युवा-किसा-मजदूर कल्याण में हैं प्रतिबद्ध, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने की सरकार की पहली वर्षगांठ के कार्यक्रमों की समीक्षा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं व मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य सरकार अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण के साथ ही युवाओं, किसानों, महिलाओं व श्रमिकों को विशेष सौगातें देने जा रही है। राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों एवं राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग तैयारियों में तेजी लाएं एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। शर्मा मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न विभागों के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग तय समय पर अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों की बिन्दुवार समीक्षा करें एवं नियमित रूप से उनकी मॉनिटरिंग करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दें। सचिव अपने प्रभार वाले जिलों के एमओयू की करें मॉनिटरिंग बैठक में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत विभिन्न विभागों एवं जिला स्तर पर आयोजित की जा रही प्री-समिट में होने वाले एमओयू को धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रभारी सचिव अपने विभाग एवं अपने प्रभार वाले जिलों में किए गए एमओयू की मॉनिटरिंग करें। रोजगार उत्सव की तैयारियों को दें अंतिम रूप श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश के युवाओं को रोजगार उत्सव के तहत करीब 30 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने और 70 हजार से अधिक नई भर्तियों की सौगात देने जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को विज्ञप्ति जारी करने संबंधी कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने इस दौरान दी जाने वाली नियुक्तियों की स्थिति को लेकर भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम, अटल एंटरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम, आई-स्टार्ट के अंतर्गत लीप (लर्न एण्ड प्रोग्रेस) प्रोग्राम, टीओपी (टारगेट ओलंपिक पोडियम) योजना एवं स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम का भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से इस संबंध में प्रगति की जानकारी ली। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से फोकस करते हुए पंच-गौरव कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रभारी सचिव अपने प्रभार वाले जिलों के लिए इन श्रेणियों में चिन्हित तत्वों के संबंध में भी कार्यवाही करें। महिलाओं और श्रमिकों को मिलेगा आर्थिक सम्बल मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत 1 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने, 10 हजार स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्यूनिटी इन्वेस्टमेंट फंड से आर्थिक सहायता देने, 45 लाख स्वयं सहायता समूह सदस्यों को आर्थिक सम्बल देने के क्रम में राजसखी पोर्टल की शुरूआत करने, मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना का शुभारंभ करने, लाड़ो प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रथम किश्त का हस्तांतरण सहित विभिन्न योजनाओं की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने श्रमिक कल्याण की दिशा में भवन एवं अन्य संनिर्माण से जुड़े 1.5 लाख श्रमिकों को 150 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरण, स्कूटी वितरण, निःशक्तजनों को सहायक सामग्री व सहायता उपकरण उपलब्ध कराने संबंधी कार्यक्रमों की भी जानकारी ली। 25 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास बैठक में श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस सरकार के 1 साल पूरा होने के उपलक्ष पर किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त के साथ ही राजस्थान एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत 5 हजार 500 फार्मपौण्ड के लिए डीबीटी हस्तांतरण सहित अन्य अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने इस दौरान पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड वितरण, नए डेयरी बूथों का आवंटन, 200 नए बल्क मिल्क कूलर्स की स्थापना और एक हजार नए दूध संकलन केन्द्रों का उद्घाटन की तैयारी के संबंध में भी समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 25 हजार करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन श्री अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्रीमती अपर्णा अरोरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री आनंद कुमार, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता एवं पुलिस महानिदेशक श्री उत्कल रंजन साहू सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 74

