अवैध जल कनेक्शन काटकर दोषियों पर करें प्रभावी करवाई, राजस्थान-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भास्कर ए सावंत ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2025 के लिए प्रस्ताव आगामी 5 जनवरी तक प्रस्तुत किए जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध जल कनेक्शन काटने में तेजी लायीं जाए एवं संबंधित दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध जल कनेक्शन काटते समय लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ती है तो उसके बारे में उच्च स्तर पर बताया जाए जिससे उच्च स्तर पर पुलिस को कठोर कार्रवाई करने के लिए अवगत कराया जा सके। सावंत जल भवन से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहित अधिशाषी अभियंताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी संचालन एवं संधारण कार्यों जैसे पंप मोटर, पाइपलाइन, इलेक्ट्रिक आइटम, पैनल एवं हेड पंप रिपेयर सहित जल योजनाओं के ओ एंड एम की रेट कांट्रैक्ट के टेंडर जो आगामी समय में पूर्ण होने जा रहे हैं उनकी निविदाएं 31 दिसंबर तक हर हालात में आमंत्रित कर  ली जाए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिशाषी अभियंताओं को खंड कार्यालय से सामान की मांग का आकलन कर एम.एम सेल के ऑनलाइन मॉड्यूल पर 31 दिसंबर तक भिजवाने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सभी अधीक्षण अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी 10 जगह चिन्हित कर ले जहां ग्रीष्म ऋतु में अक्सर पेयजल की समस्या रहती हैं जिससे आगामी ग्रीष्म ऋतु में इन समस्याओं का समाधान समय रहते हुए किया जा सके। उन्होंने कहा कि  जिन क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से पेयजल का परिवहन किया जाना है ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए प्रस्ताव 5 जनवरी तक हर हालात में भिजवाए जाना सुनिश्चित करें। वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य अभियंता (ग्रामीण) श्री के.डी गुप्ता, मुख्य अभियंता (शहरी) श्री मनीष बेनीवाल सहित अन्य अभियंता गण उपस्थित रहे। recent visitors 61

‘अधिकारी हर महीने चार रात्री गांव में विश्राम अवश्य करें’, राजस्थान-पंचायती राज मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिकारी हर महीने चार रात्री गांव में विश्राम अवश्य करें। फील्ड में जाकर वहां के विकास कार्यों को देखें। उन्हें शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक गांव में ही रहना होगा। जिससे लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों का समाधान हो सके। साथ ही माह में एक बार खुली जनसुनवाई अवश्य करें। दिलावर शनिवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के बारे में समीक्षा करते हुए कहा कि इसकी टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ओडीएफ प्लस, ठोस तरल कचरा प्रबंधन, बालिका विद्यालयों में पिंक टॉयलेट, प्लास्टिक कचरे का निपटान, प्लास्टिक मैनेजमेंट इकाई स्थापित करने, गांवों में कचरा परिवहन के लिए वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने,पॉलीथिन का विक्रय करने वालों को 3 दिन में चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को प्रभावी तरीके से रोकने के लिए गांव-गांव में बर्तन भंडार बनाये जाए और लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाय। दिलावर ने गोबरधन योजना के बारे में कहा कि इसके लिए स्वच्छता मित्र बनाने, ग्राम वाइज महिला समूहों को शामिल करने के साथ ही गोशालाओं से जोड़ने की आवश्यकता बताई। जिससे प्रचुर मात्रा में बायोगैस का उत्पादन हो सके। उन्होंने घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू एवं विमुक्त वर्ग के परिवारों को पट्टा आवंटन अभियान के बारे में कहा कि बसंत पंचमी तक पट्टा आवंटन का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए। जो जातियाँ केन्द्र सूची में है और इस सूची में नहीं है तो उन्हें भी केन्द्र सूची के अनुसार जोड़ा जाए। इनके निवास के बारे में पुख्ता जानकारी के लिए गांव के दो पुराने व्यक्तियों से तस्दीक कराने के साथ ही अलग से पहचान का प्रमाण पत्र देने एवं इनकी बस्तियों में केम्प लगाकर योजनाओं की जानकारी एवं लाभ देने के निर्देश दिए। दिलावर ने हरियालो राजस्थान अभियान के बारे में कहा कि अभी 82 प्रतिशत पौधे जीवित है। फरवरी माह से नष्ट हुए पौधों की जगह नये पौधे लगाये जाए। इनकी देखरेख के लिए 200 पौधों पर एक नरेगा कर्मी लगाने और 24 घंटे निगरानी के लिए एक सिस्टम विकसित किया जाए। इन पौधों की जियो टेगिंग कर फोटो भिजवायी जाय। अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसी प्रकार स्वामित्व योजना के बारे में कहा कि पट्टा देना एक सतत प्रक्रिया है। पट्टा देने के लिए टाइमलाइन निश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन से सर्वे करने, मैप निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के बारे में कहा कि जल स्तर को बढ़ाने के लिए विशेष तौर से कार्य करवाये जाय।तालाबों का जीर्णोद्धार करवाया जाय। ये धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बंजर भूमि को उपजाऊ भूमि बनाने के लिए टारगेट लेकर कार्य किये जाय, तालाबों व केचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने के साथ ही इनकी सुरक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि पंचायतों के विकास के लिए जिस मद में राशि आवंटित की गई है उसका उपयोग उसी मद में किया जाय किसी अन्य मद में नहीं। विभाग में कार्यों की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए भी सिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने विलायती बबूल से चारकोल बनाने के लिए गुण दोष के आधार पर मंथन कर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। श्री दिलावर ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। recent visitors 63

