संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा पट्टी में लोग अमानवीय हालात में जिंदगी जीने को मजबूर हैं

गाजा  संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गाजा पट्टी में लोग अमानवीय हालात में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। नियर ईस्ट में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने एक्स पर लिखा, “गाजा में स्वच्छता और रहने की स्थिति अमानवीय है।” यूएनआरडब्ल्यूए के मुताबिक, “गाजा के मध्य क्षेत्रों में कचरे के पहाड़ जमा हो रहे हैं, सीवेज का पानी सड़कों पर बह रहा है, परिवार कचरे के ढेर के पास रहने को मजबूर हैं।’ यूएन एजेंसी ने तत्काल युद्ध विराम की अपील की है। बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी आतंकवादी ग्रुप हमास ने इजरायल में बड़ा हमला किया था। इसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और करीब 250 का अपहरण किया गया था। इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इजरायली हमलों में गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है। अलजजीरा की सोमवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 41,595 लोग मारे गए हैं और 96,251 घायल हुए हैं। गाजा में इजरायली का मिलिट्री ऑपरेशन जारी है। इस बीच पिछले कुछ दिनों से यहूदी राष्ट्र, लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर रहा है। इजरायली सेना के निशाने पर लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के हमलों में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह भी मारा गया है। इसके अलावा संगठन के कई सीनियर कमांडरों की भी मौत हो चुकी है। लेबनान में इजरायल के हवाई हमले जारी हैं। राजधानी बेरूत में एक इजरायली एयर स्ट्राइक में पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन के तीन सदस्य मारे गए। यह हमला बेरूत के अल कोला क्षेत्र में एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग पर हुआ। लेबनानी राजधानी पर यह पहला हमला है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अल-जदीद स्थानीय टीवी चैनल के हवाले से बताया कि इससे पहले के हमले बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर केंद्रित थे। घनी आबादी वाले अल कोला इलाके में इजरायली हवाई हमलों से बचने के लिए विस्थापित लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है।     recent visitors 85

अत्याधुनिक तकनीक के साथ हिंदी के मेल ने कारोबार के क्षेत्र में भारत में 57.2 करोड़ और विश्व में 50 करोड़ हिंदी भाषियों के लिए संभावनाओं के द्वार खोले- सिंगापुर

