आज ग्वालियर-चंबल में लू, 40 जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट- क्या है वजह?

भोपाल  मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के साथ भीषण गर्मी का दौर चल रहा है. लगातार 20 दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. वहीं कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. मंगलवार को छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, अनूपपुर समेत 17 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि खजुराहो और नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. मौसम के दो रंग के बीच IMD ने बुधवार, 21 मई के लिए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिले में लू चलेगी, जबकि  राजधानी भोपाल, इंदौर समेत 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य प्रदेश के इन जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर, श्योपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, दतिया और छतरपुर में लू चलने की संभावना है. MP के 40 जिलों में आज होगी बारिश, 9 जिलों में आंधी का ऑरेंज अलर्ट   नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खरगोन, बैतूल, हरदा, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां आंधी 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी. इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सिंगरौली, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, रीवा, मऊगंज, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, गुना, राजगढ़, रायसेन, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, धार, नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. 45 डिग्री के पार पहुंचा MP का पारा मंगलवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला. छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा. दअसल, छतरपुर के खजुराहो में तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि  नौगांव में पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहा. टीकमगढ़ में 44.8 डिग्री, ग्वालियर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सतना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, शिवपुरी-रीवा में 43 डिग्री सेल्सियस, गुना में 42.8 डिग्री सेल्सियस, सीधी में 42.4 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 41.5 डिग्री सेल्सियस, मंडला में 41.4 डिग्री सेल्सियस, उमरिया-सागर में 40.6 डिग्री सेल्सियस और रायसेन में तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में पारा 40.8 डिग्री सेल्सियस, राजधानी भोपाल में 39 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 36.5 डिग्री और इंदौर में पारा 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा. recent visitors 49

पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर के निकट पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा

 इंदौर  नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली में इंदौर से 20 किमी दूर तिल्लौर खुर्द के पास पशुपतिनाथ मंदिर आकार ले रहा है। 25 हजार वर्गफीट में तैयार हो रहे इस मंदिर में सर्वेश्वर भोले बाबा विराजित होंगे। 2015 में शुरू हुआ मंदिर निर्माण का काम 60 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां मंदिर के साथ हेल्थ केयर सेंटर, गोशाला, स्कूल आदि बनाए जाएंगे। शिव ओम सांई ट्रस्ट द्वारा तिल्लौर में 25 हजार वर्गफीट परिसर में पांच हजार वर्गफीट में मुख्य मंदिर बनाया जा रहा है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की वास्तुशैली पर बन रहा है। यहां लकड़ी की 12 फीट की 48 मूर्तियां बनाकर स्थापित की जा रही हैं। परिसर में 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं इनमें पहली मंजिल पर शिव परिवार, राम परिवार, कृष्ण परिवार और पांडव की मूर्तियां हैं। दूसरी मंजिल पर योगिनियों की मूर्तिया लगाई गई है। खास बात यह है कि बंगाल के कलाकारों ने एक ही तने से एक मूर्ति बनाई है। परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा 11 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं, जिसमें लाल गणेशजी, दत्तात्रय, अन्नपूर्णा माता, उन्मत भैरव आदि के मंदिर है। मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले ट्रस्ट सदस्यों द्वारा नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर भी गए और बारीकी से एक-एक वस्तु का निरीक्षण किया ताकि वास्तुशैली को यहां आकार दे सकें। सर्वेश्वर महादेव होंगे विराजित ट्रस्टी मनोज ठक्कर ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर एक है और वह नेपाल में है। हम यहां पर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की वास्तुशैली का उपयोग कर रहे हैं। मगर यहां पर सर्वेश्वर महादेव को स्थापित किया जाएगा। गेस्ट हाउस, अन्नक्षेत्र के अलावा आठ हजार वर्गफीट में भजन और आध्यात्मिक केंद्र भी बनाया जाएगा। ऐसे शुरू हुआ मंदिर निर्माण मंदिर का निर्माण सबसे पहले 11 रुपये के चंदे के साथ हुआ। इसके बाद गुरु मनोज ठक्कर द्वारा लिखी गई चार किताबों से होने वाली आय से मंदिर निर्माण चल रहा है। recent visitors 36

आज उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, संस्थाओं को राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे सम्मानित

