असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा वाली टिप्पणी करने के लिए यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए यति नरसिंहानंद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करने वाले पीएम मोदी को यति नरसिंहानंद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उसे गिरफ्तार करना चाहिए। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात की। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले यति नरसिंहानंद और अन्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि साबित हो सके कि वे पक्षपाती नहीं हैं। ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पूरे देश में नबी की शान में गुस्ताखी करने वालों को सपोर्ट करेगी और भारत की सबसे बड़ी माइनॉरिटी के जज्बात को ठेस पहुचायेंगे तो ये सरासर नाकाबिल-ए-कबूल है। यति नरसिंहानंद को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। ये लोग देश को कमजोर कर रहे हैं और संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में पार्टी विधायकों और विधान पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद पुलिस आयुक्त से मुलाकात की और यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ लिखित ज्ञापन दिया। एआईएमआईएम नेताओं ने पुलिस आयुक्त को बताया कि नरसिंहानंद सरस्वती ने दूसरे समुदाय को पैगंबर मोहम्मद का पुतला जलाने के लिए उकसाया, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया। उन्होंने मांग की कि हैदराबाद पुलिस उत्तर प्रदेश में एक टीम भेजे, यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार करे और उसे हैदराबाद लाए। ओवैसी ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने एक वरिष्ठ अधिकारी को इस संबंध में साइबर सेल में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। एआईएमआईएम नेताओं ने भड़काऊ बयानों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि ये सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से सरस्वती के खिलाफ उनकी भड़काऊ टिप्पणियों के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सांप्रदायिक भावनाएं और न भड़कें। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि यति नरसिंहानंद ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक और अत्यधिक निंदनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। ओवैसी ने याद दिलाया कि यति नरसिंहानंद को पहले भी भड़काऊ भाषण के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत की एक शर्त यह थी कि वे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि उनकी जमानत रद्द की जाए। उन्होंने कहा, "हमने यह भी अनुरोध किया कि यति नरसिंहानंद की ईशनिंदा वाली टिप्पणियों के वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वे प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करेंगे।" recent visitors 68

पंचायत चुनावों के बीच ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना

संगरूर पंचायत चुनाव के दौरान गांव घराचों में सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से फैसला लेकर दलजीत सिंह घुम्मन को गांव का सरपंच चुना है। ग्रामीणों के इस फैसले से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सर्वसम्मति से सरपंच चुनने की अपील को और बल मिल गया है। आपको बता दें कि संगरूर जिले में पड़ता घराचो गांव मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओ.एस.डी. राजबीर सिंह घुम्मण और ओ.एस.डी. सुखवीर सिंह का पैतृक गांव  है। बता दें कि राज्य के 13,237 ग्राम पंचायतों के लिए 15 अक्टूबर 2024 को मतदान होगा। चुनाव की अधिसूचना 27 सितंबर को जारी हुई थी। वहीं 4 अक्टूबर को नामांकन भरने की अंतिम तिथि थी।   recent visitors 56

भरतपुर जिले के उच्चैन थाना इलाके में स्कूल बस में मौजूद छात्र-छात्राओं से मारपीट का मामला, छात्राओं के कपड़ फाड़े

