फिर जेल से बाहर आएगा राम रहीम, जानें किसी कैदी को कब मिलती है पैरोल?

रोहतक हरियाणा में विधानसभा चुनाव हैं और वोटिंग से ठीक पांच दिन पहले रेप और हत्या जैसे केस में सजायाफ्ता गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आने वाला है. चुनाव आयोग की शर्तों पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को पैरोल मिल गई है. गुरमीत जेल से बाहर आने के बाद हरियाणा में नहीं रहेगा. वो किसी राजनीतिक गतिविधि का भी हिस्सा नहीं बनेगा. सोशल मीडिया पर प्रचार नहीं कर सकेगा. गुरमीत ने 20 दिन की इमरजेंसी पैरोल मांगी थी. गुरमीत ने जेल विभाग को दिए आवेदन में कहा था कि वो यूपी के बरनावा आश्रम में रहेगा. राम रहीम को 4 साल में 11 बार पैरोल या फरलो मिली है. दिलचस्प बात यह है कि इनमें 8 बार ठीक चुनाव से पहले रियायत दी गई है. गुरमीत रोहतक जिले की सुनारिया जेल में बंद है. उसने 2 सितंबर को 21 दिन की फरलो काटकर जेल में सरेंडर किया था. राम रहीम के मामले में कहा जाने लगा है कि इसे सजा नहीं, पैरोल कहिए. एक तरफ रेप और कत्ल जैसा संगीन जुर्म किया है और दूसरी तरफ गुनहगार गुरमीत पर 'सरकारी आजादी' रेवड़ी की तरह बरस रही है. पिछले दो साल में ही 253 की पैरोल या फरलो की मंजूरी मिल गई है. एक दिन पहले 20 दिन की पैरोल को जोड़ा जाए तो यह संख्या 273 दिन हो जाएगी. यानी इस पैरोल के बाद गुरमीत का 9 महीने 12 दिन जेल से बाहर बिताने का वक्त हो जाएगा. जबकि 2020 से 2022 तक गुरमीत को सिर्फ एक दिन 12 घंटे की ही पैरोल मंजूर की गई थी. गुरमीत राम रहीम की पैरोल की शर्तों में यह भी शामिल है कि वह चुनाव तक हरियाणा में नहीं रह सकेगा। इसके अलावा किसी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा भी लेने की परमिशन नहीं होगी। यही नहीं वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को संबोधित नहीं कर सकेगा। यदि उसकी ओर से इन शर्तों का किसी भी तरह से उल्लंघन किया गया तो पैरोल को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। यह 11वां मौका है, जब गुरमीत राम रहीम को पैरोल दी जाएगी। उसे पैरोल मिलने पर सवाल उठते रहे हैं कि आखिर क्यों उसे बार-बार जेल से बाहर रहने की परमिशन दी जा रही है। राम रहीम को चुनावी सीजन में पैरोल मिलने के मायने निकाले जा रहे हैं। राम रहीम का सिरसा, हिसार, फतेहाबाद समेत हरियाणा के कई जिलों में अच्छा प्रभाव है। उसके अनुयायियों की संख्या लाखों में है। इसी के चलते राजनीतिक दल अकसर उसे साथ लेने की कोशिश करते हैं। हरियाणा में 5 अक्टूबर को मतदान होना और 8 तारीख को नतीजे आने हैं। पैरोल मिलने का असर उसके समर्थकों की राय पर भी दिख सकता है। उसे अब तक एक दर्जन से ज्यादा बार पैरोल मिल चुकी है। recent visitors 162

Indian Air Force के नए प्रमुख बने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, संभाला कार्यभार

