‘बताने के लिए नहीं होती विशेष चर्चा’, राजस्थान-अमित शाह से गुफ्तगू करके लौटे किरोड़ी मीणा

जयपुर। राजस्थान की राजनीति पर सियासतदानों की पैनी नजर बनी हुई है। भजनलाल सरकार से नाराज चल रहे कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। किरोड़ी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विशेष चर्चा बताने की नहीं होती। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों के बीच साधारण चर्चा नहीं हुई विशेष चर्चा हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक किरोड़ीलाल मीणा ने शाह से मिलकर राजस्थान के दो अफसरों की शिकायत की और इनकी जांच करवाने की मांग भी की है। उन्होंने राजस्थान में इस मामले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम को दिए ज्ञापन को लेकर भी अपनी बात रखी। हालांकि अब अमित शाह इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं यह देखने वाली बात होगी लेकिन फिलहाल किरोड़ी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। आते ही बीजेपी अध्यक्ष से मिले दिल्ली दौरे से लौटते ही किरोड़ीलाल मीणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिले। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नगर पालिका व नगर परिषदों में उपचुनाव होने हैं, उनके बारे में बातचीत करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से मिला हूं। वहीं मदन राठौड़ ने कहा कि वे हमारी पार्टी के सदस्य हैं, मंत्री हैं। कई मुद्दों पर उनकी अपनी राय है। वे कई बार नाराज हो जाते हैं, लेकिन ये सब परिवार का मामला है। recent visitors 70

राज्य की विकास यात्रा में बनेंगे भागीदार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान-सरकार का बैंक ऑफ बड़ौदा तथा महाराष्ट्र से एमओयू

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अमृत कालखंड- ‘विकसित राजस्थान 2047’ के तहत पांच वर्षों की कार्य योजना बनाकर ‘सर्वजन हिताय‘ आधारित समावेशी विकास का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य योजना के तहत भविष्य के लिए दस संकल्प निर्धारित किए गए हैं। इन संकल्पों में बुनियादी ढांचे का विकास करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर पर पहुंचाना भी शामिल हैं। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैंक ऑफ बड़ौदा तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ राज्य सरकार के दो एमओयू हस्ताक्षर करने के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। इन एमओयू के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा अगले छह वर्षों यानी 31 मार्च 2030 तक, प्रति वर्ष 20 हजार करोड़ रूपये का ऋण प्रदान करेगा। इसके साथ ही, बैंक ऑफ महाराष्ट्र भी प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रूपये का ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धनराशि राजस्थान सरकार की विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर आधारभूत ढांचा क्षेत्र जैसे बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता के लिए उपयोग में ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये हमारे लिए गर्व का विषय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे देश के प्रतिष्ठित बैंक अब राजस्थान की विकास यात्रा में भागीदार बनने जा रहे हैं। हमारे प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सशक्त करने की दिशा में बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का यह सहयोग एक बड़ा कदम है और आज का यह समझौता प्रदेश के बुनियादी ढांचे की मजबूती में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों की व्यक्तिगत विकास तथा राज्य और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। बैंकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आमजन को उनकी सेवाओं का अधिकतम लाभ मिले। राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे को कर रही सुदृढ़  श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अनुसार बेहतर कल के लिए हमें आज सुदृढ़ बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी की इस सीख को आत्मसात करते हुए हम प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर रहे हैं। हमने नवीकरणीय ऊर्जा की उत्‍पादन क्षमता 2029-30 तक बढ़ाकर 125 गीगावाट करने का लक्ष्‍य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 5 साल के इस कार्यकाल में 53 हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए 60 हजार करोड़ रूपये व्यय करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में भी हमने प्रदेश के विकास के लिए 35 लाख करोड़ के एमओयू किए हैं। बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से हर घर को रोशन करना, हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और ग्रामीण व शहरी सड़कों को बेहतर बनाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज की साझेदारी राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगी तथा विकसित भारत 2047 एवं विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश की परिकल्पना के साथ कार्य कर रही हैं। दोनों बैंक के साथ सम्पन्न एमओयू राज्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में भागीरथी प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस कदम से केंद्र और राज्य सरकार के जन हित के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा और विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त (बजट) श्री देबाशीष पृष्टी, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी एवं सीईओ श्री देबदत्त चंद, कार्यकारी निदेशक श्री ललित त्यागी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक श्री रोहित ऋषि सहित दोनो बैंकों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। recent visitors 70

‘पीड़ित मानवता की सेवा में अमिट योगदान’, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने नर्सिंग काउंसिल में नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनावरण किया

