बोरियों के अंदर तीन टुकड़ों में मिला महिला का शव, हाथ पर बने टैटू से हुई पहचान

गुना गुना में जिस महिला का शव बोरे में तीन टुकड़ों में मिला, उसकी पहचान झूना बाई तंवर (40) के रूप में हुई है। महिला के बेटे का कहना है कि मां रविवार को राखी का सामान लेने बीनागंज गई थी। फिर नहीं लौटी। मामले में पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया है। वह उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद की है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से इसका खुलासा नहीं किया है।महिला पति शेरू सिंह और बेटे गोविंद सिंह के साथ सांडिल्य खेड़ी गांव में रहती थी। पति चाचौड़ा में चौकीदारी करता है। मर्डर कहीं और किया, लाश दुकान के पास फेंकी चाचौड़ा बीनागंज के खातोली गांव में सोमवार दोपहर को बंद पड़ी सरकारी राशन दुकान के कैम्पस में महिला की लाश 3 टुकड़ों में मिली थी। सिर, धड़ और कमर के नीचे का हिस्सा अलग-अलग बोरियों में बंद था। दो बोरियां प्लास्टिक और एक जूट की थी। इन पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। बदबू भी आ रही थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बोरियां खोलीं तो अंदर से शरीर के टुकड़े मिले। पुलिस को आशंका है कि हत्या कहीं और की गई है, जबकि शव यहां ठिकाने लगाया गया है। एसडीओपी दिव्या राजावत ने बताया, शव के टुकड़े कटर से किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। ग्वालियर से आई फोरेंसिक टीम टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है। recent visitors 77

सत्तर और अस्सी के दशक में चर्चा में थी भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी

-प्रलय श्रीवास्तव  मध्य प्रदेश के 1956 में हुए गठन के बाद भोपाल राजधानी बना था। तब भोपाल में अनेक बस्तियां या यूं कहा जाए तो कॉलोनियों का तेजी से विकास हुआ था । इस दौरान रोशनपुरा नाका  भोपाल का अंतिम छोर हुआ करता था।  पुराना भोपाल ही असली भोपाल था । नए भोपाल का तेजी से विकास हो रहा था। रोशनपुरा के अलावा श्यामला और  अरेरा पहाड़ी थी। मौजूदा  राज भवन बन चुका था।  वर्तमान  मुख्यमंत्री निवास भी श्यामला हिल  पर आकार ले रहा  था । इन  सबके बीच छोटी झील यानी कि छोटा तालाब अपना सौंदर्य बिखेर रहा  था। आजादी के बाद सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए  रविंद्र भवन का निर्माण भी हुआ, जिसका  शुभारंभ  1962 में प्रोफेसर  हुमायूं कबीर ने किया था ।  रवींद्र भवन के सामने  प्राध्यापकों के लिए प्रोफेसर कॉलोनी बसाहट हुई थी । नाम था प्रोफेसर कॉलोनी, लेकिन यहां अधिकतर आवासों का आवंटन  राजनेताओं और पत्रकारों को हुआ  था।  पत्रकारों की संख्या फिर भी ज्यादा थी लेकिन प्राध्यापक भी उनके बराबर के निवासी थे । बाद में अनेक राजनेता भी प्रोफेसर कॉलोनी में  निवासरत हुए। हालांकि आज इसका स्वरूप बदल चुका है और प्राध्यापकों की जगह अधिकांश   आवास विधायकों को आवंटित कर दिए गए हैं । प्रोफेसर कॉलोनी मिंटो हॉल (पुरानी विधानसभा), वल्लभ भवन और नई विधानसभा के समीप है, इसलिए  विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के पूल में इस कालोनी के  मकानों का आरक्षण कर लिया है ।     भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रख्यात अभिनेत्री जया  भादुड़ी सहित अनेक हस्तियां इस कॉलोनी की निवासी रही हैं। मुझे याद है जब 1970 में हम लोग रविंद्र भवन के सामने प्रोफेसर कॉलोनी के ई- 134/1  में रहने आए थे, तब यहां के मकान काफी आकर्षक और चहल-पहल से गूंजा करते थे। प्रोफेसर कॉलोनी  सांस्कृतिक, साहित्यिक, राजनैतिक गतिविधियों का केंद्र भी था क्योंकि प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र रविंद्र भवन प्रोफेसर कॉलोनी के ठीक सामने था। 