‘प्रदेश सरकार सड़क तंत्र सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध’, राजस्थान-संसदीय कार्य मंत्री ने एम्स से सालावास सड़क पर पुल निर्माण कार्य देखा

जयपुर। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर में एम्स से सालावास सड़क पर पुल निर्माण कार्य का अवलोकन कर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अवसंरचनात्मक विकास के साथ सड़क तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव-ढाणी तक सुलभ परिवहन व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए सड़क निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ करवाए जा रहे हैं।  एम्स से सालावास सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों के लिए आवागमन सुगम होगा। अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश – पटेल ने पुल एवं सड़क निर्माण कार्य की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य को बेहतर गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 212

लोगों को योजनाओं का लाभ देने सहकारी बैंकों में खोलेंगे खाते, राजस्थान- सहकारिता सचिव ने की ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की समीक्षा

जयपुर। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से लोगों को लाभान्वित करने के लिये सहकारी बैंकों का आधुनिकीकरण करते हुये अधिक से अधिक लोगों के खाते खुलवाने के लिये प्रेरित किया जायेगा ताकि वे सहकारी योजनाओं के तहत पात्रता के अनुसार लाभ ले सके। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों के खाताधारकों को रूपे कार्ड जारी किये जायेंगे ताकि वे आधुनिक बैंकिंग की समस्त सुविधायें डोर-स्टेप पर एक क्लिक में प्राप्त कर सके। राजपाल ने बताया कि सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार डॉ. आशीष कुमार भूटानी द्वारा शासन सचिवालय में शुक्रवार को सहकार से समृद्धि योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में प्रदेश की पैक्स कम्प्यूटराइजेशन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया तथा शेष पैक्स की जल्द अनुमति जारी करने के लिये आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सहकारी उद्यमियों को अपने उत्पादों को अन्तरराष्ट्रीय बाजार में विक्रय करने और अधिक रोजगार उत्पन्न करने के लिये उन्हें राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (एन.सी.ई.एल.) से जुडना चाहिये ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें। रजिस्ट्रार, सहकारिता ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में जैविक खेती की जाती है, लेकिन उनके जैविक उत्पादों को उचित मूल्य एवं बाजार उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, इसके लिये भारत सरकार की पहल पर राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लि. (एन.सी.ओ.एल.) संस्था का गठन किया गया है। सहकारिता विभाग के स्तर से प्रदेश के जैविक उत्पादों के क्रय-विक्रय का कार्य करने वाली सहकारी संस्थाओं को एन.सी.ओ.एल से जोडा जायेगा ताकि उनके सदस्यों को उत्पादों का अच्छा मूल्य मिल सके। राजपाल ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 31 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक कार्य कर रही हैं। प्रदेश में सहकारी साख की सुलभ उपलब्धता के लिये 4 से 5 जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के गठन की संभावना को तलाशा जायेगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से आह्वान किया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बीज तैयार करने के लिये सीड फार्म स्थापित किये जाये ताकि स्थानीय आवश्यकता पूरी होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग एवं डेयरी विभाग के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुये सहकारी संस्थाओं का गठन किया जायेगा ताकि परिवार को कोई भी सदस्य सहकारिता के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सहकारिता ही वह माध्यम है जिसके द्वारा सदस्यों का सर्वांगीण विकास संभव है। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सभी फंक्शनल अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 51

प्रमुख सचिव ने माइनिंग विभाग के फील्ड अधिकारियों को दिए निर्देश, राजस्थान-राजस्व लक्ष्यों की करें शत-प्रतिशत वसूली

