Thursday, July 2, 2026 11:30 pm

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि असाधारण अभियान सुनीता विलियम्स के धैर्य, साहस और विज्ञान के लिए प्रेरणादायी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन की सफल समाप्ति और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह असाधारण अभियान सुनीता विलियम्स के धैर्य, साहस और विज्ञान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की अद्भुत मिसाल है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि नभ के पार गई नारी ने धैर्य को अपना हथियार बनाया और साहस, संकल्प एवं स्वाभिमान से नव इतिहास रच दिया। कठिनाइयों के बावजूद डटे रहना ही सफलता की असली पहचान है। सुनीता विलियम्स ने इस मिशन के माध्यम से विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जोड़ी है। उनकी यह यात्रा न केवल भारत, बल्कि समूचे विश्व के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुनीता विलियम्स की सफलता नारी शक्ति के अदम्य साहस और अटूट इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि भारत की बेटियों और युवाओं को उनके सपनों को ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करेगी। यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान में एक नए युग का संकेत देता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। अंतरिक्ष अन्वेषण और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और यह मिशन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री साय ने अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और इसरो (ISRO) के योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी को सुनीता विलियम्स पर गर्व है। उनकी असाधारण उपलब्धि से भारत का नाम एक बार फिर अंतरिक्ष जगत में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हुआ है। उनकी यह यात्रा विज्ञान और अनुसंधान में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी। recent visitors 19

आज 9 महीने बाद अंतरिक्ष से धरती पर वापसी करेंगीं एस्‍ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स

वाशिंगटन भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आज मंगलवार की शाम धरती पर लौटने वाली हैं. एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं. नासा के अनुसार, सुनीता विलियम्स और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आने वाला अंतरिक्ष यान कुछ ही घंटों में आईएसएस अलग होगा और मंगलवार शाम 5:57 बजे (अमेरिकी समयानुसार) फ्लोरिडा के समुद्र में उतरेगा. भारतीय समय के अनुसार, यह बुधवार तड़के करीब 3 बजे होगा. नासा करेगा सीधा प्रसारण ड्रैगन नामक इस अंतरिक्ष यान का दल रात 11:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) यानी भारत में मंगलवार सुबह 8:45 बजे आईएसएस से अलग होने और हैच बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. नासा अपने स्पेसएक्स कार्यक्रम के तहत इस वापसी यात्रा का सीधा प्रसारण करेगा. यह नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का संयुक्त मिशन है, जिसे "स्पेसएक्स क्रू 9" कहा जाता है. स्थितियों का किया आकलन नासा और स्पेसएक्स ने एजेंसी के क्रू-9 मिशन की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापसी के लिए फ्लोरिडा के तट पर मौसम और स्पलैशडाउन स्थितियों का आकलन करने के लिए रविवार को मुलाकात की। मिशन प्रबंधक 18 मार्च की शाम के लिए पूर्वानुमानित अनुकूल परिस्थितियों के आधार पर क्रू-9 की पहले वापसी के अवसर को लक्षित कर रहे हैं। मिशन प्रबंधक क्षेत्र में मौसम की स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे, क्योंकि ड्रैगन की अनडॉकिंग कई कारकों पर निर्भर करती है। ट्रंप और मस्क का जताया आभार     इनमें अंतरिक्ष यान की तत्परता, रिकवरी टीम की तत्परता, मौसम, समुद्री स्थितियां और अन्य कारक शामिल हैं। नासा और स्पेसएक्स क्रू-9 की वापसी के करीब विशिष्ट स्पलैशडाउन स्थान की पुष्टि करेंगे।     इस बीच, सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर ने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया है। मस्क द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो में विलियम्स ने कहा कि हम जल्द ही वापस आ रहे हैं, इसलिए मेरे बिना कोई योजना न बनाएं। हम जल्द ही वापस आएंगे। ये उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय मूल की दूसरी एस्‍ट्रोनॉट हाल ही में फॉक्स न्यूज पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक साक्षात्कार में मस्क ने कहा, "उन्हें राजनीतिक कारणों से वहां छोड़ दिया गया, जो अच्छा नहीं है." सुनीता विलियम्स, जो इस साल सितंबर में 60 वर्ष की हुईं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध भारतीय मूल की दूसरी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री हैं. उनसे पहले कल्पना चावला यह उपलब्धि हासिल कर चुकी थीं, लेकिन 2003 में कोलंबिया स्पेस शटल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी. सुनीता विलियम्स का जन्म 1965 में हुआ था. उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात से हैं, जबकि उनकी मां उर्सुलाइन बोनी पांड्या (जालोकर) स्लोवेनिया से हैं. सुनीता ने पहली बार 2006 में "डिस्कवरी" स्पेस शटल के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की थी. 1. स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने में कितना समय लगेगा? इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें मौसम के कारण बदलाव भी हो सकता है। नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन को फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी। 3. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को स्पेस स्टेशन पर क्यों भेजा गया था? सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और NASA के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था। 4. बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट कब और कैसे लॉन्च किया गया था? 5 जून 2024 को रात 8:22 बजे एटलस V रॉकेट के जरिए बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट लॉन्च हुआ था। ये 6 जून को रात 11:03 बजे स्पेस स्टेशन पहुंचा था। इसे रात 9:45 बजे पहुंचना था, लेकिन रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टर में परेशानी आ गई थी। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट एटलस V रॉकेट से 5 जून 2024 को भारतीय समयानुसार रात 8:22 बजे लॉन्च हुआ। 5. सुनीता और विल्मोर इतने लंबे समय तक स्पेस में कैसे फंस गए?     स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के 28 रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टरों में से 5 फेल हो गए थे। 25 दिनों में 5 हीलियम लीक भी हुए। हीलियम प्रोपलेंट को थ्रस्टरों तक पहुंचाने के लिए बहुत अहम है। ऐसे में स्पेसक्राफ्ट के सुरक्षित रूप से लौटने पर चिंताएं थी।     डेटा का विश्लेषण करने के बाद, नासा ने फैसला लिया कि स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट सुनीता और बुच विल्मोर को वापस लाने के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए वो अंतरिक्ष यात्रियों के बिना ही स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को 6 सिंतबर 2024 को पृथ्वी पर वापस ले आया।     अब स्पेसएक्स को एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने की जिम्मेदारी दी गई। स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट हर कुछ महीनों में 4 एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन लेकर जाता है और वहां मौजूद पिछला क्रू स्पेस स्टेशन में पहले से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से वापस आ जाता है।     स्पेसएक्स ने जब 28 सितंबर 2024 को क्रू-9 मिशन लॉन्च किया तो इसमें भी 4 एस्ट्रोनॉट जाने वाले थे, लेकिन सुनीता और बुच के लिए दो सीट खाली रखी गई। इनके पहुंचने के बाद क्रू-8 स्पेस स्टेशन में पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से पृथ्वी पर लौट आया।     15 मार्च 2025 को SpaceX ने 4 एस्ट्रोनॉट्स के साथ क्रू-10 मिशन लॉन्च किया। 16 मार्च को ये एस्ट्रोनॉट ISS पहुंच गए। अब क्रू-9 के चारों एस्ट्रोनॉट जिम्मेदारी क्रू-10 को हैंडओवर करने के बाद स्पेस स्टेशन पर सितंबर से पार्क अपने स्पेसक्राफ्ट से लौट रहे हैं। 6. क्रू-10 मिशन को इतनी देरी से क्यों भेजा गया, पहले भी भेज सकते थे? स्पेसएक्स के पास अभी 4 ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट है। एंडेवर, रेजीलिएंस, एंड्योरेंस और फ्रीडम। पांचवें स्पेसक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। क्रू-10 के लिए इसी … Read more

