‘पूर्ण सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ होगी परीक्षा’, राजस्थान-संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस आयुक्त ने ली बैठक

जयपुर। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 के सफल आयोजन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं पुलिस आयुक्त श्री बीजू जॉर्ज जोसेफ ने शुक्रवार को परीक्षा के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में समस्त परीक्षा समन्वयक, पुलिस नोडल अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों, उपसमन्वयकों एवं केंद्र अधीक्षकों से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की तैयारियों को फीडबैक लिया गया। बैठक में अधिकारियों को परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही पुलिस अधिकारियों को भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकल अथवा अनियमितता की सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देते हुए परीक्षा का आयोजन पूर्ण सुचिता एवं पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गए। पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान सतर्क एवं मुस्तैद रहेगी एवं परीक्षा का सफल एवं सुचितापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करेंगी। वहीं, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष श्री मेजर जनरल आलोक राज की मौजूदगी में फरवरी माह में आयोजित होने वाली कनिष्ठ अभियंता, रीट सहित अन्य समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। नियंत्रण कक्ष की स्थापना— गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा दिनांक 2 फरवरी, 2025 (रविवार) को जयपुर जिले में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 240 परीक्षा केन्द्रों पर राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 का आयोजन किया जाएगा। जयपुर के परीक्षा केन्द्रों पर 91 हजार 513 अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन के लिये कलेक्ट्रेट के कमरा नंबर 116 में एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है जिसका संचालन 31 जनवरी, 2025 से 02 फरवरी 2025 तक किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष 01 फरवरी तक प्रातः 9ः30 बजे से सांय 6 बजे तक कार्य करेगा। वहीं, 02 फरवरी को प्रातः 10 बजे से परीक्षा समाप्ति उपरान्त नियंत्रण कक्ष से संबंधित समस्त कार्य पूर्ण होने तक कार्य करेगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 85 उप समन्वयक एवं 40 उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। जयपुर स्थित परीक्षा केन्द्रों के लिए नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 0141-2206699 रहेगा। उक्त नियंत्रण कक्ष पर जयपुर में स्थापित किये गए परीक्षा केन्द्रों से संबंधित जानकारियां प्रदान की जाएंगी एवं जयपुर स्थित परीक्षा केंद्रों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। परीक्षा के आयोजन के लिए पुलिस, नगर निगम, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग, विद्युत विभाग, रोडवेज, जेसीटीसीएल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है। recent visitors 71

आयुक्त ने बताया अभूतपूर्व योगदान, राजस्थान-सूचना एवं जनसंपर्क की अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना सेवानिवृत्त

जयपुर। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त निदेशक अलका सक्सेना को उनकी सेवानिवृत्ति होने पर शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त श्री सुनील शर्मा ने जनसंपर्क के क्षेत्र में श्रीमती सक्सेना के योगदान और उनकी कार्यशैली को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि श्रीमती सक्सेना उर्जावान एवं लोकप्रिय अधिकारी रही हैं। अलका सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग में बिताए गए उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और स्नेह के लिए वे सभी की आभारी हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों ने श्रीमती सक्सेना के साथ अपने अनुभव साझा किए। उल्लेखनीय है कि श्रीमती अलका सक्सेना ने अपने सेवा काल में विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों को सफलतापूर्वक संचालित किया। उनके नेतृत्व में विभाग ने जनसंपर्क एवं संचार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की। प्रारंभ में विभाग के आयुक्त श्री सुनील शर्मा ने श्रीमती सक्सेना को बुके एवं मोमन्टो देकर सम्मानित किया। राज्य महिला आयोग हनुमानगढ़ में करेगा जनसुनवाई जयपुर। राजस्थान राज्य महिला आयोग 7 फरवरी को हनुमानगढ़ जिले में जन सुनवाई का आयोजन करेगा। इसमें जिले की महिलाओं की समस्याओं को सुना जाएगा तथा उनके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। recent visitors 77

भारतीय परम्परा पर की चर्चा, राजस्थान-राज्यपाल ने पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का किया लोकार्पण

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में गुरुवार को पीएम श्री विद्यालय में खगोल विज्ञान कक्ष का लोकार्पण किया। उन्होंने इस दौरान  पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा की गति से संंबंधित विज्ञान के साथ खगोल शास्त्र की भारतीय परम्परा की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा वही सार्थक है जिसमें हम प्राचीन ज्ञान—विज्ञान के आलोक में आधुनिक दृष्टि का विकास करें। उन्होंने कहा कि भारत खगोल विज्ञान में सर्वाधिक समृद्ध देश रहा है। राज्यपाल ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाए जाने के लिए भी निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय में औषधि गार्डन का भी फीता काटकर लोकार्पण किया। recent visitors 95

जिलों में विकास कार्यों में आएगी तेजी, राजस्थान-राज्य सरकार ने नियुक्त किए प्रभारी मंत्री