जयपुर। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त ने माइनिंग विभाग के फील्ड अधिकारियों को राजस्व लक्ष्यों के अनुसार शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होेने निर्देश दिए कि  आगामी तीन माह में अभियान चलाकर चालू बकाया के साथ ही पुरानी बकाया राशि, अवैध गतिविधियों के कारण जुर्माने की बकाया राशि और एमनेस्टी योजना के अनुसार बकाया राशि वसूली के ठोस प्रयास किये जाएं। उन्होंने बताया कि जयपुर जोन के जयपुर और अजमेर एसएमई कार्यक्षेत्र में नवंबर, 24 तक 1042 करोड़ 26 लाख रु. की राजस्व वसूली हो चुकी है। प्रमुख सचिव श्री टी. रविकान्त सचिवालय में जयपुर जोन की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने मुख्यालय उदयपुर को निर्देश दिए कि राज्य में बकाया वसूली के न्यायालयों से स्टे प्राप्त रेवेन्यू प्रकरणों की इकजाई सूची तैयार कर नियमित समीक्षा के साथ ही न्यायालयों में विभागीय पक्ष को प्रभावी तरीके से रखा जाएं। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों के विरुद्ध राजस्व वसूली में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिया और सेक का गठन हो गया है। विभाग समन्वय बनाये हुए हैं। जिला स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त खान व क्वारी लाइसेंस धारकों में से शेष रहे खान धारकों से परिवेश पोर्टल पर फार्म दो अपलोड कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए।रविकान्त ने नीलामी के लिए माइनिंग प्लॉटों व ब्लॉकों के डेलिनियेशन कार्य की समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि माइनिंग सेक्टर में अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्यवाही की जाए और राजस्व छीजत को रोका जाएं। उन्होंने पुरानी बकाया वसूली के लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए एमनेस्टी योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने और बकायादारों को इस योजना का लाभ बताकर बकाया वसूली पर जोर दिया। संयुक्त सचिव माइंस आशु चौधरी ने अतिरिक्त निदेशक जयपुर जोन कार्यालयों की प्रगति से अवगत कराया। अतिरिक्त निदेशक जयपुर जोन श्री बीएस सोढ़ा ने बताया कि राजस्व लक्ष्य शत-प्रतिशत अर्जित करने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके लिए संबंधित बकायादारों को आवश्यकतानुसार नोटिस देने के साथ ही एलआर एक्ट के अुनसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसएमई जयपुर श्री एनएस शक्तावत ने बताया कि एसएमई जयपुर कार्यक्षेत्र में जयपुर एमई और एएमई कोटपुतली ने लक्ष्यों के विरुद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। उन्होंने बताया कि जयपुर एसएमई कार्यक्षेत्र में लक्ष्यों की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित कर ली जाएगी। एसएमई अजमेर श्री जय गुरुबख्सानी ने बताया कि एएमई गोटन और  एमई मकराना कार्यालय ने शत-प्रतिशत राजस्व वसूली की है। उन्होंने कहा कि अजमेर एसएमई कार्यक्षेत्र के लक्ष्यों के अनुसार राजस्व अर्जन कर लिया जाएगा। एसएमई विजिलेंस श्री प्रताप मीणा ने जिला स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त लीज व क्वारी लाइसेंसधारियों द्वारा राज्य स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कार्य में तेजी आई है और विभाग द्वारा सेक और सिया कमेटी से समन्वय बनाया हुआ है। समीक्षा बैठक में ओएसडी श्री श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी श्री सुनील कुमार वर्मा और एसजी श्री संजय सक्सैना उपस्थित रहे। वितीय सलाहकार श्री गिरिश कछारा, अतिरिक्त निदेशक श्री पीआर आमेटा, टीए श्री देवेन्द्र गौड़, जयपुर एमई श्री श्याम कापड़ी, अलवर, सीकर, झुन्झुनू, दौसा, टोंक, कोटपुतली, नीम का थाना, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, मकराना, गोटन के एमई-एएमई अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया। recent visitors 65

राज्यों से आये महापौरों ने किया पौधारोपण, राजस्थान-जयपुर समारोह-2024 में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान

जयपुर। जयपुर समारोह-2024 के अन्तर्गत 18 नवम्बर से हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बुधवार को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेडेशन, एवं एसटीपी निर्माण का लोकार्पण नगरीय विकास स्वायत्त शासन राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा एवं विधायक बगरू डॉ. कैलाश वर्मा के कर कमलों द्वारा किया गया। साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मोलश्री, अशोक, कचनार के पेड़ लगाए गये। इस अवसर पर देशभर से आये 30 से अधिक महापौर एवं नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़, सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश नन्दनी, समिति अध्यक्ष अक्षत खूटेटा एवं स्थानीय पार्षद मौजूद रहे। आमेर क्लार्क में शहरीकरण से होने वाले दुष्परिणाम और समाधान विषय पर सेमीनार आयोजित की गई। जिसमें उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने शिरकत की। देशभर से आये महापौर ने भी अपने विचार व्यक्त किये। recent visitors 60