सिंगापुर  सिंगापुर के एक शीर्ष कारोबारी नेता ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका के साथ हिंदी का महत्व भी बढ़ा है और अत्याधुनिक तकनीक के साथ हिंदी के मेल ने कारोबार के क्षेत्र में भारत में 57.2 करोड़ और विश्व में 50 करोड़ हिंदी भाषियों के लिए संभावनाओं के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें पहले अछूते रहे विशाल बाजारों में प्रवेश करने का अवसर मिलता है। ‘सिंगापुर इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के अध्यक्ष नील पारेख ने कहा, ‘‘हम डिजिटलीकरण की दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं, जहां संस्कृति और बाजारों के बीच सीमाएं तेजी से धुंधली होती जा रही हैं और भाषा लोगों, विचारों एवं अवसरों को जोड़ने वाले अहम सेतु के रूप में उभरी है।’’ सप्ताहांत में आयोजित ‘‘वैश्विक हिंदी उत्कृष्टता शिखर सम्मेलन – 2024’’ की थीम ‘‘नवाचार के युग में हिंदी की उत्कृष्टता’’ थी, जिसका आयोजन सिंगापुर स्थित ‘ग्लोबल हिंदी फाउंडेशन’ ने किया था। पारेख ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में तेजी से उभरते भारत में काम करने के लिए हिंदी भाषा के ज्ञान के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। पारेख सिंगापुर में संसद के मनोनीत सदस्य भी हैं। निवेश-केंद्रित उद्यमी पारेख ने कहा, ‘‘हिंदी सिर्फ संचार की भाषा नहीं है बल्कि यह गहरी सांस्कृतिक समझ के लिए एक सेतु है। इससे हमें भारतीय बाजार में प्रवेश का मौका मिलता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की इच्छा रखने वाले निगमों और एसएमई (लघु एवं मध्यम उद्यमों) के लिए उत्कृष्ट संभावनाएं प्रदान करता है।’’ उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जिसे वैश्विक स्तर पर 50 करोड़ से अधिक लोग बोलते हैं। भारत में 57.2 करोड़ से अधिक लोग सिर्फ हिंदी बोलते हैं। उन्नत प्रौद्योगिकियों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) भी भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने में एक शक्तिशाली उपकरण बन गई है और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और मशीन लर्निंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाया जा रहा है। सिंगापुर स्थित वित्तीय सलाहकार मंदार पाध्ये ने भाषाओं विशेषकर हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रयासों का उल्लेख किया, जो देश के अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली भाषाओं में से एक है। पाध्ये ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जरूरी है तथा इसके बाद जिन दो भाषाओं का ज्ञान आपको होना चाहिए, वे हैं हिंदी और चीनी (मंदारिन), क्योंकि अगली पीढ़ी के नेता ऐसी जगहों से आ रहे हैं जहां ये भाषाएं बोली जाती हैं।’’ पाध्ये की हालिया पुस्तक ‘द रिजिलिएंट इन्वेस्टर’ में मानव-से-मानव संबंधों पर प्रकाश डाला गया है जो निरंतर विकसित होते वित्तीय परिदृश्य में व्यावसायिक विकास और व्यक्तिगत विकास के बीच विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी एक अहम भाषा होगी क्योंकि कई कारोबारी नेता भारतीय समुदाय से आते हैं और इनमें से कई की मातृभाषा हिंदी है। निवेश सलाहकार ने कहा कि इसलिए भारत में मौजूद विदेश कार्यकारियों के लिए हिंदी का बेहतर ज्ञान जरूरी हो जाता है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश अहम भूमिका निभा रहा है। करीब 300 प्रतिभागियों के साथ हिंदी पर अपने विचार साझा करने के लिए सिंगापुर पहुंचीं इंदौर में ‘प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर’ की प्राचार्य अलका भार्गव ने कहा कि उनका मानना है कि वैश्विक मंच पर हिंदी को और अधिक बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक संयुक्त प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने हिंदी को मुख्य भाषा के रूप में प्रचारित करने के लिए शिक्षण कार्यक्रमों का आह्वान किया।   recent visitors 72

देश-दुनिया को खूब लुभा रही देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य, हिल-झील और हिमालय

देहरादून उत्तराखंड में मानसून का कहर थमा और मौसम का रुख बदला तो हरिद्वार से लेकर केदारनाथ धाम तक आस्था का ज्वार दिखने लगा है। देवभूमि एक बार फिर गुलजार हो गई है। चारधाम यात्रा की बात करें तो अब तक 37 लाख 91 हजार 205 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। वैसे इन दिनों उत्तराखंड देवभूमि की प्राकृतिक सौंदर्य देश-दुनिया को खूब लुभा रही है। हिल-झील और हिमालय मानो सुकून सा अहसास करा रहे हैं। चारधाम यात्रा के लिए देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य का भी लुप्त उठा रहे हैं। उत्तराखंड के चार धाम हिंदुओं के पवित्र स्थलों में से हैं। गत 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा पर गौर करें तो सबसे अधिक तीर्थयात्री हिमालय की चोटी पर मंदाकिनी नदी के समीप स्थित भगवान श्रीकेदारनाथ के दर पर शीश नवा चुके हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के ड्यूटी आफिसर व वरिष्ठ निजी सचिव पंकज कुमार सैनी की एक रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथा धाम में अब तक 12 लाख 27 हजार 295 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। अलकनंदा नदी के समीप स्थित श्रीबदरीनाथ धाम में अब तक 10 लाख 48 हजार 957, गंगोत्री में सात लाख 10 हजार 255, यमुनोत्री में छह लाख 22 हजार 829, गौमुख में 7458 तो हेमकुंड साहिब दरबार में एक लाख 74 हजार 411 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर धामी सरकार प्रतिबद्ध गत दिनों मानसून के कहर से आई आपदा के कारण चारधाम यात्रा जरूर प्रभावित हुई, लेकिन आस्था का सैलाब कम नहीं हुआ। वर्तमान में चारों धामों के लिए सड़क व हवाई मार्ग दोनों सुचारू हैं। सरकार-प्रशासन से लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। चारधाम यात्रा व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। धामी सरकार सुरक्षित धार्मिक यात्रा कराने को लेकर प्रतिबद्ध है।     recent visitors 64

टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन : लक्ष्मण

बेंगलुरू  बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने कहा है कि चोटिल क्रिकेटरों की रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में पूर्व निर्धारित समय सीमा की बजाय जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए धैर्य के साथ आगे बढना महत्वपूर्ण है। पिछले दो साल में ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे शीर्ष क्रिकेटरों ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कई महीने बिताये हैं। अब यही अकादमी सेंटर आफ एक्सीलैंस बन गई है। ये सभी क्रिकेटर पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटे। लक्ष्मण ने यहां सेंटर के उद्घाटन के मौके पर चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘यह गलत धारणा है कि समय सीमा का पालन करना है। मैं समझता हूं कि कई बार आपको लगता है कि आप इस समय सीमा में फिट हो जायेंगे लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि प्रोटोकॉल का संयम के साथ पालन करना जरूरी है लेकिन कई बार रिकवरी में देर भी हो जाती है। हमने ऋषभ पंत का मामला देखा है और जस्सी का भी। कई खिलाड़ी यहां आये और कड़ी मेहनत की जिसका परिणाम भी मिला।’’ लक्ष्मण ने कहा कि रिकवरी के दौरान सबसे अहम मानसिक रूप से मजबूत बने रहना था। उन्होंने कहा, ‘‘रिहैबिलिटेशन में सबसे चुनौतीपूर्ण होता है कि पूरे दिन में दो तीन घंटे ही यह प्रक्रिया होती है और बाकी दिन खिलाड़ी के पास करने के लिये कुछ नहीं होता। ऐसे खिलाड़ी जिनको रोज छह से आठ घंटे खेलने या अभ्यास करने की आदत है, वे अचानक रिहैब रूम तक सिमट जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रिकवरी के बाद अधिकतम चार से पांच घंटा मैदान पर जाते हैं। इसके लिये मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है।’’ हमारे पास ऐसे क्रिकेटर हैं जो दस साल तक भारत का दबदबा बनाये रखने में मदद करेंगे  बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में ऐसी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ है कि अगले एक दशक तक हर प्रारूप में विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा बनाने में मदद कर सकते हैं। लक्ष्मण 2021 में राहुल द्रविड़ के बाद राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख बने थे। अब एनसीए को ही उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) में बदल दिया गया है जिसका उद्घाटन रविवार को हुआ। लक्ष्मण का कार्यकाल इस साल की शुरूआत में खत्म हो गया था लेकिन इसमें एक साल का विस्तार दिया गया। लक्ष्मण ने यहां चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारे पास इतने खिलाड़ी हैं कि अगले दस साल तक भारत को गौरवान्वित कर सकते है। यह मैं सिर्फ पुरूष क्रिकेट नहीं बल्कि महिला क्रिकेट के बारे में भी बोल रहा हूं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास इतने प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप 2024 जीता जो बड़ी बात है। लेकिन अगर तीनों प्रारूपों में देखें तो हमारा दबदबा रहा है। रैंकिंग ही नहीं बल्कि दूसरे पहलुओं में भी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट में एक ‘सप्लाय चेन’ बन गई है क्योंकि हमारे पास कई खिलाड़ी हैं।यह बहुत अच्छी बात है।’’ लक्ष्मण ने कहा कि खिलाड़ियों के स्वाभाविक खेल से छेड़छाड़ किये बिना उन्हें तैयार करना जरूरी था। उन्होंने कहा,‘‘ फोकस इसी पर था कि उन्हें कैसे तैयार किया जाये कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। हमने उन्हें निर्देश नहीं दिये कि ये करना है और ये नहीं करना है और ना ही उनकी तकनीक में बदलाव किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी को सहज महसूस करना चाहिये। हम नहीं चाहते कि वह सलाह देने वाले की बात का बोझ लेने लगे। जब राहुल भारतीय टीम का मुख्य कोच था तो उसके जिम्मे अनुबंधित खिलाड़ी थे और हम एनसीए में बाकी खिलाड़ियों, उदीयमान और अंडर 19 खिलाड़ियों को तैयार करते थे।’’ लक्ष्मण ने कहा कि इसके लिये प्रदेश क्रिकेट संघों में भी सहयोगी स्टाफ का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया कि कोचिंग में एकरूपता और निरंतरता बनी रहे। टी20 विश्व कप के लिये भारतीय महिला टीम की तैयारी बेहतरीन  भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने टी20 महिला विश्व कप से पहले यहां सेंटर आफ एक्सीलैंस में लगाये गए शिविर में जो मेहनत की है, उसका फायदा टूर्नामेंट में मिलेगा। भारतीय टीम चार अक्टूबर को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। लक्ष्मण ने बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलैंस में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्होंने जिस प्रतिबद्धता, समर्पण और ऊर्जा के साथ तैयारी की है, वह अतुलनीय है। मुझे उनकी तैयारियों पर गर्व है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी अच्छा शिविर था और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने इस तरीके से तैयार किया था कि पहले चरण में मानसिक और शारीरिक पहलुओं पर फोकस था।’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद ब्रेक था और दूसरे चरण में कौशल तथा तकनीकी पहलू पर जोर रहा। यह सिर्फ नेट्स अभ्यास तक नहीं था बल्कि पांच मैच भी खेले जिसमें अमोल ने उन्हें अलग अलग तरह की चुनौतियां दी।’’ लक्ष्मण ने कहा कि भारत में महिला क्रिकेट आगे की ओर बढ रहा है और इसमें महिला प्रीमियर लीग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा,‘‘मेरा मानना है कि महिला क्रिकेट का ग्राफ ऊपर जा रहा है।इस भूमिका में मैने भारतीय युवा लड़कियों और अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को तैयारी करते देखा है। डब्ल्यूपीएल काफी अच्छी पहल है। इससे आईपीएल की ही तरह घरेलू क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने का मंच मिला है।’’   recent visitors 80

