मुल्जिम-इल्जाम और इत्तिला जैसे शब्दों का नहीं होगा इस्तेमाल, राजस्थान-पुलिस की बदलेगी भाषा

जयपुर। राजस्थान की भाजपा सरकार प्रदेश में प्रयोग में लिए जा रहे उर्दू शब्दों को हिंदी से बदलने जा रही है। प्रदेश सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने काम करना शुरू कर दिया है। दरअसल, राजस्थान में पुलिस की शब्दावली में ज्यादा उर्दू शब्दों का उपयोग होता है। पुलिस की रपट और एफआईआर में उर्दू का सबसे ज्यादा उपयोग होता है। इनमें मामला, फर्द, मुल्जिम, इल्जाम, इत्तिला के हिंदी विकल्पों की जानकारी जुटाई जा रही है। डीजीपी ने एडीजी ट्रेनिंग को भेजा सरकार का पत्र जवाहर सिंह बेढम के पत्र के बाद पुलिस मुख्यालय ने ऐसे शब्दों और उनके हिंदी विकल्पों के बारे में जानकारी मांगने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यू आर साहू ने पिछले महीने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) को पत्र लिखकर उन उर्दू शब्दों का ब्योरा जुटाने को कहा था जो पुलिस के कामकाज में आमतौर पर इस्तेमाल हो रहे हैं। मंत्री का निर्देश पर डीजीपी ने पत्र लिख रिपोर्ट बनाने को कहा उन्होंने निर्देश दिया था कि वे पता लगाएं कि पुलिसिंग में उर्दू के कौन-कौन से शब्द इस्तेमाल हो रहे हैं और उनकी जगह कौन से हिंदी शब्द उपयुक्त हो सकते हैं। recent visitors 64

प्रदेश अध्यक्ष ने नशा मुक्ति और रोजगार को बताया मुद्दा, राजस्थान-कांग्रेस युवा मोर्चा 21 को करेगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

जयपुर। कांग्रेस युवा मोर्चा द्वारा 21 दिसंबर 2024 को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने बताया कि इस आंदोलन में प्रदेश भर से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। आंदोलन का उद्देश्य नशा मुक्ति और युवाओं को रोजगार के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के घरों की पहचान कर उन पर बुलडोजर चलाना चाहिए। सरकार की बुलडोजर नीति पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं और सरकार द्वारा इस दिशा में कार्रवाई का स्वागत करेंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पूनिया ने कहा कि यह बयान लोकसभा में दर्ज हो चुका है, जिससे पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने गृह मंत्री से पूरे देश से माफी मांगने की मांग की और कहा कि ऐसा न होने पर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। सचिन पायलट को लेकर पूनिया ने कहा कि वह कांग्रेस के बड़े नेता हैं और राहुल गांधी के बाद अगर कोई नेता जनता के बीच लोकप्रिय हैं तो वह सचिन पायलट हैं। उन्होंने कहा कि समय का चक्र पूरा हो चुका है और अब कांग्रेस में सचिन पायलट के नेतृत्व का दौर वापस आ चुका है। recent visitors 124

आंदोलन की सुगबुगाहट, राजस्थान-नरेश मीणा को लेकर एजेंसियां सक्रिय

जयपुर। देवली-उनियारा से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले नरेश मीणा को लेकर इलाके में लगातार बढ़ रहे जनसमर्थन ने एजेंसियों को चौंकन्ना कर दिया है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है लेकिन चर्चा है कि 29 दिसंबर को जयपुर में नरेश के समर्थन में बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी है। एजेंसियों की रिपोर्ट ने सरकार के कान खड़े कर दिए हैं। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की रिहाई के लिए जयपुर में बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए देवली-उनियारा में महापंचायत भी बुलाई गई। हालांकि मीडिया में इसे लेकर कोई बयानबाजी नहीं की जा रही है लेकिन नरेश मीणा के समर्थक कह रहे हैं कि 29 दिसंबर को जयपुर कूच कर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है, इसकी तैयारियां भी चल रही हैं। इसके अलावा टोंक में हाईवे जाम करने की भी तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि नरेश मीणा समर्थकों ने 8 दिसंबर तक नरेश को रिहा करने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि 17 दिसंबर को उनकी जमानत पर फैसला होना था लेकिन कोर्ट ने तारीख आगे बढ़ा दी। अब नरेश के समर्थक चेतावनी दे रहे हैं कि नरेश मीणा के साथ इंसाफ नहीं हुआ तो जल्द ही राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल भी नरेश मीणा प्रकरण को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं और महापंचायत में भी वे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे।जानकारी के अनुसार मंगलवार 17 दिसंबर को टोंक जिला एवं सेशन कोर्ट में नरेश मीणा का जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन केस डायरी नहीं पहुंचने के कारण नरेश मीणा सहित समरावता हिंसा के 18 अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई 23 दिसंबर के लिए टल गई। recent visitors 54