1981 से भारत भवन  की गतिविधियां प्रारंभ हुई।  कला के इस नए घर का शुभारंभ 13 फरवरी 1981 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने  किया था । तब तक इन सभी केंद्रों के बीच प्रोफेसर कॉलोनी अपने आकर्षण और चर्चा का केंद्र बिंदु बन  चुका था। प्रोफेसर कॉलोनी में अनेक वरिष्ठ पत्रकार रहे। इनमे  तरुण कुमार भादुड़ी, वीटी  जोशी, लेले,स्वरूप ,राधे श्याम शर्मा ,सत्यनारायण श्रीवास्तव, विद्यालंकार, सूर्य नारायण शर्मा, राजबहादुर पाठक, राजू संतानम, प्रभा रत्ना जी, महेंद्र कुमार मानव, अरुण पटेल,कैलाश गौर, एन .राजन ,आनंद शर्मा, राज भारद्वाज, अरविंद भंडारी आदि शामिल थी।  अनेक साहित्यिक विभूतियां भी यहां रहती थी।प्रसिद्ध रंगकर्मी बीवी  कारंत  भी इसी कालोनी में रहे। तत्कालीन विधानसभा स्पीकर  गुलशेर अहमद , नरसिंहराव दीक्षित , सीता राम  साधौ ,प्रसिद्ध चिकित्सक डा. एनपी  मिश्रा  सर्व घनश्याम सक्सेना,राम सरन, देवीसरण, सहित अन्य नामी गिरामी हस्तियों के  कारण इस कालोनी ने भोपाल में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की थी। 1975 में रिलीज हुई फिल्म शोले  के प्रमुख किरदार सूरमा भोपाली को भला  कौन  भूल सकता है। असलियत में जो सूरमा भोपाली यानि नाहर सिंह थे , वे प्रोफेसर कॉलोनी में ही रहते थे। पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने फिल्म में उनके नाम का इस्तेमाल किया था, जिसके बदले में उन्हें 33000 रुपए मिले थे।  वरिष्ठ पत्रकार  बालमुकुंद भारती की धर्मपत्नी  प्रख्यात समाज सेविका, राजनेता  और  उस दौर के हम बच्चों में आंटी के नाम से लोकप्रिय  रही श्रीमती सविता वाजपेई आज भी उसी मकान में रह रही हैं को 1967 में उन्हें आवंटित हुआ था।  1970 से 1980 का वह दौर मुझे याद है , जब आंटी सविता वाजपेई  जी राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले हम बच्चों के लिए खेलकूद की खेलकूद और नैतिक शिक्षा  देने के लिए रविंद्र भवन के परिसर में राष्ट्रीय सेवा दल के बैनर तले  प्रतिदिन गतिविधियों का  आयोजन करती थी। उनके मार्गदर्शन में खेले कूदे,  पले बढ़े वही  बच्चे आज  न सिर्फ बड़े हो चुके हैं बल्कि  हर क्षेत्र में  सफल हुए हैं ।  उन बच्चों को प्रगति में आंटी सविता वाजपेई जी का अहम योगदान रहा है ,क्योंकि उनके द्वारा आयोजित सेवा दल में जहां  उन्हें संस्कारों और आदर्शों की शिक्षा प्राप्त हुई वहीं खेलकूद से शरीर स्वस्थ  भी हुआ। उसी के बल पर हम शिक्षित और अपने-अपने क्षेत्र में पारंगत हो सके।  सविता वाजपेई जी का देश के अनेक महान राजनेताओं विशेषकर समाजवादी नेताओं से निकटता रही है । इनमें प्रोफेसर मधु दंडावते,हरि विष्णु कामथ,मधु लिमये, चंद्रशेखर ,यशवंत सिन्हा ,प्रमिला दंडवते,चंपा  लिमये आदि प्रमुख हस्तियां शामिल रही है ।  मुझे याद है इनमें से अनेक राजनेता भोपाल आगमन पर प्रोफेसर कॉलोनी में उनके निवास पर जरूर आते थे। साल 1979 से मैंने  लेखन कार्य शुरू किया था ।  इब्राहिमपुरा से निकलने वाले साप्ताहिक हिंदी हैराल्ड के मालिक गुप्ता जी ने  1981 में मुझे किसी एक बड़ी हस्ती का इंटरव्यू लाने को कहा था। तब मैंने आंटी  सविता वाजपेई से पूछा तो पता चला कि  पूर्व केंद्रीय मंत्री  मधु दंडवते जी उनके निवास पर आने वाले हैं।  तब मैंने तय किया कि दंडवते जी का मैं इंटरव्यू लूंगा ।  मैंने कुछ प्रश्न तैयार किये , जिसे आंटी जी ने फाइनल किया। कुछ दिन बाद  मैं मधु  दंडवते जी के सामने  था और साथ में मेरे प्रश्न थे। जीवन का पहला साक्षात्कार, वह भी एक बड़ी हस्ती से ,तो मेरा पसीना – पसीना होना  स्वाभाविक था।  