जयपुर| मुख्यमंत्री श्रीभजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर विभिन्न जिलोंके प्रभारी मंत्री नियुक्त किये हैं| उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी अजमेर व ब्यावर एवं उपमुख्मंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा भीलवाड़ा व राजसमन्द के प्रभारी मंत्री नियुक्त किये गए हैं | वहीं केबिनेट मंत्री श्री किरोड़ी लाल अलवर व खैरथल-तिजारा, श्री गजेन्द्र सिंह बीकानेर व जैसलमेर, कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ दौसा, श्री मदन दिलावर जोधपुर व फलौदी, श्री कन्हैयालाल नागौर व डीडवाना-कुचामन, श्री जोगाराम पटेल जयपुर, श्री सुरेश सिंह रावत भरतपुर व डीग, श्री अविनाश गहलोत चुरू व झुन्झुनू, श्री सुमित गोदारा श्री गंगानगर व हनुमानगढ़, श्री जोराराम कुमावत बाड़मेर व बालोतरा, श्री बाबूलाल खराड़ी बांसवाडा व डूंगरपुर इनके साथ ही श्री हेमन्त मीणा उदयपुर व सलुम्बर के प्रभारी मंत्री नियुक्त किये गए हैं | राज्यमन्त्री श्री संजय शर्मा सीकर, श्री गौतम कुमार कोटा व सवाई माधोपुर, श्री झाबर सिंह खर्रा पाली, श्री हीरालाल नागर टोंक व बूंदी,श्री ओटा राम देवासी झालावाड़ व बारां, डॉ. मंजू बाघमार प्रतापगढ़ व चित्तोड़गढ़, श्री विजय सिंह कोटपूतली-बहरोड़, श्री के. के. बिश्नोई सिरोही व जालोर एवं श्री जवाहर सिंह बेढम करौली व धोलपुर के प्रभारी मंत्री रहेंगे| recent visitors 196

हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पेश किया सरकारी जवाब, राजस्थान-एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को निरस्त नहीं होगी

जयपुर। पेपर लीक को लेकर विवादों में रही राजस्थान SI भर्ती परीक्षा 2021 को राज्य सरकार ने निरस्त करने से इंकार कर दिया है। इसे लेकर सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने गुरुवार (9 जनवरी) को हाईकोर्ट में जवाब पेश कर दिया है। जवाब की कॉपी सभी पक्षकारों को दी गई है। आज इस मामले में सुनवाई होनी थी, जो अब कल होगी। हालांकि, हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि जब कैबिनेट, सब कमेटी और अन्य एजेंसियों ने भर्ती परीक्षा को रद्द करने की सिफारिश की है तो फिर सरकार भर्ती रद्द क्यों नहीं कर रही है। हाईकोर्ट की ओर से आरडी रस्तोगी को न्याय मित्र बनाया गया है।  सरकार गुमराह करने का प्रयास कर रही सरकार के जवाब को लेकर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा- सरकार का जवाब गोलमोल है। सरकार गुमराह करने का प्रयास कर रही है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जवाब में सरकार की ओर से कहा गया है कि अभी मामले की जांच चल रही है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ा है। डमी व नकल करने वाले करीब 40 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स को हमने सस्पेंड कर दिया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल सरकार भर्ती रद्द करने जैसा बड़े फैसला नहीं ले सकती हैं। अब तक 50 ट्रेनी एसआई गिरफ्तार, 25 को जमानत बता दें कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। एसओजी की जांच में कई डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला भी सामने आया था। जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा करके कई अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली है। करीब 50 ट्रेनी एसआई को एसओजी अरेस्ट कर चुकी है, जिनमें से 25 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। recent visitors 84

विधायकों को सीट पर मिलेगा आईपैड, राजस्थान-विधानसभा का बजट सत्र 31 से

जयपुर। राजस्थान में इस बार विधानसभा में खास बदलाव देखने को मिलेंगे। विधानसभा को गुलाबी रंग से रंगा गया है। इसके अलावा विधायकों के टेबल पर आईपैड भी इंस्टॉल किए गए हैं। बजट सत्र में विधानसभा पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड होगी, क्योंकि इसका संचालन नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत होगा। इस पहल के अंतर्गत, विभागों द्वारा सदस्यों के पूछे गए प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों और याचिकाओं के जवाब ऑनलाइन भेजे जाएंगे। डिजिटलाइज हुई विधानसभा राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि इस सत्र में राज्य सरकार के सभी विभागों को नेवा एप्लीकेशन के माध्यम से ही विधानसभा द्वारा भेजे गए प्रश्नों के जवाब ऑनलाइन ही भेजने होंगे। विधानसभा डिजिटलाइज हो गई है। ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया विधानसभा की कार्य प्रणाली को सुचारु और डिजिटल बनाने के लिए वासुदेव देवनानी के निर्देश दिए थे। इस लेकर विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा के नेतृत्व में विधान सभा के प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के दल ने राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित विधानसभा प्रकोष्ठों के अधिकारियों और कार्मिकों को नेवा एप्लीकेशन पर कार्य करने और प्रश्नों एवं प्रस्तावों इत्यादि के उत्तर देने और उनके परिचालन की जानकारी का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। recent visitors 91

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। recent visitors 143