एमपी और महाराष्ट्र से आएंगे बाघ-बाघिन, नस्ल सुधार कर बाघों का बढेगा कुनबा

जयपुर. राजस्थान में बाघों की आबादी बढ़ाने और जीन पूल को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से पांच बाघों को राज्य के रामगढ़ विषधारी एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लाने का फैसला किया गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देश, राष्ट्रीय टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी की मंजूरी और तीनों राज्यों की आपसी सहमति के बाद यह फैसला लिया गया। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से तीन वर्ष की बाधिन रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया था। आगामी कुछ दिनों में एक और बाघिन मध्य प्रदेश से लाई जाएगी। इस बाघिन को सड़क मार्ग से लाया जाएगा। इन बाघों को रेडियो कालर लगाकर कुछ दिन वनकर्मियों की निगरानी में रखा जाएगा और फिर खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के पेंच, बांधवगढ़ एवं कान्हा टाइगर रिजर्व से राजस्थान में बाघ लाए जाएंगे। मकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशक सुगनाराम जाट ने बताया कि अंतरराज्यीय स्थानांतरण के तहत 15 फरवरी से पहले एक बाघिन को मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लेकर आने की योजना है। करीब सात सौ किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से 12 घंटे में तय किया जाएगा। इस संबंध में राजस्थान और मध्य प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों के बीच लगातार बात जारी है। पिछले साल दिसंबर में एक बाघिन को स्थानांतरित किया गया था। इस कारण आवश्यक है बाघों का अंतरराज्यीय स्थानांतरणबाघों या किसी भी प्रजाति में इनब्रीडिंग का मतलब होता है करीबी रिश्तेदारों का आपस में प्रजनन। जब बाघों की आबादी कम हो जाती है तो शेष बचे हुए बाघ-बाघिन करीबी रिश्तेदार होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इनब्रीडिंग से बच्चों में जन्मजात समस्याएं हो सकती हैं। जैसे दिल की बीमारी, पैरों की कमजोरी, आकार छोटा होना अथवा शिकार करने की क्षमता कम होना। बाघों में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। बाघिन में गर्भधारण की समस्याएं होती है, कई बार शावकों की जन्म के समय ही मौत हो जाती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

रेंज में बाघ के साथ हाथियों के मूवमेंट ने वन विभाग की मुश्किलें बढ़ाई, बंद कराने पड़े स्कूल और हाट बाजार

