पवन कल्याण की चेतावनी, स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने मंगलवार को राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे न केवल स्थानीय लोगों की रोजगार से बेदखली, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे लोग आधार कार्ड और राशन कार्ड कैसे पा रहे हैं? पवन कल्याण ने कहा, "2017-18 के बीच मुझे खासकर सुनार समुदाय से कई शिकायतें मिलीं कि बंगाल से लोग आंध्र आकर काम करने लगे हैं। शक है कि इनमें से कई म्यांमार से आए रोहिंग्या हैं। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर कोई नेटवर्क काम कर रहा है, जिसकी जांच बेहद जरूरी है। मैंने इस विषय को संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया है।" लोकल के हक पर कब्जा कर रहे घुसपैठिए पवन कल्याण ने स्थानीय युवाओं के रोजगार पर चिंता जताते हुए कहा, “तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जब अपने ही लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार नहीं हैं, तब हम अवैध घुसपैठियों को ये अवसर नहीं दे सकते।” दक्षिण भारत बना सॉफ्ट टारगेट उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत पहले से सॉफ्ट टारगेट रहा है। "कोयंबटूर और हैदराबाद जैसे शहरों में हम पहले ही धमाके देख चुके हैं। काकीनाडा पोर्ट पर संभावित खतरे की जानकारी मैंने डीजीपी को दी थी। बाद में तेलंगाना और आंध्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध को पकड़ा भी।" पवन कल्याण ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि "स्थानीयों की रोजगार प्राथमिकता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। अवैध घुसपैठ को लेकर निर्णायक और सतर्क रवैया अपनाना जरूरी है।" recent visitors 43

अभिषेक-राठी विवाद तो कुछ नहीं, IPL में हो चुके हैं ये 7 बड़े कांड, श्रीसंत को थप्पड़, शाहरुख खान का पंगा, स्पॉट फिक्सिंग

