अवमानना मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को SC से राहत, केस बंद

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने योगगुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ अवमानना का केस बंद कर दिया है। रामदेव और बालकृष्ण ने लिखित में माफी मांगी और कहा कि आगे से गुमराह करने वाले विज्ञापनों और पतंजलि के उत्पादों को लेकर भ्रामक दावे नहीं किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापन मामले में योग गुरु रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को जारी अवमानना ​​नोटिस पर 14 मई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने उन 14 उत्पादों की बिक्री रोक दी है, जिनके निर्माण लाइसेंस उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अप्रैल में निलंबित कर दिए थे। कंपनी ने जस्टिस हिमा कोहली और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया था कि उसने 5,606 फ्रेंचाइजी स्टोर को इन उत्पादों को वापस लेने का निर्देश दिया है। इसी के बाद बेंच ने पतंजलि आयुर्वेद से एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि हलफनामा दायर करके बताना होगा कि विज्ञापन हटाने के लिए सोशल मीडिया मंचों से किए गए अनुरोध पर अमल किया गया है और इन 14 उत्पादों के विज्ञापन वापस ले लिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें पतंजलि पर कोविड टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया गया है। उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने न्यायालय को बताया था कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य फार्मेसी के 14 उत्पादों के निर्माण लाइसेंस को ‘तत्काल प्रभाव से निलंबित’ कर दिया गया है। recent visitors 132

एलन मस्क ने कहा अमेरिका के लिए यह जरुरी है ट्रम्प 2024 का राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतें

वाशिंगटन  प्रसिद्ध उद्यमी एलन मस्क ने कहा है कि अमेरिका के लिए यह जरुरी है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 2024 का राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतें।मस्क ने  ट्रम्प साथ लाइव बातचीत में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है, वास्तव में यह जरूरी है कि आप देश की भलाई के लिए यह चुनाव जीतें।" उन्होंने कहा, "यह मेरी निजी राय है।"सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से आधिकारिक प्रसारण के दौरान  ट्रंप के साथ  की बातचीत को 10 लाख से अधिक लोगों ने देखा। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के 2024 अभियान टीम ने कहा है कि मस्क अपने मंच का उपयोग करके अमेरिका में लोकतंत्र को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक निर्वासन करेंगे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरबपति एलन मस्क के बीच एक्स पर हुई बातचीत में आव्रजन नीतियों की बहस के बीच बड़ी घोषणा कर दी। मौजूदा राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से 78 वर्षीय उम्मीदवार ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक निर्वासन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य व्यवस्था को बहाल करना और यह सुनिश्चित करना है कि आव्रजन कानूनों को पूरी तरह से लागू किया जाए। सामूहिक निर्वासन को ट्रंप ने क्यों बताया जरूरी? ट्रंप ने कहा कि सामूहिक निर्वासन उस चीज का जवाब है, जिसे वह बड़े पैमाने पर अवैध आव्रजन कहते हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए आव्रजन कानूनों का सख्त प्रवर्तन महत्वपूर्ण है और देश को अपनी सीमाओं और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की आवश्यकता है। संभावना जताई जा रही है कि उनका यह अभियान इस चुनाव में जीत के बाद अमेरिका में दिखाई देगा। प्रवासियों को कहा आतंकवादी ट्रंप ने मस्क से बातचीत के दौरान अमेरिका में रोजगार को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि वह चाहतें हैं कि अमेरिका में लोग जागे और अपनी पसंद की नौकरी करें। इसके अलावा उन्होंने अवैध प्रवासियों को "कट्टरपंथी" और "छिपे हुए आतंकवादी" करार दिया और उन्हें तुरंत हटाने का वादा किया है। इसके अलावा ट्रंप ने 5 नवंबर, 2024 को होने वाले आगामी चुनावों में निष्पक्ष आचरण की उम्मीद भी जताई। recent visitors 76

मुरैना में तालाब फूटा, 20 गांवों पर खतरा, 135 साल पुराने तालाब का पानी कई गांवों में घुसा