जैसे – तैसे इंटरव्यू समाप्त हुआ और हिंदी हैराल्ड में वह छपा था, जिसका पारिश्रमिक मुझे ₹10 प्राप्त हुआ था। यह मेरे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि थी ।लेकिन यह सब कुछ हो पाया था सविता वाजपेई जी के कारण । इससे   मेरे अंदर का जो डर था, वह हमेशा के लिए दूर हुआ। धीरे-धीरे शासकीय सेवा और फिर आगे बढ़ता गया और 43.5 साल बाद  सर्विस पूरी की। इस दौरान अनेक सम्मान भी प्राप्त हुए ,पदोन्नति भी प्राप्त की , समाज सेवा के साथ साहित्य  सेवा भी की । इस दौरान मैंने दो पुस्तक लिखी ,पहली मध्य प्रदेश में चुनाव और नवाचार तो दूसरी पुस्तक अभिव्यक्ति के चार दशक  है।  जिसमें मेरे द्वारा 44 साल के दौरान प्रकाशित हुए  लेखों का संग्रह है। हाल में  जब 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुआ तो सीधे पहुंच गया आंटी सविता वाजपेई  जी का आशीर्वाद लेने । … Read more

कन्रौज मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि… सपा नेता नवाब सिंह की जमानत पर आज सुनवाई

कन्नौज कन्नौज मामले की नाबालिग पीड़िता के मेडिकल टेस्ट में रेप की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के खिलाफ बलात्कार की धाराएं बढ़ा दी हैं. इससे पहले पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में भी रेप की बात कही थी. पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस बुआ पर भी शिकंजा कस सकती है. कन्नौज के एसपी अमित कुमार आनद ने बताया कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में रेप की घटना कंफर्म की है. उन्होंने कहा, "बलात्कार की पुष्टि होने के साथ ही आरोपी के खिलाफ अपराध की संबंधित धारा के तहत आरोप जोड़ दिए गए हैं." न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एसपी ने बताया कि पीड़िता को नवाब सिंह के पास ले जाने वाली बुआ को भी मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो पुलिस के सामने नहीं आई. उन्होंने कहा कि मामले में नाबालिग पीड़िता की बुआ के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा और पुलिस फिलहाल उसकी तलाश कर रही है.   नवाब की याचिका पर आज होगी सुनवाई पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक निजी कॉलेज का प्रबंधक है और उसने किशोरी को नौकरी दिलाने में मदद करने के बहाने लड़की और उसकी बुआ को रविवार रात कॉलेज में बुलाया था. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की जमानत अर्जी पर POCSO न्यायाधीश अलका यादव की अदालत में बुधवार यानी आज  सुनवाई होनी है. पीड़िता ने बुआ से लगाई थी गुहार: पुलिस वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने बुआ को मदद के लिए आवाज लगाई थी. इसके अलावा बुआ न गेट खोले जाने के बाद भी कोई विरोध नहीं किया था, बल्कि पीड़िता को ही समझाने लगी और नवाब सिंह संग बातचीत में लग गई थी.   सपा के ही नेता नवाब सिंह को फंसा रहे: पीड़िता की बुआ इस बीच पीड़िता की बुआ ने दावा किया है कि नवाब सिंह को फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मैं घटना की रात अपनी भतीजी के साथ लखनऊ से लौट रही थी और हाल ही में हुई नवाब सिंह की मां के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिए उनसे मिलने कॉलेज गई थी. किशोरी ने बहकावे में आकर आरोप लगाया है. साथ ही संकेत दिया कि साजिश में तीन से चार सपा के ही ब्राह्मण नेता शामिल हैं, लेकिन उन्होंने उनका नाम लेने से परहेज किया और बाद में उन नामों का खुलासा करने का वादा किया.   अमित मालवीय ने सपा को घेरा   इससे पहले बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने सपा को घेरते हुए कहा था कि अयोध्या के बाद अब कन्नौज में भी नाबालिग से रेप के प्रयास में सपा नेता गिरफ्तार. सपा सरकार के समय आरोपी नवाब सिंह यादव मिनी CM कहलाया जाता था. कन्नौज में डिंपल यादव के राइट हैंड और सांसद प्रतिनिधि के रूप में नवाब सिंह यादव की पहचान है. क्या अब भी अखिलेश यादव DNA टेस्ट की मांग करेंगे?   