मेरठ : मेडिकल कॉलेज स्टाफ से मारपीट, 250 रेजिडेंट डॉक्टर्स का इस्तीफा, इमरजेंसी

मेरठ  उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोमवार देर रात अस्पताल की इमरजेंसी में एक महिला मरीज की मौत हो गई। इसको लेकर तीमारदारों ने जूनियर डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया था। एक जूनियर डॉक्टर ने हंगामा करने से मना किया, जिस पर तीमारदारों और डॉक्टर्स के बीच मारपीट हो गई। इसमे एक जूनियर डॉक्टर का सिर फूट गया। इसके बाद डॉक्टर भड़क गए और डॉक्टरों ने तीमारदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न होने पर 250 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों को पता चला कि आरोपी तीमारदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार करते हुए ओपीडी से बाहर आकर परिसर में धरना शुरू कर दिया। इलाज के लिए आए मरीज एक कमरे से दूसरे कमरे में भटकते रहे, लेकिन उनका उपचार नहीं हो पाया। 250 डॉक्टर ने दिया सामूहिक इस्तीफा कार्रवाई की मांग को लेकर सभी जूनियर 250 डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देकर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान मेडिकल कॉलेज में एक तीमारदार अपने मरीज लेकर पहुंचा। उपचार न मिलने पर गुस्सा जाहिर करते हुए डॉक्टरों को अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। इतना सुनते डॉक्टर भड़क गए और उन्होंने पुलिस के सामने ही तीमारदार की पिटाई करते हुए गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी। जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे आरोपी जूनियर डॉक्टरों ने मृत महिला के तीमारदारों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं एसपी सिटी ने कहा कि तहरीर के आधार पर मृत महिला के बेटे और उसके दोस्त के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। जल्द ही उन्हे गिरफ्तार कर लिए जाएंगे । recent visitors 74

अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट

टीवीएस मोटर की बिक्री सितंबर में 20 प्रतिशत बढ़ी टाटा मोटर्स की घरेलू वाहन बिक्री सितंबर में 15 प्रतिशत घटी अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट चेन्नई  दोपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली टीवीएस मोटर ने सितंबर, 2024 में 4,82,495 इकाइयों की खुदरा बिक्री की। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि इस दौरान उसने बिक्री में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। टीवीएस मोटर ने पिछले साल इसी महीने में 4,02,553 इकाइयों की बिक्री की थी। पिछले महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 42 प्रतिशत बढ़कर 28,901 इकाई हो गई, जो पिछले साल इसी महीने में 20,356 इकाई थी। सितंबर, 2024 में कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 4,71,792 इकाई हो गई। घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री 23 प्रतिशत बढ़ी। इस दौरान मोटरसाइकिलों की बिक्री 23 प्रतिशत और स्कूटर की बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ी। सितंबर, 2024 में कंपनी का निर्यात 11 प्रतिशत बढ़ा। सितंबर, 2024 में तिपहिया वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 15,598 इकाई से घटकर 10,703 इकाई रह गई। टाटा मोटर्स की घरेलू वाहन बिक्री सितंबर में 15 प्रतिशत घटी  घरेलू वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स की सितंबर महीने में कुल घरेलू बिक्री 15 प्रतिशत घटकर 69,694 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी महीने में 82,023 इकाइयों की बिक्री हुई थी। टाटा मोटर्स ने मंगलवार को बयान में कहा कि उसने घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक समेत कुल 41,063 यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री की जो सितंबर, 2023 के 44,809 वाहनों की तुलना में आठ प्रतिशत कम है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यात्री वाहन उद्योग ने खुदरा बिक्री में एक साल पहले की दूसरी तिमाही की तुलना में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी। ऐसा उपभोक्ता मांग धीमी होने और मौसमी कारकों की वजह से हुआ। घरेलू बाजार में टाटा मोटर्स के कुल वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) की बिक्री सितंबर में 28,631 इकाई रही, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 37,214 इकाई थी। इस तरह इस खंड में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है। टाटा मोटर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों की घरेलू बिक्री 79,931 इकाई रही, जो वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही की बिक्री से 19 प्रतिशत कम है। अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट  वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता अशोक लेलैंड की सितंबर में निर्यात सहित कुल बिक्री सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,233 इकाई रही। कंपनी ने बयान में यह जानकारी दी। सितंबर, 2023 में कंपनी की कुल वाहन बिक्री 19,202 इकाई रही थी। पिछले महीने निर्यात सहित मध्यम तथा भारी वाणिज्यिक वाहनों (एमएंडएचसीवी) की बिक्री 11,077 इकाई थी, जो सितंबर, 2023 में बेची गई 12,752 एमएंडएचसीवी की तुलना में 13 प्रतिशत की गिरावट है। कंपनी ने बताया कि सितंबर, 2024 में हल्के वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री (घरेलू व निर्यात) 6,156 इकाई रही जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 6,450 इकाई थी। अशोक लेलैंड ने कहा कि कंपनी की घरेलू बिक्री (एमएंडएचसीवी व एलसीवी) समीक्षाधीन महीने में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत घटकर 16,041 वाहन रह गई, जो सितंबर, 2023 में 18,193 वाहन थी। recent visitors 75