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ इलाका स्थित कुछ गांवों में मंगलवार सुबह लोगों की नींद सूरज की किरण नहीं बल्कि चारों ओर बह रहे पानी से खुली. यहां का प्राचीन तोंगा तालाब की दीवार सुबह-सुबह अचानक फूट गई, जिससे करीब 4 गांवों में तेजी से पानी आ गया. इस बात की जानकारी मिलते ही पुलिस, सबलगढ़ प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. फिलहाल, नहर का एक हिस्सा तोड़कर पानी को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है. मुरैना में फूटा तालाब मुरैना में करीब 135 साल पुराने टोंगा तालाब की दीवार मंगलवार सुबह फूट गई. दीवार फूटने से तेज प्रेशर के साथ पानी बहा और  कुतघान का पुरा, कौरी का पुरा, पंचमुखी हनुमान मंदिर का एरिया और पासौन गांव में भर गया. तेज पानी आने के कारण गांव में लोगों के घरों में पानी भर गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. 135 साल पुराने इस तालाब में सोमवार शाम करीब 4 बजे मिट्टी बहने से छेद हुआ था, जो मंगलवार सुबह 5 बजे तक 15 इंच तक बढ़ गया। तालाब की भराव क्षमता 1.93 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। तालाब फूटने की सूचना मिलते ही सबलगढ़ विधायक सरला रावत, कलेक्टर अंकित अस्थाना, एसडीएम वीरेंद्र कटारे, सबलगढ़ थाना प्रभारी सोहनपाल तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मेंटनेस का जिम्मा जल संसाधन विभाग का, जून में किया था इंस्पेक्शन कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बताया कि टोंगा तालाब के मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन का जिम्मा जल संसाधन विभाग (WRD) के पास है। आखिरी बार इंस्पेक्शन बारिश के पहले जून में किया गया था। इस बारे में पूरी जानकारी उनके अधिकारी ही दे पाएंगे। चूहों के बिल की वजह से हादसा, पानी निकलने का सुरक्षित रास्ता बनाया वहीं, WRD के चीफ एक्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश रत्नाकर ने कहा, 'सोमवार दोपहर 12 बजे ही तालाब का निरीक्षण किया गया था। ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे तालाब के फूटने की आशंका हो। चूहों के बिल बनाने की वजह से हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने इससे पहले ऐसी कोई भी शिकायत नहीं की थी। प्रभावित गांवों के किसी भी मकान में पानी नहीं भरा है। जनहानि-पशुहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। फिलहाल तालाब से पानी निकलने का सुरक्षित रास्ता बना दिया गया है। हालात कंट्रोल में हैं।' देर शाम से होने लगा था रिसाव जानकारी के मुताबिक सोमवार देर शाम को टोंगा तालाब की दीवार में होल हो गया था. इस कारण पानी का रिसाव होने लगा था. इस बात की जानकारी जैसे ही  सबलगढ़ प्रशासन और जल संसाधन विभाग को मिली तो अधिकारी रात में पहुंचे और दीवार को सही करने की कोशिश की गई. लेकिन पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण पानी का रिसाव रात भर होता रहा. पानी को किया जा रहा डायवर्ट सुबह दीवार टूटने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पास में बह रही एक नहर का थोड़ा-सा हिस्सा तोड़कर तालाब से निकल रहे पानी को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है.  recent visitors 70

आज रोहतक जेल से बाहर आएंगे राम रहीम, जानें कितने दिनों की मिली पेरोल

रोहतक साध्वी यौन शोषण व हत्या के मामले में रोहतक सुनारिया जेल में सजा काट रहा Gurmeet Ram Rahim एक बार फिर से रोहतक जेल से बाहर निकल गया हैं। उसे 21 दिन की फरलो दी गई है।जानकारी के अनुसार गुरमीत राम रहीम ने फरलो के लिए एप्लीकेशन दी थी। जिसके आधार पर उसे 21 दिन की फरलो दी गई है और आज सुबह लगभग साढ़े 6 बजे के आसपास पुलिस सुरक्षा के बीच गुरमीत राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित बरनावा आश्रम में ले जाया गया। बरनावा आश्रम में मनाएगा अपना जन्मदिन अब गुरमीत राम रहीम 21 दिन फरलो की अवधि के दौरान 15 अगस्त को बरनावा आश्रम में अपना जन्मदिन मनाएगा। जेल में बंद होने के बाद गुरमीत राम रहीम 11वीं बार जेल से बाहर आया है। गौरतलब है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरमीत राम रहीम को बार-बार फरलो व पैरोल दिए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका भी लगाई थी। जिसे हाई कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा था कि जेल नियमों के अनुसार जेल प्रशासन को ही यह अधिकार है कि वह गुरमीत राम रहीम की फरलो या पैरोल पर फैसला ले। 11वीं बार आया जेल से बाहर गुरमीत राम रहीम साध्वी यौन शोषण व पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है और यह 11वीं बार है जो गुरमीत राम रहीम फिर पैरोल पर जेल से बाहर निकल गया है। राम रहीम को अब तक मिली फरलो और पैरोल     24 अक्टूबर 2020: मां से मिलने के लिए 1 दिन की पैरोल।     21 मई 2021: दूसरी बार 12 घंटे की पैरोल।     7 फरवरी 2022: 21 दिन की फरलो।     जून 2022: 30 दिन की पैरोल, बागपत आश्रम भेजा गया।     14 अक्टूबर 2022: 40 दिन की पैरोल, बागपत आश्रम में रहा।     21 जनवरी 2023: 40 दिन की पैरोल, शाह सतनाम सिंह की जयंती में शामिल हुआ।     20 जुलाई 2023: 30 दिन की पैरोल।     21 नवंबर 2023: 21 दिन की फरलो, बागपत आश्रम गया।     जनवरी 2024: 50 दिन की पैरोल।   recent visitors 79

