शेयर मार्केट में गिरावट, अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर में गिरावट

मुंबई  हिंडनबर्ग 2.0 की रिपोर्ट का असर सोमवार को शेयर मार्केट में दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। वहीं अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर लाल रंग के निशान पर खुले। सबसे ज्यादा गिरावट अडानी टोटल गैस के शेयरों में देखी गई। इस गिरावट के बाद शुरुआती एक घंटे में ही अडानी ग्रुप के निवेशकों के 53 हजार करोड़ रुपये डूब गए। इस गिरावट से अडानी ग्रुप की 10 कंपनियों का मार्केट 16.7 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया। शेयर मार्केट में गिरावट थमी, अडानी ग्रुप के शेयर संभले इस समय शेयर मार्केट में गिरावट थमती नजर आ रही है। वहीं अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट पर कुछ ब्रेक लगे हैं। सेंसेक्स करीब 189 अंकों की गिरावट के साथ 79,516.30 पर है। वहीं निफ्टी में भी सुधार आया है। अडानी टोटल गैस में गिरावट 4.70% रह गई है। अडानी एंटरप्राइजेस के शेयर भी संभल गए हैं। अब इनमें गिरावट करीब 2.60% रह गई है। अडानी के शेयर बुरी तरह टूटे हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने आरोप में सेबी प्रमुख माधबी बुच का कनेक्शन कथित अडानी घोटाले के साथ जोड़ा था। फिर से इसका असर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। मार्केट खुलने के शुरुआत एक घंटे में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों की बुरी स्थिति है। अडानी टोटल गैस का शेयर सबसे ज्यादा गिरा है। इसमें 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इसके अडानी पावर के शेयरों में 4.40%, अडानी एंटरप्राइजेस के शेयरों में 4.25%, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में करीब 4% और अडानी विल्मार के शेयरों में 4.10% की गिरावट दर्ज की गई।  सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा गिरा शेयर मार्केट में जबरदस्त गिरावट आई। मार्केट खुलने के करीब एक घंटे में ही सेंसेक्स 475 अंक गिर गया। इस गिरावट के साथ यह 79,230.80 पर आ गया है। वहीं निफ्टी में भी काफी गिरावट आई। यह करीब 153 अंकों की गिरावट के साथ 24,213.75 अंकों पर है। recent visitors 103

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 675 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

मुंबई विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पास आरक्षित निधि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 674.93 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.5 अरब डॉलर घटकर 667.4 अरब डॉलर पर रहा था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 7.533 अरब डॉलर बढ़कर 674.919 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला कि 26 जुलाई को समाप्त पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में कुल भंडार 3.471 अरब डॉलर घटकर 667.386 अरब डॉलर रह गया था। पिछला रिकॉर्ड स्तर 18 जुलाई को 670.857 अरब डॉलर था। विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले काफी समय से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक, 2024 में, संचयी आधार पर इसमें लगभग 45-50 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार का बफर घरेलू आर्थिक गतिविधियों को वैश्विक स्पिलओवर से बचाता है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 5.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 592.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 2.4 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 60.1 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 4.1 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 18.16 अरब डॉलर पर आ गया। इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 80 लाख डॉलर की बढ़त के साथ 4.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: प्रमुख रुझान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से ज़्यादा के अनुमानित आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। 2023 में, RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 58 बिलियन डॉलर जोड़े। 2022 में, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल मिलाकर 71 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। विदेशी मुद्रा भंडार, या विदेशी मुद्रा भंडार (FX रिजर्व), किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा रखी गई संपत्तियाँ हैं। इसे आम तौर पर आरक्षित मुद्राओं में रखा जाता है, आमतौर पर अमेरिकी डॉलर और कुछ हद तक यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग। पिछले साल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी और उसके बाद की गिरावट का एक बड़ा कारण 2022 में आयातित वस्तुओं की लागत में वृद्धि माना जा सकता है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में सापेक्ष गिरावट को बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के असमान अवमूल्यन को बचाने के लिए बाजार में आरबीआई के कभी-कभार हस्तक्षेप से जोड़ा जा सकता है। रुपये के अवमूल्यन को रोकने के लिए आरबीआई कभी-कभार तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर बेचना भी शामिल है। आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजारों पर बारीकी से नजर रखता है और किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।     recent visitors 82

इजरायल के लिए एक अच्छी खबर पड़ोसी देश जॉर्डन ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा

तेल अवीव तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत के बाद इजरायल पर ईरान के हमले का डर बना हुआ है। ईरान चेतावनी दे चुका है कि वह हमला करेगा। वहीं इजरायल ने कहा है कि वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच इजरायल के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। उसका एक पड़ोसी मुस्लिम देश ईरान पर पलटवार करने के लिए अपना एयरस्पेस देगा। यह देश जॉर्डन है। जॉर्डन सरकार के आधिकारी रुख के बावजूद यह इजाजत दी जा सकती है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक एक हाई रैंकिंग स्रोत ने इससे जुड़ी जानकारी दी है। यह फैसला जॉर्डन के व्यापक सुरक्षा हितों और इजरायल के साथ सहयोग की नीति के अनुरूप है। जॉर्डन ने अप्रैल में ईरान की तरफ से इजरायल पर हुए हमलों को विफल करने में मदद की थी। सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि जॉर्डन का कदम यूएस के साथ उसके रणनीतिक गठबंधन के अनुरूप हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर उसने इसे नहीं माना है। ईरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच यह खुलासा हुआ है। इजरायल ने आधिकारिक तौर पर हानिया की हत्या में हाथ को नहीं माना है। पहले भी जॉर्डन ने की थी मदद रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन ने पहले अप्रैल में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान इजरायल को इसी तरह की इजाजत दी थी। तब ईरान ने 300 मिसाइल और ड्रोन के जरिए इजरायल पर हमला बोला था। इनमें से कुछ इजरायल तक पहुंचे थे, जिन्हें इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। एक बार फिर इसी तरह के हमले की आशंका जताई जा रही है। लेकिन हानिया की मौत के 10 दिन होने के बाद भी ईरान ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। गाजा के हमले में 100 की मौत गाजा सिटी में एक स्कूल पर शनिवार तड़के हुए इजराइल के हवाई हमले में लगभग 100 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इजराइली सरकार ने तबीन स्कूल पर हमले की बात स्वीकार करते हुए दावा किया है कि स्कूल के अंदर हमास के कमान सेंटर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, हमास ने कहा कि उसका कोई कमान सेंटर अंदर नहीं था। स्कूल का इस्तेमाल युद्ध के चलते अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए लोगों को शरण देने के लिए किया जा रहा था। recent visitors 90

“India Fights HIV and STI” अभियान का उद्देश्य जनसामान्य के बीच एचआईवी-एड्स की जागरूकता बढ़ाना

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा राज्य स्तरीय सघन जागरूकता प्रदेशव्यापी "इंडिया फ़ाइट्स एचआईवी एंड एसटीआई" अभियान का संचालन किया जा रहा है। उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त को समन्वय भवन, भोपाल में अपराह्न 4 बजे प्रदेश व्यापी जागरूकता अभियान का शुभारंभ करेंगे। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी शामिल होंगे। अभियान में मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा 12 अगस्त से 12 अक्टूबर 2024 (2 माह) तक प्रदेश व्यापी सघन जागरूकता अभियान "इंडिया फ़ाइट्स एचआईवी एंड एसटीआई" संचालित किया जायेगा। अभियान का उद्देश्य जनसामान्य विशेष रूप से 15 से 49 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं के बीच एचआईवी-एड्स की जागरूकता बढ़ाना है, जिससे वे अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत हो सकें। साथ ही राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जाँच एवं उपचार सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। अभियान में एचआईवी संक्रमित एवं प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भ्रांतियों को दूर करने के प्रयास भी किये जायेंगे, जिससे भेदभाव को रोका जा सके। अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के स्टाफ तथा एनजीओ, एनएसएस आदि के सहयोग से ग्राम सभाओं में तथा ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवसों के दौरान जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओ में जागरूकता गतिविधियां संचालित होंगी। मध्यप्रदेश के प्राथमिकता के 10 जिलों भोपाल, बड़वानी, खरगोन, धार, सतना, श्योपुर, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी एवं रतलाम में अभियान का विशेष फोकस रहेगा। शहर की घनी बस्तियों में जागरूकता गतिविधियों के साथ संचार के विभिन्न माध्यमों का जागरूकता गतिविधियों के संचालन में प्रयोग किया जायेगा।   recent visitors 137

रक्षाबंधन पर राशि अनुसार बांधे राखी, भाई-बहन दोनों को होगा लाभ, दूर होंगे जीवन के कष्ट, मिलेगा भाग्य का साथ

रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन पहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई भी उन्हें उपहार के साथ जीवन पर रक्षा करने का वचन देते हैं। इस साल 19 अगस्त को रक्षा बंधन है। कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन बेहद खास होगा। भाई को राशि अनुसार राखी बांधने के लाभ होगा। आइए जानें राशि अनुसार बहनें अपने भाई की राशि के अनुसार को कैसी राखी बांध सकती हैं- मेष और वृश्चिक मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। लाल या मैहरून रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई-बहन में प्रेम बढ़ेगा। सफलता मिलेगी। साहस और ऊर्जा में वृद्धि होगी। मिथुन और कन्या राशि मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध हैं। इनके लिए हरे रंग की राखी शुभ रहेगी। करियर और कारोबार में लाभ होगा। धनु और मीन राशि धनु और मीन राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति हैं। पीले या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। भाई को किस्मत का साथ मिलेगा। तरक्की के योग बनेंगे। वृषभ और तुला राशि वृषभ और तुला राशि के स्वामी धन, प्रेम इत्यादि के दाता शुक्र हैं। भाई के हाथों में बहनें सिल्वर, सफेद, गुलाबी या क्रीम रंग की राखी बाँधें। सिंह राशि सिंह राशि के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्यदेव हैं। सुनहरा, लाल या नारंगी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कर्क राशि कर्क राशि के स्वामी चंद्रदेव हैं। जातकों के लिए सफेद, सिल्वर या आसमानी रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। ऐसा करने से मान शांत रहेगा। तनाव दूर होगा। कुंभ और मकर राशि कुंभ और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। जातकों के लिए नीले रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा। इस रंग को मौलिकता और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है। recent visitors 133

भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं- हरिचंदन

भुवनेश्वर  ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के बाद बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा कि ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से ओडिशा में दाखिल होने की संभावनाओं से जुड़े पत्रकारों के सवाल के जवाब में हरिचंदन ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस को इस तरह की कोशिशों को नाकाम करने के लिए समुद्र तट पर गश्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बाद ऐसी (बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की) कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा, ‘कुछ बांग्लादेशी लंबे समय से ओडिशा में रह रहे हैं। राज्य सरकार उनके दस्तावेजों, मसलन-वीजा और वर्क परमिट या राज्य में रहने के किसी अन्य वैध कारण का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अवैध घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जाएगा।’ सरकारी सूत्रों के मुताबिक ओडिशा के सात जिलों में कुल 3,740 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 1,649 केंद्रपाड़ा में, 1,112 जगतसिंहपुर में और 655 मलकानगिरि में अवैध रूप से रह रहे हैं।   recent visitors 70

भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए, 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम को इस साल अब कोई वनडे मुकाबला नहीं खेलना है। टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली थी। सभी मैचों में भारत की बैटिंग पूरी तरह फेल रही। टीम इंडिया एक भी मैच को अपने नाम नहीं कर पाई। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज के होने के बाद भी स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ टीम इंडिया के बल्लेबाज रन बनाने में असफल रहे। 2024 में एक भी वनडे शतक नहीं भारतीय बल्लेबाज 2024 में एक भी वनडे शतक नही बना पाए। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी 64 रनों की रही। कप्तान रोहित शर्मा ने सीरीज के दूसरे मुकाबले में यह पारी खेली थी। रोहित के अलावा सीरीज में कोई भारतीय बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना पाया। भारत को अब इस साल टेस्ट और टी20 खेलने हैं। अगले वनडे सीरीज अगले साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ है। 38 साल के शतकों का सिलसिला थमा भारतीय टीम के बल्लेबाज ने आखिरी बार 1985 में किसी वनडे मैच में शतक नहीं लगाया था। तब युवा मोहम्मद अजहरुद्दीन के बल्ले से सबसे बड़ी 93 रनों की पारी निकली थी। भारत के लिए वनडे में पहला शतक 1983 में आया था। कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेली थी। तब से सिर्फ 1985 में ही कोई भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया। साल का सबसे छोटा हाईएस्ट स्कोर भारतीय टीम 1974 से वनडे मैच खेल रही है। 1977 में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं खेला था। इसके अलावा किसी भी साल भारतीय बल्लेबाज का हाईएस्ट स्कोर 70 रनों से कम नहीं रहा है। 2024 में यह सिर्फ 64 रन ही रहा। 1975 में आबिद अली ने भारत के लिए सबसे बड़ी पारी 70 रनों की खेली थी। 11 बार सचिन तेंदुलकर ने साल में भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली है। रोहित शर्मा ने 9 बार ऐसा किया है। recent visitors 95