दिल्ली में समीक्षा बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-टीबी मुक्त भारत बनाने निःक्षय शिविरों का आयोजन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में टीबी मुक्त भारत, 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए निरंतर निःक्षय शिविरों का आयोजन कर रहा है। टीबी रोगियों को निःक्षय पोषण योजना का लाभ देने के साथ ही पौष्टिक आहार किट का वितरण किया जा रहा है। नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में टीबी मुक्त, 100 दिवसीय अभियान पर बैठक आयोजित हुई। श्री शर्मा मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े। उन्होंने कहा कि इस 100 दिवसीय अभियान को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अभियान में निःक्षय मित्रों द्वारा उपचाररत मरीजों को पोषण सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का संकल्प है। राजस्थान इस संकल्प को साकार करने में पूर्ण जिम्मेदारी से अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ भी उपस्थित रहे। recent visitors 70

निगम के अतिरिक्त उपायुक्त को बनाया नोडल अधिकारी, राजस्थान-घायलों एवं मृतकों के परिजनों के ठहरने एवं भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था

जयपुर। उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों की पालना में जिला प्रशासन द्वारा दिल्ली-अजमेर हाईवे पर शुक्रवार को घटित दुर्घटना के घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रात्रि विश्राम एवं भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की जा रही है। घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रुकने, शयन करने एवं भोजन की गुणवत्ता पूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घायलों एवं मृतकों के परिजनों के रुकने, शयन करने एवं भोजन की गुणवत्ता पूर्ण व्यवस्था हेतु अतिरिक्त उपायुक्त, जयपुर नगर निगम  श्रीमती सीमा कुमार एवं जिला रसद अधिकारी श्री त्रिलोकचंद मीणा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उक्त अधिकारियों द्वारा दुर्घटना के घायलों एवं मृतक आश्रितों के लिए रात्रि विश्राम एवं भोजन गुणवत्तापूर्ण इंतजाम सुनिश्चित किये जा रहे हैं। recent visitors 51

राष्ट्र भूभाग नहीं सनातन मूल्य से जुड़ा विचार और संस्कृति-राज्यपाल, राजस्थान में “नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081” कार्यक्रम आयोजित

