आज हमारा देश तेज़ी से विकास कर रहा है, मध्यप्रदेश आज देश के विकासशील राज्यों में अग्रणी है- उप-मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि आज हमारा देश तेज़ी से विकास कर रहा है। मध्यप्रदेश आज देश के विकासशील राज्यों में अग्रणी है। इस परिणाम को शासन के सकारात्मक प्रयास के साथ समाज के चेंज मेकर्स की सशक्त सहभागिता ने बल प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा, आधारभूत संरचना, सेवा क्षेत्र, विनिर्माण, कृषि, स्टार्ट-अप, औद्योगिक सहित समस्त क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज के भारत में विकास के लिए सकारात्मक वातावरण है, उद्यमियों के लिए गतिविधियों के विस्तार और स्टार्ट-अप के विकास की राह सहज है। इसका लाभ उठाकर हमें भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करना है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने होटल मेरियट भोपाल में निजी मीडिया संस्थान की “चेंज मेकर्स ऑफ़ मध्यप्रदेश” कॉफ़ी टेबल पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों की संघर्ष से सफलता तक की कहानी को समाहित किया गया है। उप-मुख्यमंत्री शुक्ल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया।     recent visitors 71

मंत्री परमार ने शुजालपुर में विशाल तिरंगा यात्रा में सहभागिता की

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को शाजापुर जिले के शुजालपुर में हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में सहभागिता की। मंत्री परमार ने कहा कि पूर्वजों के बलिदान और बड़े संघर्षों के बाद लगभग 200 सालों की लंबी गुलामी की जंजीरों को तोड़कर, 15 अगस्त 1947 को हमारा भारत स्वतंत्र हुआ था। परमार ने कहा कि देशवासियों ने स्वतंत्रता के साथ-साथ देश का विभाजन भी देखा है, अपने अखंड राष्ट्र को खंडित होते हुए भी देखा है। हमारे देश के लोग नहीं चाहते थे, फिर भी अखंड भारत का विभाजन हुआ। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और अभिमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए हर घर तिरंगा अभियान को लेकर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे देश में उत्साह के साथ देशभक्ति की सर्वव्यापी लहर है। तिरंगा यात्रा को लेकर जन-जन में जो अद्भुत उत्साह और उमंग है, वह राष्ट्र के प्रति प्रेम, सम्मान एवं देश भक्ति को दर्शाता है। परमार ने कहा कि तिरंगा रैली यात्रा में सहभागिता का उद्देश्य निश्चित रूप से पूरा होगा। उन्होंने विद्यार्थियों, आमजनों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से घरों में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा लगाने की अपील भी की। परमार ने कहा कि तिरंगा यात्रा से जन-जागरण और राष्ट्र प्रेम के भाव का संचार हो रहा है। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता कर रहे सभी जनों को शुभकामनाएं एवं धन्यवाद भी ज्ञापित किया। परमार ने कहा कि सभी लोग अपने अपने घरों में पूर्ण सम्मान के साथ तिरंगा लगाएं। परमार ने कहा कि हर घर तिरंगे की यह आवाज मात्र भारत में नहीं, बल्कि विश्व मंच पर पहुंचेगी और हमारे भारत की एकता और सामर्थ्य से परिचय कराएगी। मंत्री परमार ने कहा कि भारत को सर्वशक्तिशाली और विश्व में सिरमौर बनाने के संकल्प को साकार करने में सभी की सहभागिता आवश्यक है। इजराइल जैसे छोटे देश के नागरिकों ने राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखकर अपने देश को शक्तिशाली बनाकर विश्वमंच पर स्थापित किया है। हमारे देश के हर विद्यार्थी, हर नागरिक को राष्ट्र प्रथम के भाव को अंगीकार कर भारत को सर्व शक्तिशाली बनाने के संकल्प में सहभागिता करनी होगी। भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हर दिन विकासपथ पर आगे बढ़ रहा है, उन्नति कर रहा है। विश्व भर के लोग भारत की ओर देख रहे हैं, भारत का अनुसरण करना चाहते हैं। वर्ष 2047 में जब स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेंगे, तब सम्पूर्ण रूप से विकसित होकर भारत विश्वगुरु के रूप में स्थापित होने की संकल्पना साकार होगी। ऐसे शक्तिशाली भारत के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार, अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, अशोक नायक, विजय सिंह बैस, देवेंद्र तिवारी, महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष आलोक खन्ना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं विद्यालयीन छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।। recent visitors 60