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नर्सेज एवं पैरामेडिकल स्टाफ के सभी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती हो और गांव-ढाणी तक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अल्पकाल में ही 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गई है। खींवसर सोमवार को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल के परिसर में आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने काउंसिल परिसर में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा का अनवारण किया एवं पौधारोपण किया। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल पीड़ित मानवता की सेवा की प्रतिमूर्ति थीं। इस क्षेत्र में उनका अमिट योगदान रहा है। उन्होंने न केवल रोगियों की सेवा की, बल्कि अस्पतालों में स्वच्छता और देखभाल के मानकों को भी बेहतर बनाया। क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा की, जिससे उन्हें ‘लेडी विद द लैम्प‘ के रूप में पहचान मिली। उन्होंने नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशा बनाया और महिलाओं को सशक्त भी किया। उनका समर्पण और सेवा सबके लिए प्रेरणादायी है। नर्सिंग सेवा के शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा— श्री खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सेवाओं को विशेष महत्व दे रही है। पूर्ववर्ती सरकार के समय भर्तियां नहीं होने से नर्सिंग सेवाएं चरमरा गई थीं। राज्य सरकार ने मिशन मोड में भर्तियां कर नर्सिंग सेवा के रिक्त पदों को काफी हद तक भर दिया है। शेष रिक्त पदों को भी शीघ्र भर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरने के साथ-साथ पदस्थापन में पूरी पारदर्शिता रखते हुए पोर्टल के माध्यम से नवचयनित कार्मिकों को वरीयता एवं मानवीय मापदण्डों के आधार पर नियुक्तियां दी गई हैं। स्थानांतरण गाइडलाइन एवं पारदर्शिता के साथ— चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य हित में स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पूरी पारदर्शिता एवं गाइडलाइन के आधार पर स्थानांतरण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि महिलाओं, दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों आदि से  पीड़ित कार्मिकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता मिले। भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अधिकारी एवं कार्मिक लंबे समय तक एक स्थान पर पदस्थापित नहीं रहे। सबको स्थानांतरण के माध्यम से राहत मिले। इसके लिए चिकित्सा विभाग स्थानांतरण नीति बना रहा है। मा योजना में जल्द लागू करेंगे पोर्टेबिलिटी की सुविधा— श्री खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक का सर्वाधिक बजट प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को सुगमता के साथ उपचार उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना लागू की है। इसका दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बाहर के नागरिक प्रदेश में आकर एवं यहां के नागरिक बाहर जाकर इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर सकें, इसके लिए जल्द ही पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को संकल्पबद्धता के साथ नई ऊंचाइयां दी जाएंगी। सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के अल्प कार्यकाल में ही चिकित्सा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं, जिनसे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का प्रोफेशन समर्पण, सेवा और विनम्रता का प्रतीक है। यह गौरव की बात है कि हमारे नर्सिंगकर्मी पीड़ित मानवता की सेवा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार श्रीमती भारती सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं नर्सिंग काउंसिल की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर, निदेशक अराजपत्रित श्री राकेश शर्मा, इण्डियन नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसीडेंट श्री जोगिंदर शर्मा, आरएनसी के परीक्षा नियंत्रक श्री अनिल चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं नर्सिंग सेवा के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे। recent visitors 70

ग्रामीणों ने जताया जिला प्रशासन का आभार, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान में जिला प्रशासन ने 50 दिन में खुलवाए 400 रास्ते

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों में जयपुर जिले में जारी रास्ता खालो अभियान आमजन के लिए राहत का दूसरा नाम बन गया है। अभियान के तहत जिला प्रशासन ने समझाइश एवं सहमति से महज 50 दिनों में गांवों, खेतों और ढाणियों के बरसों से बंद पड़े 400 रास्ते खुलवाने में कामयाबी हासिल की है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि अभियान के तहत विगत एक सप्ताह में जयपुर जिले के समस्त तहसीलों में बरसों से बंद 47 रास्ते खुलवाए गए। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी रास्ता खोलो अभियान के सफल क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक आमजन को लाभांवित करने के लिए स्वयं अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रास्ता खोलो अभियान के तहत 15 नवंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 तक जयपुर तहसील में 4 रास्ते, कालवाड़ तहसील में 8 रास्ते, आमेर तहसील में 24 रास्ते, जमवारामगढ़ तहसील में 14 रास्ते, आंधी तहसील में 24 रास्ते, बस्सी तहसील में 15 रास्ते, तूंगा तहसील में 10 रास्ते खुलवाए गए। वहीं, शाहपुरा तहसील में 22 रास्ते, जोबनेर तहसील में 25 रास्ते, किशनगढ़-रेनवाल तहसील में 21 रास्ते, फुलेरा तहसील में 21 रास्ते, रामपुरा-डाबड़ी तहसील में 15 रास्ते, जालसू तहसील में 14 रास्ते, चौमूं तहसील में 27 रास्ते, सांगानेर तहसील में 14 रास्ते खुलवाए गए। सुमन पंवार ने बताया कि चाकसू तहसील में 19 रास्ते, कोटखावदा तहसील में 14 रास्ते, माधोराजपुरा तहसील में 22 रास्ते, दूदू तहसील में 21 रास्ते, मौजमाबाद तहसील में 24 रास्ते एवं फागी तहसील में 42 रास्ते खुलवाए गए। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। recent visitors 83