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल बुधवार को सांदीपनि सभागार, राजभवन, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, संस्थाओं को सम्मानित करेंगे। साथ ही प्रदेशव्यापी 'स्वस्थ यकृत मिशन' का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और पद्म भूषण डॉ. शिव कुमार सरीन, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली भी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, जो कि 'स्वस्थ यकृत मिशन' का शुभारंभ करने के उपरांत जिलाधिकारियों को प्रशिक्षित भी करेंगे। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से मजबूत करने एवं जन-जागरूकता के माध्यम से गंभीर रोगों की रोकथाम के लिए प्रदेश शासन द्वारा लगातार अभिनव पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान की सफलता के उपलक्ष में सम्मान समारोह तथा स्वस्थ यकृत मिशन के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान में प्रदेश भर में क्षय (टीबी) रोग की पहचान, उपचार और जन-जागरूकता हेतु विशेष शिविर लगाए गए। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग, स्वैच्छिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिक समाज के सामूहिक प्रयास से लाखों नागरिकों को जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली। सम्मान समारोह में अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिलों, स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मियों, स्वयंसेवकों और संगठनों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर “स्वस्थ यकृत मिशन” की भी औपचारिक शुरुआत की जाएगी। यह मिशन राज्य सरकार की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य हेपेटाइटिस बी/सी, फैटी लिवर, सिरोसिस जैसी यकृत संबंधी बीमारियों के प्रति जन-जागरूकता, शीघ्र पहचान, उपचार तथा रोकथाम सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग इस मिशन के तहत प्रदेशभर में स्क्रीनिंग शिविर, प्रशिक्षण, परामर्श एवं नि:शुल्क दवा वितरण की व्यवस्था करेगा। यह मिशन प्रदेश में यकृत स्वास्थ्य को लेकर एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा होगा। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सक, विशेषज्ञ, जिलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न हेल्थ पार्टनर्स उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 32

मेडिकल स्टूडेंट्स की कॉपी मूल्यांकन घर से नहीं, प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मूल्यांकन केंद्रों से होगा

भोपाल मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने मेडिकल पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब विद्यार्थियों की कॉपियों का मूल्यांकन मूल्यांकनकर्ताओं के घर पर नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनाए जाने वाले विशेष मूल्यांकन केंद्रों में होगा। कॉपियों को स्कैन कर इन केंद्रों पर ऑनलाइन भेजा जाएगा, जहां प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ता उनकी जांच करेंगे। इस कदम से मूल्यांकन में गड़बड़ी और देरी की शिकायतों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।   पारदर्शिता की पहल पहले घर पर कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान यह आशंका रहती थी कि मूल्यांकनकर्ता किसी अन्य व्यक्ति से जांच करा सकते हैं या लापरवाही बरत सकते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे कार्यपरिषद की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। ये केंद्र एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, एमडी-एमएस सहित अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए बनाए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र में 20 कंप्यूटर लगाए जाएंगे, और सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों की कॉपियां यहीं जांची जाएंगी। recent visitors 38

जेएनयू ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर किया जारी, रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई से 8 जुलाई तक

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अपना शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। जारी कैलेंडर में मानसून और शीतकालीन सेमेस्टर की तिथियों, परीक्षाओं और छुट्टियों का स्पष्ट विवरण दिया गया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी मानसून सेमेस्टर 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 जुलाई से 8 जुलाई तक चलेगी। सेमेस्टर की अवधि 9 जुलाई से 24 दिसंबर निर्धारित की गई है। 9 जुलाई से 9 दिसंबर तक कक्षाएं चलेंगी, जिसके बाद 10 दिसंबर से 18 दिसंबर तक सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम परीक्षा परिणाम 30 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि 26 दिसंबर से 9 जनवरी तक छात्रों को शीतकालीन अवकाश मिलेगा। इसके बाद शुरू होने वाले शीतकालीन सेमेस्टर 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 12 जनवरी से 17 जनवरी के बीच किए जाएंगे। यह सेमेस्टर 16 जनवरी से 26 मई तक चलेगा। शीतकालीन सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 मई से 23 मई तक होंगी और परिणाम 10 जून को घोषित किया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 मई से 3 जुलाई तक रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार रहें, ताकि शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से संचालित हो सके। recent visitors 65

इस बार 65 प्रतिशत प्रशंसक देखना चाहते है आरसीबी की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी, नया विजेता चाहते है

