सरकारी एलिमेंट्री स्कूल और गांव जंगवाल में आंगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील का निरीक्षण खाद्य आयोग के चेयरमैन ने किया, मची खलबली

लुधियाना पंजाब खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने शनिवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के सरकारी एलिमेंट्री स्कूल और गांव जंगवाल में आंगनवाड़ी केंद्र में मिड-डे मील का निरीक्षण किया। शर्मा ने जांच के दौरान साफ-सफाई, अनाज के भंडारण और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को मिड-डे मील रसोई में उचित सफाई बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सर्दियों की सब्जियों के पत्तों को पानी में उबाला जाना चाहिए और रसोइयों को गाजर, लाल मिर्च और शलजम के पत्तों का पानी छात्रों को देना चाहिए, जिससे अधिकारियों को कोई खर्च नहीं आएगा और अच्छा पोषण मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों को लोगों के बीच किचन गार्डनिंग को बढ़ावा देने और सीखने की सलाह भी दी। चेयरमैन ने मिड-डे मील की नियमित जांच पर भी जोर दिया और स्कूलों में भोजन परीक्षण रजिस्टर रखने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और भोजन तैयार करते समय स्वच्छता बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि छात्रों की स्वास्थ्य जांच और स्कूलों में मिड-डे मील वर्करों की हर छह महीने में मेडिकल जांच की जाए। उन्होंने अधिकारियों से मध्याह्न भोजन के दौरान विद्यार्थियों को ताजी सब्जियां/फल उपलब्ध कराने को भी कहा। recent visitors 115

MP में डॉक्‍टर: मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने की तैयारी कर रही

भोपाल राज्य सरकार ने आगामी वर्षों में 14 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। इनमें पांच तो अगले वर्ष ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। कॉलेज शुरू करने में सबसे बड़ी चुनौती यहां फैकल्टी के उच्च पदों को भरना है। इसके लिए सरकार छोटे और पिछड़े जिलों के मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता देने की तैयारी कर रही है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय शीघ्र ही इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। क्‍यों बन रहे हैं ये हालात इस वर्ष प्रारंभ हुए सिवनी, नीमच और मंदसौर मेडिकल कालेज में फैकल्टी की कमी के चलते एमबीबीएस की 100 सीटों की अनुमति ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल पाई, जबकि चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने 150-150 सीटों के लिए आवेदन किया था। सबसे अधिक परेशानी एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद भरने में आ रही है। नीमच, सिवनी, मंदसौर मेडिकल कॉलेजों से हुआ साबित दूरस्थ क्षेत्र के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डाॅक्टरों को सरकार पहले से ही अतिरिक्त भत्ता दे रही है। दरअसल, निजी प्रैक्टिस के मोह में बड़े डाॅक्टर छोटे जिलों में नहीं जाना चाहते। नीमच, सिवनी और मंदसौर मेडिकल कॉलेज में यह साबित हो चुका है। इस कारण मजबूरी में सरकार नीति बनाने की तैयारी कर रही है। नहीं मिल पाते फैकल्‍टी     नए कॉलेजों में पहले वर्ष तो गैर चिकित्सकीय विषय एनाॅटमी, फिजियोलाजी और बायोकेमेस्ट्री में ही फैकल्टी की आवश्यकता होती है।     लेकिन आगे के वर्षों के लिए चिकित्सकीय विषय जैसे मेडिसिन, सर्जरी आदि विषयों में फैकल्टी नहीं मिल पाते।     प्रोत्साहन राशि के संबंध में विस्तृत रूपरेखा बनने के बाद तय होगा कि किन जिलों को पिछड़े के श्रेणी में रखा जाएगा।     यहां काम करने वाले फैकल्टी को कितना लाभ मिलेगा।   recent visitors 92

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर की घटना पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के निर्माणाधीन आईटीसी होटल के किचन में गैस पाइप लाइन टेस्टिंग के दौरान आग लगने की घटना में एक महिला की असामयिक मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतक महिला के शोकाकुल परिजन के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घायलों को बेहतर उपचार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसके लिए जिला प्रशासन जबलपुर को समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा होटल संचालकों से सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश भी दिए हैं।   recent visitors 56

81 लाख किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया आभार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्राप्त राशि से प्रदेश के 81 लाख किसानों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए चलाई गई किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 20 हजार करोड़ की राशि मध्यप्रदेश के किसानों के खाते अंतरित की गई। डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।   recent visitors 60

रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल वीरांगना रानी दुर्गावती की  500वीं जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले के जबेरा तहसील स्थित सिंगौरगढ़ के किले के हाथी दरवाजा का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती के इतिहास पर केन्द्रित पुरातत्व विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रीगणों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रानी दुर्गावती के इतिहास और शौर्य से रू-ब-रू हुए। मुख्यमंत्री ने हाथी दरवाजा पर विजिटर पंजी में लिखा कि अद्भुत दृश्य, ऐतिहासिक किला, रानी दुर्गावती  और अन्य पुरातत्व महत्व के स्थानों पर आकर खासकर मंत्रीगणों के साथ आना अत्यंत आनंददायक रहा। इतिहास बना। रानी दुर्गावती जयंती अद्वितीय मनी। मंत्रीगणों द्वारा भी शुभकामनाएं लिखी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती की जयंती एक ऐतिहासिक दिन है। कई योजनाएं भी रानी दुर्गावती के नाम पर संचालित होगी। उन्होंने कहा कि इस स्थल पर प्रदेश और देश से लोग आएं तथा रानी दुर्गावती के गौरवान्वित करने वाले इतिहास से अवगत हो। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रीगणों को बधाई दी और कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को नए केलेवर में विकसित किया जाएगा। किले की उम्र कई सौ साल होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं। रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। किले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ दूरी पर सिंगौरगढ़ जलाशय है यहां आज भी बारह महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती की वीरता के किस्से और प्रसिद्धि अब भी चहुंओर फैली है। recent visitors 67

पंजाब के स्कूल को बम से उड़ाने की मिली धमकी, स्कूल में छुट्टी घोषित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई

लुधियाना लुधियाना के एक स्कूल को बम (Bomb) से उड़ाने की मिली धमकी से आज सनसनी फैल गई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन में भी भगदड़ मच गई। इसी के चलते स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। अब इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, स्कूल को बम (Bomb) से उड़ाने की धमकी देने वाला कोई आतंकी संगठन नहीं, बल्कि स्कूल का ही एक छात्र निकला। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मामले को ट्रेस कर लिया है और 15 साल के बच्चे को राउंडअप कर लिया है। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कोई जानकारी सांझा नहीं कर रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह स्कूल में ही पढ़ने वाले एक छात्र की शरारत थी। स्कूल से छुट्टी पाने के लिए उसने यह कारनामा किया। उसने फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर स्कूल के प्रिंसिपल को बताया कि स्कूल में बम है, जिसके बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई। बता दें, सदर के इलाके में सथित आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बम से उड़ने की धमकी मिली। स्कूल प्रिंसिपल की ईमेल आईडी पर किसी ने मैसेज भेजा है और कहा है की 5 अक्तूबर को स्कूल बम से उड़ा दिया जाएगा। उधर, पुलिस ने ईमेल आईडी की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों से पता चला है की यह मेल एक मोबाइल से बेजी गई है। जोकि नंबर बिहार का है।  recent visitors 57

ग्रामीणों ने जहां चुनाव का बहिष्कार का फैसला लिया वहीं प्रशासन पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया

भिवानी बाढड़ा विधानसभा के गांव रामलवास में अवैध माइनिंग व जल दोहन के खिलाफ ग्रामीणों में रोष बरकरार है। ग्रामीणों ने जहां चुनाव का बहिष्कार का फैसला लिया वहीं प्रशासन पर ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीण गांव के मतदान केंद्र के बाहर डेरा डाले हुए हैं। मतदान के दिन दोपहर तक कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं पहुंचा। वहीं प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया गया। बावजूद इसके किसी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला। जल दोहन पर रोक लगाने की मांग कर रहे रहे ग्रामीण बता दे कि रामलवास के ग्रामीण अवैध माइनिंग व जल दोहन के खिलाफ बीते करीब एक माह से धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि अवैध माइनिंग व जल दोहन के कारण भूमिगत जलस्तर लगातार गहराता चला जा रहा है और पेयजल की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। भविष्य में उन पर पेयजल संकट का खतरा मंडराने लगा है। उसी के चलते वे अवैध माइनिंग व जल दोहन पर रोक लगाने के लिए धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा संबंधित सभी विभागों को अवगत करवा चुके हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से भी बैठकें हो चुकी हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिला है। जिसके चलते ग्रामीण मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। गांव रामलवास में 1083 वोटर हैं और प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है। सरपंच प्रतिनिधि बोले सिर्फ आश्वासन ही मिला गांव के सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार ने बताया कि अवैध जल दोहन व अवैध माइनिंग का समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्कार किया गया है। बताया कि प्रशासन द्वारा 8 अक्टूबर के बाद उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन मिला था लेकिन ग्रामीण उससे संतुष्ट नहीं हैं और मतदान का बहिष्कार करने के निर्णय पर अडिग हैं। चुनाव के बहिष्कार के निर्णय के साथ नेताओं की एंट्री भी गांव में बैन कर दी थी। जिसके चलते उनके गांव में किसी भी नेता ने पहुंचकर प्रचार नहीं किया है।   recent visitors 50