 डिंडौरी  सामान्य वनमंडल के एक ही रेंज में मादा बाघ के साथ हाथियों के मूवमेंट ने वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी है। मादा बाघ के रिहायशी क्षेत्र में मूवमेंट व हाथियों के द्वारा घरों व फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीण दहशत में है। वन्यजीवों के बढ़ते मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए आस-पास के विद्यालयों में 25 से 29 नवंबर तक पांच दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं इन वन्यजीवों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इनकी निगरानी के लिए तीन रेंज का अमला तैनात किया गया है। घर से ना निकलने की सलाह खौफ के चलते ग्रामीण खेत, बाजार और स्कूलों से दूरी बना रहे हैं। वन अमला भी ग्रामीणों को घर से नहीं निकलने की समझाइश दे रहा है। बता दें, शुक्रवार से पश्चिम करंजिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत ठाढ़ पथरा वन ग्राम में मादा बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। शुक्रवार सुबह संभर पिता गुलौआ गौड़ के घर के सामने बछिया का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग ने ट्रैप कैमरा लगाया, जिसमें दूसरी बार यहां पहुंची मादा बाघ ट्रैप हुई। फोटो और वीडियो को देखने के बाद बताया गया कि बाघिन की उम्र तीन साल है। हाथियों का उत्पात एक सप्ताह से जारी ग्राम पंचायत पंडरी पानी व ढाढ़पथरा के गांवों अम्हादादर, झिरिया बहरा, इमली टोला व चकरार में हाथियों का उत्पात एक सप्ताह से जारी है। हाथी के दल ने अब ग्राम चकरार के किसानों के खेत की खड़ी फसल को खाकर चौपट करने के साथ शेष खड़ी फसलों को रौंद दिया। वहीं बाघिन की सतत मौजूदगी से ग्रामीण भय में हैं और सर्दी में भी रात जागरण कर रहे हैं। फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हाथी जंगली हाथियों का दल लगातार चकरार, उद्दौर, आम्हा, पंडरीपानी, ख्हारखुदरा, चकमी, ठाढपथरा, इमली टोला सहित दर्जनों गांव में फसलों के साथ घरों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। शनिवार रात हाथियों ने चकरार में प्रमिला गौंड, दिनेश पिता धनेश्वर और दिनेश पिता सुखदेव सिंह नामक किसानों की फसल को क्षति पहुंचाई है। कड़कड़ाती ठंड से दोगुनी मार वर्तमान में जिन क्षेत्रों में हाथियों के दल ने आतंक मचा रखा है वहां के ग्रामीणों चैन सुकून छिन गया हैं। वनांचल के लोगों की मानें तो वे दिन किसी तरह से तो गुजार लेते हैं लेकिन रात होते ही उनके घरों पर हाथियों के हमले का डर सताने लगता हैं। ऐसे में अपनी जान की सलामती के लिए कच्चे मकानों को यूं ही भगवान भरोसे छोड़ मकानों की छतों पर कड़कड़ाती ठंड में तंबू तान रात काटने मजबूर हैं। शुक्रवार की रात में पंडरी पानी, कांदाटोला, केंद्रा बहरा व ठाढ़पथरा के लोगों ने हमले की आशंका से जहां छत में बैठकर जागरण किया वहीं कुछ युवाओं ने अपने घरों की निगरानी के लिए रतजगा किया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल दिन भर जंगल के आसपास रुका रहता हैं, लेकिन शाम होते ही आबादी में घुस रहें हैं ऐसे स्थिति में ग्रामीण बहुत भयभीत हैं। बाजारों में कराई गई मुनादी हाथी और बाघिन के आतंक का वनांचल क्षेत्र ग्रामीणों के मन में फिलहाल डर बैठा हुआ है। फलस्वरूप अब लोग रात की बजाए दिन में भी सुरक्षा की दृष्टि से सूनसान इलाकों में जाने से बच रहें हैं। ग्रामीणों का मानना हैं कि जब तक इन वन्य प्राणियों का यहां से गमन नहीं हो जाता तब तक इस क्षेत्र में इनके हमले की आशंका बरकरार है। ऐसी स्थिति में वे किसी भी सूरत में जान जोखिम में डालकर कोई काम नहीं करना चाहते। इसी क्रम में रविवार को ग्राम पंडरी पानी के साप्ताहिक बाजार में पंचायत द्वारा खतरे को भांपते हुए दुकानदार व ग्राहकों को सतर्क और जागरूक करने के उद्देश्य से कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर सचेत किया गया। पंचायत सचिव दिलीप कुमार मरावी ने बताया कि दो सप्ताह से लगातार इसी प्रकार मुनादी कराई जा रही हैं। रविवार को एक बार फिर मुनादी के बाद जहां सूर्यास्त के पहले दुकानदारों व बाजार करने आए लोग बाजार बंद कर घर की ओर चले गए। रविवार का साप्ताहिक बाजार आम दिनों की अपेक्षा समय से पहले दिन डूबने के पूर्व ही बंद हो गया। मटके का पानी पी गई बाघिन बाघिन ने दो दिन पूर्व शिकार करने के बाद पुनः शनिवार की रात आबादी के अंदर पहुंचकर गौशाला में बंधे पशुओं का शिकार करने का प्रयास किया। इस दरमियान बाघिन ने मटके में रखे पानी को पीकर अपनी प्यास बुझाई है। ग्रामीणों ने बताया कि वह सभी पास के मकान की छत पर वह सुरक्षित होने के लिहाज से बैठ रहे। रात्रि में ज बाघिन ने गौशाला के नजदीक पहुंचकर पशुओं को ले जाने के चक्कर में झपट्टा मारी तो आहट और पशुओं द्वारा चिल्लाने की आवाज आने लगी। तब हमारे द्वारा टार्च के रोशनी और हल्ला मचाया गया। तब बाघिन वहां से हटकर अरहर के खेत में रात भर डेरा जमाएं रहीं और सुबह उजाला होने के पूर्व जंगल में चली गई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46

माधोपुर :रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क से 25 बाघों के लापता होने की खबर आने के बाद हड़कंप मचा

 माधोपुर राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क से 25 बाघों के लापता होने की खबर आने के बाद हड़कंप मच गया है. राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक( chief wildlife warden) पवन उपाध्याय ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. पिछले दिनों  रणथंभौर में टाइगरों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद बाघों के खोजबीन के लिए कमेटी बनायी गई थी. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 टाइगर कैमरा ट्रैप या अन्य माध्यमों से पिछले एक साल से नहीं दिखाई दे रहे हैं. नेशनल पार्क में 14 बाघों के एक साल से ज्यादा समय से ज़िंदा होने के सबूत नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में 25 टाइगरों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है. इस बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए राजस्थान सरकार ने आदेश दिए हैं.  रणथंभौर में कुल 75 टाइगर हैं. जिसमें से 25 बाघों के लापता होने की खबर है. राजस्थान सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का फैसला किया है बाघों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. सवाल ये उठ रहें हैं कि आखिर कैसे एक तिहाई टाइगर एक साल में गायब हो गए. इसको लेकर राजस्थान सरकार का वन विभाग लगातार रणथंभौर के फ़िल्ड डायरेक्टर को पत्र लिख रहा था. लेकिन इस पर संतोषप्रद जवाब नहीं आने की वजह से राजस्थान सरकार ने कमेटी बनाने का फैसला किया है. लापता टाइगरों के बारे में पता करने के लिए चीफ़ वाइल्ड लाइफ़ APCCF राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गई है. जिसमें CCF जयपुर के टी मोहनराज और DCF भरतपुर मान सिंह को कमेटी का सदस्य बनाया गया है. कमेटी को दो महीने के अंदर रिपोर्ट देनी है. अगर जांच के दौरान जरूरत पड़ती है तो विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी.  इस बीच रणथंभौर में मरे हुए टाइगर टी-86 का पोस्टमार्टम हुआ जिसमें कहा गया है कि एक्सप्लोसिव और कुल्हाड़ी से टाइगर की हत्या की गई है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 132