सीएम यादव महिला उद्यमियों से करेंगे संवाद, 100 उद्योगों का होगा भूमिपूजन -लोकार्पण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 13 अगस्त को महिला उद्यमी सम्मेलन सह रक्षाबंधन कार्यक्रम में लगभग 850 सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम को 274 करोड़ 88 लाख रुपए की प्रोत्साहन सिंगल क्लिक से उनके खातों में अंतरित करेंगे। डॉ. यादव प्रदेश की महिला उद्यमियों से संवाद भी करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने बताया है कि कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब लगभग 100 से अधिक उद्योगों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मंत्री काश्यप ने बताया कि सम्मेलन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है और यह सम्मेलन प्रदेश के उद्योगों को एक नई दिशा देगा। सम्मेलन में प्रदेश की 800 से अधिक महिला उद्यमी बहनें शामिल होंगी, जो मुख्यमंत्री को राखी भी बांधेंगी। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता और स्टार्टअप पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रसारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्यमियों को प्रतीकात्मक रूप से ऋण वितरित करेंगे। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमियों द्वारा संचालित करीब लगभग 100 से अधिक उद्योगों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। यह है कार्यक्रम का मकसद एमएसएमई विभाग के मंत्री चेतन काश्यप ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने के लिये यह आयोजन किया जा रहा है। इसमें तीन-तीन सफल महिला स्टार्ट-अप के साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएंगे। इन संगठनों की महिला उद्यमी होंगी शामिल महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बीआईसीबीआई, पीएचडी चैंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल होंगे। recent visitors 153

मोहन सरकार ने मंत्रियों को सौंपे जिलों के प्रभार, लिस्ट में दिखा सिंधिया समर्थक मंत्रियों का दबदबा!…