किसानों को भरना होगा 1.5 प्रतिशत प्रीमियम, राजस्थान-रबी फसलों का 31 दिसम्बर तक कराएं बीमा

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के किसान 31 दिसम्बर तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। योजना में फसली ऋण लेने वाले कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बंटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा करवाया जा सकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल बीमा करवाया जाना स्वैच्छिक है, किन्तु ऋणी कृषक जो फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं, वे 24 दिसम्बर तक सम्बन्धित बैंक व वित्तीय संस्था को लिखित में सूचना देकर इस योजना से बाहर हो सकते हैं। जिन किसानों ने 31 दिसम्बर तक किसी भी वित्तीय संस्थाओं से अल्पकालीन फसली ऋण स्वीकृत करवाया है, उन किसानों का बीमा सम्बन्धित बैंक या सहकारी समिति के माध्यम से किया जायेगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है, वे किसान नजदीकी सीएससी (सिटीजन सर्विस सेंटर) या किसी बैंक के माध्यम से फसलों का बीमा करवा सकते हैं। गैर ऋणी किसान भूमि की नवीनतम जमाबंदी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज ले जाकर फसलों का बीमा करवा सकते हैं। फसलों का बीमा करवाने पर बुआई से लेकर कटाई तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। रबी फसलों का बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। तथापि वाणिज्यिक फसलों के लिए कृषक प्रीमियम 5 प्रतिशत निर्धारित है। इस दिशा में जागरूकता फैलाने के लिए  कृषकों को व्हाट्सअप ग्रुप, फेसबुक, किसान गोष्ठी और रात्रि चौपाल आयोजित करवाकर फसल बीमा योजना की जानकारी दी जा रही है। योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य के पूर्व 33 जिलों के आधार पर भरतपुर, चूरू, राजसंमद, जालौर, डूंगरपुर, टोंक व करौली में रिलायन्स जनरल इंन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड, श्रीगंगानगर, अलवर और बूंदी में क्षेमा जनरल इन्श्योरेन्स लिमिटेड तथा हनुमानगढ, धौलपुर, कोटा, बीकानेर, सिरोही, सवाईमाधोपुर, बांसवाडा, जैसलमेर, झुन्झूनु, अजमेर, उदयपुर, नागौर, भीलवाडा, प्रतापगढ, जोधपुर, दौसा, बांरा, बाडमेर, सीकर, चित्तौडगढ, झालावाड, पाली और जयपुर में एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। recent visitors 39

हर दिन 50 हजार श्रद्धालु जाएंगे प्रयागराज, राजस्थान-10 शहरों से चलेंगी महाकुंभ स्पेशल ट्रेन