गृह मंत्री खराड़ी बोले-वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रख सुदृढ़ीकरण कर रही सरकार, राजस्थान-गृह रक्षा आरक्षियों का 20 साल बाद दीक्षांत समारोह

जयपुर। बेगस में फतेहपुरा स्थित गृह रक्षा के केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में नवनियुक्त आरक्षी, आरक्षी ड्रममैन, आरक्षी बिगुलर एवं आरक्षी वाहन चालकों का भव्य दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। समारोह जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री खराड़ी ने कहा कि सरकार वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए गृह रक्षा संगठन के सुदृढ़ीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। विभाग के 7 कार्यालयों के निर्माण के लिए शीघ्र ही बजट आवंटन का प्रयास किया जा रहा है। विभाग में 4 उप समादेष्टा, 84 प्लाटून कमाण्डर एवं 149 आरक्षियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्भ की जाएगी। 2 अतिरिक्त सीमा गृह रक्षा बटालियन के गठन के भी प्रयास किये जा रहे है।     महानिदेशक एवं महासमादेष्टा श्री राजेश निर्वाण ने कार्यक्रम में कहा कि विभाग में लगभग 20 वर्षों से भी अधिक समय के उपरांत दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें 88 पुरूष एवं 25 महिला आरक्षी, आरक्षी वाहन चालक सम्मिलित हुए है। इनका प्रशिक्षण पुलिस ट्रेनिंग स्कूल अलवर में 16 सप्ताह, केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में 96 दिवस तथा फील्ड ट्रैनिंग के लिए शहरी एवं सीमा गृह रक्षा दल में 1-1 माह के लिए संपन्न हुआ है। अप्रैल, 2024 से नवंबर, 2024 तक स्वयंसेवकों के नियोजन में 1836 की वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में पारितोषिक वितरण के दौरान मुख्य अतिथि श्री खराड़ी द्वारा 26 जनवरी, 2023 के अवसर पर गृह रक्षा विभाग के उप समादेष्टा श्री रामजीलाल जाट एवं मानद कंपनी कमाण्डर श्री मोहन सिंह चौहान को महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा प्रदत्त सराहनीय सेवा पदक एवं स्क्रॉल प्रदान की। इसके अतिरिक्त मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षी वाहन चालकों में श्री रामस्वरूप गढ़वाल को आलराउण्डर एवं इनडोर में प्रथम तथा श्री नन्दा राम जाट को आउटडोर में प्रथम तथा आरक्षियों में श्री रजनीश कुमार को आलराउण्डर एवं इन्डोर में प्रथम तथा श्री सता राम को आउटडोर में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए प्रशस्ति पत्र मय ट्रॉफी प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत में ड्रम की जोशीली ताल पर कदम से कदम मिलाते हुए नवनियुक्त आरक्षियों द्वारा राष्ट्र ध्वज तथा विभागीय ध्वज के साक्ष्य में शपथ ग्रहण की गयी। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर आरक्षी सुश्री ममता चौधरी ने किया। दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खराड़ी को डीजी श्री निर्वाण द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंत में केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी अधिकारियों, अतिथियों एवं मीडिया कर्मियों को धन्यवाद प्रेषित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में महानिदेशक राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो श्री हेमन्त प्रियदर्शी, विशिष्ट शासन सचिव गृह श्रीमती अनुप्रेरणा कुंतल एवं गृह रक्षा विभाग के कार्मिक  आरक्षियों के परिजन, स्वयंसेवक तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, मीडियाकर्मी तथा अतिथि शामिल हुए। recent visitors 49

चिकित्सा मंत्री ने की विभागीय समीक्षा, राजस्थान-मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य सेवाओं में बनायेंगे मॉडल स्टेट