गोविंद गुरू के साथ आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ा, राजस्थान-बांसवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। हमारी सरकार हमेशा जनजातीय समाज की प्रगति एवं गौरव को बढ़ाने का काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के उत्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में जितने काम हुए हैं, उतने काम कभी नहीं हुए। श्री शर्मा शुक्रवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बांसवाड़ा जिले के गोविन्द गुरू महाविद्यालय मैदान में आयोजित नवादि युगधारा प्रणेता समागम कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा ने अपना जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम, विरासत और संस्कृति को समर्पित कर दिया था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस देशवासियों के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के आदिवासी वीर योद्धा महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़े और अपनी जन्म-भूमि के गौरव के लिए मर-मिटे थे। वागड़ अंचल में गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासी वीरों ने अंग्रेजों की गुलामी से लड़ने का काम किया। वागड़ की धरती पर मानगढ़ धाम 1500 से अधिक आदिवासी वीरों के बलिदान का साक्षी है। करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन हुआ आसान श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों आदिवासी परिवारों का जीवन आसान हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने पीएम-जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान- जनमन की शुरूआत की है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से देशभर में 63 हजार आदिवासी गांवों में 5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत राज्य के 40 जिलों के 208 पंचायत समितियों के 6019 गांवों में सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास कार्य करवाकर इन गांवों को विकसित किया जाएगा। प्रदेश में आदिवासी क्षेत्र का विकास हो रहा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में डूंगर बरंडा और बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा जनजातीय नायकों के स्मारकों का निर्माण, उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय का निर्माण करेंगे। अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए टीएसपी फंड की राशि 1 हजार करोड़ से बढ़ाकर एक हजार 500 करोड़ रुपये कर दी है। खेल अकादमियों में छात्र-छात्राओं की मेस भत्ता राशि को बढ़ाकर 4 हजार रूपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने कहा कि शाहबाद-बारां में सहरिया जनजाति के लिए तीरंदाजी व एथलेटिक्स खेल अकादमी की स्थापना करेंगे। साथ ही, 7 नवीन आश्रम छात्रावास, 1 नवीन खेल अकादमी, 3 नवीन आवासीय विद्यालय एवं 250 नवीन मां-बाडी केन्द्र स्वीकृत किये हैं। गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना का शुभारंभ श्री शर्मा ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के तहत वन क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासियों व परम्परागत वन निवासियों के कल्याण के लिए गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की घोषणा की गई थी, जिसका शुभारंभ आज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर से 26 नवम्बर तक प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है। वागड़ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वागड़ क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां रेलवे, हाईवे, विद्यालय जैसे कार्यों से विकास को बढ़ाया जा रहा है। महाराणा प्रताप सर्किट एवं धार्मिक सर्किट भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, त्रिपुरा सुंदरी, बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को जोड़ते हुए पर्यटन सर्किट बनाने एवं इस क्षेत्र को औद्योगिक रूप से बढ़ावा देकर यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम हमारी सरकारी करेगी। श्री शर्मा ने समारोह में दो राजसखियों को 114 करोड़ रुपये का चैक प्रदान किया। उन्होंने आदिवासी जनजातीय क्षेत्र में उन्नत किसान, महिला उद्यमी, शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाली पांच-पांच प्रतिभाओं सहित नवाचार करने वाले दो व्यक्तियों को पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने मेला मैदान में लगाई स्टॉल्स एवं प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को आदिवासी अंचल की पहचान मांडना चित्र और तीर कमान भेंट किया गया। श्री शर्मा ने इस अवसर पर गोविन्द गुरू जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना की पुस्तिका का भी विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री एवं बड़ी संख्या में मौजूद आमजन ने जनजातीय गौरव दिवस पर बिहार के जमुई में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को सुना। कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक कैलाशचन्द्र मीणा एवं श्री शंकरलाल डेचा, सचिव जनजाति क्षेत्रीय विकास श्री भानू प्रकाश एटूरू सहित बड़ी संख्या में आदिवासी अंचल के आमजन मौजूद रहे। recent visitors 201

प्रधानमंत्री ने किया जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ, राजस्थान-मंत्री जोराराम ने आवास लाभार्थियों को सौंपी चाबियां

जयपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के जमुई से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके नाम पर एक डाक टिकट और विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लगभग 6600 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।   बारां जिले में इस अभियान का जिला स्तरीय समारोह बारां जिला परिषद सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बैरवा, किशनगंज विधायक ललित मीणा, जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, उप जिला प्रमुख छीतरलाल परालिया, बारां प्रधान मोरपाल सुमन सहित जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने भाग लिया। आदिवासी समाज के विकास को मिलेगी गति— समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में मनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी समाज के विकास को गति देना है। इसमें 80 हजार करोड़ की योजना के तहत छोटे गांवों और ढाणियों में सड़क निर्माण, पानी की पाइपलाइन, और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। जिन क्षेत्रों में अभी तक बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, वहां मोबाईल चिकित्सालय, गैस कनेक्शन, शौचालय, और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनजातीय परिवारों के विकास के लिए सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान— विधायक राधेश्याम बैरवा ने आदिवासी समाज के योगदान को सराहा, जिन्होंने भारत की संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए सदियों तक संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासियों को प्रकृति रक्षक बताते हुए उनकी पुरातन चिकित्सा पद्धतियों की प्रशंसा की। इसी क्रम में विधायक ललित मीणा ने बिरसा मुंडा के संघर्ष और उनके आदर्शों को जनजातीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आवास की चाबियां, 15 स्वीकृति पत्र, मनरेगा की अपना खेत अपना काम योजना के स्वीकृति पत्र, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, कृषि विभाग की ओर से कृषकों को तारबंदी के स्वीकृति पत्र एवं मिनी किट (चना 16 किलो) का वितरण मंत्री महोदय सहित अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया। जिला परिषद् के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीश्चंद मीणा ने कहा कि अभियान के तहत जिले के जनजातीय समुदाय के लोगों को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम में मंत्री कुमावत ने जिला परिषद परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स पर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारें में फीड़बैक लिया। उन्होंने वहां उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी किया। जिला कलक्टर ने पीएम जन मन के तहत हुए कार्यो पर बनी कॉफी टेबल बुक तथा भगवान बिरसा मुण्डा का चित्र मंत्री श्री जोराराम कुमावत को भेंट किए। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी एसई डी.आर. क्षत्रिय, जेवीवीएनएल एसई एन.एम. बिलौटिया, पीएचईडी एसई प्रमोद झालानी, सीएमएचओ डॉ सम्पतराज नागर सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। recent visitors 71

सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का माध्यम है खेल: डाॅ. रश्मि, राजस्थान-29वीं कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता शुरू

जयपुर। आयोजन समिति के संयोजक एवं मुख्य अभियंता-प्रथम श्री अमित अग्रवाल द्वारा समारोह की मुख्य अतिथि डाॅ. रश्मि शर्मा, आवासन आयुक्त महोदया का शाॅल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। श्रीमती मीनाक्षी पाठक, वरिष्ठ लेखाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि महोदय के बैज लगाया गया। डाॅ. रश्मि शर्मा द्वारा नीरजा मोदी स्कूल मानसरोवर, जयपुर के खेल मैदान में गुब्बारे हवा में उड़ाकर एवं फुटबाॅल के कीक लगाकर 29वीं राजस्थान आवासन मण्डल कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। डाॅ. रश्मि  शर्मा ने सभी खिलाड़ियों से परिचय किया। श्री प्रतीक श्रीवास्तव, आयोजन समिति अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता-प्रथम द्वारा समारोह अध्यक्ष श्री प्रवीण अग्रवाल को माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा समारोह अध्यक्ष के बैज लगाया गया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा आयोजन समिति के संयोजक मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल एवं राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दशरथ कुमार का माल्यार्पण एवं बैज लगाकर स्वागत किया। श्री संजय शर्मा, आयोजन सचिव द्वारा केन्द्रीय खेलकूद संचालन समिति के संयोजक श्री दारा सिंह एवं अन्य सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर डाॅ. रश्मि शर्मा ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से एक दूसरे खिलाड़ियों के सशक्त और कमजोर पक्ष को जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज कि तनावग्रस्त समय में बहुत से लोग विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों के शिकार हो जाते हैं उससे बचने के लिए इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता निभाना एक कारगर उपाय हैं। इससे हमारी शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक कार्य क्षमता का भी विस्तार होता है। उन्होंने खिलाड़ियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि इन प्रतियोगिताओं से समूह समुदाय के साथ जुड़ाव के साथ ही बन्धुत्व एवं सद्भाव की भावना भी बलवती होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य सम्पदा प्रबन्धक, राजस्थान आवासन मण्डल ने कहा कि खेलों से शारीरिक मजबूती के साथ ही टीम भावना एवं राजनैतिक कौशल का भी विकास होता हैं। उन्होंने कहा कि खेलों की प्रत्येक प्रतियोगिता में हार-जीत होती है जो हमें और बेहतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है। खेलकूद के प्रथम दिवस पर मुख्यालय टीम 100 मी., 200 मी. एवं 400 मी. दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम रही। प्रथम दिवस में दौड़ के अलावा फुटबाॅल, क्रिकेट, बाॅलीवाॅल, बास्केटबाॅल, कैरम आदि के लीग मैच आयोजित किये गये। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री टी.एस.मीणा, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताष यादव, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री प्रतीक श्रीवास्तव, उप आवासन आयुक्त श्री संजय शर्मा, राजस्थान आवासन बोर्ड केन्द्रीय खेलकूद संचालक समिति के संयोजक श्री दारा सिंह, कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद, महामंत्री श्री प्रदीप शर्मा, संयुक्त महामंत्री श्री रमेश चन्द शर्मा एवं श्री गोविन्द नाटाणी सहित वरिष्ठ अधिकारी व प्रदेश के सभी कार्यालय से आये कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। ————— recent visitors 153