भोपाल    मंत्रियों को जिलों के प्रभार का इंतजार सोमवार रात खत्म हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को आठ महीने बाद जिलों का प्रभार सौंप दिया। सोमवार रात को मंत्रियों के प्रभार की सूची जारी कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर का प्रभार अपने पास रखा है। वहीं, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार दो जिलों का प्रभार सौंपा है।  इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को जबलपुर, देवास और राजेंद्र शुक्ल को सागर व शहडोल का जिम्मा दिया गया। मंत्री कुंवर विजय शाह को रतलाम, झाबुआ, प्रहलाद पटेल को भिंड, रीवा, राकेश सिंह को छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, मंत्री करण सिंह वर्मा को मुरैना, सिवनी, मंत्री उदय प्रताप सिंह को बालाघाट, कटनी, मंत्री संपतिया उइके को सिंगरौली, अलीराजपुर, तुलसी सिलावट को ग्वालियर, बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना को दतिया, छतरपुर, निर्मला भूरिया को मंदसौर, नीमच, गोविंद सिंह राजपूत को नरसिंहपुर, गुना, विश्वास सारंग को खरगोन, हरदा, नारायण सिंह कुशवाह को शाजापुर, निवाड़ी, नागर सिंह चौहान को आगर और उमरिया, प्रद्युम सिंह तोमर को शिवपुरी, पांढूर्ना, चैतन्य कुमार काश्यप को भोपाल, राजगढ़, इंदर सिंह परमार को पन्ना, बड़वानी, राकेश शुक्ला को श्योपुर, अशोकनगर, रामनिवास रावत को मंडला, दमोह, कृष्णा गौर को सीहोर, टीकमगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। वहीं धर्मेंद्र सिंह लोधी को खंडवा, दिलीप जायसवाल को सीधी, गौतम टेटवाल को उज्जैन, लखन पटेल को विदिशा, मऊगंज, नारायण सिंह पवार को रायसेन, नरेंद्र शिवाजी पटेल को बैतूल, प्रतिभा बागरी को डिंडौरी, दिलीप अहिरवार को अनुपपूर और राधा सिंह को मैहर का प्रभार सौंपा है। इंदौर है मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी दरअसल, मध्य प्रदेश में 55 जिले हैं। इनमें सबसे अहम और रेवन्यू वाला जिला इंदौर ही है। इंदौर संभाग भी है और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। इस वजह से इंदौर एमपी का मिनी मुंबई भी कहा जाता है। इंदौर मध्य प्रदेश का आइना है। इसलिए प्रदेश में सबसे अहम माना जाता है। सीएम मोहन यादव का गृह जिला उज्जैन है। वह इंदौर की कार्यप्रणाली से वाकिफ हैं। ऐसे में उन्होंने नई सरकार में एक नई परंपरा शुरू की है औऱ जिले का प्रभार भी खुद के पास रखा है। इंदौर के प्रभारी सीएम खुद होंगे।   कद्दावर कैलाश विजयवर्गीय को धार और सतना का प्रभार वहीं, मोहन सरकार में कैलाश विजयवर्गीय की गिनती कद्दावर मंत्रियों में होती है। जिलों के प्रभार बंटने से पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें राजधानी भोपाल का प्रभार मिल सकता है। प्रभारी मंत्रियों की अंतिम सूची आने के बाद कैलाश विजयवर्गीय को सतना और धार जिले के प्रभार मिला है। हालांकि प्रदेश की सियासत में देखें तो उन जिलों की उतनी दमदारी नहीं है। भोपाल न मिलने पर सियासी पंडितों को अनुमान था कि किसी संभाग वाले जिले का प्रभार तो मिलेगा ही लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।   प्रहलाद सिंह पटेल को मिला भिंड और रीवा का प्रभार इसके साथ ही मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मोहन सरकार में कद्दावर नेता हैं। उन्हें भिंड और रीवा जिले का प्रभार मिला है। रीवा संभाग भी है। रीवा संभाग में ही सतना जिला आता है। इसके साथ ही चंबल अंचल में आने वाले भिंड जिले का प्रभार भी प्रहलाद पटेल को मिला है। ऐसे में उनकी स्थिति ठीक दिख रही है।   दोनों डेप्युटी सीएम को मिले अहम जिले वहीं, मोहन सरकार में दो डेप्युटी सीएम हैं। दोनों को अहम जिले मिले हैं। डेप्युटी सीएम जगदीश देवड़ा के पास जबलपुर और देवास का प्रभार है। दोनों ही जिले आर्थिक दृष्टिकोण से काफी अहम हैं। इसके साथ ही डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल को सागर और शहडोल जिले का प्रभार मिला है। दोनों ही जिले संभाग हैं। ऐसे में यह साफ है कि सभी अहम जिले सरकार में की रोल की भूमिका वाले लोगों को ही मिला है। सिंधिया के करीबी के पास ही रहा ग्वालियर इसके अलावे ग्वालियर जिले के प्रभार में कथित रूप से सिंधिया की पसंद का ख्याल रखा गया है। उनके करीबी तुलसी सिलावट को इंदौर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही कद्दावर मंत्री राकेश सिंह को छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम का प्रभारी बनाया गया है। उद्योग मंत्री चेतन्य काश्यप को भोपाल और राजगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। क्या कैलाश विजयवर्गीय का कद घट गया? हालांकि सियासी गलियारों जो चर्चा चल रही है, उस पर वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित ने नवभारत टाइम्स.कॉम से बात करते हुए कहा कि कैलाश विजयवर्गीय का कद बहुत बड़ा है लेकिन उनको धार और सतना जैसे जिले का प्रभार दिया गया है। उनको इतनी दूर भेजा गया, जिससे लगता है कि प्रसनैलिटी क्लैश है। उन्हें संभाग स्तर पर भी नहीं रखा गया है। वहीं, सीएम ने खुद के पास इंदौर रखकर यह संदेश दिया है कि वह किसी को छूट नहीं देना चाहते हैं। हालांकि इस तरह की चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्री नाखुश हैं। आने वाले दिनों मतभेद सामने आ सकते हैं।   यहां देखें किसे किस जिले का मिला प्रभार   क्रमांक मंत्री का नाम मंत्री के प्रभार वाला जिला 1 डॉ मोहन यादव इंदौर 2 जगदीश देवड़ा जबलपुर और देवास 3 राजेन्द्र शुक्ला सागर औऱ शहडोल 4 कुंवर विजय शाह रतलाम और झाबुआ 5 कैलाश विजयवर्गीय सतना और धार 6 प्रहलाद पटेल भिंड और रीवा 7 राकेश सिंह छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम 8 करण सिंह वर्मा मुरैना और सिवनी 9 उदय प्रताप सिंह बालाघाट और कटनी 10 संपतिया उइके सिंगरोली और अलीराजपुर 11 तुलसी सिलावट ग्वालियर और बुरहानपुर 12 एंदल सिंह कंसाना दतिया और छतरपुर 13 निर्मला भूरिया मंदसौर और नीमच 14 गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर और गुना 15 विश्वास सारंग खरगोन और हरदा 16 नारायण सिंह कुशवाहा शाजापुर और निवाड़ी 17 नागर सिंह चौहान आगर और उमरिया 18 प्रद्युमन सिंह तोमर शिवपुरी और पांढ़ूर्णा 19 चेतन्य कश्यप भोपाल और राजगढ़ 20 इंदर सिंह परमार पन्ना और बड़वानी 21 राकेश शुक्ला श्योपुर और अशोकनगर 22 रामनिवास रावत मंडला और दमोह 23 कृष्णा गौर सीहोर और टीकमगढ़ 24 धर्मेंद्र सिंह लोधी खंडवा 25 दिलीप जायसवाल सीधी 26 गौतम टेटवाल उज्जैन 27 लखन पटेल विदिशा और मऊगंज 28 नारायण सिंह पंवार रायसेन 29 नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल 30 प्रतिमा बागरी डिंडोरी 31 दिलीप अहिरवार अनूपपुर 32 … Read more