राष्ट्रपति ट्रंप का वादा भी टूटा, फिर टल गई सुनीता विलियम्स की अंतरीक्ष से वापसी, 9 महीने से स्पेस स्टेशन में फंसी हुईं

न्यूयॉर्क अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी एक बार फिर से अटक गई है. अंतरिक्ष में 9 महीने से फंसी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी की बड़ी उम्मीद थी. अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा सुनीता की वापसी सुनिश्चित करने के लिए क्रू-10 नाम का एक स्पेसशिप लॉन्च करने वाली थी. लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से क्रू-10 की लॉन्चिंग को टालनी पड़ी. NASA ने कहा कि क्रू-10 में हाइड्रोलिक सिस्टम में दिक्कत की वजह से इसकी लॉन्चिंग रोकनी पड़ी. भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता की वापसी के लिए क्रू-10 महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य क्रू-9 की जगह लेना है. क्रू-9 से ही अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर स्पेस गए हैं.  नासा ने पहले कहा था कि क्रू-9 अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से तभी वापस आ सकता है जब क्रू-10 अंतरिक्ष में लॉन्च हो जाए. गौरतलब है कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी में स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूचि ले रहे हैं. उन्होंने स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क को भी इसकी जिम्मेदारी दी है. ट्रंप ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि बाइडेन ने सुनीता और बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में ही छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि इस बारे में एलन मस्क से उनकी बात हुई है और वे मस्क ने इसके लिए हामी भर दी है. इसके बाद मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने इस दिशा में काम शुरू किया था और क्रू-10 को लॉन्च करने वाली थी. लेकिन इसकी लॉन्चिंग एक बार फिर से टल गई है.   NASA के अनुसार अब क्रू-10 की अगली लॉन्चिग गुरुवार 17 मार्च को सकती है. हालांकि ये तारीख भी फिक्स नहीं है और  मौसम समेत दूसरे फैक्टर पर ध्यान देना जरूरी होगा. क्रू-10, स्पेस एक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है. बता दें कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल 5 जून को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गई थी. उन्हें एक हफ्ते बाद वापस लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में गड़बड़ी की वजह से वो वहां पर फंस गईं. दोनों एस्ट्रोनॉट्स बोइंग और नासा के जॉइंट क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन पर स्पेस गए थे. इसके बाद उन्हें वापस लाने की कई कोशिशें हो रही हैं. बता दे की सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी सुनिश्चित हो इस दिशा में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। स्पेस एक के मालिक एलन मस्क को भी इस महत्वपूर्ण मिशन में शामिल किया गया है उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। कुछ समय पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि बाइडन ने सुनीता और बुच को अंतरिक्ष में छोड़ा। इस बारे में एलन मस्क से उन्होंने बात करी है और वह भी इस मामले में मदद के लिए तैयार है। गॉडजिला भाई की डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक ने अंतरिक्ष में यह भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। ग्रुप 10 को लॉन्च भी किया जाना था लेकिन इसकी लांचिंग टल गई है। नासा का कहना है कि 17 मार्च को एक बार फिर से इसकी लांचिंग की कोशिश की जा सकती है। हालांकि लॉन्चिंग से पहले मौसम समेत कई अन्य फैक्टर्स पर भी ध्यान दिया जाएगा।   recent visitors 29