सपा ने की नार्को टेस्ट की मांग समाजवादी पार्टी ने आरोपी ने नवाब सिंह से किनारा कर लिया है. कन्नौज सपा के जिलाध्यक्ष कलीम खां ने कहा कि नवाब सिंह इस समय पार्टी में नहीं है. यह उनका व्यक्तिगत मामला है और सपा से इस घटना का कोई लेना देना नहीं है. वहीं दूसरी ओर पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि जब लड़की की उम्र 15 साल की थी तो वो किस तरह की नौकरी की तलाश में थी. इसके साथ ही उन्होंने पीड़िता और आरोपी का नार्को टेस्ट कराने की मांग भी की है.   recent visitors 99

राज्यमंत्री जायसवाल ने बीएमओ को हटाने और 3 स्टॉफ नर्सेस को शो-कॉज नोटिस देने के दिये निर्देश

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने अनूपपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कोतमा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री जायसवाल ने स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं और गंदगी को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त कर सीएमएचओ अनूपपुर को विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) कोतमा को तत्काल यहां से हटाने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री जायसवाल ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि में हर सप्ताह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कोतमा का औचक निरीक्षण करें और उन्हें रिपोर्ट दें। स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीजों से बेहद आत्मीयतापूर्ण भेंट कर राज्यमंत्री जायसवाल ने मरीजों से यहां की स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया और उनकी समस्याएँ भी जानी। कुछ मरीजों ने स्टॉफ नर्सों द्वारा उनसे दुर्व्यवहार करने और अपने काम के प्रति घोर लापरवाही बरतने की शिकायत की। इसपर राज्यमंत्री जायसवाल ने अत्यंत नाराजगी व्यक्त कर स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ तीन स्टॉफ नर्सेस को सख्त शो-कॉज नोटिस देने के निर्देश सीएमएचओ को दिये। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ अमले को निर्देशित किया कि सभी अपने पदीय कार्यों को पूरी तन्मयता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ पूर्ण करें। कोतमा में तिरंगा यात्रा में भी हुए शामिल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल मंगलवार को कोतमा में आयोजित तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने आन-बान-शान तिरंगे के प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर सभी से अनुरोध किया कि स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सभी अपने-अपने घरों में हर्षोल्लास के साथ तिरंगा फहरायें और अपनी आजादी को अक्षुण्ण बनाये रखने का संकल्प लें। तिरंगा यात्रा में क्षेत्र के 3 हजार स्कूली बच्चे शामिल हुए। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री 15 अगस्त को सीधी में करेंगे ध्वजारोहण कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को सीधी जिला मुख्यालय में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे और परेड की सलामी लेंगे। राज्य शासन द्वारा आज इस आशय के आदेश जारी कर दिये गये हैं। recent visitors 81

अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर करने वाले वालेनवेंदु और विमल को मिलेगा राष्ट्रपति सम्मान