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का बेहद खास वीडियो सामने आया है। इसमें वायुसेना प्रमुख अपनी मां को सैल्यूट करते हुए और पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए नजर आ रहे हैं। ये खास तस्वीरें उस समय सामने आईं जब वायुसेना प्रमुख बुधवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देशवासियों के सामने खास मिसाल पेश की। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अपनी मां पुष्पंत कौर का आशीर्वाद लेते नजर आए। अमर प्रीत सिंह का दिल छू लेने वाला वीडियो इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ का पदभार संभालने के बाद अमर प्रीत सिंह ने जिस तरह से अपनी मां का सम्मान किया, वो पल बेहद दिल छू लेने वाला था। वीडियो में नजर आ रहा कि उनकी मां व्हीलचेयर पर बैठी थीं। इसी दौरान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां को सबसे पहले सैल्यूट किया फिर उनके पैर छुए। उन्हें बेहद प्यार से गले लगाया। पहले किया सैल्यूट फिर मां के छुए पैर मां के प्रति जिस तरह से भारतीय वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने प्यार और सम्मान जताया, वो हर किसी के लिए मिसाल है। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सोमवार को वायुसेना चीफ का कार्यभार संभाला है। उन्होंने वीआर चौधरी की जगह ली है। एयर चीफ एपी सिंह को 5 हजार घंटे से ज्यादा समय तक विमान उड़ाने का अनुभव है और वह लड़ाकू विमान के बेहद ट्रेंड पायलट हैं। एयर चीफ मार्शल सिंह अपने पिछले कार्यभार में वायु सेना के उपप्रमुख के रूप में कार्यरत थे। वीआर चौधरी की जगह संभाली वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी तीन साल तक वायु सेना की कमान संभालने के बाद रिटायर हुए। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का जन्म 27 अक्टूबर 1964 को हुआ था। उन्होंने दिसंबर 1984 में भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमान पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी सेवा में विभिन्न कमान, स्टाफ, निर्देशात्मक और विदेशी नियुक्तियों में काम किया। इन पदों की भी थी जिम्मेदारी वह नेशनल फ्लाइट टेस्ट सेंटर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर (फ्लाइट टेस्ट) भी थे और उन्हें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, तेजस का उड़ान परीक्षण करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में वायु रक्षा कमांडर और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी के महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियां भी संभाली हैं। वायु मुख्यालय जाने से पहले वह केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ भी थे। एयर मार्शल एपी सिंह ने दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान में वायु रक्षा कमांडर और पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है। केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी उन्होंने उत्कृष्ट सेवा दी। उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता के बल पर भारतीय वायुसेना को लगातार मजबूती मिली है। recent visitors 86

एल.वी. प्रसाद नेत्र अस्पताल के डॉ. निलय रेड्डी का एक्सिडेंट, चार मंजिला जितना ऊंचे फ्लाइओवर से नीचे गिरी कार

हैदराबाद हैदराबाद आउटर रिंग रोड (ओआरआर) में  सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना में एलवी प्रसाद आई हॉस्पिटल में काम करने वाले एक डॉक्टर की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय डॉ. निलय रेड्डी की मौत तब हुई जब उनकी कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई और सड़क से नीचे गिर गई। वह इस प्रतिष्ठित मेडिकल फैसिलिटी में कॉर्निया और एंटीरियर सेगमेंट फेलो थे। हैदराबाद स्थित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एलवी प्रसाद आई हॉस्पिटल का कर्मचारी जुबली हिल्स स्थित अपने घर से राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए) जा रहा था, तभी यह सड़क दुर्घटना हुई। हालांकि, इस रिपोर्ट को लिखने के समय दुर्घटना के कारण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उसकी कार बहुत तेज़ गति से चल रही थी। पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि पीड़ित शराब के नशे में नहीं था। रिपोर्ट में बताया कि दुर्घटना के समय डॉ. निलय रेड्डी की कार लगभग 140 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही थी। सड़क पर कार की अनुमत गति 120 किमी प्रति घंटा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुबह करीब 5:00 बजे उनकी सेडान कार ORR के एग्जिट 17 के पास सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। पीड़ित का शव दुर्घटनास्थल के पास झाड़ियों में मिला। राजेंद्रनगर पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। मृतक डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल ले जाया गया है, जबकि कार को दुर्घटनास्थल से हटा दिया गया है। कर्नाटक के उडुपी में एक असंबंधित घटनाक्रम में, सोमवार को पजेगुड्डे में राज्य राजमार्ग पर एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई, जब उनका दोपहिया वाहन कथित तौर पर एक मिनी ट्रक से टकरा गया। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना तब हुई जब परिवार सोमवार सुबह करकला से वेनूर जा रहा था।   recent visitors 117

खुद पाकिस्तानी, बीवी बांग्लादेशी और ठिकाना बेंगलुरु, 10 साल बाद ‘शर्मा’ सरनेम की पहचान