भरतपुर भरतपुर जिले में 'अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास' वाला राजस्थान पुलिस का यह स्लोगन उल्टा साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है । या यूं कहे कि अब जिले में बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो रहा है । लिहाजा, अब बड़ा सवाल ये है कि अब आमजन की रक्षा कौन करें ? क्योंकि बदमाशों में तो पुलिस का डर रहा नहीं, ऐसे में बदमाश अपनी मनमानी करने के लिए कहीं पर भी किसी भी घटना को अंजाम देने में बाज नहीं आते हैं । मारपीट में दो छात्रों के आई चोटें दरअसल, भरतपुर जिले के उच्चैन थाना इलाके में स्कूल बस में मौजूद छात्र-छात्राओं से मारपीट का मामला सामने आया है । आपके पूरा वाकया बताते चले कि कुछ बदमाश छात्रों से भरी स्कूल बस में चढ़ गए । इतना ही नहीं बदमाशों ने छात्राओं के कपड़े तक फाड़ डाले । इस दौरान छात्रों ने बदमाशों का विरोध किया तो बदमाशों ने छात्रों को भी पीटना शुरू कर दिया । हालांकि मारपीट में दो छात्रों के चोटें भी आई है । वहीं बस ड्राइवर ने थाने में बदमाशों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा दिया है । हथियारों के बल पर बदमाशों ने रुकवाई स्कूली बस मिली जानकारी के मुताबिक कार और बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने बस को रुकवा दिया, इसके बाद हथियारों से लैस बदमाशों ने बस में चढ़कर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ करते हुए उनके कपड़े तक फाड़ डाले और छात्रों के साथ मारपीट कर मौके से फरार हो गए । वहीं बताया जा रहा है कि घटना के बाद उधर से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम का काफिला जा रहा था। तो छात्रों ने मंत्री के काफिले को रुकवाकर मामले की शिकायत की । हालांकि गृह राज्य मंत्री ने थानाधिकारी को मौके पर ही जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए । 10-15 बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम स्कूल के ड्राइवर हरगोविंद ने मामला दर्ज करवाते हुए बताया, कि आज स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने के लिए दोपहर दो बजे रवाना हुआ। जिसके बाद बस में एक छात्र कुछ लोगों को कॉल कर रहा था। छात्र उन्हें बस की लोकेशन के बारे में बता रहा था। जब बस नगला और जयचौली के बीच में आई तो एक ईको गाड़ी और तीन-चार बाइक पर पर 15 से 20 लोग सवार थे। उन बदमाशों ने बस को रुकवाया और बस में घुस गए। जिसके बाद जो छात्र बस में फोन पर बस की लोकेशन दे रहा था। वह बदमाशों के साथ मिलकर बच्चियों के कपड़े फाड़ने लगा। जब बस में सवार अन्य छात्रों ने बदमाशों का विरोध किया तो फोन करने वाला छात्र और बदमाश सभी छात्रों को पीटने लगे। बदमाशों ने छात्रों पर तान दी पिस्टल ड्राइवर ने बताया कि बदमाशों के पास देसी कट्टे,लाठी,डंडे, पिस्टल और पंच थे। बदमाशों ने अन्य छात्रों की कनपटी पर पिस्टल तान दी। बताया जा रहा है कि फोन पर बात करने वाला छात्र पिछले तीन दिन से इन बदमाशों को बस की लोकेशन भेज रहा था। वहीं ड्राइवर हरगोविंद ने बताया की आज उसे स्कूल से सैलरी मिली थी। बदमाश उसके पास से 10 हजार रुपए को भी लूट कर भाग गए। जिसके बाद बस का ड्राइवर छात्र और छात्राओं से भरी बस को लेकर उच्चैन थाने पर पहुंचा। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम बयाना से भरतपुर की तरफ आ रहे थे। छात्र-छात्राओं ने उन्हें रोक लिया और घटना के बारे में बताया। जिसके बाद गृह राज्य मंत्री ने उच्चैन थाना अधिकारी प्रदीप कुमार को जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। recent visitors 108

यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है: जयशंकर

नई दिल्ली मध्य पूर्व में चल रहे हमास और इजरायल के बीच के संघर्ष ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारी चिंता पैदा कर दी है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह संघर्ष सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने इसे "गहरी चिंता का विषय" बताया, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत मिडिल ईस्ट की इस जंग का फायदा नहीं उठा रहा है बल्कि इससे उसे नुकसान ही हो रहा है। मिडिल ईस्ट की जंग का फायदा नहीं उठा रहा भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "मध्य पूर्व आज एक अवसर नहीं, बल्कि गहरी चिंता का क्षेत्र है। संघर्ष बढ़ता जा रहा है और इसका असर केवल वहीं नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर पड़ रहा है।" उन्होंने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चैन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों को आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है – पहले हमने एक आतंकी हमला देखा, फिर उसकी प्रतिक्रिया हुई, उसके बाद गाजा में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। अब हम देख रहे हैं कि यह संघर्ष लेबनान तक फैल गया है, जहां इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। वहीं, हूथी विद्रोही लाल सागर में हमले कर रहे हैं।" जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष वैश्विक समस्याओं को जन्म दे रहा है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, और यह मानना गलत होगा कि कोई निष्पक्ष रहकर इससे लाभ उठा सकता है। वैश्वीकरण के इस युग में, किसी भी हिस्से में होने वाला संघर्ष कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे हिस्सों पर असर डालता है। इससे किसी न किसी प्रकार की सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।" जयशंकर ने आगे कहा कि आज दुनिया भर में हो रहे संघर्ष, चाहे वह यूक्रेन में हो या मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में, यह अस्थिरता के बड़े कारक बन चुके हैं। उन्होंने कहा, "यह पूरी दुनिया के लिए, जिसमें हम भी शामिल हैं, चिंता का विषय है।" हमास-इजरायल संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल पर अचानक हमला कर दिया, जिससे एक हजार से ज्यादा लोग हताहत हुए और बड़े पैमाने पर विध्वंस हुआ। इस हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा पर तीव्र हवाई हमले और जमीनी ऑपरेशनों की शुरुआत की। इन हमलों में हमास की संरचनाओं और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इस संघर्ष ने गाजा पट्टी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। अब यह जंग लेबनाने से होते हुए ईरान तक पहुंच चुकी है। यह संघर्ष सिर्फ हमास और इजरायल तक सीमित नहीं रहा है। इसके विस्तार के रूप में लेबनान और ईरान के बीच भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के प्रमुख ही इजरायली हमले में मौत के बाद स्थिति को और भी जटिल बन गई। हाल ही में ईरान ने इजरायल पर 200 के करीब मिसाइलों से हमला किया था। साथ ही, हौथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में भी हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर भी खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, और यहां की अस्थिरता भारत की तेल आपूर्ति पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा, भारत के लाखों प्रवासी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और भविष्य भी इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इस संघर्ष के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक प्रयासों में तेजी लाने की अपील की है। recent visitors 82

पुणे की अदालत ने सावरकर मानहानि मामले में अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा

पुणे पुणे की एक विशेष अदालत ने विनायक दामोदर सावरकर के पोते द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को तलब किया है, जिसमें कांग्रेस नेता पर सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने गांधी को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने को कहा। पिछले साल सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ पुणे की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। पिछले महीने यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एफएमएफसी) अदालत से सांसदों और विधायकों के लिए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने बताया कि संयुक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमोल शिंदे की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने गांधी के खिलाफ समन जारी करते हुए कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत दंडनीय आरोप का जवाब देने के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है और उनका 23 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है। अपनी शिकायत में सात्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में दिए अपने भाषण में दावा किया था कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच-छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सात्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वी डी सावरकर ने कभी भी, कहीं भी ऐसी कोई बात नहीं लिखी। उन्होंने गांधी के आरोप को ‘‘काल्पनिक, झूठा और दुर्भावनापूर्ण’’ करार दिया। अदालत ने पुलिस को आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। विश्रामबाग पुलिस थाने ने जांच की और कहा कि प्रथम दृष्टया शिकायत में सच्चाई है।   recent visitors 72

अशोक तंवर ने कहा- हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है

सिरसा (हरियाणा) हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ। कांग्रेस नेता अशोक तंवर ने यहां अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्र से बाहर निकलने के बाद अशोक तंवर ने मीडिया से बात की। उन्होंने दावा किया, "हरियाणा में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है। इस बार प्रदेश में ‘हाथ बदलेगा हालत’। प्रदेश में परिवर्तन का माहौल दिख रहा है। कांग्रेस 75 सीटें जीत रही है और यह संख्या बढ़ भी सकती है। अशोक तंवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आज सिरसा में अपने बूथ पर पहुंच कर हरियाणा के उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान किया। इस दौरान सिरसा से प्रत्याशी गोकुल सेतिया भी साथ रहे। आप भी लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा अवश्य लें और राहुल गांधी तथा कांग्रेस की 'नफरत छोड़ो -भारत जोड़ो' और सबको न्याय देने की मुहिम द्वारा हरियाणा प्रदेश में उन्नति और खुशहाली लाने के लिए मतदान करें।" सिरसा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गोकुल सेतिया ने कहा, "पिछले चुनाव में कांग्रेस की 30 से 31 सीटें आई थीं। इसके अलावा कुल 10 सीटें ऐसी थीं जहां जीत और हार का अंतर कुछ हजार वोटों का था। मैं पिछले चुनाव में 600 वोट के अंतर से रह गया था। यहां की जनता ने भी महसूस किया है कि स्थानीय विधायक ने कोई काम नहीं कराया जिससे सिरसा के लोगों को परेशानी हुई। अब उन चीजों से जनता भी छुटकारा पाना चाहती है। मुझे पिछले चुनावों में भी जनता का भारी समर्थन मिला था। इस चुनाव में भी समर्थन मिल रहा है। मुझे बनाने वाले सिरसा के लोग हैं। मेरा विजन यह है कि मैं क्षेत्र की जनता के लिए काम करूंगा। सिरसा आने वाले समय में विकास की बुलंदियों को छुएगा।" बता दें कि हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद भारतीय चुनाव आयोग 8 अक्टूबर को परिणाम घोषित करेगा। recent visitors 61

