हमारा लक्ष्य विदेशी और घरेलू पर्यटक बढ़ाना है: दिया कुमारी, राजस्थान-पर्यटन ने जीते दो प्रतिष्ठित पुरस्कार

जयपुर। राजस्थान पर्यटन को कॉन्डे नेस्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स के दौरान दो प्रतिष्ठित श्रेणियों में पुरस्कार दिया गया है। राज्य को 'फेवरेट लीज़र डेस्टिनेशन इन इंडिया' और 'फेवरेट इंडियन स्टेट फॉर रोड ट्रिप्स' पुरस्कार से नवाजा गया है। 'फेवरेट इंडियन स्टेट फॉर रोड ट्रिप्स' का अवार्ड राजस्थान को मिला है। जबकि फेवरेट लीज़र डेस्टिनेशन इन इंडिया' का रनरअप अवार्ड उदयपुर को मिला है। पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि राजस्थान को दो अलग-अलग श्रेणियों में प्रतिष्ठित कॉन्डे नास्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स 2024 प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न ट्रैवल मार्ट और प्रदर्शनियों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से वैश्विक स्तर पर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है। हमारा लक्ष्य राजस्थान में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। पर्यटन विभाग के सचिव श्री रवि जैन ने इन पुरस्कारों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉन्डे नेस्ट ट्रैवलर रीडर्स ट्रैवल अवार्ड्स हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक बेंचमार्क स्थापित करता है। यात्रियों द्वारा चुने गए, ये पुरस्कार दर्शाते हैं कि राजस्थान वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन है। श्री जैन ने कहा कि राजस्थान पर्यटन को मिलने वाले पुरस्कार, प्रदेश पर्यटन के ध्येय वाक्य पधारो म्हारे देश को चरितार्थ करते हैं। देशी, विदेशी पर्यटकों ने घूमा जयपुर, जोधपुर व उदयपुर — इस साल जनवरी से लेकर सितम्बर तक जयपुर, जोधपुर व उदयपुर घूमने आने वाले घरेलु पर्यटकों की संख्या एक करोड के पार जा चुकी है। बीते आठ महीने में 16817114 देशी पर्यटक राजस्थान के इन तीन जिले में पहुंचे। वहीं इन तीनों जिलों में विदेशी सैलानियों की संख्या आठ लाख के पार पहुंची, 875940 विदेशी पावणे जयपुर, जोधपुर व उदयपुर पहुंचे। राजस्थान में पर्यटन की दृष्टि से प्रमुख जिलों जैसे जयपुर, जोधपुर व उदयपुर में घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान पर्यटन देसी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद है।  इस साल जनवरी से लेकर सितम्बर तक जयपुर जिले में 8869703 घऱेलू पर्यटक आए वही विदेशी मेहमानों की संख्या 413401 रही। जोधपुर जिले में देश से 1786619 सैलानी आए वहीं विदेशी सैलानियों की संख्या 133806 रही। उदयपुर में 6160792 देशी पर्यटकों ने घूमा वहीं यहां आने वाले विदेशी पावणों की संख्या 328733 रही। महीना    जयपुर ग्रामीण    शहर पर्यटक घरेलू    विदेशी    घरेलू    विदेशी जनवरी    243500    454    997066    70691 फरवरी    223000    431    820281    96489 मार्च    271500    345    1132417    82657 अप्रेल    923000    0    599764    39835 मई    107000    53    399499    18533 जून    13000    40    508835    11779 जुलाई    281500    36    684395    22148 अगस्त    196000    50    647472    34347 सितम्बर  202000    17    619474    35496 महीना    जोधपुर ग्रामीण    शहर पर्यटक    घरेलू    विदेशी    घरेलू    विदेशी जनवरी    12400    280    293103    23508 फरवरी    15700    438    204282    29231 मार्च    15100    465    180642    29803 अप्रेल    14350    212    102936    11389 मई    13500    107    97796    3869 जून    12700    31    101513    1803 जुलाई    29900    106    110769    6246 अगस्त    32200    194    196379    15504 सितम्बर    194600    0    158749    10620 महीना    उदयपुर शहर पर्यटक    घरेलू    विदेशी जनवरी    953343    60251 फरवरी    600301    48329 मार्च    678454    51495 अप्रेल    431603    26531 मई    547663    26205 जून    577978    24803 जुलाई    697134    26556 अगस्त    808921    31816 सितम्बर    865395    32747 recent visitors 69