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में चार पाकिस्तानी नागरिकों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि चारों पाकिस्तानी नागरिकों ने फर्जी पहचान बताकर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था। चारों दस साल से यहां धर्म प्रचार में शामिल हो गए थे। सभी आरोपियों ने खुद को हिंदू बताया था। कथित तौर पर यह लोग 2014 में दिल्ली आए थे और बाद में 2018 में बेंगलुरु चले गए। रविवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके जिगानी में छापेमारी के बाद पकड़ा गया। शर्मा सरनेम की पहचान पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पाकिस्तान के कराची निवासी राशिद अली सिद्दीकी उर्फ शंकर शर्मा, पाकिस्तान के लाहौर निवासी आयशा उर्फ आशा रानी, लाहौर निवासी हनीफ मोहम्मद उर्फ रामबाबू शर्मा और लाहौर निवासी रुबीना उर्फ रानी शर्मा के रूप में हुई है। बेंगलुरु पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी है। आईबी की टीम भी पहुंची पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों ने जिगनी थाने का दौरा किया और आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही उन पर पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12(1)(बी), 12,1ए (बी), 12(2) के तहत भी मामला दर्ज किया है। दरअसल 29 सितंबर को बेंगलुरु के जिगनी पुलिस को राजापुरा गांव में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के पास हिंदू नाम से पासपोर्ट इससे पहले चेन्नई पुलिस ने उनके दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया था। आरोपी राशिद अली सिद्दीकी उर्फ शंकर शर्मा और उसके परिवार के सदस्य घर खाली कर रहे थे। पुलिस पूछताछ के दौरान राशिद ने दावा किया कि वह नई दिल्ली का रहने वाला है और पिछले छह साल से यहां रह रहा है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला कि सभी आरोपियों के पास हिंदू नाम से पासपोर्ट भी हैं। हालांकि, पुलिस को घर की दीवार पर 'मेहंदी फाउंडेशन इंटरनेशनल- जश्न-ए-यूनुस' लिखा मिला है। घर से मुस्लिम धार्मिक नेता की तस्वीर मिली इसके अलावा पुलिस को उनके घर से एक मुस्लिम धार्मिक नेता की तस्वीर भी मिली है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पाकिस्तान से हैं और चेन्नई में गिरफ्तार किए गए लोग उनके रिश्तेदार हैं। आरोपी राशिद अली सिद्दीकी ने बताया कि वह कराची के पास लियाकताबाद का रहने वाला है, और अपनी पत्नी और उसके माता-पिता के साथ हिंदू बनकर रह रहा है। मेहंदी फाउंडेशन से मिलते थे पैसे राशिद ने यह भी बताया कि वह साल 2011 में आयशा से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिला था और शादी के समय उसका परिवार बांग्लादेश में रहता था। उसने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान में धार्मिक नेताओं से पीड़ित होने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ बांग्लादेश रहने के लिए चला गया था। आरोपी को अपने खर्च के लिए मेहंदी फाउंडेशन से पैसे मिलते थे। फाउंडेशन के सदस्य भारत सहित पूरी दुनिया से ताल्लुक रखते हैं। recent visitors 130

SEX के बाद लड़की के प्राइवेट पार्ट से बहा खून, इंटरनेट पर इलाज ढूंढता रहा प्रेमी, मौत