नई दिल्ली सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा और लखनऊ सुपर जॉइंट्स के दिग्वेश राठी के बीच मैच के दौरान गरमागरमी का मामला चर्चा में है। सोमवार को मैच के दौरान राठी ने शर्मा को आउट करने के बाद आक्रामक और उकसावे वाले ढंग से उन्हें पवैलियन लौटने का इशारा किया। नोटबुक सेलिब्रेशन भी किया। फिर दोनों के बीच मैदान में ही हाथपाई जैसी नौबत आ गई। भला हो अंपायर और वहां मौजूदा बाकी खिलाड़ियों का जिन्होंने ये नौबत नहीं आने दी। वैसे अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी का विवाद तो कुछ भी नहीं है। आईपीएल में एक से बढ़कर एक कांड हो चुके हैं। आइए देखते हैं ऐसी ही कुछ 7 बड़ी घटनाएं। 1- पहले ही सीजन में गूंजा थप्पड़ कांड आईपीएल इतिहास के कुछ बहुत ही गरमागरमी वाले क्षणों और विवादों की बात करें तो 2008 के हरभजन सिंह-श्रीसंत थप्पड़ कांड के जिक्र के बिना हर लिस्ट अधूरी होगी। उसी साल आईपीएल ने जन्म लिया था। मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के मैच के भज्जी ने श्रीसंत को कथित तौर पर थप्पड़ जड़ दिया था। भज्जी मुंबई इंडियंस में थे और उनकी टीम हार गई थी। हार के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के श्रीसंत ने स्टार ऑफ स्पिनर को चिढ़ाते हुए 'हार्ड-लक भज्जी पा' कह दिया था। उसी के बाद हरभजन सिंह ने थप्पड़ जड़ा था जिसके बाद श्रीसंत बच्चों की तरह रोते दिखे थे। 2- स्पॉट फिक्सिंग आईपीएल को शुरू हुए अभी 5 साल ही हुए थे कि उसका दामन स्पॉट-फिक्सिंग से दागदार हो गया। 2013 में कुछ खिलाड़ियों ने कुछ विशेष तरह की भाव-भंगिमाओं और हरकतों जैसे थोड़ी बहुत स्ट्रेचिंग, ट्राउजर से टॉवल लटकाना आदि से इशारा करके स्पॉट फिक्सिंग किया था। इस मामले में एस श्रीसंत गिरफ्तार भी हुए थे। बीसीसीआई ने श्रीसंत, अंकित चाह्वाण और अजीत चंदीला पर जीवनभर के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, श्रीसंत अदालत चले गए और उनका आजीवन प्रतिबंध घटकर 7 साल का हो गया। 3- शाहरुख खान का पंगा आईपीएल 2012 के दौरान बॉलीवुड सुपर स्टार और किंग खान के नाम से चर्चित शाहरुख खान पर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर 5 साल का प्रतिबंध लगा था। यह प्रतिबंध मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी को लेकर लगाया था। हालांकि, शाहरुख खान का कहना था कि सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बच्चों के समूह के साथ दुर्व्यवहार किया। बच्चों के ग्रुप में उनकी बेटी सुहाना खान भी शामिल थी। बाद में 2015 में शाहरुख खान से प्रतिबंध हटा लिया गया। बॉलिवुड स्टार आईपीएल की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक हैं। जब आईपीएल के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों से उलझ पड़े थे शाहरुख खानजब विराट कोहली और गौतम गंभीर आपस में ही भिड़ गए थे 5- जब कैप्टन कूल ने खो दिया कूल महेंद्र सिंह धोनी को कैप्टन कूल कहा जाता है लेकिन आईपीएल 2019 के दौरान एक मैच में वह कूल नहीं रह पाए। उनकी कप्तानी वाली सीएसके का राजस्थान रॉयल्स से मैच था। मैच में आखिर की 3 गेंद बची थीं। सीएसके 152 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। उसे जीत के लिए 3 गेंदों में 8 रन चाहिए थे और हाथ में बचे थे 4 विकेट। सैंटनर बल्लेबाजी कर रहे थे। आरआर के बेन स्टोक्स ने फुल टॉस फेंकी। अंपायर ने ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से गेंद को नो बॉल करार दे दिया। इसी बीच लेग अंपायर ने कह दिया कि नो बॉल नहीं है, वैध गेंद है। गेंद नो है या नहीं, इसे लेकर कन्फ्यूजन हो गया। आखिरकार लेग अंपायर का फैसला मान्य हुआ। इसी दौरान डगआउट में बैठे महेंद्र सिंह धोनी दौड़ते हुए फील्ड में आ गए और अंपायरों से बहस करने लगे। इस वजह से उनके खिलाफ मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगा था। खैर, उस मैच को चेन्नई 4 विकेट से जीतने में कामयाब हुई थी। 6- आर अश्विन की 'माकंडिंग' आईपीएल 2019 में ही 'माकंडिंग' को लेकर काफी विवाद हुआ था। राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब का मैच था। विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर नॉन स्ट्राइक एंड पर थे। आर अश्विन गेंदबाजी कर रहे थे। उनके हाथ से गेंद अभी छूटती, उससे पहले ही बटलर दौड़ चुके थे। अश्विन ने गेंद रोक ली और गिल्लियां बिखेर दी। उनकी अपील के बाद थर्ड अंपायर ने जोस बटलर का आउट करार दिया गया। क्रिकेट की रूल बुक के हिसाब से ऐसी स्थिति में बल्लेबाज आउट है। लेकिन इस विवाद के वक्त नैतिकता के सवाल उठाए गए। कुछ लोगों ने 'नैतिकता' नहीं दिखाने के लिए अश्विन की आलोचना की थी। उस पर बहस अब भी जब-तब छिड़ जाती है। पहली बार आईपीएल में कोई इस तरह आउट हुआ था 7- यूसुफ पठान 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' विवाद आईपीएल 2013 के दौरान एक मैच में यूसुफ पठान बल्लेबाजी कर रहे थे। रन लेने के दौरान उन्होंने फील्डर की तरफ से फेंकी गई गेंद को हाथ से रोक दिया। विरोधी टीम ने आउट की अपील की। 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' नियम ऐसी ही स्थिति में लागू होता है। थर्ड अंपायर ने पठान को आउट करार दिया। इस तरह युसुफ पठान आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी हो गए जो 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' नियम के तहत आउट हुए। recent visitors 44