लखनऊ  यूपी पुलिस के 17 जांबाजों को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा. इसमें उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख के इनामी, अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर मोहम्मद गुलाम को इनकाउंटर में मारने गिराने वालो को President Gallantry Medal मिलेगा. झांसी में 13 अप्रैल 2023 को असद और मोहम्मद गुलाम को एनकाउंटर में ढेर करने वाली एसटीएफ टीम के 6 सदस्यों को राष्ट्रपति का वीरता पदक मिला है. Co नवेंदु सिंह और विमल कुमार सिंह की टीम को President Gallantry medal दिया गया है. जिन पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति गैलेंट्री पदक मिला है उसमें जीतेंद्र कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह चौहान, अनिल कुमार, हरिओम सिंह, जीतेंद्र प्रताप सिंह, विपिन कुमार, विमल कुमार सिंह, नवेंदु कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार राय, अनिल कुमार सिंह, सुनील कुमार ,सुशील कुमार ,राजीव चौधरी ,जयवीर सिंह ,रईस अहमद, अरुण कुमार, अजय कुमार शामिल हैं. इसके के अलावा सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम) पाने वालों में मनोज कुमार सोनकर, उप महानिरीक्षक, प्रदीप गुप्ता, उप महानिरीक्षक, आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक, आरआई ब्रिजेश केआर श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, प्रदेश केशव चंद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक, डॉ.. महेंद्र पाल सिंह, पुलिस उपायुक्त, कुंवर ज्ञानंजय सिंह, पुलिस उपायुक्त, डॉ. राजीव दीक्षित, पुलिस अधीक्षक, कमलेश बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक, विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक, सुरेन्द्र नाथ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, चिरंजीव नाथ सिन्हा, अपर पुलिस अधीक्षक पुलिस, विद्या सागर मिश्रा, पुलिस उपायुक्त, मो. इरफान अंसारी, अपर पुलिस अधीक्षक, शाहनवाज हुसैन, उप पुलिस अधीक्षक, राजेश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक शामिल है. इसी श्रेणी में निगवेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल, राम अवध राम, कंपनी कमांडर, विद्याकांत द्विवेदी, कंपनी कमांडर, खरपत यादव, प्लाटून कमांडर, रवीन्द्र नाथ राम, सशस्त्र पुलिस उप निरीक्षक, प्रेमचंद्र लाल श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबल, अशोक कुमार शर्मा, उप निरीक्षक, लक्ष कुमार, उप निरीक्षक, प्रदेश रजी अहमद, उप निरीक्षक, भगवान सिंह यादव, प्लाटून कमांडर, धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्लाटून कमांडर, गिरीश कुमार, हेड कांस्टेबल, 319. कृपाल सिंह, प्लाटून कमांडर, एम.डी. इरशाद अहमद, हेड कांस्टेबल, मुन्ना राजभर, हेड कांस्टेबल, नरेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल, शिव नारायण यादव, इंस्पेक्टर, सुशील कुमार सिंह, प्लाटून कमांडर , गोविंद सिंह यादव, सशस्त्र पुलिस उपनिरीक्षक, एम.डी. दिलशाद खान, सशस्त्र पुलिस उप निरीक्षक, अरविंद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल, गौदीन शुक्ला, निरीक्षक, उल-फ़ार प्रदेश सूर्यवंश यादव, निरीक्षक, तेजवीर सिंह, हेड कांस्टेबल, अखिलेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक, सुदेश कुमार, उप निरीक्षक, सूबेदार, उप निरीक्षक, वीरेंद्र कुमार एआर मिश्रा, उप निरीक्षक, सुखपाल सिंह, निरीक्षक, ललित मोहन खोलिया, कंपनी कमांडर, हरिओम शर्मा, सशस्त्र पुलिस उप निरीक्षक, नबाब सिंह एच, सशस्त्र पुलिस उप निरीक्षक , दुष्यन्त वीर सिंह, उपनिरीक्षक, पुष्पेन्द्र पाल सिंह, निरीक्षक, शिव आसरे, उपनिरीक्षक को भी सम्मानित किया जाएगा. सराहनीय सेवा पदक में राकेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक, रामचन्द्र यादव, कंपनी कमांडर, उत्तर प्रदेश बिंदु