नोएडा में एनकाउंटर, अब DLF मॉल के पास पुलिस के निशाने से घायल हुआ बदमाश, पैर में लगी गोली

नोएडा नोएडा में बीती रात दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए.  वहीं, एक बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि फरार बदमाश की तलाश के लिए पुलिस द्वारा सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के कब्जे से चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किया है. पहली मुठभेड़ थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के अंतर्गत डीएलएफ मॉल के पास हुई, जब पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास कर रही थी. बदमाश की पहचान अजीत के रूप में हुई, जो रेकी कर दोपहिया वाहनों की चोरी और उनसे चेन व मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देता था. पुलिस द्वारा रोके जाने पर अजीत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और भागने का प्रयास किया. जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया. अजीत मुख्य रूप से सेक्टर 16A फिल्म सिटी को निशाना बनाकर चोरी की वारदातें करता था. दूसरी मुठभेड़ थाना 126 क्षेत्र में पुस्ता रोड पर हुई, जहां बाइक सवार दो बदमाश फैक्ट्री और घरों में चोरी और राहगीरों के साथ लूट की घटनाओं में शामिल थे. पुलिस ने जब उन्हें चेकिंग के दौरान रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की. इस दौरान उनकी बाइक डिवाइडर से टकराकर फिसल गई. पुलिस की जवाबी फायरिंग में गौरव उर्फ तुषार नामक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया. गौरव को भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार बदमाश की तलाश जारी है.   recent visitors 109

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। ताजा सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2022-23 में रोजगार बढ़कर 1.84 करोड़ हो गया है, जो कि 2021-22 में 1.72 करोड़ पर था। वित्त वर्ष 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 55 प्रतिशत रोजगार के अवसर तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में थे। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के इंडस्ट्रीज के वार्षिक सर्वे (एएसआई) के मुताबिक, इंडस्ट्रीयल आउटपुट में पिछले साल के मुकाबले 21 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 7.3 प्रतिशत बढ़ा है। सर्वे के मुताबिक, 2022-23 में 2021-22 के मुकाबले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इनपुट 24.4 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, इस दौरान आउटपुट में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। 2022-23 में धातु, पेट्रोलियम, खाद्य उत्पाद, केमिकल और केमिकल उत्पाद और मोटर वाहन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है। समीक्षा अवधि में सेक्टर के कुल आउटपुट में इन इंडस्ट्री का योगदान 58 प्रतिशत था। इनके आउटपुट में 24.5 प्रतिशत और जीवीए में सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। एएसआई के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाले लोगों की संख्या महामारी के पहले (2018-19) के आंकड़े से 22.14 लाख अधिक हो गई है। 2022-23 में जीवीए में महाराष्ट्र पूरे भारत में शीर्ष पर रहा है। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का नाम है। वित्त वर्ष 23 में ज्यादातर आर्थिक आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें निवेशित पूंजी, इनपुट, आउटपुट, जीवीए और रोजगार शामिल हैं।     recent visitors 90

सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में समन जारी

मुंबई  महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक अदालत ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले में उन्हें समन जारी किया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नासिक, दीपाली परिमल केडुस्कर ने गांधी को इस संबंध में एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि ‘‘एक देशभक्त व्यक्ति के खिलाफ दिया गया बयान प्रथम दृष्टया अपमानजनक प्रतीत होता है।’’ गांधी को मामले की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से या अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होना होगा, जिस पर अभी निर्णय होना बाकी है। शिकायतकर्ता एक गैर सरकारी संगठन के निदेशक हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने हिंगोली में गांधी द्वारा संबोधित एक संवाददाता सम्मेलन और नवंबर 2022 में कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए भाषण को सुना और देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने इन दोनों मौकों पर अपने भाषण और दृश्य चित्रणों से वीर सावरकर की प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और समाज में उनकी छवि को धूमिल करने की भी कोशिश की। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांधी ने कहा कि ‘‘सावरकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिन्न हैं’’ और यह टिप्पणी मानहानिकारक प्रतीत होती है। शिकायतकर्ता ने कहा कि गांधी ने इसके बाद आरोप लगाया कि ‘‘सावरकर ने हाथ जोड़कर रिहाई के लिए प्रार्थना की और उन्होंने ब्रिटिश सरकार के लिए काम करने का वादा भी किया।’’ अदालत ने सभी दलीलों पर गौर करने के बाद कहा, ‘‘रिकॉर्ड में प्रस्तुत साक्ष्यों पर गौर करने पर, अभियुक्त द्वारा एक देशभक्त व्यक्ति के खिलाफ दिए गए बयान प्रथम दृष्टया मानहानिकारक प्रतीत होते हैं।’’ मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले में कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार हैं। इसके बाद अदालत ने गांधी के खिलाफ मानहानि और जानबूझकर अपमानित करने से संबंधित धाराओं के तहत नोटिस जारी किया।     recent visitors 82

महंगी सब्जी- प्याज टमाटर से लाल और आलू सब सब्जियों के दाम बढ़े, जेब काटते वेजिटेबल्स के लेटेस्ट रेट

दिल्ली देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम आदमी को महंगाई का झटका लगने जा रहा है। एक तरफ जहां एलपीजी गैस सिलेंडर के कीमतों में इजाफा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ मंडियों में हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मंडियों में प्याज, टमाटर के साथ ही अब धनिया, शिमला मिर्च, पालक और लौकी जैसी सामान्य सब्जियों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। इन दिनों हरा धनिया 200 से 300 रुपए, लहसुन 300 से 400 रुपए, मेथी 200 से 250 रुपए, हरा मटर 200 से 240 रुपए प्रति किलो के भाव से फुटकर में बेचा जा रहा है। इसी तरह हरी मिर्च, गोभी, सेमी, पालक, परमल 60 से 80 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहे हैं। जबकि आलू, प्याज व टमाटर में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं बाजार में टमाटर के दाम अभी भी 50 से 60 रुपए प्रति किलों और प्याज के दाम 60 से 70 रुपए प्रति किलों बने हुए है। दरअसल, बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं क्योंकि बारिश की वजह से कटाई, तुड़वाई और पैकेजिंग प्रभावित होती है। इसके अलावा, परिवहन में व्यवधान के कारण सब्जियों की बर्बादी बढ़ जाती है। इससे कीमतों पर और असर पड़ता है। इस साल भीषण गर्मी ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। एशिया की सबसे बड़ी सब्जी और फल थोक मंडी आजादपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि, पिछले एक महीने में सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि इसकी खेती होने वाले इलाकों में अत्यधिक बारिश ने फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले दो हफ्तों से मंडी में आवक कम हुई है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के मद्देनजर यह उछाल नजर आ रहा है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बारिश की नई सब्जियां आने के बाद आवक बढ़ने पर भाव में गिरावट की संभावना की जा सकती है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि, खरीफ टमाटर की बुआई आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पिछले साल की तुलना में पिछड़ रही है। महाराष्ट्र में टमाटर में कीटों और बीमारियों की समस्या अधिक है, जिससे आपूर्ति में कमी आई है। चूंकि खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमतें बढ़ने लगी है, इसलिए सरकार मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जी बेचकर हस्तक्षेप कर सकती है, जैसा कि पिछले महीने किया गया था। हाल ही में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने भी कहा था कि हम कीमतों पर नजर रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेंगे। सब्जियों की कीमतें एक नजर में सब्जी थोक (रुपये) खुदरा (रुपये) आलू 26—28 35—40 प्याज 48—50 60—70 टमाटर 40—50 50—60 हरा धनिया 150—200 200—300 हरी मिर्च 40—45 60—80 अदरक 40—50 90—150 लहसुन 250—300 300—400 फूल गोभी 35—40 60—80 लौकी 25—30 40—50 recent visitors 75