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के करीब 65 प्रतिशत प्रशंसकों को इस साल नया ट्रॉफी विजेता मिलने की उम्मीद है जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम सबसे पसंदीदा बनकर उभरी है। यह आंकड़े एक सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इस सर्वेक्षण को करने वाले ‘23 वॉट्स इनसाइट्स स्टूडियो' ने बताया कि किशोरों और युवाओं सहित 5,000 से अधिक क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 5 मई तक किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 12 प्रतिशत प्रशंसक दिल्ली कैपिटल्स को विजेता के रूप में देखना चाहते हैं जबकि सात प्रतिशत पंजाब किंग्स के पक्ष में हैं। इस सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज्यादातर लोग चाहते हैं कि दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी लीग में खेलना जारी रखे। धोनी के संन्यास से जुड़े सवाल पर 73 प्रतिशत क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि यह करिश्माई विकेटकीपर बल्लेबाज खेलना जारी रखें। इससे पता चलता है कि भारत के पूर्व कप्तान को देश भर के प्रशंसकों से अब भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। लगभग 37.77 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धोनी संघर्ष करने के बावजूद अहम खिलाड़ी हैं जबकि 35.13 प्रतिशत का कहना है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स की आत्मा की तरह हैं। उभरते हुए खिलाड़ियों में राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी प्रशंसकों के चहेते खिलाड़ी बनते दिख रहे हैं। 31.4 प्रतिशत प्रशंसकों ने आईपीएल 2025 में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी को सबसे प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर माना है। उनके बाद मुंबई इंडियंस के अश्वनी कुमार के लिए 21 प्रतिशत प्रशंसकों ने मतदान किया। इस सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत प्रशंसकों का मानना है कि ‘इंपैक्ट खिलाड़ी' नियम ने खेल को ज्यादा रणनीतिक और आकर्षक बनाया है जबकि 20 प्रतिशत का मानना है कि यह नियम हरफनमौला खिलाड़ियों के लिए अनुचित है। गुजरात टाइटन्स, आरसीबी और पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2025 के प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स बचे हुए एक स्थान के लिए दावेदारी कर रहे हैं। recent visitors 52

पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात, खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 % रह गई

कराची पाकिस्तान अपने मुल्क में आतंकियों को पनाह देता है और यह बात पूरी दुनिया जानती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. इसस पहले पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया गया और पड़ोसी मुल्क के साथ कारोबार पूरी तरह से रोक दिया गया. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल मुल्क पाकिस्तान की हालत और भी बिगड़ गई है और वहां अकाल जैसे हालात बन गए हैं. भुखमरी जैसे हालात पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खाद्य सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक हालात का सामना कर रहा है. दिसंबर 2024 तक खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई, जो वर्ष की शुरुआत में दोहरे अंकों से कम थी, लेकिन गरीबी और बेरोजगारी, भोजन तक सबकी पहुंच में सबसे बड़ी बाधा बन रही है. साल 2022 की बाढ़ ने पाकिस्तान पर गहरे निशान छोड़े हैं. साल 2023 और 2024 में बेमौसम की घटनाओं ने आजीविका को खत्म कर दिया, खासकर ग्रामीण बलूचिस्तान, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में संकट ज्यादा गहरा है. इन क्षेत्रों में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है, जिससे कृषि घाटा बढ़ रहा है और उसपर निर्भर किसान गहरे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं. कुपोषण बना चिंता का विषय रिपोर्ट में  ताजा आकलन के मुताबिक बताया गया कि पाकिस्तान में 11 मिलियन लोग IPC फेस 3 संकट या उससे भी बदतर हालात में हैं, जबकि 2.2 मिलियन लोगों के सामने इमरजेंसी जैसी स्थिति है. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में कुपोषण का लगातार बढ़ना चिंताजनक है, जहां कम वजन वाले बच्चों की बड़ी संख्या जन्म लेती है और डायरिया और फेफड़ों से संबंधित इंफेक्शन बढ़ा है. इंडीग्रेटिड फूट सिक्योरिटी फेस क्लासिफिकेशन फेस-3 का मतलब है कि आजीविका को बचाने, खाद्य संकट दूर करने और कुपोषण से लड़ने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. इन चुनौतियों को ज्यादा जटिल बनाने वाली बात है मानवीय आधार पर मिलने वाले वैश्विक निवेश का घटना, जिसने खाद्य सहायता कार्यक्रमों को कम कर दिया है. वैश्विक संस्थाओं से पाकिस्तान को मानवीय आधार पर मिलने वाली आर्थिक मदद कम हुई है, जिससे वहां खाद्य सुरक्षा, कुपोषण जैसे चुनौतियों से निपटने के लिए चल रहे कार्यक्रम कमजोड़ पड़े हैं. आतंकियों का मददगार PAK डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल नीतियों में बदलाव की जरूरत है. केंद्र और प्रांतों को अपना सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क मजबूत करने की जरूरत है. साथ ही माताओं और बच्चों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए और कृषि में ज्यादा निवेश करना चाहिए. निर्णायक कार्रवाई के बिना, पाकिस्तान पर भूख और गरीबी के पुराने चंगुल में फिर से फंसने का खतरा मंडरा रहा है. पाकिस्तान की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा खर्च आतंकियों पर कर रही है. हाल ही में शहबाज सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को 14 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. जब तक वहां की सरकार आतंकियों को पालेगी और उनकी मदद करेगी तब तक आम नागरिकों के हितों की रक्षा होना बहुत मुश्किल है.   recent visitors 72