जेल सुधार और ओपन जेल पर सेमिनार आयोजित, राजस्थान-राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भवन व मार्ग की सौगात

जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नव निर्मित भवन ‘विधिक सेवा सदन’ का उद्घाटन एवं ‘विधिक सेवा मार्ग’ सड़क का नामकरण न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायाधिपति श्री एम. एम. श्रीवास्तव, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधिपति श्री पंकज भण्डारी, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य न्यायाधिपतिगण राजस्थान उच्च न्यायालय की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने रालसा के नवनिर्मित ​भवन का अवलोकन किया तथा भवन में मौजूद डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने रालसा के नवीन लोगो का अनावरण भी किया। न्यायाधिपति श्री बी. आर. गवई ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित जेल सुधार और ओपन ​जेल के संबंध में सेमिनार, रालसा द्वारा पीरियोडिकल न्यूजपेपर न्याय रो साथी के उद्घाटन समारोह और विशेष योग्यजन बच्चों के लिए शुरू की गयी उड़ान स्कॉलरशिप समारोह को भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पैरा लिगल वॉलेंटियर्स विधिक सेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने रालसा द्वारा ओपन जेल एवं न्यायिक सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए किये जा रहे इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों के लिए रालसा एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। उन्होंने रालसा के नवीन भवन में उपलब्ध कराई जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की भी सराहना करते हुए कहा कि इस सुविधा से ऑनलाइन ही न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने डेली डायरी कम रेडी रेकनर का भी विमोचन किया। इसमें प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले कार्यों एवं महत्वपूर्ण संपर्क की जानकारी दी गई है साथ ही उन्होंने पीएलवी (अधिकार मित्र) को बैजेज वितरीत किये। उन्होंने सेवानिवृत न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री जसराज चोपड़ा द्वारा विधिक कार्यों के लिए दी गयी राशि के लिए धन्यवाद कर उनका सम्मान किया। उन्होंने महिला शिक्षा की दिशा में ज्योतिबा फुले एवं सवि​त्री बाई फुले के योगदान को भी याद किया तथा रालसा के नवीन लोगो 'अधिकार आपका कर्तव्य हमारा' की सराहना की। उन्होंने नालसा के नवीन कैंपेन नेशनवाईड कंपीटीशन फॉर लॉ कोलेजेज इन रील मेकिंग एंड शॉर्ट फिल्म टाइटल-कनेक्टिंग विद द कॉज  के संबंध में जानकारी दी। न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता ने रालसा द्वारा किये गये नवीन पहलों की सराहना करते हुए ई-प्रीजन सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जेलों में जा​तिगत आधार पर काम के बंटवारे पर संज्ञान लेकर इस संबंध में नियमों में संशोधन किये जाने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव ने रालसा के नवनिर्मित भवन के डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की तथा ओपन जेल सिस्टम को राजस्थान में अग्रणी बताया। न्यायाधिपति श्री पंकज भंडारी ने रालसा द्वारा 6 से 18 वर्ष के विशेष योग्यजन बच्चों के लिए 2500 रूपये प्रतिमाह की स्कॉलरशिप देने की शुरूआत करते हुए इसे एक मानवीय पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर श्री पी एस भाटी द्वारा मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव को विधिक सेवा कार्यों को नई दिशा देने के लिए धन्यवाद दिया तथा सेवानिवृत न्यायाधिपति श्री जसराज चोपड़ा एवं उपस्थित सभी अतिथीगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 132

राज्य सरकार एवं विधानसभा के पत्रों को प्राथमिकता से करें डिस्पोजल, राजस्थान-प्रमुख सचिव ने सहकारिता विभाग में कार्य संस्कृति सुधार के दिये टिप्स