डिफेंस डायलॉग के दौरान सेना प्रमुख ने कहा कि वर्तमान स्थिति संवेदनशील बनी हुई है

नई दिल्ली भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के मुताबिक चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति स्थिर, लेकिन सामान्य नहीं है। दिल्ली कैंट में मंगलवार को चाणक्य रक्षा संवाद में बोलते हुए, जनरल द्विवेदी ने यह बात कही। डिफेंस डायलॉग के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इसके साथ ही सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार है। गौरतलब है कि मई 2020 में भारत चीन सीमा पर सैन्य गतिरोध शुरू हुआ था। जनरल द्विवेदी ने बताया कि भारत का लक्ष्य मई 2020 में शुरू हुए सैन्य गतिरोध से पहले की स्थिति को बहाल करना है। इसमें लैंड ऑक्यूपेशन, बफर जोन और पेट्रोलिंग की स्थितियों को पहले की स्थिति में बहाल करना है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि जब तक उस स्थिति की बहाली नहीं हो जाती, वहां स्थिति संवेदनशील बनी रहेगी। सीमा पर चीन के संदर्भ में जनरल द्विवेदी ने कहा, “स्थिति स्थिर है, लेकिन सामान्य नहीं है और संवेदनशील है। अगर ऐसा है तो हम क्या चाहते हैं, हम चाहते हैं कि अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बहाल हो। चीन के साथ, आपको प्रतिस्पर्धा, सहयोग, सह-अस्तित्व, टकराव और प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। इसलिए जब तक वह स्थिति बहाल नहीं हो जाती, जहां तक हमारा सवाल है, स्थिति संवेदनशील रहेगी और हम (सेना) किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।” जनरल द्विवेदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ता के बावजूद, किसी भी समझौते का क्रियान्वयन जमीन पर सैन्य कमांडरों पर निर्भर करता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कूटनीतिक वार्ता से सकारात्मक संकेत मिले हैं। बावजूद इसके अभी तक सेनाओं की पूरी तरह से वापसी नहीं हो सकी है। चीन के साथ सीमा मुद्दे पर चर्चा करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि हम चाह रहे हैं कि अप्रैल 2020 से पहले जो स्थिति थी, वह बहाल हो। इसलिए जब तक वह स्थिति बहाल नहीं हो जाती, जहां तक हमारा सवाल है, स्थिति संवेदनशील बनी रहेगी और हम पूरी तरह से परिचालन के लिए तैयार हैं। वहीं चीन द्वारा आधुनिक सीमावर्ती गांव बसाए जाने की भी खबर है। आर्मी चीफ ने भारतीय सीमावर्ती गांवों के विषय में कहा कि हमारे देश में इस तरह के मॉडल विलेज बनते आ रहे हैं। अब राज्य सरकारों को भी संसाधन जोड़ने का अधिकार है। अब सेना, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार की निगरानी सब एक साथ जारी है, इसलिए अब जो नए मॉडल विलेज बन रहे हैं, वे और भी बेहतर होंगे। जम्मू-कश्मीर पर आर्मी चीफ ने कहा कि आर्टिकल 370 हटने के बाद अब वहां स्कूली बच्चों को मालूम हैं कि उन्हें कौन सा झंडा ड्रॉ करना है। भारतीय सेना प्रमुख का कहना है कि उन्हें लगता है कि हम शांति और समृद्धि की तरफ अग्रसर हैं।       recent visitors 67