एनजीटी के आदेशों का पालन जरूरी: सचिव, राजस्थान-मकर संक्राति पर पतंगबाजी के लिए जारी की एडवायजरी

जयपुर। पशुपालन, गोपालन और डेयरी विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए विभाग की ओर से पतंगबाजी को लेकर आमजन हित तथा पक्षियों की सुरक्षा के लिए एडवायजरी जारी की है। जिला कलक्टरों को लिखे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में मकर संक्राति पर्व पर पतंगबाजी के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को जान का खतरा होने की अत्यधिक संभावना रहती है। पतंग उड़ाने के दौरान अत्यधिक धारदार, नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने मांझों एवं उन पर लोहे अथवा कांच के पाउडर की कोटिंग से आमजन एवं पशु पक्षियों को हानि पहुंचने और कई बार जनहानि होने की भी संभावना होती है। साथ ही यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से बने होने के कारण विद्युत सुचालक भी हो जाता है। जिससे विद्युत तारों के संपर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है और विद्युत सप्लाई में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए ऐसी सामग्री से निर्मित मांझों पर तत्काल प्रतिबंधात्मक रोक लगाने की कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की अनुपालना में नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने और सिंथेटिक पदार्थ से लेपित चायनीज और गैर बायो डिग्रेडेबल मांझे या धागे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और प्रतिबंध की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस प्रकार के मांझे के निर्माण, भंडारण और विक्रय तथा उपयोग पर भी तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित वैधानिक प्रावधानों के तहत तत्काल कार्यवाही की जाए। डॉ. शर्मा ने कहा है कि एनजीटी के प्रतिबंधों के बारे में विभिन्न प्रचार माध्यमों से आमजन के बीच में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। आमजन को सूती धागों या बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने धागों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चालाया जाए। डॉ. शर्मा ने घायल पक्षियों के बचाव के लिए विशेष प्रबंध करते हुए उनके ईलाज के लिए सभी जिलों में मकर संक्रांति के अवसर पर पशुपालन विभाग/स्वयंसेवी संस्थाओं/पक्षी प्रेमियों के माध्यम से पक्षी चिकित्सा शिविर लगाने तथा हेल्पलाइन नंबर जारी करने के भी निर्देश दिए हैं। recent visitors 66

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश, राजस्थान-चिकित्सा मंत्री ने आवास पर की जनसुनवाई

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने राजकीय आवास पर जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं और इनका तत्काल प्रभाव से यथोचित निस्तारण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। खींवसर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से आत्मीयता के साथ मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के संबंध आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याणकारी सोच के साथ एक से बढ़कर एक निर्णय ले रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आमजन का जीवन स्तर बेहतर हो और उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कर राहत पहुंचाई जाए। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। विगत अल्प समय में ही गांव—ढाणी तक चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। करीब 21 हजार पदों पर विभाग में नियुक्तियां दी गई हैं और शेष रिक्त पदों के लिए भी  संकल्पबद्ध होकर कार्यवाही की जा रही है। राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर विभाग की ओर से ​मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक भी आमजन सुगमता के साथ जांच और उपचार प्राप्त कर सकें। लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच इन शिविरों के माध्यम से की जा रही हैं और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खींवसर ने जनसुनवाई के दौरान समस्याएं सुनने के साथ ही आमजन से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लें और आयुष्मान राजस्थान के संकल्प को साकार करने के पवित्र उद्देश्य में सहभागी बनें। recent visitors 76

‘स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाना जरूरी’, राजस्थान-राज्यपाल ने स्कूली छात्र—छात्राओं से किया संवाद

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार और विद्यालयी छात्र—छात्राओं को महापुरुषों के जीवन से सिख लेने का आह्वान किया। बागडे ने शनिवार को स्थानीय गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी की। उन्होंने वहां पर आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय जनों को शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल और अन्य सुविधाओं से लाभांवित किए जाने का आह्वान किया। निधोना गांव में राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालय का अवलोकन कर शिक्षा संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद भी किया। इसी तरह बिधूना गांव में चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्होंने एंबुलेंस का लोकार्पण किया। ग्राम पंचायत को एंबुलेंस की चाबियां सौंपते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए योग और व्यायाम अपनाने पर भी जोर दिया। राज्यपाल श्री बागडे का विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने भावभरा अभिनन्दन करते हुए उनके सार्वजनिक सरोकारों और आम जन के लिए समर्पित जीवन की सराहना की। recent visitors 69