जयपुर। प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मंजू राजपाल ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक संकल्प लेना चाहिये कि वे विभाग में राज्य सरकार, लोकायुक्त, विधानसभा आदि के स्तर से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों एवं निर्देशों के संबंध में त्वरित कार्यवाही करेंगे और इनके निस्तारण में लगने वाले समय को न्यूनतम स्तर तक लायेंगे और सहकारिता विभाग को एक उदाहरण के रूप में पेश करेंगे। राजपाल ने शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कहा कि सभी फंक्शनल अधिकारी अनुभाग में प्राप्त पी.यू.सी. के निस्तारण के लिये साप्ताहिक कार्य योजना बनाकर काम करें और उनका दैनिक मॉनिटरिंग भी करें ताकि उनका समयबद्ध तरीके से डिस्पोजल हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये अपने कार्मिकों के बीच कार्य विभाजन को परिभाषित करें और उनके मध्य रोटेशन ऑफ ड्यूटीज भी करते रहें ताकि किसी विशिष्ट अवधि में कार्मिक की अनुपस्थिति से अनुभाग का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, लोकायुक्त कार्यालय एवं विधान सभा से प्राप्त पत्रों, प्रश्नों, निर्देशों के संबंध में संबंधित संस्थाओं और कार्यालयों से सामंजस्य स्थापित करते हुये टाइम बाउण्ड तरीके से निस्तारण किया जावे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में सारगर्भित कार्यालय टीप अंकित की जावे तथा उससे संबंधित विषयों और पत्रों को सही ढंग से फ्लेग किया जावे। ऐसा करने से उच्च स्तर पर त्वरित निर्णय संभव हो सकेंगे। रजिस्ट्रार ने कहा कि सहकारिता विभाग राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में एक महत्वपूर्ण विभाग है और विभाग सहकारी संस्थाओं के सहयोग से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्य निष्पादन प्रदर्शन में सुधार का सीधा प्रभाव योजनाओं के क्रियान्वयन पर पडता है। इसलिये यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है कि हम सभी एक टीम के रूप में कार्य करें और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कर आमजन को अधिक से अधिक राहत दें। recent visitors 71

लम्बित प्रश्नों पर जीरो पेंडेन्सी के साथ आदर्श बनाये, राजस्थान-विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव सहित अधिकारियों की बुलाई उच्च बैठक

