में हुई। मृतक के परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। बहन को गलत नजर से देखने का शक होने से की थी हत्या पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी को उसके दोस्त मृतक कृष्ण उर्फ करसन सुधार पर उसकी बहन को गलत नजर से देखने का शक था। इसलिए आरोपी को उसके दोस्त से बदला लेने की बात सूझी। तब उसने उसके दोस्त से बदला लेने के लिए दोस्त कृष्ण सुथार को बुलाकर मारने की योजना बनाई थी। आरोपी द्वारा योजना के अनुसार 7 अक्टूबर 2024 को उसके दोस्त मृतक कृष्ण उर्फ करसन सुथार को विश्वास में लेकर सुनसान जगह पर स्थित बंद स्कूल में ले गया। वहां उसने मौका पाकर दोस्त का सिर दीवार पर पटका, जिससे युवक घायल हो गया। उसके बाद नीचे गिर गया। आरोपी द्वारा गई। मामले में अग्रिम जांच जारी है। recent visitors 85

प्रवेश द्वार पर होने से पड़ा यह नाम, राजस्थान-सिरोही में आबूरोड की तलेटी में विराजीं मुखरी माता

सिरोही. सिरोही में शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन आज हम आपको आबूरोड के तलेटी क्षेत्र स्थित मुखरी माता मंदिर के दर्शन करवा रहे हैं। मंदिर में चामुंडा माता विराजमान है। इस मंदिर के नाम के साथ मोर-मोरनी की तपस्या को लेकर भी इतिहास है। इस मंदिर में वैसे तो सालभर श्रद्धालुओं की आवजाही लगी रहती है। लेकिन जब बात नवरात्रि की हो तो भीड़भाड़ और बढ़ जाती है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने तथा धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन करने की भी सुविधा उपलब्ध है। सिरोही जिले से करीब 70 किलोमीटर दूर आबूरोड के तलेटी में पहाड़ी के ऊपर गुफा में चामुंडा माता (मुखरी माता) विराजमान हैं। आबूरोड रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेंड से पांच किलोमीटर सड़क मार्ग का सफर तय कर यहां पहुंचा जा सकता है। अगर आप माउंटआबू जा रहे हैं तो तलेटी तिराहा से महज 500 मीटर के बाद मुख्य रोड के समीप ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार नजर आ जाएगा। यहां से अंदर की ओर जाने के बाद संपर्क सड़क मंदिर तक ले जाएगी। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। इसके लिए पहाड़ी पर सीढ़ियों तक सड़क बनी है, जहां तक वाहन जाते हैं। ऐसे में हर उम्र के श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यहां तक पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास ही श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए करीब एक दर्जन कमरे एवं बरामदा भी बना हैं। जहां पर श्रद्धालु अपने धार्मिक, पारिवारिक एवं सामाजिक आयोजन करते हैं। प्रवेश द्वार पर नाम पड़ा मुखरी माता गौरतलब है कि आबूरोड के तलेटी से माउंटआबू की चढ़ाई शुरू होती है। इसलिए इसे माउंटआबू का मुख या प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। चामुंडा माता के यहां विराजमान होने से इस मंदिर का नाम मुखरी माता हो गया। मंदिर की दूसरी खासियत यह है कि यहां मोर-मोरनी की तपस्या की भी कहानी है। मंदिर पुजारी सीताराम का कहना है कि सालों पहले शाम होते ही एक मोर-मोरनी का जोड़ा मंदिर में रात्रि विश्राम करने आता था। ये मोर-मोरनी बड़े तपस्वी थे। उनकी इच्छा थी अंतिम समय इसी मंदिर में व्यतीत हो सके। एक दिन सवेरे दोनों मोर मोरनी मृत अवस्था में मिले। तत्कालीन पुजारी द्वारा मोर मोरनी की इच्छानुसार जहां उनकी मौत हुई थी, वहीं पर समाधि बना दी गई। पास ही है गुफा मंदिर पुजारी सीताराम के अनुसार, पहाड़ी की एक शिला के नीचे चामुंडा माता के विराजमान स्थल के पास ही एक गुफा भी है, जो माउंटआबू में अधरदेवी (अर्बुदा देवी) मंदिर के समीप तक जाती है। यह करीब 22 किलोमीटर लंबी गुफा है। हालांकि, बीते लंबे समय से यह गुफा बंद है। यहां बकायदा लोहे का भी गेट है। सवेरे शाम दोनों समय इसकी भी पूजा अर्चना की जाती है। recent visitors 167