जयपुर। राजस्थान के तीर्थ यात्रियों को महाकुंभ तक लेकर जाने के लिए रेलवे की तैयारी जोरों पर है। रेलवे बोर्ड ने राजस्थान के जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा सहित 10 शहरों से स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अनुमान है कि महाकुंभ में करीब 50 हजार यात्री हर रोज राजस्थान से प्रयागराज पहुंच सकते हैं। ये ट्रेन जनवरी से संचालित की जाएंगी और सभी ट्रेनों के 4 से 10 ट्रिप होंगे। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर उत्तर-पश्चिम सहित विभिन्न जोनल रेलवे के ऑपरेटिंग, कॉमर्शियल और मैकेनिकल विभाग ने बैठकें शुरू कर दी हैं। वहीं रेलवे बोर्ड को कुंभ स्पेशल ट्रेनों के लिए प्रस्ताव भेजने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेन का प्रस्ताव भेजा है, जिसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। बस इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। 10 ट्रेन वाया जयपुर रेलवे के ट्रेन ऑपरेशन एक्सपर्ट आशीष पुरोहित के अनुसार उत्तर-पश्चिम रेलवे ने पहली ट्रेन उदयपुर-धनबाद वाया जयपुर-बांदीकुई-भरतपुर-आगरा और दूसरी ट्रेन बाड़मेर-बरौनी वाया जोधपुर-जयपुर-बांदीकुई-आगरा चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। ये दोनों ट्रेनें 4-4 ट्रिप में चलेंगी और इन्हें जनवरी में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न रेलवे ने भी जिन ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा है, उनमें से करीब 10 ट्रेन वाया जयपुर चलाई जाएंगी। इनमें साबरमती-बनारस, राजकोट-बनारस, भावनगर-बनारस, वेरावल-बनारस सहित अन्य ट्रेन शामिल हैं। वहीं नॉर्थ सेंट्रल रेलवे की भी करीब 5 ट्रेन वाया जयपुर संचालित होंगी। सभी ट्रेनों की 4 से 10 ट्रिप जनवरी में चलाई जाएंगी। कई नेता अपनी बसें भी लेकर जाएंगे रेलवे के अलावा स्थानीय स्तर पर भी महाकुंभ में लोगों को लेकर जाने की तैयारी की जा रही है। कई राजनेता अपनी विधानसभा व लोकसभा से श्रद्धालुओं को अपने खर्च और संसाधन से महाकुंभ लेकर जा रहे हैं। हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य भी कुंभ में अपने क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था करवा रहे हैं। recent visitors 60

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने लगाई ‘एक वर्ष परिणाम उत्कर्ष’ प्रदर्शनी, राजस्थान-ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी ने बढ़ाया आकर्षण

जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट का आयोजन हाल ही में किस उद्देश्य से किया गया ? पीकेसी (संशोधित ईआरसीपी) योजना के लिए राजस्थान सरकार ने किस प्रदेश के साथ एमओयू किया है ? अवनी लेखरा किस खेल से संबंधित हैं ? ऐसे ही प्रश्नों का सही जवाब देकर रविवार को बड़ी संख्या में लोगों विशेषकर युवाओं ने आकर्षक प्राइज जीते। मौका था राज्य सरकार की एक साल की उपलब्धियों पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा जवाहर कला केन्द्र में आयोजित की जा रही तीन दिवसीय 'एक वर्ष परिणाम उत्कर्ष 'राज्य स्तरीय प्रदर्शनी, जो रविवार से प्रारंभ हुई। प्रदर्शनी के प्रथम दिन  सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा संचालित की जा रही ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी chillax के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर पूछे जा रहे ऐसे सवाल दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहे। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के 23 स्टॉल्स का अवलोकन किया एवं सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री प्रेम चंद बैरवा, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. वी. पी. सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित इंटर एक्टिव पैनल क्विज एवं पजल्स, लाइव मॉडल, वीडियो फिल्म्स, वीडियो वॉल आदि का प्रभावी संयोजन कर राज्य सरकार की उपलब्धियों को सुरूचिपूर्ण तरीके से प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी 17 दिसम्बर तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 8 बजे तक आमजन के लिए  खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रतिदिन देश-प्रदेश के जाने-माने कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इन प्रमुख विभागों की सहभागिता— सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से सूचना एवं जनसम्पर्क, कृषि एवं उद्यानिकी, पशुपालन, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग एवं वाणिज्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, नगरीय विकास, स्वायत्तशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, वन, सार्वजनिक निर्माण, गृह, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, पर्यटन सहित अन्य विभागों की सहभागिता से सरकार की एक साल की उपलब्धियों को समाहित किया गया है। सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपनी स्टॉल पर मौजूद रहे। प्रदर्शनी में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सुजस कॉर्नर के माध्यम से प्रचार साहित्य का वितरण भी किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में दिखा उत्साह— प्रथम दिन बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनी को देखने पहुंचे। ऐसे कई युवाओं ने बताया कि सामान्य जानकारी बढ़ाने के लिए यह प्रदर्शनी काफी उपयोगी है। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा वितरित किया जा रहा  साहित्य उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी उपयोगी रहता है। प्रदर्शनी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी मनोयोग से साहित्य तथा डिस्प्ले पैनल का अवलोकन करते दिखाई दिए। सांस्कृतिक संध्या में आदिवासी घहरा पद दंगल समूह द्वारा पद दंगल गायन,सरदारशहर के  प्रेमचंद एवं समूह द्वारा ढोल थाली नृत्य एवं किशनगढ़ के लोक कलाकारों ने चरी नृत्य प्रस्तुत किया। recent visitors 63