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग पर चर्चा, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक

जयपुर। पुष्कर की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, मसूदा विधायक श्री विरेन्द्र सिंह कानावत, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग के निर्माण, सौन्यदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण करने के बारे में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पुष्कर की पौराणिकता को केन्द्र में रखकर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग का निर्माण, सौन्दर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस कार्य में मौलिकता पर विशेष जोर रहेगा। जगतपिता ब्रह्माजी की गरिमा के अनुरूप पूरे शोध के साथ विकास कार्य करवाने होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले विकास कार्य करवाए जाएंगे। श्री पुष्कर पशु मेले के महत्व की अभिवृद्धि करने की दिशा में भी कार्य करने के बारे में चर्चा हुई। पर्यटन के विभिन्न घटकों के अनुसार थीम आधारित कार्य भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पुष्कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक केन्द्र होना चाहिए। पर्यटक वर्ष भर यहां आकर कम से कम दो दिन रूकने का विचार करें। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध है। पुष्कर के नाम के अनुरूप देश में अलग विशेषता लिए निर्माण कार्य होंगे। त्रेतायुग में भगवान श्री राम के द्वारा पुष्कर में अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध करने के समय के पुष्कर के वैभव को पुनः स्थापित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए। पुष्कर की पौराणिक प्रकृति के संरक्षण के साथ ही विकास कार्य होंगे। बैठक में घाटों के सौन्दर्यकरण और पर्यटन के विकास के विभिन्न सुझावों एवं प्रस्तावों पर चर्चा हुई। recent visitors 160

जिला प्रशासन ने शुरू किया ’रास्ता खोलो अभियान’, राजस्थान में बरसों से बंद रास्ते खुले तो किसान और ग्रामीण खुश