21 और 22 अगस्त को होंगे अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित व्याख्यान, संगोष्ठी और अन्य कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 21 एवं 22 अगस्त को सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं स्कूलों में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर भारत के उतरने की ऐतिहासिक घटना को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और स्कूलों में अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित व्याख्यान, संगोष्ठी, प्रदर्शनी, साइंस क्विज, मॉडल मेकिंग, पेंटिंग, विशेषज्ञ व्याख्यान और फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल तथा आईआईटी इंदौर द्वारा विश्वविद्यालयीन, महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान पर केन्द्रित हैकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। हैकाथॉन में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करने के साथ ही उनके नवाचार को आगे बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा। हैकाथॉन में भाग लेने के लिए आईआईटी इंदौर और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की वेबसाइट पर 18 अगस्त से रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक संभाग में चयनित किसी एक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय में अंतरिक्ष विषय पर वैज्ञानिक-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विगत वर्ष 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर के अवतरण और प्रज्ञान रोवर के परिनियोजन से चंद्रयान-3 की सफलता के साथ भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है। इसके साथ हमारा देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप उतरने वाला पहला देश बनकर अंतरिक्ष अग्रणी राष्ट्रों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है। इस ऐतिहासिक मिशन के परिणाम से आने वाले वर्षों में मानव जाति को लाभ होगा।   recent visitors 76

इंग्लैंड ने ओलंपिक में क्रिकेट के लिए की खास प्लानिंग, पड़ोसी टीम को 4 साल पहले ही दे दिया बड़ा ऑफर