देवी, उपनिरीक्षक, रमेश चंद्र, उपनिरीक्षक, कांत कुमार शर्मा, निरीक्षक, छोटे लाल, निरीक्षक, नोवेंद्र सिंह, निरीक्षक, सुभान ए ली अंसारी, इंस्पेक्टर, अजय प्रताप सिंह, कंपनी कमांडर, प्रदीप कुमार यादव, निरीक्षक, शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, निरीक्षक, नथुनी राम, उप निरीक्षक, शिव बचन, निरीक्षक, उत्तर प्रदेश एआर प्रदेश अक्लेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर, कृष्णकांत शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक, उत्तर प्रदेश विनीता कुमारी दुबे, उप निरीक्षक, शिव शंकर प्रसाद, हेड कांस्टेबल, जलाल अहमद, निरीक्षक, संजीव कुमार, निरीक्षक, को भी सम्मानित किया जाएगा. PSM श्रेणी में मिला अवार्ड विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) पाने वालों में सुवेन्द्र कुमार भगत, अपर महानिदेशक, कल्पना सक्सेना, उप महानिरीक्षक, सुगंधा उपाध्याय, निरीक्षक, रामवीर सिंह, उप निरीक्षक शामिल हैं. होमगार्ड और सिविल डिफेंस में विनोद कुमार यादव, ब्लॉक ऑर्गेनाइजर/जूनियर इंस्ट्रक्टर, विनय कुमार मिश्रा, डिविजनल कमांडेंट, घनश्‍याम चतुर्वेदी, डिविजनल कमांडेंट, वेदपाल सिंह चपराना, जिला कमांडेंट, कमलेश चंद्र गौतम, निजी सहायक, विजय बिक्रम वर्मा, निजी सहायक, महेश प्रसाद, ब्लॉक आयोजक, शिव कुमार वर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कृपाल सिंह, वरिष्ठ सहायक, विवेक कुमार सिंह, संयुक्त कमांडेंट जनरल, राज कुमार आज़ाद, वरिष्ठ स्टाफ अधिकारी, पीयूष कांट, मंडल कमांडेंट, संजय कुमार सिंह, मंडल कमांडेंट, मोहम्मद अरशद हुसैन, उर्दू अनुवदक/प्रधान सहायक,  को सम्मानित किया जाएगा. फायर सर्विस में लाइकुर्रहमान, फायरमैन, नरेन्द्र सिंह यादव, फायरमैन, सुरेश कुमार, फायरमैन को सम्मानित किया जाएगा. recent visitors 115

आसाराम को पैरोल देते हुए निर्देश दिया का राजस्थान और महाराष्ट्र पुलिस का खर्चा आसाराम और उसके सहयोगियों को उठाना होगा

 जोधपुर नाबालिग से बलात्कार मामले में मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने सात दिन तक इलाज के लिए आपातकालीन पैरोल दे दी है. आसाराम पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में दिल से संबंधित बीमारी का अपना इलाज करा पाएगा. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि पैरोल का पूरा खर्चा आसाराम को ही उठाना होगा. राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधीश मुन्नरी लक्ष्मण की खंडपीठ ने आसाराम को सात दिनों की आपातकालीन पैरोल देते हुए कहा कि वह सात दिनों तक पुलिस हिरासत में रहकर अपना इलाज करा सकता है. अदालत में आसाराम की ओर से पेश हुए पेरोकार रामचंद भट्ट ने कहा कि आसाराम की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है. जोधपुर के निजी आयुर्वेद अस्पताल से इलाज करवाने के बावजूद ज्यादा लाभ नहीं हुआ है. अभी पांच दिन पहले भी अचानक तबीयत बिगड़ने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जोधपुर में भर्ती करवाया गया था. आसाराम की उम्र एवं तबीयत को देखते हुए माधव बाग महाराष्ट्र में ही उपचार की बेहतर सुविधा है. उन्होने माधवबाग मल्टीडिसिप्लिनरी कार्डियक केयर क्लीनिक खोपोली महाराष्ट्र में ही उपचार की बेहतर सुविधा का हवाला दिया. हालांकि, हाईकोर्ट ने पूर्व में रायगढ़ अलीबाग पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा का हवाला देते हुए असमर्थता जताने वाली रिपोर्ट को देखा. पुलिस हिरासत में होगा इलाज कोर्ट ने तमाम पहलुओं पर विचार करने के बाद आसाराम के स्वास्थ्य को देखते हुए सात दिन की आपातकालीन पैरोल मंजूर कर दी. साथ ही कोर्ट ने कहा कि आने-जाने के समय के अलावा सात दिन तक वहां पर उपचार करवा