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान को मेडिकल एजुकेशन व स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की दृष्टि से मॉडल स्टेट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग विभिन्न मेडिकल कॉलेज, मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी सहित अन्य परियोजनाओं के कार्यों को टाइमलाइन में पूरा करे। चिकित्सा मंत्री बुधवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज का संकल्प पूरा करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है ताकि रोगियों को सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं अपने निकटतम स्थान पर उपलब्ध हो सकें। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के काम में लाएं तेजी— श्री खींवसर ने कहा कि राजकीय क्षेत्र में निर्माणाधीन प्रदेश की दूसरी मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के कार्य को गति दी जाए। इससे मेडिकल कॉलेज के संचालन एवं प्रबंधकीय व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने नए मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनका निर्माण समय पर पूर्ण करने के साथ साथ क्वालिटी का भी विशेष ध्यान रखा जाए। रिक्त पदों पर भर्ती मिशन मोड में हो— चिकित्सा मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए इन पदों को यथा शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्तियों को समयबद्ध रूप से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्वयं भर्तियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उनके निर्देशानुसार  रिक्त पदों को भरने का कार्य मिशन मोड में हो। आरयूएचएस में उपलब्ध सुविधओं का हो पूरा उपयोग— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में निर्माणाधीन आयुष्मान टावर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंसेज (कार्डियक टॉवर) के निर्माण कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाए। इनका सुगमतापूर्वक संचालन करने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने आरयूएचएस को रिम्स के रूप में विकसित करने के प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए और अब तक किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल का पूर्ण उपयोग होने से एसएमएस अस्पताल पर मरीज भार कम हो सकेगा। रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाएं— श्री खींवसर ने कहा कि सभी बड़े अस्पतालों में  रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए तकनीकी नवाचारों को जल्द लागू किया जाए। रोगी एवं परिजनों के लिए शुद्ध खाद्य सामग्री एवं जलपान के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सुरक्षा के भी माकूल इंतजाम हो। परियोजनाओं एवं अस्पतालों का होगा निरीक्षण, दूर होगी बाधाएं— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा ​शिक्षा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, अस्पतालों एवं अन्य सुविधाओं का फील्ड में दौरे कर निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही, वहां बैठक कर परियोजनाओं को पूरा करने में आ रही बाधाओं को भी दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए निरीक्षण में सामने आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अम्बरीष कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री इकबाल खान, संयुक्त सचिव श्री गौरव बजाड़ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 58

निचले स्तर तक के कार्मिकों से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर करें संवाद, राजस्थान-ऊर्जा मंत्री ने डिस्कॉम के अभियंताओं से की चर्चा

जयपुर। ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि सर्किल अधीक्षण अभियंता जिलों में डिस्कॉम्स के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिए  कि वे विकेन्द्रित सौर ऊर्जा तथा फीडर सेग्रीगेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों द्वारा नवाचार के रूप में अपनाए जा रहे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल को लेकर निचले स्तर तक डिस्कॉम कर्मचारियों के साथ संवाद करें और उनमें अनावश्यक भ्रम की स्थिति दूर करने में सहयोग करें। नागर बुधवार को विद्युत भवन में  डिस्कॉम्स चेयरमैन आरती डोगरा की उपस्थिति में जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने फिर स्पष्ट रूप से  कहा कि राज्य सरकार की बिजली कंपनियों के निजीकरण की कोई योजना नहीं है। कार्मिकों के सहयोग से राज्य सरकार प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऊर्जा मंत्री ने इस दौरान आगामी वर्ष के रबी सीजन से प्रदेश के सभी फीडरों में समस्त कृषि उपभोक्ताओं को दिन में दो ब्लॉक में 6 घंटे सप्लाई सुनिश्चित करने की कार्ययोजना तैयार करने, पीएम सूर्य घर योजना को जन-जन तक पहुंचाने, विद्युत छीजत रोकने आदि के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, वर्ष 2027 तक किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली सुलभ कराने, प्रदेश की बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की मंशा के साथ काम कर रही है। इसके लिए केन्द्रीय उपक्रमों के साथ एमओयू करने, कुसुम एवं आरडीएसएस योजना को गति देने जैसे काम किए जा रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में डिस्कॉम्स प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा। डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा ने ऊर्जा मंत्री को कुसुम योजना तथा बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। इस अवसर पर जयपुर डिस्कॉम के तकनीकी निदेशक, मुख्य लेखा नियंत्रक, जोनल मुख्य अभियंता, सर्किल के अधीक्षण अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। recent visitors 51