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी योजनाओं की सौगात, राजस्थान-सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अंत्योदय सेवा शिविर आयोजित

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष उपलब्धियों भरा रहा है। हमारी सरकार ने पहले साल में ही प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सफलता पाई है और आने वाले चार वर्षों में हम प्रदेशवासियों से आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र में किए गए हर वादे को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल अपने काम का हिसाब भी आमजन के बीच रखेगी। शर्मा रविवार को जयपुर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजित अंत्योदय सेवा शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल पहले हमारी सरकार ने राजस्थान की जनता की सेवा करने की शपथ ली थी। जब हमने यह शपथ ली उससे पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल था, युवा पेपरलीक की मार झेल रहे थे, जल जीवन मिशन का कार्य ठप्प पड़ा था और गरीब भ्रष्टाचार और शोषण के दलदल में फंसा था। उन्होंने कहा कि हमने पिछले एक साल में प्रदेश की जनता को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए सार्थक प्रयास किए हैं। युवाओं को रोजगार दिया, महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की, किसानों को संबल दिया और गरीब को सामाजिक न्याय देकर सशक्त करने का काम किया। इस एक वर्ष में हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि अंत्योदय की दिशा में हमारे दृढ़ संकल्प और समाज के जरूरतमंद वर्गों को संबल देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया जो हमारी सरकार के विकास कार्यों की प्रेरणा हैं। एक वर्ष में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगभग 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। हमारी सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में साढ़े पांच लाख से अधिक नए पेंशनर्स को जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी की है। अब 75 वर्ष से कम उम्र के सभी पेंशनर्स को 1,150 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। पालनहार योजना के तहत विभिन्न श्रेणी के बच्चों को 750 रुपये से लेकर 2 हजार 500 रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 32 हजार से अधिक नए पालनहारों को योजना से जोड़कर लाभान्वित किया है। मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना का हुआ शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना’ का रिमोट से शुभारंभ किया। इसके तहत राज्य के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं असहाय परिवार के असंगठित श्रमिकों के साथ भवन निर्माण श्रमिक, हस्तशिल्प श्रमिक, गिग वर्कर, ट्रांसपोर्ट वर्कर, केयर वर्कर, सफाई श्रमिक, घरेलू श्रमिक आदि को विशेष अल्पावधि ऋण उपलब्ध करवाकर आर्थिक संबल दिया जाएगा। इस योजना में लाभार्थी को बैंक द्वारा बिना किसी गारंटी अथवा प्रक्रिया शुल्क के 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की ऋण राशि के चैक प्रदान किए। प्रदेशभर में आज 11 हजार 1 स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना की शुरूआत— श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों को 50 लाख रुपए तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले चरण में जेके लोन अस्पताल और एम्स जोधपुर को इस योजना में इलाज के लिए अधिकृत किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना के पोर्टल का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का शुभारंभ— मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना की भी शुरूआत की। इसके तहत लाभार्थी अंशदाताओं को मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए बनेंगे मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र— उन्होंने मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की स्थापना के कार्याें का भी आज से शुभारंभ किया। इन केन्द्रों पर नागरिक, संस्थान, वाणिज्यिक उद्यम आदि पहले उपयोग हो चुकी वस्तुएं जैसे कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि जमा कर सकेंगे। जरूरतमंद व्यक्ति इन केंद्रों से अपनी आवश्यकतानुसार वांछित सामान प्राप्त कर सकेंगे। 31 जनवरी, 2025 तक लगेंगे आयुष्मान आरोग्य शिविर— श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में आज से प्रारंभ कर 31 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 813 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 50 जिला चिकित्सालयों में 3 चरणों में ये शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर आयुष्मान आरोग्य शिविर की बुकलेट का भी विमोचन किया। लाभार्थियों को सहायता राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2 लाख 15 हजार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के खातों में विभिन्न योजनाओं की 247.76 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष हस्तांतरण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चैक भेंट कर 5,001 परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की। इस योजना में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। recent visitors 58