अब होगी इजराइली तकनीक से सिंचाई, सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी, इसे ड्रिप तकनीक कहते है

नोएडा नोएडा में इजराइल की तकनीक से सिंचाई होगी और इसके लिए नोएडा प्राधिकरण एक प्लान तैयार कर रहा है। सीएसआर फंड के जरिए इस तकनीक से सिंचाई की जाएगी। इसे ड्रिप तकनीक कहते है। इसी के जरिए नोएडा एक्सप्रेस-वे के सेंट्रल वर्ज पर सिचाई का काम किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने अपने सलाहकार को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा है। जानकारी के मुताबिक इस तकनीक से सिंचाई के फायदे है। जिसमें पानी की बचत सबसे ज्यादा होती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे का अधिकांश हिस्सा नोएडा में आता है। वर्तमान में यहां टैंकर के जरिए सिचाईं की जाती है। इस तरह से सिचाईं करना पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही हाइ स्पीड एक्सप्रेस-वे पर ये अन्य वाहनों के लिए घातक है। इसलिए यहां ड्रिप सिंचाई कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए सर्विस लेन पर एक टैंकर बनाया जाएगा। जिसमें एसटीपी से लाया गया पानी स्टोर होगा। इस पानी को फिल्टर किया जाएगा। फिल्टर पानी दूसरी पाइप लाइन के जरिए एक्सप्रेस वे की सेंट्रल वर्ज तक जाएगा। इस पाइप में कुछ-कुछ दूरी पर छेद होते है। इन छेदों से पानी ड्रॉप-ड्रॉप करके जमीन पर पानी जाता है। जिससे पौधों को पानी मिलता है। साथ ही पानी की बर्बादी नहीं होती। ड्रिप सिंचाई की एक आधुनिक तकनीक है । जिसमें पानी पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचाया जाता है। इसे टपक सिंचाई या बूंद-बूंद सिंचाई भी कहा जाता है। ड्रिप सिंचाई में पानी की बर्बादी कम होती है और पौधों को जरूरी मात्रा में पानी मिलता है। इसके खर्च की बात करें तो सिर्फ टैंकर और पानी सप्लाई के पाइप की आवश्यकता होती है। इस टैंकर से पानी सप्लाई का काम मशीनों से किया जाता है। इसे इको फ्रेंडली बनाने के लिए मशीन ऑपरेशन का सारा काम सोलर एनर्जी से किया जाएगा। ड्रिप सिंचाई में पानी और पोषक तत्वों को पाइपों के जरिए खेत में पहुंचाया जाता है। इन पाइपों को ड्रिप लाइन कहा जाता है। ड्रिप लाइन में छोटे-छोटे एमिटर होते हैं, जो पानी और उर्वरक की बूंदें छोड़ते हैं। ड्रिप सिंचाई में पानी की मात्रा और दबाव को नियंत्रित किया जा सकता है। ड्रिप सिंचाई में पानी का रिसाव कम होता है और वाष्पीकरण भी कम होता है। ड्रिप सिंचाई से पौधों की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होता है। ड्रिप सिंचाई से फल जल्दी पकते हैं और स्वस्थ होते हैं।   recent visitors 81