सूरत गुजरात के सूरत में एक लड़की की दर्द से तड़पकर मौत हो गई। युवती का खून निकलता रहा और उसे अस्पताल ले जाने के बजाय बॉयफ्रेंड इंटरनेट पर इलाज ढूंढता रहा। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 26 साल के आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं मृतका एक नर्सिंग छात्रा थी। 23 सितंबर को गुजरात के नवसारी जिले के एक होटल में यौन संबंध बनाने के बाद युवती को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी। यह देखने के बावजूद उसने ऑनलाइन इलाज ढूंढने में घंटों बर्बाद कर दिए। जांचकर्ताओं ने बताया कि युवती को अस्पताल ले जाने या मेडिकल हेल्प लेने के बजाय, आरोपी ने अपने फोन के इंटरनेट पर 'इंटरकोर्स के दौरान ब्लीडिंग रोकने के लिए क्या करें' के बारे में सर्च किया। पुलिस सूत्रों ने टीओआई को पुष्टि की कि उसने ब्लीडिंग होते देखने के बावजूद फिर से सेक्स करने की कोशिश की। जलालपुर पुलिस ने बॉयफ्रेंड के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज किया है। नवसारी के एसपी सुशील अग्रवाल ने कहा, 'फोरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से युवती की मौत हो गई। 108 या मेडिकल हेल्प को कॉल करने के बजाय, उसने अपने दोस्तों से संपर्क किया और उनका इंतजार करने के बाद उसे एक निजी वाहन में ट्रांसफर कर दिया। अगर उसे IV फ्लूड, ब्लड और दवाओं के साथ इमरजेंसी मेडिकल हेल्प मिली होती, तो उसकी जान बच जाती।' ब्लीडिंग के बावजूद किया सेक्स पुलिस सूत्रों ने टीओआई को बताया कि युवती को काफी ब्लीडिंग होने के बावजूद आरेापी सेक्स करता रहा। नवसारी एसपी ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में युवती की मौत का कारण ज्यादा ब्लीडिंग बताया गया है। उन्होंने बताया कि युवक ने 108 या मेडिकल हेल्प लेने के बजाय उसने अपने दोस्तों को फोन किया और युवती को एक निजी वाहन में ट्रांसफर कर दिया। बाद में अस्पताल में युवती को मृत घोषित कर दिया गया। तीन सल पहले हुई थी दोस्ती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पहली बार तीन साल पहले युवती से मिला था। इसके बाद दोनों दो साल तक संपर्क में नहीं था। करीब सात महीने पहले दोनों एक बार फिर से सोशल मीडिया के जरिए जुड़े और 23 सितंबर को उन्होंने प्राइवेट टाइम बिताने का फैसला किया। दोनों ने होटल में करीब 60 से 90 मिनट बिताए। पुलिस ने बताया कि होटल से निकलने से पहले आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए खून के धब्बे भी साफ कर दिए। पुलिस ने आरोपी को 4 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि युवती की मौत प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटों और उसके कारण बहुत ज्यादा खून बहने के कारण हुई, जिसके परिणामस्वरूप हेमरैजिक (बहुत ज्यादा खून निकलने) शॉक हुआ। एफआईआर के अनुसार, महिला नवसारी में नर्सिंग कोर्स के फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। वह पहली बार आरोपी से तीन साल पहले मिली थी, लेकिन वे दो साल से अधिक समय से संपर्क में नहीं थे। वे करीब सात महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए दोबारा जुड़े। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'सात महीने तक रिलेशनशिप में रहने के बाद, उन्होंने 23 सितंबर को कुछ प्राइवेट टाइम बिताने का फैसला लिया और होटल में ठहरे। यह जानने के बाद भी कि उसके प्राइवेट पार्ट से खून निकल रहा है, आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। जब स्थिति बिगड़ गई, तो उसने होटल में 60 से 90 मिनट बिताए। अस्पताल ने दोपहर 2.15 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। होटल छोड़ने से पहले, उसने सबूत मिटाने के लिए खून के धब्बे साफ किए।' स्थानीय अदालत ने आरोपी को 4 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। recent visitors 86

लखनऊ में एक लाख के मोबाइल के लिए डिलीवरी ब्वॉय का कत्ल; शव के टुकड़े-टुकड़े कर बैग में भर दिए!

लखनऊ ऑनलाइन शॉपिंग की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी फिल्पकार्ट से कैश ऑन डिलीवरी में डेढ़ लाख रुपए के दो मोबाइल फोन मंगवाकर लखनऊ में डिलीवरी ब्वॉय की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले हफ्ते हुई इस हत्या का खुलासा यूपी पुलिस ने सोमवार को किया। हालांकि समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक डेढ़ लाख रुपए कीमत का एक आईफोन ऑर्डर में मंगाया गया था। 23 सितंबर की इस वारदात में डिलीवरी ब्वॉय भरत साहू से फोन लेने के बाद पैसे देने के बदले घर के अंदर खींचकर गला दबाकर हत्या कर दी गई और फिर शव को बोरे में बंद करके इंदिरा नहर में बहा दिया गया। शव अभी बरामद नहीं हुआ है। एसडीआरएफ टीम नहर में शव को खोज रही है। लखनऊ के पुलिस उपायुक्त शशांक सिंह के मुताबिक 32 साल के भरत मूल रूप से अमेठी के जामो संभई गांव के रहने वाले थे। लखनऊ में पत्नी के साथ सतरिख रोड पर किराए पर रहते थे। भरत का छोटा भाई निशातगंज में रहता है। भरत फ्लिपकार्ट में डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी करते थे। चिनहट थाना इलाके से तकरोही के गजानन ने डेढ़ लाख रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन आर्डर किए थे। भुगतान कैश ऑन डिलीवरी होना था। 23 सितंबर को भरत फ्लिपकार्ट के गोदाम से डिलीवरी के लिए निकला और दोपहर तकरोही में गजानन के घर पहुंचा। गजानन को मोबाइल देकर भरत ने भुगतान करने को कहा। लेकिन गजानन ने पैसे देने से मना कर दिया। इस बात पर दोनों के बीच नोंकझोंक हो गई। गजानन ने भरत को घर के अंदर खींच लिया। उसे जमकर पीटा और फिर गला दबाकर मार दिया। वारदात के बाद गजानन ने शव बोरे में भरकर घर में रख दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए गजानन ने दोस्त आकाश को बुलाया। ये लोग शव को कार में लेकर इंदिरा नहर के पास गए और उसे नहर में फेंक दिया। दोनों ने घर लौटकर नहाया और कपड़े बदले। अगली सुबह गजानन घर से भाग गया। उधर, भरत के नहीं लौटने और मोबाइल के डेढ़ लाख रुपये जमा न होने पर देर शाम फ्लिपकार्ट के मैनेजर ने भरत को फोन किया लेकिन मोबाइल बंद था। कंपनी ने उसके संपर्क किया तो पता चला कि वो घर भी नहीं लौटा है। सबने खोजबीन की पर कुछ पता नहीं चला। फिर 25 सितंबर को चिनहट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने भरत के फोन के कॉल डिटेल्स चेक किए तो आखिरी फोन गजानन को मिला। पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में आकाश को पकड़ा तो उसने सारी कहानी बता दी। उसने बताया कि गजानन ने हत्या की और उसकी मदद से शव इंदिरा नहर में फेंका है। गजानन की तलाश में पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। recent visitors 86