लंदन  इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और क्रिकेट स्कॉटलैंड ने लॉस एंजिल्स में 2028 ओलंपिक खेलों में पुरुष और महिला ग्रेट ब्रिटेन (जीबी) क्रिकेट टीमों को मैदान में उतारने की योजना के बारे में बातचीत शुरू कर दी है। क्रिकेट 1900 के बाद पहली बार ओलंपिक में वापस आएगा, जब पिछले साल के अंत में इसे शामिल किए जाने की पुष्टि की गई थी। विवरण की पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन आईसीसी ने महिला और पुरुष दोनों प्रतियोगिताओं के लिए छह-टीम टी-20 टूर्नामेंट का प्रस्ताव दिया है, जो लगभग एक सप्ताह तक चलने की उम्मीद है और जो संभवतः एक साथ नहीं बल्कि लगातार खेले जाएँगे। क्वालिफिकेशन विवरण की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन आईसीसी की टी-20 रैंकिंग का कुछ हद तक उपयोग किया जाएगा। अधिकांश देश अपनी सामान्य शैली में प्रतिस्पर्धा करेंगे, लेकिन अगर इंग्लैंड क्वालीफ़ाई करता है तो वे बाकी ओलंपिक की तरह ग्रेट ब्रिटेन के रूप में खेलेंगे। इससे ब्रैंडन मैकमुलेन या सारा और कैथरीन ब्राइस जैसे कुछ स्कॉटिश खिलाड़ियों के प्रतिस्पर्धा करने की संभावना खुल जाती है। ईसीबी और क्रिकेट स्कॉटलैंड ने प्रस्तावित जीबी क्रिकेट टीमों पर एक साथ काम करने के बारे में प्रारंभिक चर्चा की है। क्रिकेट स्कॉटलैंड अपने संचालन में सक्रिय भागीदारी के लिए जोर दे रहा है और खिलाड़ियों और कर्मचारियों का योगदान देने के लिए उत्सुक है, लेकिन ईसीबी टीमों का नामित शासी निकाय होगा। ईसीबी के प्रवक्ता ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो को बताया, लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अभी चार साल बाकी हैं, यह अभी बहुत शुरुआती चरण है, लेकिन हम टीम जीबी और क्रिकेट स्कॉटलैंड से अगले कदमों के बारे में बात कर रहे हैं। एक बार फिर ग्रेट ब्रिटेन के ओलंपियनों ने इस साल पेरिस में अपने कारनामों से राष्ट्रीय कल्पना पर कब्जा कर लिया है, और हम 2028 में ओलंपिक मंच पर क्रिकेट की वापसी पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, इंग्लैंड और वेल्स द्वारा 2026 और 2030 में महिला और पुरुष [टी20] विश्व कप की मेजबानी के साथ, यह खेल को आगे बढ़ाने और अधिक लोगों को क्रिकेट के प्रति प्रेम विकसित करने के लिए प्रेरित करने का एक और शानदार अवसर है। ब्रिटिश ओलंपिक एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी एन्सन ने सोमवार को कहा, हमें गोल्फ़, रग्बी और महिला फ़ुटबॉल में अच्छा अनुभव है, कि कैसे चार राष्ट्र [इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड] एक साथ आ सकते हैं और एक देश को मुख्य शासी निकाय के रूप में नामित कर सकते हैं और अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि क्रिकेट भी ऐसा ही होगा। एन्सन, जो लंकाशायर के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा, ईसीबी इसके केंद्र में होगा। उन्हें क्रिकेट स्कॉटलैंड के साथ मिलकर काम करना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह ठीक से हो। हम उन्हें एक साथ आने और एक एकल राष्ट्रीय शासी निकाय बनाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करने में मदद करेंगे, जैसा कि हमने उन अन्य खेलों में किया है। हम उन्हें पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्रीय ओलंपिक समिति का सदस्य बनाने के लिए ईसीबी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। टीम जीबी आधिकारिक तौर पर ग्रेट ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड ओलंपिक टीम है, और उत्तरी आयरलैंड के एथलीट टीम जीबी या आयरलैंड में से किसी एक के लिए प्रतिस्पर्धा करना चुन सकते हैं। लेकिन चूंकि क्रिकेट का आयोजन पूरे आयरलैंड में किया जाता है, इसलिए मार्क एडेयर और पॉल स्टर्लिंग जैसे उत्तरी आयरलैंड के प्रमुख क्रिकेटरों के टीम जीबी के लिए खुद को नामांकित करने की संभावना बहुत कम है। 2028 ओलंपिक में क्रिकेट आयोजनों के लिए स्थल की पुष्टि अभी नहीं हुई है। लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स और मेजर लीग क्रिकेट ने इरविन के ग्रेट पार्क में एक स्टेडियम बनाने की योजना बनाई है, जबकि ओकलैंड कोलिज़ीयम को भी एक विकल्प के रूप में पेश किया गया है।     recent visitors 88

देश में ऊर्जा की मांग 2050 तक दोगुनी होने की संभावना, हमारा सारा ध्यान एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर – मंत्री पुरी