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राष्ट्र कोई भूभाग भर नहीं होता है, यह संस्कृति और सनातन मूल्य से जुड़ा विचार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम है और बाद में सब है, इस मानसिकता का प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो संस्कार मिलते हैं, उसी से भविष्य का विचार बनता है। उन्होंने देश में मैकाले द्वारा प्रारंभ शिक्षा पद्धति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय संस्कृति को जड़ों से उखाड़ने के निरंतर प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को कभी कोई मिटा नहीं सकता क्योंकि यह हमारे रक्त में घुला है। बागडे रविवार को एक होटल में  "नवोत्कर्ष विक्रम संवत 2081"  कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को मिटाने का निरंतर प्रयोग होता रहा, पर यह जीवंत संस्कृति है। उन्होंने प्राचीन भारतीय आविष्कारों की चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने आजादी से पहले गजट में लिखा है कि भारत में जितने गुरुकुल हैं, उतने ब्रिटेन में भी नहीं है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा,  गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, दशमलव के प्रयोग आदि की चर्चा करते हुए कहा कि वैदिक काल से हमने उन सिद्धांतों को स्थापित कर दिया जो बाद में पश्चिम ने अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का गौरवमय  इतिहास शिक्षा पद्धति से ही पता चलता है। भारतीयता के विचार से ही देश में नई शिक्षा नीति बनाकर लागू की गई है। इसे सभी प्रभावी रूप में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस देश के लोग अपने इतिहास को  भूल जाते हैं, उनका भूगोल भी कम होता जाता है। इसलिए सनातन भारतीय  मूल्यों के लिए सभी मिलकर कार्य करें। भारत को विकसित राष्ट्र बनाएं। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री रामचरण बोहरा ने सभी का आभार जताया। राज्यपाल ने आरंभ में नवोत्कर्ष फाउंडेशन द्वारा प्राचीन भारत के गौरवमय शासकों, सनातन संस्कृति से जुड़ी चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। recent visitors 101

नवीन सैलेरी पैकेज में ड्यूटी में देय होंगे समस्त परिलाभ: मुख्यमंत्री, राजस्थान-पुलिस एवं स्टेट बैंक के मध्य एमओयू

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान पुलिस एवं स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मध्य ‘राजस्थान पुलिस सैलेरी पैकेज’ पर एमओयू हस्ताक्षरित हुआ। श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवारजनों के कल्याण की दिशा में किया गया यह एमओयू अहम कड़ी साबित होगा। राज्य सरकार आने वाले समय में राजस्थान पुलिस के कार्मिकों के कल्याण के लिए और भी आवश्यक कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आयोजना डॉ. प्रशाखा माथुर एवं एसबीआई की महाप्रबन्धक नेटवर्क प्रथम श्रीमती रितु गौड़ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस नवीन एमओयू द्वारा प्रदत्त सैलेरी पैकेज में देय आर्थिक परिलाभ, पूर्व में दिए जा रहे परिलाभों से काफी अधिक हैं। राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस व मंत्रालयिक कर्मियों को यह परिलाभ प्राप्त होंगे। इस अवसर पर श्रीमती रितु गौड़ ने कहा कि एसबीआई द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में 20 लाख रुपये एवं राजस्थान पुलिस कल्याण निधि में 30 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यह होगा नवीन पैकेज नवीन एमओयू के अनुसार, राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस एवं मंत्रालयिक कर्मियों को दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये, स्थाई विकलांगता की दशा में 1 करोड़ 10 लाख रुपये तथा स्थाई आंशिक विकलांगता पर 80 लाख रुपये का परिलाभ दिया जाएगा। वहीं, हवाई यात्रा में दुर्घटना होने पर 2 करोड़ 70 लाख रुपये, प्लास्टिक सर्जरी अथवा बर्न के प्रकरणों में 10 लाख रुपये, एयर एम्बुलेंस के लिए 10 लाख रुपये व एम्बुलेंस के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान देय होगा। ये समस्त परिलाभ ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी दोनों स्थितियों में देय होंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस में कार्यरत पुलिस एवं मंत्रालयिक कर्मियों की अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए दुर्घटना इत्यादि में मृत्यु हो जाती है। इन कार्मिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए यह नवीन एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, पुलिस महानिदेशक श्री यू.आर.साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री आनंद कुमार, पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं श्री हेमन्त प्रियदर्शी, पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस श्री संजय कुमार अग्रवाल सहित पुलिस विभाग एवं एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 82

माइंस एवं जियोलोजी सचिव ने बताई कार्ययोजना, राजस्थान-राज्य व केन्द्र की संस्थाओं द्वारा 130 खनिज एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट का संचालन