भारत ने हमेशा से ही यूएनएससी में बदलाव और समान प्रतिनिधित्व की मांग की – एंटोनियो

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गैरबराबरी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र बदलते वक्त के साथ नहीं बदला। साथ ही उन्होंने UNSC में अफ्रीका को स्थायी सदस्यता देने की भी वकालत की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बहस के दौरान एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यूएनएससी बदलती दुनिया के साथ तालमेल बिठाने में विफल रही है। गौरतलब है कि भारत ने हमेशा से ही यूएनएससी में बदलाव और समान प्रतिनिधित्व की मांग की है। अल जजीरा के मुताबिक अफ्रीका के लिए एक स्थायी सीट की वकालत करते हुए गुटेरेस ने कहा, "यह स्वीकार करने लायक बात नहीं है कि दुनिया के प्रमुख शांति और सुरक्षा संगठन में एक अरब से अधिक लोगों वाले महाद्वीप के लिए स्थायी सीट नहीं है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत अफ्रीका के अंदर और वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा के मामले में अफ्रीका के आवाज नहीं सुनी गई है। मौजूदा व्यवस्था के तहत यूएनएससी में वर्तमान में 15 सदस्य हैं जिनमें वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्य- चीन, फ्रांस, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। अन्य दस सीटें अस्थायी हैं जो क्षेत्रीय रूप से बांटी गई हैं। इनमें से तीन अफ्रीकी देशों के लिए निर्धारित की गई है। जल्द से जल्द सुधार की जरूरत- संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने भी गुटेरस का बातों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, "यह तथ्य कि सुरक्षा परिषद में अफ्रीका का स्पष्ट रूप से कम प्रतिनिधित्व है। यह बिल्कुल गलत है क्योंकि यह समानता और समावेशन के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।" फ्रांसिस ने कहा, "इस संस्था में जल्द से जल्द सुधार की जरूरत है ताकि यह दुनिया को उस तरह से ना दिखाए जैसा कि यह लगभग 80 साल पहले थी।" UNSC को 21 सदी के लायक बनाने की जरूरत- भारत इससे पहले कई मौकों पर भारत ने कहा है कि यूएनएससी में तत्काल बदलाव की जरूरत है। बीते मार्च में भारत की ओर से आवाज उठाते हुए उन में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा था कि ग्लोबल साउथ के देश बिना सीट, बिना अधिकार और बिना आवाज के यूएनएससी में आते हैं और चले जाते हैं। उन्होंने कहा था कि परिषद में और सदस्यों को शामिल कर यूएनएससी को 21 सदी के लायक बनाने की जरूरत है। recent visitors 69