48 हजार पदों पर प्रक्रियाधीन है भर्ती, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने ली चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता को सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए स्वास्थ्य से जुड़ी राज्य सरकार की बजटीय घोषणाओं को प्रभावी कार्ययोजना के साथ त्वरित गति से पूरा किया जाए, जिससे ‘आपणो स्वस्थ राजस्थान’ की संकल्पना साकार हो। शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 48 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मिशन मोड़ पर चल रही है तथा अब तक लगभग 8 हजार पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में खाली पड़े पदों पर आवश्यकतानुसार चरणबद्ध रूप से भर्ती की जाए तथा न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करवाकर नियुक्तियां दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में आयुष्मान मॉडल सीएचसी बनाने का निर्णय लिया है। इससे न केवल निचले स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी बल्कि बड़े अस्पतालों पर भार भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को इन मॉडल सीएचसी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार — मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आमजन को निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। हमने इस योजना के तहत पीडियाट्रिक पैकिज शामिल करने, कुछ पैकेज की दरों को तर्कसंगत बनाने तथा पोर्टिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना में जो नए प्रावधान जोड़े गए हैं, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत चिकित्सा के आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में प्रमुख 12 सेवाएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान डिजीटल हैल्थ मिशन के तहत प्रदेशवासियों का स्वास्थ्य रेकार्ड डिजिटल रूप से संधारित करने के लिए अभियान चलाकर प्रदेश के हर व्यक्ति की आभा आई डी बनाई जाए। मिलावटखोरों पर हो सख्त कार्रवाई — मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मिलावटखोरों द्वारा राज्य की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अभियान में तेजी लाते हुए मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सा विभाग के अधीन संचालित राजस्थान मेडिकल कॉन्सिल, पैरा मैडिकल कॉन्सिल सहित अन्य सभी संस्थाओं के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाने पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तकनीकी नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान देश में बेहतर — बैठक में प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ ने चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं नवाचारों की प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के कई मानकों में राजस्थान राष्ट्रीय औसत एवं कई बड़े राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। राज्य में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में विभाग के प्रयासों से उल्लेखनीय गिरावट आई है। संस्थागत प्रसव के मामले में राजस्थान देश में अग्रणी है। राष्ट्रीय सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। निःशुल्क दवा योजना में भी दवाओं एवं सूचर्स की संख्या में वृद्धि की गई है। बैठक में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग, मौसमी बीमारियों की रोकथाम सहित कई विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अम्बरीश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. भारती दीक्षित, सीईओ स्टेट हेल्थ एश्योरेंस ऐजेंसी श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, प्रबंध निदेशक आरएमएससी श्रीमती नेहा गिरी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री इकबाल खान, निदेशक आईईसी श्री शाहीन अली खान, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे। recent visitors 67

लाख से बनी चूड़ियां और सामग्री बनीं आकर्षण, राजस्थान-प्रगति मैदान में सजा 43वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला

जयपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान पवेलियन में लाख की चूडियों एवं लाख से बनी अन्य वस्तुएं दर्शकों विशेषकर महिलाओं को अपनी और खूब आकर्षित कर रही है। राजस्थान मंडप के स्टॅाल न. 3 व 6 में जयपुर से आए लाख के कारीगर श्री इस्लाम अहमद ने बताया कि भारतीय संस्कृति में लाख को बहुत ही शुभ माना जाता है, विशेषतौर पर भारतीय नारियों में इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। लाख से बनी चूडीयां पहनकर स्त्रियां अपने पति की लम्बी आयु की कामना करती हैं। वे बताते हैं कि लाख हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। शादी या विवाह का अवसर हो या मकान की नींव भरने का समय, बच्चे के जन्म का मौका हो या सगाई इत्यादि के अवसर पर लाख की चूडीयां, दुल्हन को सुहाग के प्रतीक के रूप में पहनना अनिवार्य समझा जाता है। शादी तथा तीज त्यौहारों, होली, दिवाली व अनेक खुशी के अवसरों पर लाख की चुड़ियों का तथा लाख की अन्य वस्तुओं का आदान- प्रदान किया जाता है। लाख को सोने के जेवरों में भी भरा जाता है। श्री अहमद ने बताया कि मेरे वालिद के पिता ने ही भारत सरकार द्वारा स्थापित निर्यात केन्द्रों एवं रिटेल शाप्स पर सर्वप्रथम लाख का सामान बनाकर दिया था। उन केन्द्रों के माध्यम से पूरे भारत वर्ष के सरकारी रिटेल कांउटरों तथा विदेशों में लाख से निर्मित वस्तुएं भेजी गई। उन्होंने बताया कि विश्व के कई राष्ट्राध्यक्षों को उनके जयपुर आगमन पर इनके परिवार की ओर से लाख निर्मित वस्तुएं भेंट की गई। उन्होंने बताया कि उनके वालिद लाख से पैन और फैन्सी आइटम बनाने का कार्य करते रहे। हाथ में पहनने वाले लाख के मोटे कड़े पर ''डासिंग पीकाक'' तथा ''मछली'' का काम एक नायाब कारीगरी है जो कि उन्होंने स्वयं तैयार की है। उन्होंने बताया कि आज लाख कला सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग है। फिर चाहे लाख की चूडीयां हों या सजावटी या दैनिक उपयोग की वस्तु सभी में यह प्रयोग किया जाता है। इनमें अगरबत्ती स्टेण्ड,हाथी घोड़ा, ऊंट, एस्टरे, चाबी के छल्ले, फोटो फ्रेम, शीशा, ज्वैलरी बाक्स फ्रुट प्ले, टेबल डायरी, ग्लास इत्यादि चीजें ही क्यों न हो, लाख कला जगत को ये सब वस्तुएं उन्हीं के परिवार की देन हैं। recent visitors 59

पिता के ढाबे में ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस, राजस्थान-जोधपुर से रीट पेपर लीक की आरोपी इमरती गिरफ्तार

जोधपुर. जोधपुर रेंज की स्पेशल साइक्लोनर टीम ने 2021 के बहुचर्चित रीट पेपर लीक घोटाले में तीन साल से फरार चल रही इमरती बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। इमरती अपने पिता के ढाबे पर छिपकर रह रही थी। पुलिस के लिए ये एक बड़ी गिरफ्तारी है, क्योंकि इमरती तीन बार पुलिस को चकमा देकर भाग चुकी है। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। इमरती को पकड़ने के लिए पुलिस ने इस बार बड़ी चालाकी से काम लिया। इस बार पुलिस ने दो-दो सदस्यीय टीमों को ग्राहक बनाकर ढाबे पर भेजा। ढाबे के पीछे रहने के लिए इमरती ने एक छिपा हुआ ठिकाना बना रखा था। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर इमरती को दबोच लिया। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि उमरलाई निवासी इमरती बिश्नोई के खिलाफ 2021 की रीट परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला दर्ज हुआ था। मौके से पुलिस ने उसके दस्तावेज और परीक्षा प्रवेश पत्र बरामद किए थे, जिसमें कंप्यूटर की मदद से छेड़छाड़ की गई थी। जांच में सामने आया कि इमरती से पहले परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने का ठेका छमी बिश्नोई ने लिया था। छमी को पुलिस ने तीन महीने पहले वृंदावन से गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्व में संगीता, किरण और भंवरी सहित कई अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस इमरती बिश्नोई से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि इससे रीट पेपर लीक घोटाले के अन्य पहलुओं पर प्रकाश पड़ेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दोषियों को भी गिरफ्तार किया जा सकेगा। recent visitors 72

राजनीतिक रूप से हैं अहम, राजस्थान-सरकार लेगी उपचुनाव नतीजों के बाद चार बडे़ फैसले