जयपुर। नीयत सही और सकारात्मक हो तो नियति कभी गलत नहीं हो सकती। यह कहावत शुक्रवार को जयपुर में हकीकत बनती नजर आई। जब जिला प्रशासन ने रास्ता खोलो अभियान के पहले ही दिन सहमति और समझाइश से बरसों से बंद 26 रास्ते खुलवाए गए। सालों से बंद रास्ते खुलने पर ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया साथ ही, जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया। रास्ता खोलो अभियान के पहले दिन चौमूं एवं जोबनेर में 4-4, आंधी, चाकसू, शाहपुरा, सांगानेर में 3-3, कोटखावदा और किशनगढ़-रेनवाल में 2-2 एवं तूंगा और आमेर में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। किश्नगढ़-रेनवाल के धोलिया का वास गांव में करीब 50 साल पुराना रास्ता समझाइश से खुलवाया गया।  तो वहीं, जमवारागढ़ की आंधी तहसील के दांतली में 30 साल पुराना रास्ता खुलवाया गया। तो वहीं, तूगां में 15 साल पुराना अतिक्रमण हटाकर 300 मीटर लंबा रास्ता आमजन के लिए सुचारू करवाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव और खेतों की ओर जाने वाली राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन के इस अभियान से निश्चित रूप से आमजन को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सहयोग कर दशकों से बंद सिवायचक, कटानी एवं गैर मुमकिन सहित अन्य सभी प्रकार के रास्तों को खुलवा कर उनकी राह बेहद आसान कर दी है। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ रास्ते तो करीब 50 साल से बंद थे, लेकिन सहमति एवं समझाइश से इन रास्तों को भी खुलवाने में कामयाबी मिली। गौरतलब है कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुक्रवार को जिले में रास्ता खोलो अभियान का आगाज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत सभी खंड विकास अधिकारी अपने क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने में सहयोग करेंगे, उपखण्ड अधिकारी सप्ताह में एक बार तहसीलदार, थानाधिकारी, विकास अधिकारी के साथ रास्तों से सम्बन्धित प्रकरणों की समीक्षा कर रहे हैं तथा खोले जाने वाले रास्तों का चिन्हीकरण कर सप्ताह में कम से कम तीन रास्तों की समस्या का समाधान करेंगे। बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खंड विकास अधिकारी संबन्धित खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल/सी.सी. रोड़ बनवाया जाना सुनिश्चित करेंगें ताकि फिर से कोई रास्ते पर अतिक्रमण नहीं कर पाए। जिन स्थानों पर किन्हीं कारणों से शुक्रवार को कार्यवाही संभव नहीं हो पाई उन स्थानों पर शनिवार को अनिवार्य रूप से रास्ता खोलो अभियान के तहत कार्यवाही की जाएगी। रास्ता खोलो अभियान के तहत आम रास्तों, गोचर भूमि पर अतिक्रमण को हटाने, बंद किए जा चुके खातेदारी रास्तों को खुलवाने, राजस्व अभिलेख में दर्ज रास्ते, काश्तकारों की कृषि जोत के विभाजन करने से पूर्व रास्तों का प्रावधान करने, रास्ते निकालने, राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने, राजकीय भूमि पर से सार्वजनिक रास्ता निकालने तथा खातेदार किसान को उसकी जोत यानी खेत तक पहुंचने के लिए राजकीय चारागाह भूमि में से होकर रास्ता देने तथा खातेदारी भूमि में से होकर नवीन रास्ते निकालने और विद्यमान रास्ते को चौड़ा करने संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है। recent visitors 58

पर्यटन “कल्चरल डायरीज श्रृंखला” का आगाज, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अभिनव पहल और निर्देशों पर राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए और उनको आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए  "कल्चरल डायरीज श्रृंखला" के तहत दो दिवसीय (15 व 16 नवम्बर ) सांस्कृतिक संध्या के पहले दिन शुक्रवार को रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने, लोक कलाकारों को नया मंच प्रदान की दृष्टि से उक्त सांस्कृतिक संध्या का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। जिसके पश्चात शेखावाटी अंचल के प्रसिद्ध कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात राजस्थान मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राधा कृष्ण ने फूलों की होली खेली जिससे प्रदेश के उत्तर-पूर्व में स्थित ब्रज अंचल की कला-संस्कृति भव्य रूप में साकार हुई। श्रीकृष्ण-राधा की प्रेमरसमयी और लठमार होली के रंगों व फूलों से साराबोर नृत्य की प्रस्तुति देख दर्शक भी थिरकने लगे। ब्रज के लोक कलाकारों ने उक्त प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के निर्मल प्रेम को साकार किया। इस दौरान ग्रामीण भवाई नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। जिसमें नृत्य की विभिन्न मुद्राओं का अद्भुत संतुलन प्रदर्शित किया गया। ब्रज क्षेत्र के कर्णप्रिय और मन को लुभाने वाले भक्तिभाव से परिपूर्ण लोक संगीत सहित सांस्कृतिक संध्या में दी गई मोहक प्रस्तुतियों ने जयपुरवासियों और देशी-विदेशी पावणों को आनंद विभोर कर दिया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा पर्यटन सचिव श्री रवि जैन के निर्देशों की पालना में पर्यटन विभाग की ओर से लोक कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनको नियमित रूप से आजीविका का अवसर दिलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पहल की गई है। इस हेतु पर्यटन विभाग की ओर से कल्चरल डायरीज श्रृंखला शुरू की गई है। जिससे राजस्थान की कला व संस्कृति से पूरी दुनिया परिचित होगी।  इसी श्रृंखला में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन  शनिवार, 16 नवम्बर को अल्बर्ट हॉल पर ही बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के प्रसिद्ध लंगा-मांगणियार कलाकारों की गायन-वादन की प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय श्री पंकज धरेन्द्र तथा पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती पुनीता सिंह एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें। recent visitors 116