जम्मू-कश्मीर की 40 सीटों पर आज हो रही वोटिंग,आखिरी फेज में 415 कैंडिडेट्स

श्रीनग  जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए आज मंगलवार को हो रहे मतदान में भारी भीड़। तीसरे चरण में 40 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जिनमें से 16 कश्मीर घाटी में और 24 जम्मू में हैं। ये विधानसभा क्षेत्र सात जिलों कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, उधमपुर, कठुआ, सांबा और जम्मू में फैले हैं। जम्मू-कश्मीर में एक दशक में पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। चुनाव के तीसरे चरण में न केवल 415 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि जम्मू-कश्मीर में 08 अक्टूबर को कौन सी पार्टी अगली सरकार बना सकती है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग के मुताबिक 40 विधानसभा सीटों पर 39.18 लाख मतदाता पंजीकृत हैं तथा 5060 मतदान केंद्र स्थापित किये गये हैं। तीसरे चरण में 25 पूर्व मंत्री और विधायकों समेत कई नामचीन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। प्रमुख उम्मीदवारों में छंब विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता तारा चंद, बारामूला से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बशारत बुखारी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी रमजान, भारतीय जनता पार्टी के शाम लाल शर्मा और देवेंद्र सिंह राणा तथा कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह और उस्मान मजीद शामिल हैं। कश्मीर में सबकी निगाहें अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) पर होंगी, जिसका नेतृत्व सांसद अब्दुल रशीद शेख कर रहे हैं, जिन्हें इंजीनियर रशीद के नाम से जाना जाता है। उन्हें अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था और उन्होंने विधानसभा चुनावों के लिए जमकर प्रचार किया है। जम्मू जिले में चुनावी मैदान में 109 उम्मीदवार हैं, इसके बाद बारामूला में 101, कुपवाड़ा में 59, बांदीपोरा में 42, उधमपुर में 37, कठुआ में 35 और सांबा में 32 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के उधमपुर पश्चिम में 12 उम्मीदवार, 60-उधमपुर पूर्व में 09, चेनानी में 09, जबकि रामनगर में 07 उम्मीदवार मैदान में हैं। कठुआ जिले के बनी में 08 उम्मीदवार, बिलावर में 04, बसोहली में 04, जसरोटा में 08, कठुआ में 05 और हीरानगर विधानसभा क्षेत्रों में 06 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सांबा जिले के रामगढ़ में 07 उम्मीदवार रह गए हैं, सांबा में 14 और विजयपुर में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। जम्मू जिले के बिश्नाह में 09 उम्मीदवार, सुचेतगढ़ में 11, आर.एस. पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु में 12, जम्मू पूर्व में 09, नगरोटा में 08, जम्मू पश्चिम में 12, जम्मू उत्तर में 17, मढ़ में 06, अखनूर में 03 और छंब विधानसभा क्षेत्र में 08 उम्मीदवार हैं। इसी तरह कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा जिले के करनाह में चुनाव के लिए 08 उम्मीदवार, त्रेहगाम में 10, कुपवाड़ा में 08, लोलाब में 11, हंदवाड़ा में 07, और लंगेट में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। बारामूला जिले के सोपोर में 20 उम्मीदवार, रफियाबाद में 12, उरी में 06 बारामूलामें 25, गुलमर्ग में 13, वागूरा-क्रीरी में 12, और 13-पट्टन विधानसभा क्षेत्रों में 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। बांदीपोरा जिले के सोनावारी में 18 उम्मीदवार, बांदीपोरा में 19 और गुरेज में 05 उम्मीदवार मैदान में हैं।गौरतलब है कि प्रदेश में पहले और दूसरे दौर का चुनाव क्रमश: 18 और 25 सितंबर को हुआ है। चुनाव परिणाम आठ अक्टूबर को आएंगे।     recent visitors 84

एटलेटिको डी कोलकाता ने इंडियन सुपर लीग के एक रोमांचक मैच में केरला ब्लास्टर्स को 2-1 से हराया