जयपुर. राजस्थान की भाजपा सरकार विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कुछ बड़े फैसले ले सकती है। इनमें सबसे संवेदनशील निर्णय एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर लेना होगा। हालांकि हाईकोर्ट ने एक दिन पहले ही भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय दिया है। जिसमें कोर्ट ने इस भर्ती परीक्षा में ट्रेनीज की पॉसिंग आउट परेड और फील्ड पोस्टिंग पर स्टे लगा दिया है। दूसरा, पिछली सरकार के समय बने नए जिले और तीसरा पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में हुए फैसले। इनके साथ ही प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन के मामले में भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद की जा रही है। राज्य सरकार ने उपरोक्त तीनों फैसलों के लिए मंत्रियों की कमेटियां गठित की हुई है। ये कमेटियां अपना काम लगभग पूरा भी कर चुकी हैं। एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर को कमेटी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंच भी चुकी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इन तीनों ही मामलों पर सरकार का फैसला सामने आ जाएगा। इस बीच सरकार के गठन के एक वर्ष के कार्यक्रम भी शुरू होने हैं और राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट भी होनी है। ऐसे में कुछ फैसले इन दो बडे़ आयोजनों से पहले और कुछ बाद में आ सकते हैं। एसआई भर्ती परीक्षा एसआई भर्ती परीक्षा रद्द की जानी या नहीं, इस मामले में विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की कमेटी का काम पूरा हो चुका है और सूत्रों की मानें तो कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएम भजनलाल शर्मा को सौंप भी चुकी है। फैसला सीएम के स्तर पर ही होना है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट पर कैबिनेट की आगामी बैठक में चर्चा हो सकती है और यह फैसला कभी भी सामने आ सकता है। इस मामले में सरकर की दुविधा यही है कि परीक्षा रद्द की जाती है तो चयनित अभ्यर्थी कोर्ट का रूख करेंगे। वहीं रद्द नहीं किए जाने की स्थिति में बड़ी संख्या में युवाओं और सरकार के मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की नाराजगी सामने आ सकती है। नए जिलों पर फैसला पिछली सरकार के समय बनाए गए 17 नये जिलों के भविष्य को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की समिति भी अपना काम लगभग पूरा कर चुकी है। बताया जा रहा है कि पांच छोटे जिलों को फिर से पुराने जिलों में मर्ज किया जा सकता है। इस बारे में सरकार को 31 दिसंबर तक हर हाल में अपना फैसला करना है, क्योंकि इस के बाद जनगणना कार्य के लिए जिलों की सीमाएं सील कर दी जाएंगी। माना जा रहा है कि चूंकि इस फैसले का कुछ विरोध सामने आ सकता है, इसलिए सरकार की पहली वर्षगांठ के आयोजन पूरे होने के बाद इस बारे में फैसला सार्वजनिक किया जा सकता है। पिछली सरकार के फैसलों को निरस्त करना पिछली सरकार के कार्यकाल के अंतिम समय में किए गए फैसलों की समीक्षा के लिए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिह खींवसर की अध्यक्षता में गठित समिति का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। समिति ने पिछली सरकार के समय हुए भूमि आवंटनों सहित कई फैसलों को देखा है। सामाजिक संस्थाओं को छोड़ कर भूमि आवंटन से ज्यादातर मामलों पर सरकार की गाज गिर सकती है। वन स्टेट वन इलेक्शन निकाय चुनावों से पहले वन स्टेट वन इलेक्शन को लेकर भी राज्य सरकार को फैसला करना है, हालांकि इस फैसले के लिए अभी सरकार के पास कुछ समय रहेगा। प्रदेश की जिन 49 निकायों का कार्यकाल इस माह पूरा हो रहा है उनमें प्रशासक लगना लगभग तय है, क्योंकि अब चुनाव का समय ही नहीं बचा है। वहीं, जनवरी में छह हजार से ज्यादा पंचायतों का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। माना जा रहा है कि इनमें भी सरकार प्रशासक लगा कर इसके बाद इस वन स्टेट वन इलेक्शन पर फैसला कर सकती है। recent visitors 84

वास्तु संस्कृति के संरक्षण में सबकी भागीदारी, राजस्थान-जयपुर के स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने दी बधाई