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा आमजन की समस्या के समाधान का सशक्त प्लेटफार्म है। विधायकों द्वारा जन समस्याओं के संबंध में उठाये गये मुद्दों के निराकरण विधानसभा के पवित्र सदन में होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारीगण समस्याओं के निराकरण करने में सहयोगी बने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन समय सीमा में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मिशन रूप में कार्य करने से ही राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखाई दे सकेगा। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के जवाब के मामले में उल्लेखनीय सुधार हुए है, लेकिन अभी और अधिक बेहतर किये जाने की आवश्यकता है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी शुक्रवार को यहां विधानसभा में लम्बित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं के संबंध में राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अधिकारियों को दिये सख्‍त निर्देश, जवाब समय सीमा में भेजे- श्री देवनानी ने कहा कि प्रश्नों के जवाब लम्बे समय तक विधानसभा को प्राप्त नहीं होना चिन्ता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को सख्‍त निर्देश दिये कि विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय सीमा में भेजा जाना सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण कार्य है। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र से पहले 20 जनवरी तक सभी प्रश्नों के जवाब  विधानसभा को आवश्यक रूप से भेजे। श्री देवनानी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्वायत्त शासन विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, नगरीय विकास विभाग और गृह विभाग का नाम प्रमुखता से लेकर कहा कि इन विभागों में विधानसभा के प्रकरण अधिक संख्या में लम्बित है। श्री देवनानी ने कहा कि इन विभागों को प्राथमिकता से गम्भीर होकर विधानसभा के मामलों का निस्तारण समय सीमा में करना होगा। श्री देवनानी अधिक प्रश्नों के बकाया जवाबों वाले विभागों के अधिकारियों से रूबरू हुए और उनसे प्रश्नों के जवाब नहीं आने के कारणों की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा की विधानसभा की समितियों की कार्यवाही को भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीरता से लें ताकि ऑडिट पैराओ पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई हो सके। प्रश्नों के मामले में दुबारा ना बुलानी पडे बैठक- श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारी विधानसभा से संबंधित मामलों में इस तरह की मॉनिटरिंग करें की लम्बित प्रश्नों के मामले में भविष्य में अन्य बैठक बुलाने की आवश्यकता ही ना हो। जनहित के मामलों का निस्तारण विधानसभा में समय सीमा में कराया जाना सशक्त लोकतंत्र के लिये आवश्यक है। कैम्प लगाये और निस्तारण करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा से संबंधित प्रश्नों के मामले में विभाग के अधिकारियों के साथ कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य निस्तारण की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि यह गभीर मामले है इन्हें समय से निर्णित किया जाना आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि यदि इन मामलों में कोई समस्या है तो बताये और उसके साथ ही समस्या के निराकरण के मार्ग भी सुझाये, ताकि परिणामदायक कार्य हो सके। विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा के प्रति संवेदनशील बने। सदन में 200 विधायकगण बैठते हैं। राज्य सरकार भी यहां राज्य कार्यों को सम्‍पादित करती है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण विधानसभा को गम्भीरता से ले। अधिनस्थ अधिकारियों की कार्य व्यवस्था को प्रभावी बनाये और परिणाम देने वाला परिश्रम करें। यह विधानसभा है यहां परिणाम धरातल पर आने चाहिए- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा का सदन आमजन का सदन होता है। आमजन विधायकों को निर्वाचित कर विधानसभा में भेजते है। जन समस्याओं का निराकरण आवश्यक रूप से प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है, ताकि धरातल पर परिणाम दिखाई दे सके। देवनानी ने कहा कि तीस दिन विधानसभा चलती है। एक विभाग के लिये पांच दिन का ही समय आता है। विधानसभा से अधिक महत्वपूर्ण कोई कार्य नहीं हो सकता है। विधानसभा में बैठकों के दौरान वरिष्ठ अधिकारीगण दीर्घा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जनता को यथा समय जवाब मिलने पर सन्तुष्टि होती है। प्रदेश के अधिकारीगण अनुभवी है। उनके अनुभवों का लाभ राज्य को होना चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान के लोग धैर्यवान है। उनकी कठिनाईयों का निराकरण करना हम सभी का प्रथम दायित्व है। बोर्ड निगमों के प्रतिवेदन नहीं आने पर जिम्मेदारी तय करें- श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में राज्य के निगमों, बोर्ड आदि के प्रतिवेदन समय पर नहीं आते है। यह ठीक नहीं है। इसे गम्भीरता से ले और जिम्मेदारी तय करें।विभागों में बने प्रकोष्ठों को सुदृढ करें- श्री देवनानी ने अधिकारियों से पूछा कि प्रश्नों के जवाब भेजने में क्या कठिनाई है? क्यों प्रश्नों के जवाब लम्बित रहते है। किस स्तर पर विधानसभा के कार्यों को गम्भीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पीडा है कि प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय सीमा में नहीं आ रहे है। श्री देवनानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग में विधानसभा प्रकोष्ठ संचालित होने के बावजूद भी प्रश्नों के जवाब नहीं आना दु:खद है। राज्य सरकार और विधानसभा का उद्देश्य एक ही है- श्री देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के कार्यों का उद्देश्य एक ही है। विधायकों द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के जवाब तय समय सीमा में आये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विधानसभा के अधिकारीगण प्रश्नों के जवाब में आ रही कठिनाइयों को मिलकर दूर करें और समय पर प्रश्नों के जवाब भेजे जाना सुनिश्चित करें। लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को बनाये रखें- श्री देवनानी ने कहा कि लोकतंत्र में जन महत्वपूर्ण होता है। जनता का लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाये रखने में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आप और हम सभी मिलकर लोकतंत्र के लिए प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रहे है। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा के सदन संचालन से संबंधित किसी भी कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी पर सख्त कार्यवाही होगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रश्नों के सन्दर्भ में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अनेक बार समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार उनके इस कदम में पूरी तरह से सहभागी … Read more

नियम पालन न करने वाले वेटेरिनरी कॉलेजों पर होगी कार्रवाई, राजस्थान-पशुपालन सचिव ने समीक्षा बैठक में दी हिदायत