नई दिल्ली  भारत मौजूदा समय में विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने  ये बात कही। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में ऊर्जा की मांग 2050 तक दोगुनी होने की संभावना है। हमारा सारा ध्यान देश के मौजूदा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर है। इस मिशन के लिए मंत्रालय की ओर से ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड के नामांकित क्षेत्रों से नए कुओं या कुओं से उत्पादित गैस के आवंटन को 20 प्रतिशत प्रीमियम (नई गैस के लिए भारतीय क्रूड बास्केट मूल्य का कुल 12 प्रतिशत) पर नोटिफाइड किया गया है जबकि, पेट्रोलियम प्लानिंग और एनालिसिस सेल (पीपीएसी) द्वारा मासिक आधार पर घोषित प्रशासित मूल्य तंत्र (एपीएम) भारतीय क्रूड बास्केट मूल्य का 10 प्रतिशत तय किया गया है। केंद्रीय मंत्री की ओर से कहा गया कि इससे कंपनियों को ऐसे नए गैस प्रोजेक्ट को विकसित करने में और चलाने में सफलता मिलेगी, जहां से गैस निकलना कठिन होता है और अधिक मात्रा में कैपिटल और टेक्नोलॉजी की आवश्यकता होती है। आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की तरफ बढ़ते हुए देश ने रिकॉर्ड गैस उत्पादन दर्ज किया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का गैस उत्पादन वित्त वर्ष 24 में 36.43 बिलियन क्यूबिक फीट (बीसीएम) रहा, जो कि वित्त वर्ष 21 में 28.7 बीसीएम था। वित्त वर्ष 26 तक देश का गैस उत्पादन 45.3 बीसीएम पहुंच सकता है। देश में बढ़ती हुई ऊर्जा की मांग को देखते हुए सरकार का फोकस कच्चे तेल और गैस की खोज को बढ़ाना भी है। देश में जून में 5,594 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमएमएससीएम) गैस की खपत हुई थी। सरकार के मुताबिक, ग्रीन ऊर्जा की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए गैस कंपनियां भी अपने नेटवर्क को बढ़ा रही है। देश में जून में पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की मांग 2.6 प्रतिशत बढ़कर 20 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है।   recent visitors 85

आरडीएसएस में स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूरा करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूरा करायें। कार्यों में लापरवाही करने वाली एजेंसियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में आरडीएसएस में चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान दिये। ऊर्जा मंत्री तोमर ने केपेसिटर बैंक की स्थापना के कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धीमी गति से काम क्यों हो रहा है। प्रत्येक कार्य का अलग-अलग एक्शन प्लान बनायें। साथ ही प्लान अनुरूप कार्यवाही करें। मंत्री तोमर ने कहा कि फीडर सेपरेशन का कार्य प्राथमिकता से करायें। भोपाल में अंडर ग्राउण्ड केबल बिछाने के कार्य की सतत् समीक्षा करें। ऊर्जा मंत्री ने विद्युत ट्रांसफार्मर, नये उप केन्द्रों की स्थापना, भूमिगत केबल अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना सहित अनके कार्यों की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, एमडी मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 73

मेडिकल स्टोर खोलने से हुआ सुमित की बेरोजगारी का स्थायी निदान

मेडिकल स्टोर खोलने से हुआ सुमित की बेरोजगारी का स्थायी निदान मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिला सहारा भोपाल बेरोजगारी एक प्रकार की आर्थिक बीमारी ही होती है। बेरोजगार व्यक्ति हताशा की ओर बढ़ने लगता है। बेरोजगारी का निदान जितना जल्दी हो जाये, उतना ही अच्छा। मण्डला जिले के बिछिया के रहने वाले सुमित रजक भी बेरोजगार ही थे। जरूरी डिग्री हासिल करने के बाद सरकारी सेवक बनने का प्रयास कर रहे थे, पर कहीं भी सफलता नहीं मिली। निराशा के इन्हीं दिनों में सुमित के पिता को भारतीय स्टेट बैंक बिछिया से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। पिता से रायशुमारी कर सुमित ने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मण्डला के सहायक प्रबंधक से मिलकर इस योजना में ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। बैंक ने भी देरी नहीं की और सुमित को तीन लाख रूपये का स्वरोजगार ऋण दे दिया। बेरोजगारी से परेशान सुमित को स्थायी रोजगार के लिए बड़ा सहारा मिल गया। ऋण राशि से उसने मेडिकल स्टोर खोला। दवाइयां सबकी बारहमासी जरूरत होती ही हैं। बस, सुमित का मेडिकल स्टोर भी अच्छे से चल पड़ा। इस मेडिकल स्टोर से सुमित को समुचित आवक होने लगी। अब वे अपनी सारी जिम्मेदारियां भी बखूबी पूरी कर रहे हैं। इस योजना ने उसकी बेरोजगारी का पुख्ता निदान कर दिया है। सुमित इस अभिनव योजना के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बार-बार आभार जताते हैं।   recent visitors 95