6 नाबालिगों को दिल्ली से लेकर आई डिण्डौरी पुलिस, बेनकाब की मिस्ट्री तो हुआ बड़ा खुलासा

 डिंडोरी  डिंडोरी जिले से अपनेजीवन यापन के लिए महिला पुरुष और नाबालिक बच्चे भी काम की तलाश में अपने जिले से अन्य बड़े महानगरों और शहरों में दो वक्त की रोटी की तलाश में बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे है। चुकी जिले में कोई भी न फेक्ट्री है ना ही कोई ऐसा कारोबार जिससे जिले के अंचलों से ग्रामीण जिले में ही रहकर और अपने व अपने परिवार का पालन पोषण और जरूरतों को पूरा कर सके जिसके चलते उन्हें जिले से बाहर पलायन करना पड़ रहा है।इनमें ज्यादातर ऐसे नाबालिक बालक बालिका भी शामिल हैं जिन्हे अपनी जरूरत अनुसार सुविधा,व्यवस्था और आमदनी जिले में नही मिल पा रही है या उनके परिजन इतने सक्षम नहीं है। यही वजह है की कई बार काम की तलाश में जिले से बाहर पलायन कर चुके लोग किसी बड़ी समस्या घटना,दुर्घटना या साजिश का शिकार हो जाते हैं। ताजा मामला डिंडोरी जिला के अमरपुर चौकी क्षेत्र का सामने आया है जहां जिला मुख्यालय के पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ सिंह मरकाम ने पत्रकारों को जानकारी दी है की बालिका का अपहरण का केस दर्ज था उसी मामले में आरोपी और अपहरण की गई बालिका की दस्तयाबी के लिए एसपी वाहनी सिंह ने अमरपुर चौकी प्रभारी अतुल हरदहा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पुलिस को सूचना मिली की बालिका दिल्ली में है जिसे दस्तयाब करने अमरपुर पुलिस टीम दिल्ली रवाना होती है उनके साथ एनजीओ टीम जन साहस भी शामिल रही। इसी दौरान दिल्ली में अमरपुर पुलिस को जानकारी मिलती है की डिंडोरी और मंडला जिले की ऐसी 6 नाबालिक बच्चियां और है जिन्हे घर वापस आने में समस्या आ रही है। लोकेशन की जानकारी लगते ही अमरपुर पुलिस टीम और जन साहस टीम के संयुक्त प्रयास से दिल्ली से 6 नाबालिक बच्चियों को लोकेशन से बरामद किया गया जिसमे 5 बच्चियां अमरपुर चौकी क्षेत्र की ओर 1 बच्ची मंडला जिले की बताई गई। सभी नाबालिक बच्चियों को लेकर अमरपुर पुलिस टीम सकुशल डिंडोरी वापस लौटी जहा उनके परिजनों को सूचित कर डिंडोरी पुलिस कंट्रोल रूम बुलाकर बच्चियों को उन्हें सौपा गया। इस दौरान दिल्ली से सफलता हासिल करने पर अमरपुर पुलिस टीम को पुरुष्कृत करने की एसपी डिंडोरी ने घोषणा की है। recent visitors 99