सनातन संस्कृति से जोड़ने पर होगा समुचित विकास, राजस्थान-सिरोही में ब्रह्माकुमारीज के सम्मलेन में पहुंचे मप्र के डिप्टी CM

सिरोही. सिरोही के आबूरोड में ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय शांतिवन में आयोजित चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन का सोमवार को समापन हो गया। इसमें भारत सहित विश्व के 15 से अधिक देशों की पांच हजार से अधिक जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया। कला, धर्म, संस्कृति, अध्यात्म, राजनीति, विज्ञान, चिकित्सा और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के विद्वानों ने आध्यात्मिकता द्वारा  स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज विषय पर अलग-अलग सत्रों में विचार रखे। सम्मेलन के दौरान दस सत्र आयोजित किए गए। सभी ने चिंतन-मंथन कर निष्कर्ष निकाला कि यदि समाज, राष्ट्र और विश्व को स्वस्थ, सुखी, संपन्न बनाना है, मानसिक-शारीरिक-आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाना है तो एकमात्र उपाय अध्यात्म ही है। जीवन में आध्यात्मिकता के समावेश के बिना मानव जाति का कल्याण संभव नहीं है। अध्यात्म से ही विश्व शांति आएगी। अध्यात्म भारत की धरोहर और संस्कृति है। समापन सत्र में मप्र के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि यदि देश का समुचित विकास करना है तो लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना पड़ेगा। हमें समाज और देश के लिए समर्पित लोगों की फौज खड़ी करनी पड़ेगी। जब जाकर हम उस विकास को संभाल पाएंगे। तब यह सस्टेनेबल डेवलपमेंट कहलाएगा। इसके लिए हमें मनुष्य के अंदर की आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करना पड़ेगा। उसे सनातन धर्म से जोड़ना पड़ेगा। हमारी जो सांस्कृतिक विरासत और सनातन है, उसे पुनर्जीवित-पुनर्स्थापित करने की लहर पूरे देश में चल रही है। यह भी हमारे देश के लिए अच्छा संकेत है। आज लोग सनातन को समझने लगे हैं। सनातन की ओर जुड़ने लगे हैं। सनातन और अध्यात्म ही हमारी आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। जब आत्मा, परमात्मा से जुड़ती है तो हमारे अंदर मानवीय गुण विकसित होते हैं। हम वसुधैव कुटुम्बकम् के मंत्र पर चलते हैं। हमें सभी के कल्याण के बारे में सोचना है। ये पवित्र भाव, ईश्वर भाव है, जो मानव जाति के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में भगवान राम का मंदिर, उसमें भी विवाद है कि बनना चाहिए या नहीं बनना चाहिए। क्यों नहीं बनना चाहिए। जहां भगवान राम का जन्म हुआ है, वहां मंदिर नहीं बनेगा तो क्या मक्का और मदीना में बनेगा। लेकिन इसे लेकर भी विवाद हम लोगों ने अपने देश में देखा है। क्या ये गलत दिशा में ले जाने वाले लोगों का षड़यंत्र नहीं था। युद्ध नहीं रुके तो आने वाली पीढ़ी हमें दोष देगी उप मुख्यमंत्री शुक्ला ने कहा कि रुस और यूक्रेन की लड़ाई चल रही है। मिसाइलें दागी जा रही हैं। हजारों की संख्या में लोग मौत की नींद में सुलाए जा रहे हैं। मानवता के सामने गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस खतरे का सामने कैसे होगा, यह यक्श प्रश्न है। ऐसे समय में ब्रह्माकुमारीज ने अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए ग्लोबल समिट का आयोजन किया है। यह प्रासांगिक है, समय की मांग है। यदि दुनिया इस बारे में विचार नहीं करेगी तो आने वाली पीढ़ी इसका दोष भुगतेगी और इसका दोष वर्तमान पीढ़ी, हम लोगों पर आएगा कि हम लोगों ने समाज को जागृत नहीं किया। हमने शांति का पाठ नहीं पढ़ाया। यदि विज्ञान और अध्यात्म का सदुपयोग होगा तो मानव के लिए सभी प्रकार की सुख-शांति और खुशी जीवन में मिलेगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। कुछ ही वर्षों में जर्मनी और जापान हमसे पीछे हो जाएंगे और हम उनसे आगे निकल जाएंगे। वर्ष 2027 में जब आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे तो चाइना और अमेरिका भी हमसे पीछे हो जाएंगे और भारत फिर से विश्व गुरु बनके दुनिया का नेतृत्व करेगा। ऐसे सपनों के भारत के निर्माण का महायज्ञ हमारे देश में चल रहा है। हमारा भविष्य बहुत बेहतर है। ब्रह्माकुमारीज जैसे संस्थान देश को खुशहाली के लिए हैं उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 1937 से लेकर आज तक ब्रह्माकुमारीज संगठन लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। रास्ते से भटके हुए लोगों को रास्ते पर लाने का काम ब्रह्माकुमारीज जैसे संगठन कर रहे हैं। लोग आपको आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। अध्यात्म मनुष्य की आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। यदि आत्मा का शुद्धिकरण नहीं होगा तो न मनुष्य स्वयं सही रास्ते पर चलेगा, न समाज को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित कर सकेगा। ब्रह्माकुमारीज़ जैसे संस्थान देश को खुशहाली के लिए हैं। आज मैं सुबह 3.30 बजे उठ गया था और 45 मिनट मेडिटेशन किया। मैं प्रयास करता हूं कि जब गाड़ी में चलता हूं तो आंख बंद करके मेडिटेशन कर लूं। शरीर की बहुत व्याधियां भी मेडिटेशन से दूर हो जाती हैं। मेडिटेशन हमें सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है।  इन्होंने भी संबोधित किया महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन भाई ने कहा कि विज्ञान की शक्ति को प्रयोग करने वाली आध्यात्मिक शक्ति है। मानव ही विज्ञान की शक्ति का प्रयोग करता है। सम्मेलन के आयोजक व संस्थान के कार्यकारी सचिव डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि देश-विदेश से आए विद्वानों ने समिट में अपने महान विचार रखे। निश्चित रूप से इससे समाज को नई दिशा मिलेगी। संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी, युवा प्रभाग की उपाध्यक्ष बीके चंद्रिका दीदी, पुणे से आई यूथ एम्पॉवरिंग सेंटर एंड लिविंग वैल्यूज की फाउंडर साक्षी कमलापुरे ने भी विचार व्यक्त किए। आभार वैल्यु एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. बीके पांड्यामणि भाई ने माना। संचालन बीके चंदा बहन ने किया। recent visitors 93

लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण कर नियमित मॉनिटरिंग, राजस्थान-सिरोही के कलेक्टर ने दिए निर्देश

सिरोही. डीओआईटी सभागार में जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें संपर्क पोर्टल तथा अन्य कार्यालयों से प्राप्त लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर विभिन्न मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिला कलेक्टर चौधरी द्वारा विभागवार लंबित प्रकरणों की चर्चा की और कहा कि राज्य स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न बैठकों में भी संपर्क पोर्टल से संबंधित आंकड़ों के सुधार के सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। इसलिए सभी अधिकारी प्रकरणों का निस्तारण करते हुए संतुष्टि प्रतिशत में बढ़ोतरी लाने, औसत निस्तारण समय में कमी लाने तथा आंकड़ों में प्रगति लाने के लिए समुचित कार्रवाई करना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि प्रकरण निस्तारण के बाद रिलीफ प्रकरणों में संबंधित अधिकारी परिवादियों से संपर्क कर निस्तारण होने के पश्चात राहत मिली या नहीं इसका भी सत्यापन करें। उन्होंने 30 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों को शीघ्रता के साथ निस्तारण के निर्देश दिए एवं  जिले से संबंधित विभागीय मुख्यालयों पर लंबित प्रकरणों के संबंध में भी समन्वय स्थापित कर निस्तारण करवाने की बात कही। बैठक के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं और लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए संपर्क पोर्टल पर विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, अंतर्विभागीय मुद्दे, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाशचंद अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार, सानिवि के एसई एसएम वर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहीराम बिश्नोई, उद्यान विभाग के उपनिदेशक हेमराज मीणा, डीटीओ रजनीश विद्यार्थी, संयुक्त निदेशक कृषि संजय तनेजा, प्रवर्तन निरीक्षक सहीराम बिश्नोई, शिक्षा विभाग से अजय माथुर मौजूद रहे। recent visitors 70