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विश्व के सबसे सुनियोजित रूप में बसाए गए जयपुर शहर के स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि जयपुर विश्वभर में भारतीय वास्तु संस्कृति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नगर-नियोजन के पुरोधा विद्याधर भट्टाचार्य ने विश्व विरासत में सम्मिलित जयपुर जैसा सुव्यवस्थित और आधुनिक नगर बसाया था। राज्यपाल ने स्थापना दिवस पर शहर की वास्तु संस्कृति और सौंदर्य के साथ स्वच्छता के लिए सभी की भागीदारी का आह्वान किया है। वहीं, नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 14 दिवसीय भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में सोमवार को राजस्थान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकनृत्यों और गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह सांस्कृतिक संध्या प्रगति मैदान के हॉल न. 5 के सामने स्थित एमफी थियेटर में सांय 6 बजे से आयोजित की जाएगी। लगभग 2 घंटे चलने वाली इस संध्या में जहां एक ओर जयपुर से आए लोक कलाकारों द्वारा चरी नृत्य और भवई नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर बाड़मेर और भरतपुर से आए कलाकारों द्वारा क्रमशः खड़ताल और भपंग का वादन किया जाएगा। इसी प्रकार पाली से आए लोक कलाकारों द्वारा तेरहताल नृत्य और जोधपुर से आए कलाकारों द्वारा कालबेलिया नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। घूमर नृत्य की प्रस्तुति दिल्ली के कलाकारों द्वारा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि 14 नवम्बर से प्रारंभ हुए भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान मंडप का शुभारंभ प्रदेश के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत द्वारा किया गया था। recent visitors 86

टोक्यो में मंदिर दर्शन और स्नेह मिलन, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे जापान

जयपुर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी रविवार को जापान पहुंचे। श्री देवनानी ने जापान के टोक्यो में दिन की शुरुआत मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना करके की । इस्कॉन मंदिर में आयोजित प्रातः कालीन भजन कार्यक्रम हरे रामा हरे कृष्णा में श्री देवनानी शामिल हुए। श्री देवनानी ने मंदिर में मौजूद प्रवासी भारतीयों से सनातन परंपरा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है। साथ ही संस्कारवान होना भी जरूरी है ताकि हम बेहतर इंसान बन सके और दुनियाभर में इंसानियत के व्यवहार का प्रसार कर सके। श्री देवनानी के सम्मान में टोक्यो में हिंदू स्वयं सेवक संघ ने स्नेह मिलन का आयोजन किया। श्री देवनानी ने युवाओं का आव्हान किया कि भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को विश्व बंधुत्व की भावनाओं के अनुरूप मानवता, सहिष्णुता, धैर्य जैसे गुणों  का जीवन में समावेश करना होगा। श्री देवनानी ने कहा की विश्व बंधुत्व आवश्यक है। समग्र चेतना का जागरण आज की आवश्यकता है। भारतीय संस्कृति को कोई समाप्त नहीं कर सकता है। युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने के लिए सतत प्रयास करने होंगे। हमारे आदर्श, हमारे महापुरुष और हमारी महान संस्कृति हमें सुदृढ़ बनाती है। मानवीय मूल्यों के आचरण से व्यक्ति का कद ऊंचा होता है। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के 67  वें सम्मेलन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं। श्री देवनानी ऑस्ट्रेलिया में सम्मेलन में भाग लेने के बाद राष्ट्र मण्डल संसदीय संघ के पोस्ट कॉन्फ्रेस स्टडी ट्यूर के तहत इण्डोनेशिया, सिंगापुर के बाद जापान की यात्रा पर है। इस अध्ययन यात्रा के दौरान श्री देवनानी इन देशों में भारत के राजदूतों से मुलाकात करने के साथ विधायी निकायों का अवलोकन भी कर रहे हैं। संसदीय प्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढीकरण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श कर रहे हैं । श्री देवनानी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भारत क्षेत्र की कार्यकारी समिति के सदस्य भी है। श्री देवनानी विभिन्न देशों के विधान मण्डलों के प्रतिनिधि मण्डलों को राजस्थान विधान सभा में किये गए नवाचारों की जानकारी दे रहे हैं। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी इस विदेश यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और जापान में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों, शिक्षाविदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और सिंधी समाज के प्रबुद्धजन से भी मुलाकात कर रहे हैं। श्री देवनानी ने जापान में टोक्यो स्थित सेंशसूजी टेंपल,ओरेवा में स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी, रेनबो ब्रिज, टोक्यो टावर और टोक्यो स्काईट्री का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने वहां की तकनीक का भी अध्ययन किया। recent visitors 77