जयपुर। शुक्रवार को शासन सचिवालय में पशु चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अक्टूबर में इस विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। उसी के फॉलोअप के लिए यह बैठक हुई। बैठक में राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों के अधिष्ठाताओं ने अपने कॉलेजों की प्रस्तुति दी। बैठक में शासन सचिव, पशुपालन, गोपालन और डेयरी डॉ समित शर्मा ने प्रस्तुितयों की सराहना करते हुए कहा कि आप सबने अपना काम शुरू कर दिया है, विश्वास है कि हम जल्द ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। वेटरिनरी कॉलेज को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डॉ शर्मा ने भौतिक और मानव संसाधन के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में काम कर रहे पशु चिकित्सा अधिकारियांे और शिक्षा संस्थानों के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि विभाग द्वारा ई- नॉलेज बैंक बनाया जा रहा है जिससे कोई भी चिकित्सक अगर कोई सर्जरी कर रहा है और उसे किसी इनपुट की आवश्यकता है तो वह इनपुट उसे ऑनलाइन उपलब्ध हो सके। उन्होंने हैंड्सऑन ट्रेनिंग को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि बिना पानी में उतरे कोई व्यक्ति तैरना नहीं सीख सकता। राष्ट्रीय पशु चिकित्सा परिषद के मापदंडों पर काम करते हुए राज्य के पशु चिकित्सा संस्थानों को देश में सर्वाेच्च स्थान पर लाना है। इससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में आधुनिक संरचना के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हमें एप आधारित पठन- पाठन सामग्री का उपयोग करना चाहिए, जिससे हमारे भावी पशु चिकित्सकों में उच्च स्तर की व्यवसायिक दक्षता आ सके। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का समय- समय पर रिफ्रेशर कोर्स और एक्सपोजर विजिट होना चाहिए जिससे उनमें और अच्छा काम करने की ललक पैदा होगी। उन्होंने सभी कॉलेजों को सभी प्रकार के उपकरण और औजार की उपलब्धता और उनका उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि कॉलेज के संचालन और विद्यार्थियांे की एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने मैनेजमेंट कोटे की सीटों को भरने में मनमानी फीस न लेने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि ऐसा होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि सभी कॉलेजों को एमएसवीई निर्देशिका एवं वीसीआई रेगुलेशन, 2016 के अनुसार बायोमीट्रिक उपस्थिति, अध्यापकों की पारदर्शी सूची, आम जनता के लिए कॉलेज स्थित पशु अस्पतालों का उपयोग आदि निर्देशों का पालन करें अन्यथा नियमानुसार कॉलेजों की एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों को स्वीकार करने में हमें कोई गुरेज नहीं करना चाहिए बल्कि उन कमियों को दूर करने का प्रयास करते हुए हमें ऊंचाई की तरफ बढ़ना चाहिए। समस्याएं भी आएंगी पर उन सबका मिलकर सामना करते हुए हम निश्चित रूप से प्रदेश को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में सर्वाेच्च स्थान दिलाने में कामयाब होंगे। बैठक में शासन उप सचिव श्रीमती संतोष करोल, पशुपालन निदेशक  डॉ आनंद सेजरा, राजुवास के प्रो वाइस चांसलर डॉ हेमंत दाधीच, राज्य के विभिन्न पशु चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। recent visitors 90

‘पूर्ण निष्ठा से करें प्रकृति संरक्षण कार्य’, राजस्थान-119वें वनरक्षक प्रशिक्षण के दीक्षांत समारोह में पहुंचे केन्द्रीय पर्यटन मंत्री

जोधपुर/जयपुर। जोधपुर के राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, मंडोर में शुक्रवार को आयोजित 119वीं फॉरेस्ट गार्ड ट्रेनिंग पासिंग आउट परेड में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने पास आउट वन रक्षकों की परेड का निरीक्षण किया एवं परेड की सलामी ली। साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने नवप्रशिक्षित वन रक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें वन और वन्यजीव संरक्षण का जो महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, उसे पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाना होगा। वन संरक्षण की प्रेरणा: अमृता देवी बिश्नोई का स्मरण— केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण है कि आप सभी को प्रशिक्षण उस पवित्र धरती पर मिला है, जहां पर्यावरण रक्षा के लिए श्रीमती अमृता देवी बिश्नोई ने 363 लोगों के साथ अपने प्राणों की आहुति दी थी। हमारी संस्कृति ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतुओं को देवताओं के समान पूजा है, लेकिन समय के साथ भौतिकवाद और गुलामी के कारण हमने अपने इन आदर्शों से दूरी बना ली। पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका— श्री शेखावत ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में ही इस संकट का समाधान निहित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में वन संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के "मां के नाम एक पौधा" अभियान से पौधारोपण के प्रति आमजन का उत्साह बढ़ा है। 491 फॉरेस्ट गार्ड्स ने पूरा किया प्रशिक्षण— 491 चयनित फॉरेस्ट गार्ड्स को 12 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण मिलने पर श्री शेखावत ने उन्हें एक नए जीवन अध्याय की शुभकामनाएं दीं और इस बैच को सौभाग्यशाली बताया तथा कहा कि उन्हें ऐसे परिसर में प्रशिक्षण का अवसर मिला, जिसका नाम स्वर्गीय सुल्तान सिंह से जुड़ा है। वनरक्षक भर्ती परीक्षा—2022 भर्ती के तहत चयनित 141 प्रशिक्षणार्थियों का नवीन बेच आगामी 7 जनवरी से आरपीटीसी मण्डोर जोधपुर में प्रारंभ होने जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 120वें वनरक्षक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ भी मुख्य अतिथि श्री शेखावत द्वारा किया गया। इस दौरान उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री अमित चौहान ने नव प्रशिक्षित वनरक्षकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवायी। प्रशिक्षण का प्रतिवेदन उप वन संरक्षक एवं कोर्स निदेशक श्री दीपक गुप्ता ने प्रस्तुत किया। सुल्तान सिंह स्टेडियम में आयोजित इस समारोह में जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ प्रतिभा सिंह, रेंज आईजी श्री विकास कुमार, जिला कलेक्टर श्री गौरव अग्रवाल, मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। recent visitors 65

शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया संवाद, राजस्थान-कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं

जयपुर। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि कोटा समेत समूचा हाड़ौती अंचल पर्यटन की विपुल सम्भावनाएं समेटे हुए है। कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट एक यूनिक डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। पर्यटन विकास के लिए सरकार के स्तर पर हर सम्भव प्रयास एवं सहयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को शौर्य घाट चम्बल रिवर फ्रंट पर आयोजित हाड़ौती पर्यटन विकास पर संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर रही थी। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में पर्यटन विकास के लिए सबकुछ है। कोटा और बूंदी जिलों में कई हैरिटेज स्थल हैं। यहां अध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ वाईल्ड लाईफ और एडवेंचर पर्यटन की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। हमें इन खूबियों की वैश्विक स्तर पर ब्राडिंग करने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति जारी की जाएगी जिसमें पर्यटन विकास के विविध आयामों को ध्यान में रखा जायेगा। हाड़ौती के पर्यटन के विकास के लिए पर्यटक अथवा ट्रेवल मार्ट के आयोजन किए जाने चाहिए जिनसे यहां पर्यटन स्थलों का प्रभावी तरीके से प्रमोशन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। एयरपोर्ट बनने के बाद कनेक्टिविटी होने से देश-विदेश के पर्यटक अच्छी तादाद में यहां आ सकेंगे। सड़कों की स्थिति में भी व्यापक सुधार लाया गया है और आगे भी इस दिशा में ठोस कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिथि देवो भवः की भावना राजस्थानवासियों में कूट-कूटकर भरी है। इसी का नतीजा है कि पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। इस बार राजस्थान में पर्यटकों की बम्पर आवक हुई है जो उत्साहजनक है। राईजिंग राजस्थान में भी सबसे ज्यादा एमओयू पर्यटन क्षेत्र में हुए हैं। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने सकारात्मक एवं संवेदनशीलता के साथ हमारी भावनाओं को समझा है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले बजट में हमारी अपेक्षाएं अवश्य पूरी होंगी। इस अवसर पर एडीएम सीलिंग श्री कृष्णा शुक्ला, एडीएम सिटी श्री अनिल कुमार सिंघल एवं अन्य अधिकारी, होटल एसोसिएशन एवं पर्यटन से जुड़े कोटा-बूंदी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष श्री हुसैन खान ने कोटा एवं हाड़ौती में पर्यटन एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं हाड़ौती में पर्यटन की सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के कोटा सम्भाग के श्री अशोक माहेश्वरी ने भी कोटा में रिवर फ्रंट सहित अन्य पर्यटक स्थलों को रेखांकित करते हुए पर्यटन विकास की सम्भावनाओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया और सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान एवं व्यापार महासंघ, व्यापार महासंघ अध्यक्ष श्री क्रांति जैन, होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रणविजय सिंह ने उप मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। लाइन प्रोड्यूसर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री सुभाष सोरल ने फिल्म व वेब सीरीज की शूटिंग के मध्यनजर जिलों में एकल खिड़की उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया ताकि राजस्थान में अधिक से अधिक निर्माता शूटिंग के लिए आकर्षित हो। recent visitors 218

प्रदेश के विकास और खुशहाली की कामना की, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल ने श्रीनाथ जी एवं गणेश मन्दिर में किए दर्शन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नववर्ष 2025 के प्रथम दिन बुधवार को सपत्नीक डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर, मुकुट मुखारविंद मन्दिर तथा जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश के विकास और आमजन की खुशहाली की कामना की। शर्मा ने डीग जिले के श्रीनाथ जी मन्दिर में मंगला आरती में शामिल होकर दर्शन किए। उन्होंने मुकुट मुखारविंद मन्दिर में श्री गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जयपुर पहुंचकर मोतीडूंगरी गणेश मन्दिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। recent visitors 75