ISL: Atletico reached top after beating Blasters 2-1

कोलकाता ! यह जानकारी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के दूसरे संस्करण के एक मैच के बारे में है, जिसमें एटलेटिको डी कोलकाता ने केरला ब्लास्टर्स को 2-1 से हराया। यह मैच कोलकाता में हुआ और एटलेटिको ने इस जीत के साथ तीन मैचों में से दो जीतकर अंकतालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया। इस तरह, एटलेटिको डी कोलकाता अब तक अविजित है और उसके पास कुल सात अंक हैं। इस जानकारी के अनुसार, केरला ब्लास्टर्स ने तीन मैचों में केवल चार अंक हासिल किए हैं और वह तीसरे स्थान पर है। मैच साल्ट लेक स्टेडियम में हुआ, जहां एटलेटिको डी कोलकाता ने अराता इजुमी के पहले हाफ में और जावी लारा के दूसरे गोल से बढ़त बनाई। मैच के अंत से 10 मिनट पहले, ब्लास्टर्स के क्रिस डैग्नाल ने एकमात्र गोल किया। एटलेटिको ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया, और पहले गोल के समय महान ब्राजीलियाई फुटबॉलर पेले भी वहां मौजूद थे, जिन्होंने इजूमी के गोल पर मुस्कान दी। पेले ने एटलेटिको को ब्लास्टर्स के खिलाफ विजेता घोषित किया। मैच में ब्लास्टर्स के गुरविंदर सिंह चोटिल हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। मध्यांतर से पहले, ब्लास्टर्स को एक अच्छा मौका मिला, लेकिन एटलेटिको के डिफेंडर मोहनराज बचाव करने में असफल रहे। राहुल भेके ने बेहतरीन क्रॉस दिया, लेकिन क्रिस डैग्नाल उसे कलेक्ट नहीं कर पाए। दूसरे हाफ में, जब जावी लारा ने एटलेटिको के लिए दूसरा गोल किया, तो 62,000 प्रशंसकों ने स्टेडियम में खुशी का माहौल बना दिया। अंत में, 80वें मिनट में डैग्नाल ने एक गोल किया, लेकिन यह केवल हार के अंतर को कम करने वाला साबित हुआ। recent visitors 196

अनुराग जैन होंगे प्रदेश के नए मुख्य सचिव, वीरा राणा राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state

Anurag Jain will be the new Chief Secretary of the state, Veera Rana will be responsible for the State Election Commission. भोपाल ! मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा सोमवार को रिटायर हो रही हैं। उनकी जगह मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाना लगभग तय हो गया है। दोपहर बाद आदेश जारी हो सकता है। सीएस बनने की रेस में शामिल 1990 बैच के आईएएस अफसर राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में बने रहेंगे। वीरा राणा को राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके आदेश भी जल्द ही जारी होंगे।राजेश राजौरा को जब से मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मुख्य सचिव पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। हालांकि, केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे अनुराग जैन का नाम लंबे अरसे से मुख्य सचिव पद के लिए लिया जा रहा है। 2020 से वे नई दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनात हैं। 2022 में भी माना जा रहा था कि इकबाल सिंह बैंस के रिटायरमेंट के बाद उन्हें मुख्य सचिव बनाया जा रहा है। वरिष्ठता क्रम में भी वे ऊपर ही थे। हालांकि, केंद्र सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश भेजने से इनकार कर दिया था और वीरा राणा को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बिठाया गया था। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक है अनुराग जैनमध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उल्लेखित वरिष्ठता क्रम में वीरा राणा के बाद अनुराग जैन का ही नाम है। वह फिलहाल केंद्र में सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। अनुराग जैन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) किया है और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिरैक्यूज से एमए (लोक प्रशासन) की डिग्री हासिल की है। वह 24 अप्रैल 2020 से केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे। यह भी थे दावेदारमुख्य सचिव पद के लिए राजेश राजौरा के साथ ही मोहम्मद सुलेमान और एसएन मिश्रा जैसे वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम भी लिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भी चाहते थे कि एसीएस राजौरा को ही मुख्य सचिव बनाया जाए। हालांकि, दिल्ली से उनका प्रस्ताव खारिज हो गया और अनुराग जैन को होम कैडर में भेजने की व्यवस्था की गई। राजौरा मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहेंगेमध्य प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आईएएस अफसर डॉ. राजेश राजौरा फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव हैं। वे गृह विभाग में अपर मुख्य सचिव रहे हैं। स्वास्थ्य समेत कई अन्य विभागों में भी प्रमुख भूमिका में रहे हैं। वह धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर में कलेक्टर भी रहे हैं। राजौरा का कार्यकाल 2027 तक है। इस लिहाज से उनके पास अभी भी भविष्य में मुख्य सचिव बनने का मौका रहेगा। recent visitors 211