सकते हैं. कोर्ट ने स्वास्थ्य देखभाल के लिए दो सहयोगी एवं एक चिकित्सक को साथ जाने की अनुमति भी दी है. आसाराम को उठाना होगा पैरोल का खर्जा: कोर्ट कोर्ट ने पुलिस कस्टडी के साथ सात दिन की आपातकालीन पैरोल मंजूर करते हुए हवाई मार्ग से आने-जाने से सहित पूरा खर्चा आसाराम को वहन करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा पुलिस कस्टडी का खर्चा भी आसाराम की ओर से ही वहन किया जाएगा. सभी राशि जमा करवाने के बाद आसाराम को उपचार के लिए आपातकालीन पैरोल पर महाराष्ट्र ले जा सकेगा. '15 अर्जियों हुई थी खारिज' कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इस दौरान आसाराम और उसके सहयोगी राजस्थान पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे. किसी भी प्रकार से सुरक्षा में चूक या परेशानी पैदा नहीं करेंगे. इससे पहले अदालत ने आसाराम की 15 से ज्यादा अर्जियों को खारिज कर दिया था. आपको बता दें कि आसाराम बापू को साल 2013 में इंदौर के आश्रम से एक नाबालिग से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. साल 2018 में पॉक्सो कानून के तहत दोषी सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. 83 वर्षीय आसाराम पिछले 11 साल से जेल में है.   recent visitors 66

वर्ष 2047 तक भारत न केवल विकसित भारत बनेगा बल्कि वह विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत बनेगा : श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल हम जानते हैं कि स्वतंत्रता दिवस के दिन हमारे शूरवीरों के पराक्रम का हमारे बलिदानियों के बलिदान का और हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष को याद करने का दिन है। इस दिन वीर सेनानियों को याद करे, स्मरण करें, जिन्होंने हमें आजादी दिलाई। यह बात गोविंदपुरा विधानसभा में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कही। उन्होंने कहा कि बलिदानियों के उस खून की धारा को भी आज याद करें, क्योंकि अगर बलिदानियों ने अपना बलिदान ना दिया होता तो शायद आज हमें आजादी ना मिली होती और इसीलिए जो आजादी हमें मिली है, इसके बहुत बड़ी कीमत हमने चुकाई है। आज आजादी के साथ खुली हवा में हम सांस ले रहे हैं, हजारों लाखों हमारे भारत माता के वीर सपूतों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है तब जाकर आज हमें यह आजादी नसीब हुई है। आज हम गर्व के साथ कहते हैं कि हमारा भारत वर्ष स्वतंत्र भारत है, लेकिन हमको गर्व इस बात का भी होता है कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा हम बुलबुले हैं इसकी यह गुलिस्तां हमारा। श्रीमती गौर ने कहा कि वास्तव में यह पंक्तियां इस बात का प्रमाण है कि हमारे भारतवर्ष को पूरी दुनिया में एक नई पहचान देने का काम हुआ है हमारे भारतवर्ष की संस्कृति परंपराएं भाषा अनेक होने के बावजूद भी अनेकता में एकता, यही हमारे भारत की विशेषता है। हम गर्व के साथ कहते हैं कि भारत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ और ऐसे सर्वश्रेष्ठ भारतवर्ष में एक आदर्श नागरिक बनकर भारत माता की सेवा करने का सौभाग्य हमको मिला है। मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस प्रकार से देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं एक विकसित भारत बनाने का काम कर रहे हैं, वर्ष 2047 तक भारत न केवल विकसित भारत बनेगा बल्कि वह विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत बनेगा। आज हमने तिरंगा यात्रा निकाली, तिरंगे की शान के लिए हमारे पुरखे और पूर्वजों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। इस तिरंगे की आन बान और शान को हम कभी कम नहीं होने देंगे। हम अपने-अपने घर पर तिरंगा जरूर लहराएंगे।   recent visitors 76