यूरिया खाद खाने से 1 दर्जन मवेशियों की मौत, 100 से ज्यादा गंभीर ; पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action

One dozen cattle died due to consumption of urea fertilizer, more than 100 serious; Animal Husbandry Minister Lakhan Patel gave instructions for strict action दमोह ! तेंदूखेड़ा थाना इलाके में यूरिया खाद से भरा ट्रक पलटने के बाद उसे खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो गई है। जानकारी लगते ही मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सूबे के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सख्त लहजे में कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर देर रात नरगवा गांव के समीप यूरिया खाद से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया था। ट्रक पलटने से उसमें रखी यूरिया खाद से भरी बोरियां सड़क पर फैल गईं। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मवेशी मौके पर पहुंचकर यूरिया खाद खा गए। अब इस मामले में बड़ा अपडेट ये सामने आया है कि यूरिया खाद खाने से करीब 1 दर्जन मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक पशु बीमार हो गए हैं। दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईइधर, घटना के बाद मामले पर संक्षान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल का कहना है कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 182

बागेश्वर धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन की टक्कर , चार की मौत, छह घायल

Devotees returning from Bageshwar Dham collide with vehicle, four killed, six injured

Devotees returning from Bageshwar Dham collide with vehicle, four killed, six injured शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी एक ईको मारुति वैन चलते ट्रक में पीछे से भिड़ गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए। घायलों को लटेरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी लोग राजस्थान के झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं। लटेरी एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि हादसा शनिवार तड़के करीब 4 बजे सिरोंज नेशनल हाईवे पर हुआ। वाहन में 10 लोग बैठे हुए थे। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि ट्रक जैसे ही मोड़ से हाइवे पर निकला पीछे से तेज रफ्तार में आ रही ईको मारुति उसमें पीछे से टकरा गई।इस हादसे में दो महिला और दो पुरुष की मौत हुई है। मृतकों की पहचान किशन लाल, वरदी बाई, राजू बाई और विनोद कुमार के रूप में हुई है। ज्यादातर लोग झालावाड़ के रतलाई थाना क्षेत्र के रतलाई गांव के निवासी हैं। सभी लोग छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में दर्शन करने गए थे और 12 दिन बाद अपने घर वापस जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रद्धालुओं का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इधर पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुखइस हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि जिला प्रशासन द्वारा घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था कराई जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पात्रता अनुसार उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। recent visitors 157

मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के भविष्य से कर रही खिलवाड़ ? महज एक-एक शिक्षक से चलाए जा रहे 22 हजार विद्यालय

Madhya Pradesh government playing with the future of children

Is Madhya Pradesh government playing with the future of children? 22 thousand schools are being run with just one teacher each. कमलेश ( विशेष संवादाता )भोपाल ! मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह दावे केवल कागजों ही शोभा बढ़ा रहे हैं. मध्य प्रदेश में 1275 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 22 हजार स्कूलों में महज एक-एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है. मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम राईज स्कूल की शुरुआत की है. यह स्कूल सुविधाओं से युक्त है. इन स्कूलों में बच्चों को आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस सुविधा भी उपलब्ध की है, लेकिन दूसरी ओर स्थिति यह है कि 46 जिलों के 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि करीब 22 हजार स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और साढ़े तीन हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चा नहीं है. 79 हजार शिक्षक पद खाली प्रदेश में माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के करीब 79 हजार पद खाली हैं. हालांकि इस साल 9 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी करीब 70 हजार पद खाली रह जाएंगे. जिसका सीध असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर देखें तो शहरों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है तो गांवों में टोटा पड़ा हुआ है. जिसकी वजह से गांवों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. शहरों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हर शिक्षक अपने आपको शहर में पदस्थ करने की जुगाड़ में लगा रहता है. यही कारण है कि शहरों के स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं. इंदौर में 1,337, ग्वालियर में 1,153, भोपाल में 1,115 और जबलपुर में 887 शिक्षक पदस्थ हैं, वहीं सतना, बालाघाट, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, राजगढ़, भिंड, मुरैना और देवास जिलों में भी शिक्षकों की संख्या अत्याधिक है. शौचालय विहिन 20 प्रतिशत स्कूल केन्द्र सरकार के आह्वान व प्रयासों के बाद हर घर शौचालय की जरूरत तो पूरी हो गई है, लेकिन स्कूलों में इस सुविधा का अभाव है. प्रदेश में 20 प्रतिशत स्कूल शौचालयविहिन है. जहां शौचालय है वहां पानी की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में 35.9 प्रतिशत शौचालयों का इस्तेमाल ही नहीं हो पाता. 28.4 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है. इसी राज्य प्रदेश के 5176 स्कूलों में पेयजल के इंतजाम नहीं है. 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान का अभाव है. recent visitors 150

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

National General Secretary of Gondwana Republic Party Shyam Singh Markam attacked the BJP government

National General Secretary of Gondwana Republic Party Shyam Singh Markam attacked the BJP government