तिरुमाला ‘लड्डू’ विवाद की जांच कर रही एसआईटी टीम ने मंदिर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया

तिरुपति आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगवान श्री वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह विशेष जांच दल (एसआईटी) की छह सदस्यीय टीम मंदिर की रसोई का निरीक्षण करने पहुंची। तिरुमाला ‘लड्डू’ विवाद की जांच कर रही एसआईटी टीम ने मंदिर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। जांच दल ने मंदिर की रसोई की भी जांच की, जहां पवित्र तिरुमाला श्रीवारी लड्डू (प्रसादम) बनाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीम ने प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जहां लड्डू की गुणवत्ता जांची जाती है। एसआईटी टीम ने आटा मिल का भी निरीक्षण किया। टीम ने श्रीवारी मंदिर में लड्डू पोटू, मंदिर के बाहर बूंदी पोटू, घी स्टोरेज सेंटर और विपणन (मार्केटिंग) गोदाम से साक्ष्य एकत्र कर रही है। वे मंदिर के अधिकारियों से लड्डू बनाने की विधि, घी की खपत, प्रसाद बनाने, घी की आपूर्ति और अन्य मुद्दों पर विवरण भी एकत्र कर रहे हैं। एसआईटी टीम ने आवश्यक रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। ज्ञात हो कि इससे तीन हफ्ते पहले, एसआईटी की एक टीम पवित्र प्रसादम में इस्तेमाल किए जाने वाले घी में मिलावट की जांच करने के लिए तिरुपति गई थी। टीम ने विस्तृत जांच की थी, जिसका उद्देश्य मिलावट के मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाना था। बता दें कि सितंबर में आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में जो प्रसाद भक्तों को लड्डू के रूप में दिया जाता है, उसमें जानवरों की चर्बी और मछली तेल से बनाई जाने वाली घी का उपयोग करने की बात सामने आई थी। मिलावटी घी से बने प्रसाद के खुलासे ने पूरे देश के करोड़ों भक्तों की आस्था पर गहरी चोट पहुंचाई थी। इस बात के सामने आने के बाद से देशभर के साधु-संतों ने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने की मांग शुरू की थी।   recent visitors 70

कलेक्टर ने अवैध खनन व परिवहन रोकने दिखाई सख्ती, राजस्थान-ब्यावर में विशेष जांच दल (SIT) का गठन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा व राज्य सरकार की मंशानुरूप ब्यावर जिले में अवैध खनन परिवहन को लेकर सख्ती है। ब्यावर जिला कलेक्टर डॉ श्री महेंद्र खडगावत ने जिला कलेक्टर का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही अवैध खनन, परिवहन व अतिक्रमण को लेकर सख्ती बरतने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि गत 6 नवंबर को जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के रायपुर क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत प्राप्त करने पर कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग द्वारा 38 करोड़ की बड़ी राशि का जुर्माना लगाया गया। अवैध खनन को शत प्रतिशत रूप से रोकने के लिए जिला कलेक्टर ने गुरुवार को आदेश जारी कर जिला क्षेत्र ब्यावर में अवैध खनन की रोकथाम हेतु ब्यावर जिले के संबधित उपखण्ड क्षेत्र के उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया । विशेष जांच दल में (एसआईटी) उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित वृताधिकारी पुलिस विभाग, संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार व खनिज अभियंता सदस्य होंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के समस्त खनन क्षेत्रों का विशेष जांच दल संबधित उपखण्ड अधिकारियों के निर्देशानुसार जांच करें एवं अवैध खनन पाए जाने पर राज्य सरकार / माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) भोपाल के द्वारा जारी निर्देशों के परिपेक्ष्य में प्रभावी कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें। —— recent visitors 193

लोहारीडीह हत्याकांड कब्र खोदकर निकाला जाएगा नेता का शव, MP High Court ने दिया री-पोस्टमार्टम का आदेश

जबलपुर  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने मृतक शिवप्रसाद साहू की बेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए रिपोस्टमार्टम की अनुमति दी है। साथ ही अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डबल बैंच में हुई। दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मध्यप्रदेश के जूरिडिक्शन में केस फाइल करने की छूट दी थी। याचिकाकर्ता ने रिपोस्टमार्टम की मांग को लेकर एमपी की जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताते हुए कब्र खोदकर शव को निकालने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। इससे पहले इस मामले को सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के निर्णय को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की गई थी। ये है पूरा मामला छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह में एक सप्ताह के अंदर 3 लोगों की अलग-अलग वजह से जान चली गई। 14 सितंबर की दरमियानी रात शिवप्रसाद साहू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र में पेड़ से लटकती मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की जलने से मौत हो गई। वहीं इस मामले में पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के शक में गिरफ्तार किया था। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई थी। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को निलंबित किया। वहीं रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया गया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी और कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया। SIT कर रही जांच लोहारीडीह मामले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया है। जिले के एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम मामले की जांच कर रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ और मध्‍य प्रदेश की पुलिस भी जांच कर रही है। मध्‍य प्रदेश की पुलिस इस मामले में इसलिए जुड़ गई है, क्‍योंकि शिवप्रसाद साहू की लाश एणपी की सीमा पर मिली थी। जिसके चलते मध्‍य प्रदेश की हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है। recent visitors 84