जयपुर। वर्ष 2025-26 में राजस्थान के माइंस एवं भूविज्ञान, आरएसएमईटी, जियोलोजिकल ऑफ सर्वें ऑफ इंडिया सहित केन्द्र व राज्य की संस्थाएं 130 से अधिक खनिज एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं का संचालन करेंगी। माइंस, जियोलोजी एवं पेट्रोलियम विभाग के शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि माइंस एवं जियोलोजी विभाग द्वारा 34 एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं पर खनिज खोज का कार्य किया जाएगा। सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि जीएसआई द्वारा मिशन- 1 के तहत एक लिग्नाइट एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम सहित 16 एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम और मिशन- 2 में 80 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही एमईसीएल सहित केन्द्र की अन्य संस्थाओं द्वारा भी खनिज खोज कार्य किया जाएगा। टी. रविकान्त ने आरआईसी में स्टेट जियोलोजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में विविध खनिज होने के साथ ही खनिज एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। आगामी वर्ष में विभाग व आरएसएमईटी द्वारा 2 फेरस मेटल, 2 बेस मेटल, 8 लाइमस्टोन, 2 डायमेंशनल स्टोन और 20 अन्य खनिजों एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने राज्य में माइंस सेक्टर में कार्य कर रही राज्य व केन्द्र की सभी संस्थाओं से परस्पर सहयोग व समन्वय से गुणवत्ता पूर्ण एक्सप्लोरेशन पर जोर दिया। रविकान्त ने मेजर और माइनर मिनरल क्षेत्र में देश भर में लीड लेते हुए किये जा रहे कार्यों के लिए निदेशक माइंस व उनकी पूरी टीम की सराहना की। उन्होेंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमें क्रिटिकल और स्टेट्रेजिकल मिनरल्स के खोज व खनन कार्य को और अधिक तेजी से बढ़ाना होगा। माइंस  निदेशक श्री भगवती प्रसाद कलाल ने कहा कि राज्य में मिनरल एक्सप्लोरेशन व डिपोजिट्स के खोज व खनन कार्य को आगे बढ़ाने में एसजीपीबी की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मिनरल ब्लॉकों व प्लॉटों का ऑक्शन कर राज्य में रोजगार और रेवेन्यू दोनों को ही बढ़ावा दिया जा रहा है। उपमहानिदेशक जीएसआई श्री अनिन्ध्य भट्टाचार्य ने कहा कि खनिजों की दृष्टि से राजस्थान देश का प्रमुख प्रदेश है। जीएसआई मिशन मोड पर कार्य कर रही है। जीएसआई के निदेशक श्री हरीश मिस्त्री ने  बताया कि राज्य में डायमण्ड के अलावा करीब- करीब सभी तरह के खनिजों के संकेत है। जीएसआई थल, जल और नभ तीनों क्षेत्रों में ही काम कर रहा है और मिशन- 1 के तहत मेपिंग का काम हो रहा है। एएमडी के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस. क.े शर्मा ने रेयर अर्थ, यूरेनियम और प्लेटिनियम के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। एमईसीएल के श्री आशीष सिंह ने प्रदेश में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी श्री एसएन डोडिया ने विभाग द्वारा एक्सप्लोरेशन, डेलिनियेशन और ऑक्शन की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी वर्ष 34 प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जाएगा। आरएसएमईटी के मुख्य कार्यकारी श्री एनपी सिंह ने आरएसएमईटी द्वारा 107 माइनिंग लीज ब्लॉक तैयार किये गए हैं, वहीं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर विभाग की लेब, ड्रिलिंग विंग को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरमेट द्वारा सोशियल मीडिया के प्रभावी उपयोग से ऑक्शन के प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सके हैं। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत होने वाले विभाग के श्री इरशाद अली और एएमडी के श्री एसके शर्मा को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बैठक में विभाग के जियोलोजी विंग के अधिकारी एडीजी जयपुर श्री आलोक प्रकाश जैन, एसजी श्री संजय सक्सैना, श्री संजय दुबे, श्री संजय गोस्वामी, श्री सुशील हुडा, श्री नितिन चौधरी, श्री महेश शर्मा सहित विभागीय अधिकारी, जीएसआई, एमईसीएल, एएमडी, आरएसएमएम भी उपस्थित रहे। recent visitors 63