विल जैक्स, रेयान रिकेल्टन और कॉर्बिन बॉश के रिप्लेसमेंट का ऐलान- 26 मई को मुंबई का अंतिम लीग मैच

नई दिल्ली आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के कुछ विदेशी खिलाड़ी 26 मई को अपने देश लौट जाएंगे। 26 मई को मुंबई का अंतिम लीग मैच भी है। इसके बाद अगर मुंबई इंडियंस प्लेऑफ के लिए क्वॉलीफाई करती है तो उसे विदेशी खिलाड़ियों की जरूरत पड़ेगी। इसको देखते हुए उसने विकल्प के तौर पर जॉनी बेयरस्टो, रिचर्ड ग्लीसन और चरिथ असलंका को अनुबंधित किया है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के विल जैक्स और दक्षिण अफ्रीका के रेयान रिकेल्टन और कॉर्बिन बॉश 26 मई को पंजाब किंग्स के खिलाफ मुंबई के अंतिम लीग मैच के बाद वापस लौट जाएंगे। जॉनी बेयरस्टो के लिए भारी कीमत आईपीएल की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक जैक्स की जगह इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो लेंगे जो 5.25 करोड़ रुपए में टीम में शामिल होंगे। विज्ञप्ति में कहा गया कि इंग्लैंड के तेज गेंदबाज रिचर्ड ग्लीसन एक करोड़ रुपए के आधार मूल्य पर रेयान रिकेल्टन जबकि श्रीलंकाई बल्लेबाज चरिथ असलंका 75 लाख रुपए में कॉर्बिन बॉश की जगह लेंगे। विल जैक्स, रेयान रिकेल्टन और कार्बिन बॉश ने मुंबई के लिए इस सीजन में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। खासतौर पर विल जैक्स और रिकेल्टन ने। इन दोनों ने शीर्ष क्रम में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए बेहद जरूरी रन बनाए थे। रिकेल्टन ने विकेटों के पीछे भी अच्छे से जिम्मेदारी संभाली थी। टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है एमआई तीनों वैकल्पिक खिलाड़ी प्लेऑफ चरण से ही उपलब्ध होंगे, बशर्ते कि मुंबई इंडियंस नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई कर ले। अगर बात करें मुंबई इंडियंस की तो यह टीम अभी अंक तालिका में शीर्ष चार में है। प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की करने के लिए उसे बुधवार को दिल्ली कैपिटल्स को हराना होगा। वहीं, दिल्ली के लिए भी प्लेऑफ में जगह पक्की करने की शर्त यही है कि वह अपने बचे हुए दोनों मैचों में जीत दर्ज कर ले। वहीं, मुंबई की टीम अगर अपने दोनों मैच जीत लेती और बाकी मैचों के परिणाम भी उसके अनुकूल रहते हैं तो वह प्वॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में भी फिनिश कर सकती है। recent visitors 45

स्वर्ण मंदिर पर आर्मी अफसर के दावे को SGPC और मुख्य ग्रंथी ने बताया झूठ, बोले- जांच कराएंगे

अमृतसर सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी कुन्हा के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोल्डन टेंपल के ऊपर एयर डिफेंस गन्स तैनात की गई थीं। उनका कहना था कि इन गन्स को तैनात करने के लिए मंजूरी मुख्य ग्रंथी और मैनेजमेंट से ली गई थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से स्वर्ण मंदिर को टारगेट किया गया था। उसके ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया था और फिर उसके हमलों को आसमान में ही नाकाम कर दिया गया। अब स्वर्ण मंदिर के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने इस दावे को ही खारिज कर दिया है। ज्ञानी रघबीर सिंह का कहना है कि जिस दौरान परमिशन लेने की बात कही जा रही है, उस समय वह देश में ही नहीं थे। उन्होंने सेना अधिकारी पर ही आरोप लगा दिया कि वह झूठ बोल रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एसपीजीसी से डिमांड की है कि इस मामले में जांच कराई जाए। उनके अलावा अकाल तख्त के कार्य़वाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गारगज का भी कहना है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, जैसा दावा सेना के अधिकारी ने किया है। इसके अलावा एसजीपीसी चीफ का कहना है कि ऐसी कोई परमिशन नहीं ली गई और ना ही ऐसा कोई वाकया हुआ है। इससे पहले सोमवार को भी एसजीपीसी ने कहा था कि पाकिस्तान या फिर भारत की सेना गोल्डन टेंपल पर अटैक के बारे में सोच भी नहीं सकते। संस्था का कहना था कि स्वर्ण मंदिर तो जीवन बख्शने वाली जगह है। वहां पर कोई सेना हमला करने के बारे में सोच भी नहीं सकती। बता दें कि सुमेर इवान डी कुन्हा भारतीय सेना के वायुरक्षा महानिदेशक हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि पूरा पाकिस्तान ही भारत की रेंज में है और भले ही पाकिस्तानी सेना अपना मुख्यालय कहीं भी स्थानांतरित कर ले। यदि भारत ने आक्रमण करना चाहा तो वह बच नहीं सकेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना को 'गहरा गड्ढा' खोजना होगा, जिसमें छिपा जा सके। recent visitors 49

ऑपरेशन सिंदूर वाली टीम के लिए ममता बनर्जी ने दी सहमति, विदेश दौरे में TMC से अभिषेक होंगे शामिल

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर का सच दुनिया के सामने रखने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी से अभिषेक बनर्जी शामिल होंगे। सूत्रों का कहना है कि टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी को भेजने पर सहमत हो गई हैं। इससे पहले ममता बनर्जी ने इस प्रतिनिधिमंडल से दूरी बना ली थी। खबर यह भी थी कि उन्होंने यूसुफ पठान को भी जाने से रोक दिया था। मोदी सरकार की इस टीम में यूसुफ पठान का नाम शामिल किया गया था। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने खुद इस मामले में ममता बनर्जी से बात की थी। उन्होंने टीएमसी की तरफ से प्रतिनिधि को लेकर फैसला लेने की अपील की थी। ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के भारत के रुख को सामने रखने के लिए गठित केंद्र के बहुदलीय राजनयिक मिशन का बहिष्कार नहीं कर रही हैं और केंद्र से औपचारिक अनुरोध प्राप्त होने पर अपने प्रतिनिधि भेजेंगी। टीएमसी ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रतिनिधिमंडलों में पार्टी के उम्मीदवार का फैसला केंद्र को नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर अनुरोध हमारे पास आता है, तो निश्चित रूप से हम इस पर विचार कर सकते हैं। हम हमेशा केंद्र सरकार की नीति (विदेश मामलों पर) का समर्थन करते हैं। अगर कुछ खास होगा, तो हम इस पर विचार करेंगे, लेकिन अभी नहीं। फिलहाल, हम केंद्र सरकार के विचारों और उनके द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन कर रहे हैं।’ बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को किसी पार्टी के प्रतिनिधियों को चुनने का कोई अधिकार नहीं है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ देश की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के रुख को सभी के सामने रखने के लिए पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों या ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व करने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों को विदेश भेजना चाहिए। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने संवाददाताओं के सामने दोहराया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय हित, सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने और संप्रभुता की रक्षा के मामलों में सरकार के साथ खड़ी है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘हालांकि, जहां तक संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का सवाल है केंद्र एकतरफा फैसला नहीं कर सकता कि किस पार्टी से किसे चुना जाएगा। उन्हें नाम मांगने होंगे और सभी राजनीतिक दलों, खासकर विपक्षी खेमे के साथ व्यापक विचार-विमर्श की व्यवस्था करनी होगी।’ डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा था कि अगर पार्टी से संपर्क किया जाता है, तो तृणमूल ‘‘निश्चित रूप से’’ अपने सदस्यों को प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में भेजेगी। बता दें कि केंद्र जो टीम बनाई है उसमें कांग्रेस से शशि थरूर, जेडीयू से संजय झा, बीजेपी से रविशंकर प्रसाद, डीएमके से कनिमोझी और एनसीपी-एसपी से सुप्रिया सुले का नाम शामिल है।  recent visitors 52

मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ

इंदौर इंदौर के राजवाड़ा में आयोजित मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक का शुभारंभ लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के नमन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजवाड़ा के समीप स्थित उद्यान में देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल तथा जगदीश देवड़ा सहित मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट और अन्य मंत्रीगणों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्यों का मालवी परम्परा के अनुरूप पगड़ी पहनाकर स्वागत-सत्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रीगणों ने इस स्मृति को चिर स्थायी बनाये रखने के लिये सामूहिक फोटो भी खिंचवाये। मुख्यमंत्री ने राजवाड़ा के दरबार हाल के जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के गौरव राजवाड़ा के प्रसिद्ध दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना कार्य का शुभारंभ किया। यह कार्य संस्कृति विभाग के पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा प्रदेश की समृद्ध, सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण की दिशा में कराया जा रहा है। इससे दरबार हॉल के गौरव को पुन: लौटाया जायेगा। दरबार हॉल के लिये 11 करोड़ 21 लाख रूपये सिंहस्थ मद के तहत स्वीकृत किये गये हैं। यह कार्य होने से इंदौर की पहचान होल्करकालीन स्थापत्य की कला को उसका मूल भव्य स्वरूप प्राप्त होगा। सांस्कृतिक गतिविधियों, धरोहर भ्रमण और विरासत पर्यटन के एक सक्रिय केन्द्र के रूप से पुनः: विकसित किया जायेगा।   recent visitors 26

चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा- ऐसा नहीं है कि सरकारी नियंत्रण में जाने से उपासना का अधिकार प्रभावित होगा

नई दिल्ली वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर सुनवाई शुरू हुई है। इस मामले की सुनवाई पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना कर रहे थे, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट से पहले मौजूदा सीजेआई बीआर गवई की बेंच को केस सौंप दिया। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस ऐक्ट के माध्यम से वक्फ की संपत्तियां ही कब्जा कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि वक्फ का अर्थ अल्लाह के लिए समर्पण से है। यदि कोई वक्फ में अपनी संपत्ति देता है तो वह एक तरह से अल्लाह के लिए दान है और उसका इस्तेमाल नहीं बदला जा सकता। वक्फ की संपत्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। एक बार जो संपत्ति वक्फ रहती है, वह हमेशा वक्फ ही कहलाती है। उसमें बदलाव संभव नहीं है। कपिल सिब्बल ने वक्फ ऐक्ट को गलत ठहराते हुए कहा, 'इसे यह कहते हुए लाया गया है कि वक्फ का इससे संरक्षण होगा, लेकिन उससे तो कब्जा होगा। इस कानून को ऐसे बनाया गया है कि बिना किसी प्रक्रिया के ही वक्फ की संपत्ति को लिया जा सके। कोई संपत्ति वक्फ है या नहीं। यह तय करने वाला एक सरकारी अधिकारी होगा। यदि वह कोई फैसला इधर-उधर कर दे तो वक्फ संपत्ति पर विवाद हो सकता है। आइए अब बात करें कि आखिर वक्फ क्या है। वक्फ तो अल्लाह के प्रति एक समर्पण है। इसे किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।' खजुराहो मंदिर का चीफ जस्टिस गवई ने क्यों किया जिक्र केस की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने एक दलील प्राचीन स्थलों को लेकर भी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ऐतिहासिक स्मारक हैं, उन्हें पहले जब सरकार के नियंत्रण में लिया जाता था, तब भी उनका वक्फ का दर्जा खत्म नहीं होता था। अब यदि किसी वक्फ संपत्ति को स्मारक का दर्जा मिलेगा तो फिर उसे वक्फ नहीं माना जाएगा। फिर एक बार जब वक्फ का दर्जा समाप्त हो जाएगा तो लोगों को प्रार्थना करने से रोक दिया जाएगा। इस तरह स्वतंत्रता के साथ उपासना करने का अधिकार प्रभावित होगा। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकारी नियंत्रण में जाने से उपासना का अधिकार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि खजुराहो फिलहाल संरक्षित स्मारक है। इसके बाद भी वहां के मंदिर में आम लोग जाकर पूजा कर सकते हैं। recent visitors 41